Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

शिक्षा संकाय में विद्यार्थियों से संवाद, शैक्षणिक और सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों में भागीदारी का आह्वान

शिक्षा संकाय में विद्यार्थियों से संवाद, शैक्षणिक और सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों में भागीदारी का आह्वान
Aug 20, 2026, 12:02 PM
|
Posted By Niharika dwivedi

वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय में गुरुवार को स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोधार्थी विद्यार्थियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया. चाणक्य सभागार में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करने के साथ उन्हें संकाय की शैक्षणिक, शोध, सांस्कृतिक, खेलकूद एवं अन्य सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों से सक्रिय रूप से जोड़ना रहा,कार्यक्रम का संचालन छात्र सलाहकार डॉ. सोमू सिंह ने किया. इस दौरान संकाय के विभिन्न हाउस, क्लब और समितियों की गतिविधियों तथा आगामी कार्यक्रमों की जानकारी विद्यार्थियों को दी गई.


छह हाउसों में बांटी गई जिम्मेदारी


संवाद कार्यक्रम में संकाय के छह हाउसों—तक्षशिला, नालंदा, विक्रमशिला, वल्लभी, पुष्पगिरि और शारदापीठ—की गतिविधियों और जिम्मेदारियों के बारे में बताया गया. हाउस मास्टर्स डॉ. अजीत राय, डॉ. अजय, डॉ. विनोद, डॉ. प्रतीक, डॉ. आकाश और डॉ. मुदित ने विद्यार्थियों को नेतृत्व, अनुशासन, टीम भावना और सामूहिक सहभागिता के लिए प्रेरित किया.विद्यार्थियों को विभिन्न क्लबों से जुड़कर अपनी रुचि और प्रतिभा को विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया. ड्रामा एवं थिएटर क्लब, सांस्कृतिक क्लब, रिसर्च क्लब, गेम्स एवं स्पोर्ट्स क्लब, मैथ्स क्लब और ईको-क्लब की गतिविधियों की जानकारी दी गई. प्रत्येक क्लब में विद्यार्थी स्वयंसेवकों को जोड़कर उन्हें गतिविधियों के संचालन में सक्रिय भूमिका देने की योजना भी साझा की गई.


शिक्षकों ने साझा किए विदेश यात्रा के अनुभव


कार्यक्रम में शिक्षकों द्वारा विदेश यात्राओं के अनुभव साझा करना प्रमुख आकर्षण रहा. प्रो. लालता प्रसाद ने दक्षिण कोरिया सहित पांच देशों की यात्राओं के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा किए. वहीं प्रो. नागेंद्र कुमार ने दुबई सहित पांच देशों की यात्राओं के अनुभव बताए. दोनों शिक्षकों ने विभिन्न देशों के शैक्षणिक परिवेश, संस्कृति और अंतरराष्ट्रीय अनुभवों से मिली सीख साझा करते हुए विद्यार्थियों को वैश्विक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रेरित किया.


जन्माष्टमी और शिक्षक दिवस की तैयारियों की जानकारी


संकाय में 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह आयोजित किए जाने की जानकारी भी दी गई. इसमें सभी हाउसों और विद्यार्थियों की सहभागिता रहेगी. इसके अलावा डॉ. एस. राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर 5 सितंबर को शिक्षक दिवस समारोह आयोजित किया जाएगा. विद्यार्थियों को दोनों कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया गया.कार्यक्रम में प्रशासनिक वार्डन, सांस्कृतिक समिति, शिक्षक दिवस समारोह समिति, हाउस मास्टर्स, खेल एवं क्रीड़ा समिति और प्रॉक्टोरियल व्यवस्था से जुड़े शिक्षकों ने अपनी गतिविधियों एवं आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी.


ALSO READ: सीपी एवं डीएम ने गंगा एवं वरुणा नदी के संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा, सतत निगरानी के दिए निर्देश


संकाय प्रमुख एवं विभागाध्यक्ष ने विद्यार्थियों से शैक्षणिक गतिविधियों के साथ शोध, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, खेलकूद, हाउस और क्लब गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि बेहतर विश्वविद्यालयी जीवन के लिए कक्षा-कक्ष की शिक्षा के साथ रचनात्मकता, नेतृत्व, अनुशासन, टीम भावना और सामाजिक सहभागिता भी जरूरी है.कार्यक्रम के अंत में छात्र सलाहकार डॉ. सोमू सिंह ने शिक्षकों, हाउस मास्टर्स, समितियों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया. संवाद कार्यक्रम को शिक्षक-विद्यार्थी संवाद मजबूत करने और विद्यार्थियों को नेतृत्व के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया.

