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भारत और ताइवान के बीच सहयोग और चुनौतियों पर काशी में चर्चा, राजदूत ने कही ये बात

भारत और ताइवान के बीच सहयोग और चुनौतियों पर काशी में चर्चा, राजदूत ने कही ये बात
Nov 10, 2025, 08:15 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी - भारत में ताइवान आर्थिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के राजदूत मुमिन चेन ने सोमवार को वाराणसी में आयोजित मानविकी और सामाजिक विज्ञान पर तीसरी भारत-ताइवान द्विपक्षीय कार्यशाला में भाग लिया. इस कार्यशाला का विषय है "भारत और ताइवान में सतत भविष्य को आकार देना: अवसर और चुनौतियां". कार्यशाला का आयोजन भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) और ताइवान की राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (एनएसटीसी) द्वारा संयुक्त रूप से किया गया.


टिकाऊ भविष्य के लिए रणनीति विकसित करने पर जोर


ताइवान से, राष्ट्रीय त्सिंग हुआ विश्वविद्यालय (एनटीएचयू) में भारत अध्ययन केंद्र के उप निदेशक, प्रो. तिएन-से फांग, आमंत्रित वक्ताओं के रूप में पाँच प्रोफेसरों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ आए.

राजदूत चेन ने अपने संबोधन में कहा कि आज के तेज वैश्विक बदलावों, भू-राजनीतिक तनावों, तकनीकी परिवर्तनों और पर्यावरणीय चिंताओं के बीच, भारत और ताइवान एशिया में गतिशील और नवोन्मेषी समाजों के रूप में उभरे हैं. उन्होंने कहा कि दोनों देशों को अंतःविषय संवाद और संयुक्त अनुसंधान के माध्यम से अपनी जनता के लिए लचीलापन बढ़ाने और समावेशी, टिकाऊ भविष्य को आकार देने के लिए रणनीतियाँ विकसित करनी चाहिए.

कार्यशाला में विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया, जिसमें भारत और ताइवान के बीच सहयोग के अवसरों और चुनौतियों पर चर्चा की गई. राजदूत चेन ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों के बीच सहयोग से न केवल आर्थिक विकास होगा, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक संबंध भी मजबूत होंगे.


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परिणामों पर संयुक्त द्विपक्षीय बैठक में होगी चर्चा


इस कार्यशाला के परिणामों पर आगामी द्वितीय भारत-ताइवान संयुक्त द्विपक्षीय समिति की बैठक में चर्चा की जाएगी. इस बैठक में दोनों पक्ष अगली द्विपक्षीय कार्यशाला के विषय पर निर्णय लेंगे. यह कार्यशाला भारत और ताइवान के बीच सहयोग को बढ़ावा देने और एक स्थायी भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी. दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों से न केवल क्षेत्रीय स्थिरता में योगदान मिलेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.

इस कार्यशाला में यह भी स्पष्ट किया कि भारत और ताइवान के बीच सहयोग की संभावनाएँ अनंत हैं, और दोनों देशों को मिलकर एक उज्ज्वल भविष्य की दिशा में कदम बढ़ना चाहिए.

