भगोड़े शुभम जायसवाल के खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी, पुलिस रिकॉर्ड में नाम दर्ज
Interpol Red Corner Notice issued against fugitive Shubham Jaiswal, his name registered in police records
वाराणसी: कफ सिरप तस्करी मामले में भगोड़ा घोषित शुभम जायसवाल को भारत लाने की राह आसान हो गई है. इंटरपोल द्वारा रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद अब दुनिया के 196 सदस्य देशों की पुलिस एजेंसियों को उसकी तलाश में सहयोग करने का अलर्ट भेजा गया है. सूत्रों के अनुसार शुभम जायसवाल के दुबई में ठिकाना बनाए जाने की आशंका जताई जा रही है.
वाराणसी पुलिस द्वारा लगातार तलाश के बावजूद गिरफ्तारी नहीं होने पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई तेज कर दी गई है.

शुभम को हिरासत में लेकर पुलिस सीबीआई को सौंपेगी
रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद शुभम जायसवाल की लोकेशन ट्रेस करने और उसे हिरासत में लेने की प्रक्रिया मजबूत हो सकती है. अब संबंधित देश शुभम को हिरासत में लेकर सीबीआई को सौंपेगी. सीबीआई के जरिए उसे प्रत्यर्पण के जरिए देश में लाने की तैयारी है.

शुभम के पिता भोला जायसवाल गिरफ्तार
इस मामले में शुभम जायसवाल के पिता भोला जायसवाल को पहले ही कोलकाता से गिरफ्तार किया जा चुका है. वहीं, जांच एजेंसियों ने शुभम की उन संपत्तियों को भी फ्रीज किया है, जिन्हें अवैध कमाई से अर्जित किया गया बताया जा रहा है. हालांकि, यह समझना जरूरी है कि रेड कॉर्नर नोटिस अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट नहीं होता. इसका मतलब यह है कि इंटरपोल सदस्य देशों को आरोपी की जानकारी साझा करता है और संबंधित देश अपने कानून के अनुसार गिरफ्तारी या प्रत्यर्पण पर फैसला लेता है.

इंटरपोल क्या है?
इंटरपोल (International Criminal Police Organization) दुनिया का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग संगठन है. इसका मुख्यालय फ्रांस के लियोन (Lyon) शहर में स्थित है. इसमें 196 सदस्य देश शामिल हैं. यह कोई स्वतंत्र पुलिस बल नहीं है, बल्कि विभिन्न देशों की पुलिस एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करता है. इंटरपोल का मुख्य काम फरार अपराधियों, तस्करों, आतंकियों, साइबर अपराधियों और संगठित अपराध से जुड़े आरोपियों के बारे में सूचनाओं का आदान-प्रदान कर कार्रवाई में सहयोग करना है.

Also read: आतंकी कनेक्शन - डॉक्टर परिवार से ATS ने की नौ घंटे पूछताछ, 22 अप्रैल को बुलाया मुंबई
रेड कॉर्नर नोटिस क्या है?
रेड कॉर्नर नोटिस इंटरपोल द्वारा जारी एक अंतरराष्ट्रीय अलर्ट है, जिसके जरिए सदस्य देशों को किसी वांछित आरोपी की तलाश कर उसे अस्थायी रूप से हिरासत में लेने का अनुरोध किया जाता है, ताकि आगे प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके.



