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क्या हैं Cluster Bombs, क्यों इन्हें माना जाता है War Crime ...

क्या हैं Cluster Bombs, क्यों इन्हें माना जाता है War Crime ...
Mar 11, 2026, 08:34 AM
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Posted By Anurag Sachan

Cluster Bombs: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध में अब ईरान ने इजराइल पर मिसाइल हमलों की एक और लहर शुरू कर दी है. खबरों के अनुसार, क्लस्टर बमों से लैस बैलिस्टिक मिसाइलों ने होलोन और बात याम समेत कई शहरों को निशाना बनाया. ये हमले मोजतबा खामेनेई के सत्ता संभालने के बाद हुए.


जानकारी के मुताबिक अब युद्ध में ईरान Cluster Bombs का प्रयोग कर रहा है. तो आइये जानते हैं क्या होते है Cluster Bombs और यह कैसे काम करता है....


क्या होते हैं क्लस्टर बम


बता दें कि- क्लस्टर बम ऐसे हथियार हैं जिन्हें पारंपरिक हथियारों से अलग विनाशकारी प्रभाव के लिए डिज़ाइन किया गया है. एक बड़े विस्फोटक को ले जाने के बजाय, दर्जनों या सैकड़ों छोटे छोटे विस्फोटक ले जाए जाते हैं. ये छोटे बम एक विस्तृत क्षेत्र में फैल जाते हैं, जिससे बड़ी तबाही मच सकती है, इससे नागरिकों की मौत बड़ी संख्या में हो सकती है और घटनास्थल पर बचाव एवं राहत कार्यों में जटिलता आती है. इसे रोक पाना भी मुश्किल होता है.


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क्लस्टर बम कई रूपों में हो सकते हैं, जिनमें तोप के गोले, मिसाइलें या हवाई बम शामिल हैं, और इन्हें जमीन, समुद्र या हवा से लॉन्च किया जा सकता है. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान की खोर्रमशहर, इमाद और ग़द्र मिसाइल श्रृंखला की कई मिसाइलों में क्लस्टर वॉरहेड लगे हुए हैं.


कैसे काम करते हैं क्लस्टर बम


बता दें कि,क्लस्टर बम हवा में खुलकर दर्जनों छोटे छोटे बम के रूप में बिखेरते हैं जो बड़े इलाके को निशाना बनाते हैं और बड़ी तबाही मचाते हैं. इजरायल के तेल अवीव जैसी घनी आबादी वाले इलाकों में इनका इस्तेमाल किया गया है. क्लस्टर बम को अंतरराष्ट्रीय कानून वॉर क्राइम मानता है क्योंकि ये छोटे बम जमीन पर गिरते ही बिखर जाते हैं और लंबे समय तक खतरा पैदा करते हैं. क्लस्टर बम आमतौर पर जमीन से कई किलोमीटर ऊपर बिखेरे जाते हैं. एक स्प्रिंग बड़ी संख्या में छोटे छोटे बमों को गुच्छे में छोड़ता है और उन्हें एक बड़े इलाके में बिखेर दिया जाता है, इसे छोड़ने के समय से पहले विस्फोट को रोकने वाले सुरक्षा उपकरण को हटाकर उन्हें सक्रिय भी कर देता है ताकि नुकसान ज्यादा हो. ऊंचाई अधिक होने के कारण मिसाइल रक्षा प्रणालियों के लिए उन्हें रोक पाना बड़ी चुनौती है. कुछ मामलों में, बमों में पैराशूट या अन्य तंत्र लगे होते हैं जो उनके गिरने की गति को धीमा कर देते हैं यदि हवा बमों को लक्ष्य क्षेत्र से दूर ले जाती है तो प्रभावित क्षेत्र का विस्तार ज्यादा हो सकता है.


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बम में धातु के छर्रे


जानकारी के मुताबिक,क्लस्टर बम कई प्रकार के होते हैं जिन्हें विभिन्न उद्देश्यों के लिए डिज़ाइन किया जाता है. इसमें विस्फोटक सामग्री के अलावा धातु के छर्रे भी होते हैं. कई मामलों में, विस्फोट के दौरान धातु का आवरण स्वयं ही टूट जाता है, जिससे नुकीले छर्रे बनते हैं. कुछ बम जमीन पर गिरने से ठीक पहले विस्फोट करने के लिए डिज़ाइन किए जाते हैं ताकि धातु के टुकड़े एक व्यापक क्षेत्र में फैल सकें.


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क्लस्टर बम वॉर क्राइम क्यों?...


क्लस्टर बमों के व्यापक फैलाव और बिना फटे बमों से उत्पन्न जोखिम इन्हें नागरिकों के लिए विशेष रूप से खतरनाक बनाते हैं. इन जोखिमों के कारण, क्लस्टर बमों का उपयोग व्यापक रूप से युद्ध अपराध माना जाता है. आज तक, 111 देशों ने ऐसे हथियारों के उपयोग, उत्पादन और व्यापार पर प्रतिबंध लगाने वाले एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन पर हस्ताक्षर किए हैं. ईरान, इज़राइल और अमेरिका ने इनपर हस्ताक्षर नहीं किया है. इज़राइल पर कई बार क्लस्टर बमों का उपयोग करने का आरोप लगा है, विशेष रूप से लेबनान में. संधि पर हस्ताक्षर करने वाले देशों में लेबनान, इराक और "फिलिस्तीन" शामिल हैं, जैसा कि सम्मेलन के दस्तावेजों में कहा गया है.


