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सीपी एवं डीएम ने गंगा एवं वरुणा नदी के संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा, सतत निगरानी के दिए निर्देश

सीपी एवं डीएम ने गंगा एवं वरुणा नदी के संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा, सतत निगरानी के दिए निर्देश
Aug 20, 2026, 11:54 AM
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Posted By Niharika dwivedi

वाराणसी : जनपद में संभावित बाढ़ की स्थिति के दृष्टिगत पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल एवं जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने गुरुवार को संयुक्त रूप से गंगा एवं वरुणा नदी के तटवर्ती तथा संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय एवं जलमार्गीय निरीक्षण कर बाढ़ की वर्तमान स्थिति, जलस्तर तथा प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा की गई तैयारियों का जायजा लिया, निरीक्षण के दौरान जल पुलिस एवं एनडीआरएफ की नावों के माध्यम से गंगा एवं वरुणा नदी के तटवर्ती क्षेत्रों का संयुक्त रूप से भ्रमण किया गया. नमो घाट से निरीक्षण प्रारम्भ करते हुए,


गंगा नदी के तटवर्ती क्षेत्रों तथा गंगा एवं वरुणा नदी के संगम स्थल आदि केशव घाट से आगे बढ़ते हुए सलारपुर, सरैया, कोनिया, पुल कोहना, ढेलवरिया, सराय मोहना सहित विभिन्न संभावित बाढ़ प्रभावित एवं नदी तटवर्ती क्षेत्रों का स्थलीय एवं जलमार्गीय निरीक्षण किया गया.


निरीक्षण के दौरान नदी के वर्तमान जलस्तर, जल प्रवाह, तटवर्ती क्षेत्रों की स्थिति, निचले एवं आबादी वाले क्षेत्रों में जलभराव की संभावनाओं तथा ऐसे संवेदनशील स्थलों का विशेष रूप से जायजा लिया गया, जहां जलस्तर में वृद्धि होने की स्थिति में जनसामान्य के प्रभावित होने की संभावना हो सकती है. अधिकारियों द्वारा क्षेत्रवार स्थिति की जानकारी प्राप्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को किसी भी संभावित परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क एवं तैयार रहने के निर्देश दिए गए.


जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने निर्देशित किया कि गंगा एवं वरुणा नदी के जलस्तर एवं प्रवाह की निरंतर निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा जलस्तर में होने वाले प्रत्येक परिवर्तन की नियमित समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं नियंत्रण कक्ष को तत्काल अवगत कराया जाए. उन्होंने कहा कि संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पूर्व से चिन्हित राहत शिविरों, पहुंच मार्गों, आवश्यक संसाधनों, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता तथा राहत एवं बचाव से संबंधित सभी व्यवस्थाएं सक्रिय एवं क्रियाशील स्थिति में रखी जाएं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित परिवारों को बिना किसी विलम्ब के सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके.


पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने पुलिस एवं जल पुलिस के अधिकारियों को निर्देशित किया कि नदी एवं तटवर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए. संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल एवं जल पुलिस की प्रभावी उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल रेस्क्यू एवं सुरक्षित निका सी की कार्रवाई की जा सके. उन्होंने नदी के किनारे एवं निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को लगातार जागरूक किए जाने तथा प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए.


निरीक्षण के दौरान एनडीआरएफ एवं जल पुलिस की नावों को मौके पर तैनात रखा गया, ताकि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य प्रारम्भ किया जा सके. पुलिस, प्रशासन, एनडीआरएफ तथा अन्य संबंधित विभागों के मध्य प्रभावी समन्वय बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया, अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि संभावित बाढ़ की स्थिति में न्यूनतम प्रतिक्रिया समय (Zero Response Time) के उद्देश्य से सभी आवश्यक संसाधन एवं मानवबल पूर्व से तैयार स्थिति में रहें.


पुलिस आयुक्त एवं जिलाधिकारी ने गंगा एवं वरुणा नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में निवास कर रहे नागरिकों से अपील की कि वे नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव के प्रति सजग एवं सतर्क रहें तथा प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा जारी अधिकृत सूचनाओं एवं चेतावनियों का गंभीरता से अनुपालन करें. उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करें और केवल प्रशासन द्वारा जारी प्रमाणिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें. जिलाधिकारी ने तहसीलदार सदर एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया,


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कि वरुणा नदी के तटवर्ती आबादी वाले क्षेत्रों में घर-घर जाकर जनजागरूकता एवं सतर्कता अभियान चलाया जाए. स्थानीय निवासियों को संभावित बाढ़ की स्थिति में अपनाई जाने वाली सावधानियों, सुरक्षित स्थानों, निकासी मार्गों तथा प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली राहत एवं बचाव व्यवस्थाओं की जानकारी समय रहते उपलब्ध कराई जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित निकासी में किसी प्रकार की कठिनाई उत्पन्न न हो.