भीषण गर्मी में जंगमबाड़ी व्यापार मंडल की पहल, शुरू हुआ प्याऊ
भीषण गर्मी में जंगमबाड़ी व्यापार मंडल की पहल, शुरू हुआ प्याऊ
Jangambadi Business Board's initiative in the scorching heat, started a drinking water stallवाराणसी: नौतपा की भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच जंगमबाड़ी व्यापार मंडल ने मानवीय संवेदनाओं की मिसाल पेश करते हुए जंगमबाड़ी मुख्य बाजार में प्याऊ की शुरुआत की. शनिवार को वरिष्ठ नागरिकों के हाथों इसका उद्घाटन किया गया. इस पहल का उद्देश्य गर्मी से राहत दिलाने के साथ राहगीरों, पर्यटकों तथा पशु-पक्षियों के लिए पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करना है.जंगमबाड़ी व्यापार मंडल की ओर से लगाए गए इस प्याऊ में राहगीरों के लिए शुद्ध पेयजल, रूह अफजा और गुड़ की व्यवस्था की गई.पशु-पक्षियों के लिए रखा गया पानी वहीं पशु-पक्षियों के लिए भी अलग से पानी रखा गया, ताकि भीषण गर्मी में उन्हें प्यास से राहत मिल सके, व्यापार मंडल के सदस्यों ने इसे सामाजिक जिम्मेदारी और पुनीत सेवा का कार्य बताया. व्यापारियों ने कहा कि गदौलिया से जंगमबाड़ी मार्ग तक आने-जाने वाले स्थानीय लोग और पर्यटक इस प्याऊ से राहत महसूस करेंगे, इससे वाराणसी की अतिथि सत्कार की परंपरा और सेवा भाव का भी परिचय मिलेगा.गर्मी के मौसम में पानी की व्यवस्था जंगमबाड़ी व्यापार मंडल के अध्यक्ष विकेश यादव ‘बाबू’ ने कहा कि गर्मी के मौसम में पानी की व्यवस्था सबसे जरूरी है, क्योंकि कई लोग पानी के अभाव में परेशान होते हैं. उन्होंने लोगों से अपने घरों की छत और बालकनी में पशु-पक्षियों के लिए पानी रखने तथा पौधे लगाने की अपील की, उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ते कंक्रीट के जंगल और पेड़ों की कटाई पर्यावरण के लिए चिंता का विषय है. ऐसे में पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण के लिए सभी को आगे आना चाहिए.Also Read: अहिल्याबाई होल्कर जयंती पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका, महानगर कार्यालय के बाहर नारेबाजीइस अवसर पर जंगमबाड़ी व्यापार मंडल के महामंत्री अनिरुद्ध यादव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवि पाल, घनश्याम यादव, उपाध्यक्ष राजीव यादव, क्रिसल्य राय चौधरी, मंत्री पिंटू वर्मा, सामू यादव और जावेद सिद्दीकी समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे.
अहिल्याबाई होल्कर जयंती पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका, महानगर कार्यालय के बाहर नारेबाजी
अहिल्याबाई होल्कर जयंती पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका, महानगर कार्यालय के बाहर नारेबाजी
Police stopped Congress workers on Ahilyabai Holkar Jayanti, raised slogans outside the city officeवाराणसी: राजमाता अहिल्याबाई होल्कर की जयंती के अवसर पर रविवार को महानगर कांग्रेस द्वारा आयोजित माल्यार्पण कार्यक्रम के दौरान उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब गुरुधाम स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करने जा रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया. जानकारी के अनुसार, अहिल्याबाई होल्कर जयंती के उपलक्ष्य में महानगर कांग्रेस ने प्रतिमा स्थल पर माल्यार्पण कार्यक्रम आयोजित किया था, कार्यक्रम को देखते हुए क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था. कांग्रेस कार्यकर्ता महानगर कार्यालय से प्रतिमा स्थल के लिए रवाना होने की तैयारी कर रहे थे, तभी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया.मौके पर मौजूद एसीपी विजय प्रताप सिंह द्वारा कार्यकर्ताओं को रोके जाने पर कांग्रेस नेताओं और समर्थकों ने नाराजगी जताई तथा प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. कुछ समय तक महानगर कार्यालय के बाहर गहमा-गहमी का माहौल बना रहा, बाद में प्रशासनिक अधिकारियों और कांग्रेस नेताओं के बीच वार्ता हुई, इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा लाए गए माला-फूल पुलिस प्रशासन को सौंप दिए गए, जिन्हें प्रतिमा पर अर्पित करने की बात कही गई. इसके पश्चात कार्यकर्ता वापस महानगर कांग्रेस कार्यालय लौट गए.