शिक्षा संकाय में विद्यार्थियों से संवाद, शैक्षणिक और सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों में भागीदारी का आह्वान

वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय में गुरुवार को स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोधार्थी विद्यार्थियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया. चाणक्य सभागार में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करने के साथ उन्हें संकाय की शैक्षणिक, शोध, सांस्कृतिक, खेलकूद एवं अन्य सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों से सक्रिय रूप से जोड़ना रहा,कार्यक्रम का संचालन छात्र सलाहकार डॉ. सोमू सिंह ने किया. इस दौरान संकाय के विभिन्न हाउस, क्लब और समितियों की गतिविधियों तथा आगामी कार्यक्रमों की जानकारी विद्यार्थियों को दी गई.
छह हाउसों में बांटी गई जिम्मेदारी
संवाद कार्यक्रम में संकाय के छह हाउसों—तक्षशिला, नालंदा, विक्रमशिला, वल्लभी, पुष्पगिरि और शारदापीठ—की गतिविधियों और जिम्मेदारियों के बारे में बताया गया. हाउस मास्टर्स डॉ. अजीत राय, डॉ. अजय, डॉ. विनोद, डॉ. प्रतीक, डॉ. आकाश और डॉ. मुदित ने विद्यार्थियों को नेतृत्व, अनुशासन, टीम भावना और सामूहिक सहभागिता के लिए प्रेरित किया.विद्यार्थियों को विभिन्न क्लबों से जुड़कर अपनी रुचि और प्रतिभा को विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया. ड्रामा एवं थिएटर क्लब, सांस्कृतिक क्लब, रिसर्च क्लब, गेम्स एवं स्पोर्ट्स क्लब, मैथ्स क्लब और ईको-क्लब की गतिविधियों की जानकारी दी गई. प्रत्येक क्लब में विद्यार्थी स्वयंसेवकों को जोड़कर उन्हें गतिविधियों के संचालन में सक्रिय भूमिका देने की योजना भी साझा की गई.
शिक्षकों ने साझा किए विदेश यात्रा के अनुभव
कार्यक्रम में शिक्षकों द्वारा विदेश यात्राओं के अनुभव साझा करना प्रमुख आकर्षण रहा. प्रो. लालता प्रसाद ने दक्षिण कोरिया सहित पांच देशों की यात्राओं के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा किए. वहीं प्रो. नागेंद्र कुमार ने दुबई सहित पांच देशों की यात्राओं के अनुभव बताए. दोनों शिक्षकों ने विभिन्न देशों के शैक्षणिक परिवेश, संस्कृति और अंतरराष्ट्रीय अनुभवों से मिली सीख साझा करते हुए विद्यार्थियों को वैश्विक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रेरित किया.
जन्माष्टमी और शिक्षक दिवस की तैयारियों की जानकारी
संकाय में 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह आयोजित किए जाने की जानकारी भी दी गई. इसमें सभी हाउसों और विद्यार्थियों की सहभागिता रहेगी. इसके अलावा डॉ. एस. राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर 5 सितंबर को शिक्षक दिवस समारोह आयोजित किया जाएगा. विद्यार्थियों को दोनों कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया गया.कार्यक्रम में प्रशासनिक वार्डन, सांस्कृतिक समिति, शिक्षक दिवस समारोह समिति, हाउस मास्टर्स, खेल एवं क्रीड़ा समिति और प्रॉक्टोरियल व्यवस्था से जुड़े शिक्षकों ने अपनी गतिविधियों एवं आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी.
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संकाय प्रमुख एवं विभागाध्यक्ष ने विद्यार्थियों से शैक्षणिक गतिविधियों के साथ शोध, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, खेलकूद, हाउस और क्लब गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि बेहतर विश्वविद्यालयी जीवन के लिए कक्षा-कक्ष की शिक्षा के साथ रचनात्मकता, नेतृत्व, अनुशासन, टीम भावना और सामाजिक सहभागिता भी जरूरी है.कार्यक्रम के अंत में छात्र सलाहकार डॉ. सोमू सिंह ने शिक्षकों, हाउस मास्टर्स, समितियों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया. संवाद कार्यक्रम को शिक्षक-विद्यार्थी संवाद मजबूत करने और विद्यार्थियों को नेतृत्व के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया.