पुलिस आयुक्त एवं जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में पूर्व तैयारी, सतत निगरानी, समयबद्ध सूचना, विभागीय समन्वय एवं त्वरित कार्रवाई ही प्रभावी आपदा प्रबंधन की आधारशिला है. सभी संबंधित विभागों को अपने-अपने दायित्वों के प्रति पूर्ण सजग रहते हुए किसी भी संभावित स्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए. संवेदनशील एवं संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक, पुलिस, राहत एवं बचाव तंत्र को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखने तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों की निरंतर समीक्षा करने के निर्देश दिए गए. निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. सदानन्द गुप्ता, तहसीलदार सदर, एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट, जल पुलिस के अधिकारी तथा पुलिस एवं प्रशासन के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे.

काशी में अमित शाह का दौरा, 7 अक्टूबर को सेवा संकल्प यात्रा का स्वागत
काशी में अमित शाह का दौरा, 7 अक्टूबर को सेवा संकल्प यात्रा का स्वागत
वाराणसी :केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 7 अक्टूबर को काशी आ सकते हैं। इस दौरान वह गुजरात के वडनगर से काशी पहुंचने वाली सेवा संकल्प यात्रा का स्वागत करेंगे। यात्रा में शामिल लोग गुजरात की नदियों का जल लेकर आएंगे, जिससे बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया जाएगा।यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन, 17 सितंबर से शुरू हुए सेवा संकल्प अभियान का हिस्सा है। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। इसके तहत देशभर में सेवा, स्वच्छता, पौधरोपण और जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।सेवा संकल्प यात्रा वडनगर से काशी तक पहुंच रही है। वडनगर प्रधानमंत्री मोदी का जन्मस्थान है, जबकि काशी उनका संसदीय क्षेत्र है। यात्रा के दौरान कई राज्यों और जिलों से गुजरते हुए लोगों को सेवा और जनभागीदारी का संदेश दिया जा रहा है।काशी पहुंचने पर यात्रा का स्वागत किया जाएगा और बाबा विश्वनाथ के दरबार में विशेष पूजा-अर्चना व जलाभिषेक का कार्यक्रम होगा। इस मौके पर कई जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है।ALSO READ :पूर्व मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने संस्कृत विश्वविद्यालय के विकास कार्यों का किया निरीक्षण
पूर्व मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने संस्कृत विश्वविद्यालय के विकास कार्यों का किया निरीक्षण
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वाराणसी: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी दुर्गा शंकर मिश्र ने रविवार को सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी पहुंचकर परिसर में चल रहे विकास एवं निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संग्रहालय, लालभवन, पाणिनी भवन, शताब्दी भवन अतिथि गृह, श्रमण विद्या संकाय, श्री श्री आनंदमयी महिला छात्रावास और ऑनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण केंद्र का जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान दुर्गा शंकर मिश्र ने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं से निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से निर्धारित समय सीमा में पूरा करने और जरूरत के अनुसार कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।ऑनलाइन संस्कृत शिक्षा व्यवस्था का लिया जायजाऑनलाइन संस्कृत प्रशिक्षण केंद्र में उन्होंने संचालित ऑनलाइन डिप्लोमा कक्षाओं का भौतिक अवलोकन किया। उन्होंने तकनीकी और शिक्षण व्यवस्था की जानकारी लेते हुए इसे और प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया। साथ ही आधुनिक तकनीक के माध्यम से संस्कृत शिक्षा को देश-विदेश तक पहुंचाने की संभावनाओं पर जोर दिया।पांडुलिपियों को बताया भारतीय ज्ञान परंपरा की अमूल्य निधिदुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण और डिजिटलीकरण कार्यों का भी उन्होंने निरीक्षण किया। ‘उत्कृष्ट ज्ञान भारतम्’ द्वारा किए जा रहे वैज्ञानिक ट्रीटमेंट और डिजिटलीकरण की जानकारी लेते हुए उन्होंने कहा कि ये पांडुलिपियां भारतीय मनीषा की अमूल्य ज्ञान-संपदा हैं। इनका वैज्ञानिक संरक्षण और डिजिटलीकरण आने वाली पीढ़ियों, विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है।