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स्ट्रेट ऑफ़ हॉर्मेज़ में ईरान मैरीन माइन


CNN की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछाना शुरू कर दिया है. इसी बीच, अमेरिकी सेना ने महत्वपूर्ण जहाजरानी मार्ग में बारूदी सुरंगें बिछाने वाली 10 संदिग्ध नौकाओं पर हमला कर उन्हें नष्ट कर दिया.


इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरान को कड़ी चेतावनी दी. उन्होंने कहा है कि अगर ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री सुरंगें बिछाने की कोशिश की, तो अमेरिका उस पर बड़ी सैन्य कार्रवाई करेगा. बता दें कि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का बहुत अहम समुद्री रास्ता है. हर साल दुनिया के करीब 20 फीसदी तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है. इसलिए यह दुनिया का सबसे अहम एनर्जी चोकपॉइंट है.

पीएम के दौरे को लेकर तैयारियां शुरू, सीपी और डीएम ने बरेका का किया निरीक्षण...
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वाराणसी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस माह के अंत में प्रस्तावित दौरे को देखते हुए पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बरेका के कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया. सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की. कार्यक्रम स्थल के प्रवेश और निकास द्वारों का निरीक्षण कर आने-जाने वाले मार्गों पर भीड़ नियंत्रण, बैरिकेडिंग व सुगम यातायात व्यवस्था के निर्देश दिए.संवेदनशील स्थलों सीसीटीवी कवरेज और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती का निरीक्षण किया. पुलिस आयुक्त ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से सुरक्षा योजना की समीक्षा की. हेलीपैड, पार्किंग एरिया, वीवीआईपी एंट्री, ड्रॉपिंग जोन व आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण कर विशेष दिशा निर्देश दिया.वीवीआईपी आगमन के दौरान शहर के प्रमुख मार्गों, चौराहों और कार्यक्रम स्थल आसपास विशेष यातायात प्लान लागू कर डायवर्जन, बैरिकेडिंग व निर्बाध आवागमन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी. यातायात, स्थानीय पुलिस और विभागों को समन्वय स्थापित कर पार्किंग प्रबंधन, आपातकालीन मार्ग सुरक्षित रखने के निर्देश दिए. इस दौरान अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय शिवहरी मीणा, पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन प्रमोद कुमार आदि रहे.परियोजनाओं का करेंगे शिलान्‍यास और लोकार्पणप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय दौरे पर अप्रैल के अंतिम सप्ताह में आने वाले हैं. इस बार सिग्नेचर ब्रिज का लोकार्पण और बाबा लाट भैरव सेतु के शिलान्यास सहित करीब 7000 करोड़ की योजनाओं की सौगात काशी वासियों को मिलेगी. भाजपा और प्रशासन से जुड़े लोगों के अनुसार, संभावना जताई जा रही है कि प्रचार थमने से लेकर मतों की गिनती के दौरान आने की रूपरेखा तय की जा रही है. सड़क, रेल, खेल समेत 100 से अधिक परियोजनाओं का लोकार्पण शिलान्यास की सूची बन रही है. बंगाल चुनाव का प्रचार थमने के बाद पीएम आएंगे. इस दौरान बरेका में रुकेंगे.Also Read:व्‍यापारी छोटी से छोटी समस्‍याएं पुलिस से करें साझा, डीसीपी गोमती जोन ने की बैठक...एक जनसभा भी कराने की योजना बनाई जा रही है. इसके अलावा बाबा विश्वनाथ और कालभैरव के दर्शन पूजन भी करेंगे. गंगा किनारे रामनगर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस सहित कई परियोजनाएं मिलेंगी. अमृत 2.0 योजना के तहत नगर निगम के वरुणा पार, रामनगर और सूजाबाद सहित 18 वार्डों में 814 करोड़ रुपये की पेयजल परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे. इसकी मदद से पेयजल का बुनियादी ढांचा मजबूत किया जाएगा.651 किलोमीटर की नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी. इसका सीधा फायदा करीब तीन लाख की आबादी को मिलेगा. शुद्ध जल की आपूर्ति के लिए 67,886 घरों को जोड़ा जाएगा. 98 करोड़ रुपये की लागत से नगर निगम के नए सदन भवन का शिलान्यास भी होना है.
व्‍यापारी छोटी से छोटी समस्‍याएं पुलिस से करें साझा, डीसीपी गोमती जोन ने की बैठक...
व्‍यापारी छोटी से छोटी समस्‍याएं पुलिस से करें साझा, डीसीपी गोमती जोन ने की बैठक...