महानगर कांग्रेस अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने प्रशासन पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि प्रशासन धारा 144 लागू होने का हवाला देकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोक रहा है, जबकि अन्य राजनीतिक दलों के कार्यक्रमों में इस तरह की सख्ती नहीं दिखाई जाती, उन्होंने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस नेताओं के पुतले जलाए जाते हैं.Also Read: दालमंडी में ध्वस्तीकरण की शुरू कार्रवाई,14 मकानों पर चलाया जा रहा बुलडोजरतब पुलिस कार्रवाई नहीं करती, लेकिन कांग्रेस के शांतिपूर्ण कार्यक्रम को रोक दिया जाता है. घटना के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच कुछ देर तक तनातनी रही, हालांकि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही और किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।
दालमंडी में ध्वस्तीकरण की शुरू कार्रवाई, 14 मकानों पर चलाया जा रहा बुलडोजर
दालमंडी में ध्वस्तीकरण की शुरू कार्रवाई, 14 मकानों पर चलाया जा रहा बुलडोजर
Demolition action begins in Dal Mandi, bulldozers are being used on 14 houses.वाराणसी: उत्तर-प्रदेश के वाराणसी की मशहूर दालमंडी में रविवार सुबह पीडब्ल्यूडी और प्रशासन की टीम ने अवैध घोषित 14 मकानों के खिलाफ फिर से ध्वस्तीकरण अभियान शुरू कर दिया है. जहां बुलडोजर की गड़गड़ाहट के बीच भारी पुलिस बलों की तैनाती की गई है. पूरे इलाके को सुरक्षा के घेरे में लेकर बुलडोजर की कार्रवाई की जा रही है. बता दें, दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना के तहत चल रही इस कार्रवाई के लिए 300 से अधिक पुलिसकर्मी, पीएसी और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान तैनात किए गए हैं. ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है, जबकि प्रशासनिक अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. ताकि किसी तरह की कोई भी अनहोनी ना हो सकें.दालमंडी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाईबताया जा रहा है कि, दालमंडी में हो रही इस बुलडोजर कार्रवाई के पहले मकान मालिकों को पहले ही नोटिस जारी कर दिया गया था. इतना ही नहीं, बीते शनिवार को मुनादी कराकर भवन खाली करने की अंतिम चेतावनी भी दी गई थी. जिसके बाद से एडीएम सिटी राजेश कुमार, पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन के.के. सिंह और एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजन त्रिपाठी की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है.दालमंडी के एक दुकानदार ने बताया कि, वीडीए ने जिस हिस्से को अवैध बताया है, वह भवन का ऊपरी भाग है. लेकिन कार्रवाई के दौरान नीचे बनी दुकानों के शटर भी तोड़ दिए गए, इससे दुकानों में रखा लाखों रुपए का सामान खराब हो गया. इतना ही नहीं उन्होंने ये भी कहा कि, मकान की रजिस्ट्री अभी तक नहीं हुई है और कार्रवाई से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान भी हुआ है.14 मकानों को नोटिस जारी जानकारी के मुताबिक, वीडीए के जोनल अधिकारी वेदप्रकाश ने बताया कि कुल 14 मकानों को नोटिस जारी की गई थी. नोटिस के माध्यम से भवन स्वामियों को अपने मानचित्र और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय के भीतर किसी भी मकान मालिक की ओर से वैध मानचित्र या अन्य साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए, इसके बाद इन सभी भवनों के खिलाफ अंतिम ध्वस्तीकरण आदेश जारी किया गया.हाईकोर्ट की ओर से कोई आदेश नहींउसी आदेश के क्रम में रविवार को 14 मकानों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है. इस मामले में हाईकोर्ट की ओर से कोई स्थगन (स्टे) आदेश नहीं दिया गया है, हाईकोर्ट ने केवल भवन स्वामियों की आपत्तियों (ऑब्जेक्शन) पर नियमानुसार निर्णय लेने के लिए समय दिया है. इसलिए प्राप्त होने वाली सभी आपत्तियों का नियमों के तहत निस्तारण किया जाएगा, जबकि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी रहेगी.Also Read: महिला ने जहरीला पदार्थ खाकर दे दी जान, जांच में जुटी पुलिस