संग्रहालय के निरीक्षण के दौरान उन्होंने ऐतिहासिक एवं ज्ञानपरक सामग्री को देखा और इसके संरक्षण, संवर्धन तथा प्रभावी प्रस्तुतीकरण पर जोर दिया।सीएसआर से हो रहे विकास कार्यों की सराहनादुर्गा शंकर मिश्र ने विश्वविद्यालय में चल रहे विकास कार्यों पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सीएसआर फंड के माध्यम से परिसर में विकास कार्य कराए जा रहे हैं और विद्यार्थियों को शुद्ध पेयजल सहित बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में काम हुआ है। उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा के प्रयासों की सराहना की।इस अवसर पर कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने दुर्गा शंकर मिश्र का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक और ज्ञानपरक विरासत को सुरक्षित रखते हुए उसे आधुनिक तकनीक से जोड़ना समय की आवश्यकता है। पांडुलिपियों का संरक्षण, संग्रहालय का संवर्धन और ऑनलाइन संस्कृत शिक्षा का विस्तार इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।ALSO READ: जम्मू-कटरा के लिए 29 सितंबर को रवाना होंगी यूपी और पूर्वांचल की टीमें...निरीक्षण के दौरान कुलानुशासक, वैज्ञानिक प्रो. जितेन्द्र कुमार अधिकारी, प्रो. दिनेश कुमार गर्ग, डॉ. विशाखा शुक्ला, डॉ. विजेन्द्र आर्य, डॉ. विमल कुमार त्रिपाठी सहित संबंधित कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
जम्मू-कटरा के लिए 29 सितंबर को रवाना होंगी यूपी और पूर्वांचल की टीमें...
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वाराणसी:T10 टेनिस बॉल क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के लिए उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल की टीमें 29 सितंबर को जम्मू-कटरा के लिए रवाना होंगी। प्रतियोगिता को लेकर खिलाड़ियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में प्रदेश और पूर्वांचल का प्रतिनिधित्व करने जा रहे खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए *रमना ग्राम प्रधान अमित कुमार पटेल* और *BHU चौकी इंचार्ज सौरभ तिवारी* बिरला ग्राउंड पहुंचे।इस दौरान दोनों ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया और आगामी प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि राष्ट्रीय स्तर के मंच पर खेलते समय जीत हासिल करना महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ अनुशासन, टीम भावना और खेल भावना का पालन करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने खिलाड़ियों से मैदान पर एकजुट होकर पूरी मेहनत, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ खेलने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि खिलाड़ी जब राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल का प्रतिनिधित्व करते हैं तो उनके प्रदर्शन के साथ-साथ उनका व्यवहार और अनुशासन भी क्षेत्र की पहचान बनता है। ऐसे में सभी खिलाड़ी आपसी तालमेल बनाए रखते हुए बेहतर प्रदर्शन करें और खेल के नियमों का सम्मान करें।उत्तर प्रदेश की टीम में कप्तान कार्तिक गुप्ता के साथ विनायक जायसवाल, हर्षित विश्वकर्मा, सूरज यादव, उज्जवल, अंकित, रोहित, सिद्धार्थ, मिलित, ऋषभ, हिमांशु, रौनक और हर्ष शामिल हैं।वहीं पूर्वांचल की टीम की कमान कृष्णा जायसवाल संभालेंगे। टीम में प्रथम जायसवाल, आर्यन चौबे, बादल, आयुष चौबे, प्रीतम, सौरभ, वैभव, अनवर, सार्थक, यश सिंह, मयंक और पृथ्वी शामिल हैं।खिलाड़ियों ने भी आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिता को लेकर उत्साह व्यक्त किया। खिलाड़ियों ने कहा कि वे पूरी तैयारी और आत्मविश्वास के साथ जम्मू-कटरा पहुंचेंगे तथा मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का प्रयास करेंगे। खिलाड़ियों ने उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल की टीम की गरिमा बनाए रखने तथा खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का संकल्प लिया।ALSO READ: देह व्यापार की सूचना पर पुलिस ने गेस्ट हाउस में मारा छापादेह व्यापार की सूचना पर पुलिस ने गेस्ट हाउस में मारा छापा29 सितंबर को दोनों टीमें जम्मू-कटरा के लिए रवाना होंगी, जहां राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचने वाली टीमों के साथ मुकाबला होगा।