वाराणसी : पुलिस उपायुक्त गोमती जोन नीतू कादयान ने शनिवार को जोन के अंतर्गत समस्त थाना क्षेत्रों के व्यापारी बंधुओं के साथ एक गोष्ठी की, जिसमें विभिन्न व्यापारी संघों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे. गोष्ठी के दौरान व्यापारी बंधुओं द्वारा स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों से जुड़ी विभिन्न समस्याएं एवं सुझाव साझा किए गए. उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनके समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए. डीसीपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस को प्राप्त होने वाली सभी शिकायतों का निष्पक्ष एवं प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाएगा.इस दौरान अधिकांश व्यापारियों द्वारा सार्वजनिक स्थलों एवं हाईवे पर लगी स्ट्रीट लाइटों के खराब होने की समस्या उठाई गई. उनका कहना था कि कस्बों में स्ट्रीट लाइट खराब रहने से चोरी की घटनाओं तथा हाईवे पर सड़क दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है. इस संबंध में डीसीपी ने बताया कि यद्यपि यह विषय सीधे पुलिस विभाग से संबंधित नहीं है, तथापि व्यापारियों द्वारा बताई गई ऐसी सभी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर पृथक बैठक आयोजित की जाएगी, जिससे समस्याओं का प्रभावी निराकरण कराया जा सके.एक व्यापारी द्वारा सीसीटीवी कैमरा खराब होने की समस्या भी बताई गई, जिस पर उन्‍होंने संबंधित थाना प्रभारी से वार्ता कर तत्काल समाधान सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए. इसके अतिरिक्त कुछ व्यापारियों द्वारा बढ़ते साइबर अपराधों को लेकर चिंता व्यक्त की गई. इस पर डीसीपी ने अवगत कराया कि साइबर अपराधों से बचाव हेतु जन-जागरूकता अत्यंत आवश्यक है तथा पुलिस द्वारा समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं.Also Read: वाराणसी रिंग रोड पर भीषण सड़क हादसा: तीन ट्रेलरों की टक्कर में दो की मौत...डीसीपी ने सभी व्यापारी बंधुओं से अपील की कि वे अपनी छोटी से छोटी समस्याओं को भी पुलिस के साथ साझा करें, ताकि समय रहते उनका प्रभावी निस्तारण किया जा सके. साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि सभी व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों पर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगवाएं तथा उनका रुख सार्वजनिक मार्ग की ओर रखें, जिससे सार्वजनिक गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा सके.गोष्ठी के समापन पर व्यापारियों द्वारा पुलिस उपायुक्त नीतू कादयान को स्मृति चिन्ह भेंट कर एवं पारंपरिक साफा पहनाकर सम्मानित किया गया. व्यापारी प्रतिनिधियों ने पुलिस प्रशासन द्वारा उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनने एवं समाधान हेतु तत्परता दिखाने पर आभार व्यक्त किया. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पुलिस एवं व्यापारियों के आपसी सहयोग से न केवल व्यापारिक वातावरण सुदृढ़ होगा, बल्कि क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था भी और अधिक मजबूत होगी.
वाराणसी रिंग रोड पर भीषण  सड़क हादसा: तीन ट्रेलरों की टक्कर में दो की मौत...
वाराणसी रिंग रोड पर भीषण सड़क हादसा: तीन ट्रेलरों की टक्कर में दो की मौत...
वाराणसी : चोलापुर थाना क्षेत्र के हरिबल्‍लमपुर रिंग रोड पर शनिवार को भीषण सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है जिसका इलाज ट्रामसेंटर मे चल रहा है. स्थानीय लोगो के अनुसार एक ट्रेलर संदहा की ओर जा रहा था. तकनीकी खराबी के कारण ट्रेलर को सड़क पर रोकना पड़ा. इस बीच पीछे से आ रहे तेज रफ़्तार ट्रेलर ने पहले से खड़े टेलर मे टक्कर मार दी. उसके बाद पीछे चल रहे एक और ट्रेलर ने टक्कर मार दी. एक के बाद एक कर के कुल तीन ट्रेलर आपस मे भीड़ गए जिससे स्थिति और भयावह हो गई.इस दुर्घटना में सबसे पीछे चल रहे ट्रेलर के चालक श्याम सुंदर यादव (21) निवासी बटौआ, नौगढ़ (जनपद चंदौली) की मौके पर ही मौत हो गई. वह अपने परिवार में तीन भाइयों में सबसे छोटे थे. हादसे की सूचना मिलते ही चोलापुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) चोलापुर भेजा. वहीं, अन्य दो घायल चालकों को गंभीर अवस्था में ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनमें से एक अन्य चालक की भी मौत हो गई. तीसरे घायल की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है.Also Read :नारी शक्ति वंदन : जन-जन तक पहुँचा अधिकारों का संदेश, स्कूटी रैली बनी प्रेरणा...पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है. प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी और तेज रफ्तार को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है. प्रशासन ने इस घटना के बाद रिंग रोड पर खड़े भारी वाहनों की निगरानी और उनकी तकनीकी जांच को और सख्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया.