फर्जी दस्तावेज के सहारे अपात्र को पीएम आवास, जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई

वाराणसी : प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में अपात्र को लाभ पहुंचाने का मामला सामने आया है. शिकायत पर हुई जांच में लाभार्थी के परिवार की वास्तविक स्थिति का सत्यापन किए बिना आवास स्वीकृत किए जाने की पुष्टि हुई है. जांच में खुलासे के बाद विभाग में खलबली मची हुई है. जांच में आधार कार्ड ऑनलाइन सत्यापन में नॉन-वैलिड और राशन कार्ड प्रथम दृष्टया फर्जी पाया गया. मामले में जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक गोविंद बल्लभ पाठक ने तत्कालीन ग्राम सचिव समेत अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की संस्तुति की है.
जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक गोविंद बल्लभ पाठक ने प्रथमदृष्टया गलत लाभार्थी को आवास दिए जाने की पुष्टि करते हुए तत्कालीन ग्राम सचिव समेत अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है. मामला विकासखंड चिरईगांव की ग्राम पंचायत खुटहना, पोस्ट खेतलपुर का है. यहां राजकुमार पुत्र जीत राम के नाम प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत आवास पास किया गया था. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि फर्जी दस्तावेज के आधार पर योजना का लाभ दिलाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया. शिकायत की जांच में आवास आईडी UP139917644 के अभिलेखों में परिवार के सदस्यों के नाम और दस्तावेज में गंभीर विसंगतियां सामने आईं. अभिलेखों में राजकुमार की पत्नी का नाम रेशमा कुमारी दर्ज था, जबकि मौके पर उसकी पत्नी के रूप में गायत्री देवी का नाम सामने आया. जांच के दौरान आधार और राशन कार्ड का भी सत्यापन कराया गया.
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जांच रिपोर्ट के अनुसार, आधार कार्ड ऑनलाइन सत्यापन में नॉन-वैलिड पाया गया, जबकि राशन कार्ड को प्रथमदृष्टया फर्जी बताया गया है. इसके अलावा लाभार्थी के परिवार की वास्तविक स्थिति का समुचित सत्यापन किए बिना ही आवास योजना का लाभ दिए जाने की बात सामने आई. जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि उपलब्ध अभिलेखों और मौके पर सत्यापन के आधार पर प्रथमदृष्टया आवास गलत लाभार्थी को दिए जाने की पुष्टि हुई है.