काशी में अमित शाह का दौरा, 7 अक्टूबर को सेवा संकल्प यात्रा का स्वागत
काशी में अमित शाह का दौरा, 7 अक्टूबर को सेवा संकल्प यात्रा का स्वागत
वाराणसी :केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 7 अक्टूबर को काशी आ सकते हैं। इस दौरान वह गुजरात के वडनगर से काशी पहुंचने वाली सेवा संकल्प यात्रा का स्वागत करेंगे। यात्रा में शामिल लोग गुजरात की नदियों का जल लेकर आएंगे, जिससे बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया जाएगा।यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन, 17 सितंबर से शुरू हुए सेवा संकल्प अभियान का हिस्सा है। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। इसके तहत देशभर में सेवा, स्वच्छता, पौधरोपण और जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।सेवा संकल्प यात्रा वडनगर से काशी तक पहुंच रही है। वडनगर प्रधानमंत्री मोदी का जन्मस्थान है, जबकि काशी उनका संसदीय क्षेत्र है। यात्रा के दौरान कई राज्यों और जिलों से गुजरते हुए लोगों को सेवा और जनभागीदारी का संदेश दिया जा रहा है।काशी पहुंचने पर यात्रा का स्वागत किया जाएगा और बाबा विश्वनाथ के दरबार में विशेष पूजा-अर्चना व जलाभिषेक का कार्यक्रम होगा। इस मौके पर कई जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है।ALSO READ :पूर्व मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने संस्कृत विश्वविद्यालय के विकास कार्यों का किया निरीक्षण
पूर्व मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने संस्कृत विश्वविद्यालय के विकास कार्यों का किया निरीक्षण
पूर्व मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने संस्कृत विश्वविद्यालय के विकास कार्यों का किया निरीक्षण
वाराणसी: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी दुर्गा शंकर मिश्र ने रविवार को सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी पहुंचकर परिसर में चल रहे विकास एवं निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संग्रहालय, लालभवन, पाणिनी भवन, शताब्दी भवन अतिथि गृह, श्रमण विद्या संकाय, श्री श्री आनंदमयी महिला छात्रावास और ऑनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण केंद्र का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान दुर्गा शंकर मिश्र ने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं से निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से निर्धारित समय सीमा में पूरा करने और जरूरत के अनुसार कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।ऑनलाइन संस्कृत शिक्षा व्यवस्था का लिया जायजाऑनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण केंद्र में उन्होंने संचालित ऑनलाइन डिप्लोमा कक्षाओं का भौतिक अवलोकन किया। उन्होंने तकनीकी और शिक्षण व्यवस्था की जानकारी लेते हुए इसे और प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया। साथ ही आधुनिक तकनीक के माध्यम से संस्कृत शिक्षा को देश-विदेश तक पहुंचाने की संभावनाओं पर जोर दिया।पांडुलिपियों को बताया भारतीय ज्ञान परंपरा की अमूल्य निधिदुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण और डिजिटलीकरण कार्यों का भी उन्होंने निरीक्षण किया। ‘उत्कृष्ट ज्ञान भारतम्’ द्वारा किए जा रहे वैज्ञानिक ट्रीटमेंट और डिजिटलीकरण की जानकारी लेते हुए उन्होंने कहा कि ये पांडुलिपियां भारतीय मनीषा की अमूल्य ज्ञान-संपदा हैं। इनका वैज्ञानिक संरक्षण और डिजिटलीकरण आने वाली पीढ़ियों, विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है।संग्रहालय के निरीक्षण के दौरान उन्होंने ऐतिहासिक एवं ज्ञानपरक सामग्री को देखा और इसके संरक्षण, संवर्धन तथा प्रभावी प्रस्तुतीकरण पर जोर दिया।सीएसआर से हो रहे विकास कार्यों की सराहनादुर्गा शंकर मिश्र ने विश्वविद्यालय में चल रहे विकास कार्यों पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सीएसआर फंड के माध्यम से परिसर में विकास कार्य कराए जा रहे हैं और विद्यार्थियों को शुद्ध पेयजल सहित बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में काम हुआ है। उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा के प्रयासों की सराहना की।इस अवसर पर कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने दुर्गा शंकर मिश्र का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक और ज्ञानपरक विरासत को सुरक्षित रखते हुए उसे आधुनिक तकनीक से जोड़ना समय की आवश्यकता है। पांडुलिपियों का संरक्षण, संग्रहालय का संवर्धन और ऑनलाइन संस्कृत शिक्षा का विस्तार इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।ALSO READ: जम्मू-कटरा के लिए 29 सितंबर को रवाना होंगी यूपी और पूर्वांचल की टीमें...निरीक्षण के दौरान कुलानुशासक, वैज्ञानिक प्रो. जितेन्द्र कुमार अधिकारी, प्रो. दिनेश कुमार गर्ग, डॉ. विशाखा शुक्ला, डॉ. विजेन्द्र आर्य, डॉ. विमल कुमार त्रिपाठी सहित संबंधित कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
जम्मू-कटरा के लिए 29 सितंबर को रवाना होंगी यूपी और पूर्वांचल की टीमें...
जम्मू-कटरा के लिए 29 सितंबर को रवाना होंगी यूपी और पूर्वांचल की टीमें...
वाराणसी:T10 टेनिस बॉल क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के लिए उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल की टीमें 29 सितंबर को जम्मू-कटरा के लिए रवाना होंगी। प्रतियोगिता को लेकर खिलाड़ियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में प्रदेश और पूर्वांचल का प्रतिनिधित्व करने जा रहे खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए *रमना ग्राम प्रधान अमित कुमार पटेल* और *BHU चौकी इंचार्ज सौरभ तिवारी* बिरला ग्राउंड पहुंचे।इस दौरान दोनों ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया और आगामी प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि राष्ट्रीय स्तर के मंच पर खेलते समय जीत हासिल करना महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ अनुशासन, टीम भावना और खेल भावना का पालन करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने खिलाड़ियों से मैदान पर एकजुट होकर पूरी मेहनत, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ खेलने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि खिलाड़ी जब राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल का प्रतिनिधित्व करते हैं तो उनके प्रदर्शन के साथ-साथ उनका व्यवहार और अनुशासन भी क्षेत्र की पहचान बनता है। ऐसे में सभी खिलाड़ी आपसी तालमेल बनाए रखते हुए बेहतर प्रदर्शन करें और खेल के नियमों का सम्मान करें।उत्तर प्रदेश की टीम में कप्तान कार्तिक गुप्ता के साथ विनायक जायसवाल, हर्षित विश्वकर्मा, सूरज यादव, उज्जवल, अंकित, रोहित, सिद्धार्थ, मिलित, ऋषभ, हिमांशु, रौनक और हर्ष शामिल हैं।वहीं पूर्वांचल की टीम की कमान कृष्णा जायसवाल संभालेंगे। टीम में प्रथम जायसवाल, आर्यन चौबे, बादल, आयुष चौबे, प्रीतम, सौरभ, वैभव, अनवर, सार्थक, यश सिंह, मयंक और पृथ्वी शामिल हैं।खिलाड़ियों ने भी आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिता को लेकर उत्साह व्यक्त किया। खिलाड़ियों ने कहा कि वे पूरी तैयारी और आत्मविश्वास के साथ जम्मू-कटरा पहुंचेंगे तथा मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का प्रयास करेंगे। खिलाड़ियों ने उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल की टीम की गरिमा बनाए रखने तथा खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का संकल्प लिया।ALSO READ: देह व्यापार की सूचना पर पुलिस ने गेस्ट हाउस में मारा छापादेह व्यापार की सूचना पर पुलिस ने गेस्ट हाउस में मारा छापा29 सितंबर को दोनों टीमें जम्मू-कटरा के लिए रवाना होंगी, जहां राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचने वाली टीमों के साथ मुकाबला होगा।