बीएचयू अस्पताल के एमएस के लिए साक्षात्कार, अपात्र अभ्यर्थियों को लेकर छात्रों का प्रदर्शन...

वाराणसी : बीएचयू स्थित सर सुंदरलाल अस्पताल के चिकित्साधीक्षक (MS) पद के लिए चल रही चयन प्रक्रिया पर विवादों के बादल छा गए हैं. बुधवार को एक तरफ जहां परिसर स्थित होल्कर भवन में एमएस पद के लिए साक्षात्कार की प्रक्रिया चल रही थी, वहीं दूसरी तरफ विश्वविद्यालय के छात्रों ने चयन प्रक्रिया में अपात्र और अयोग्य अभ्यर्थियों को शामिल करने का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया. नाराज छात्र भारी संख्या में केंद्रीय कार्यालय पहुंचे और कुलपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा. हालांकि, सुरक्षा कारणों से सुरक्षाकर्मियों ने छात्रों को गेट पर ही रोक दिया, जिसके बाद छात्रों ने सुरक्षाकर्मियों के माध्यम से ही अपना ज्ञापन कुलपति तक भिजवाया.

कुलपति को सौंपे गए ज्ञापन में बीएचयू के छात्रों ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय द्वारा जारी पात्रता और शॉर्टलिस्टिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है. छात्रों का कहना है कि शॉर्टलिस्ट किए गए कुछ अभ्यर्थियों की पात्रता को लेकर गंभीर आपत्तियां और विवाद हैं. ऐसे में जब तक इन विवादों की निष्पक्ष जांच नहीं हो जाती, तब तक संबंधित विवादित अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया से तुरंत अलग रखा जाना चाहिए.
छात्रों ने ज्ञापन में उठाई ये प्रमुख मांगें
एमएस पद की संपूर्ण चयन प्रक्रिया की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए.
शॉर्टलिस्ट किए गए सभी अभ्यर्थियों की पात्रता, APAR, NOC और विजिलेंस क्लीयरेंस (Vigilance Clearance) से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर उन्हें सार्वजनिक किया जाए.
नियमों के उल्लंघन अथवा अपात्रता का तथ्य सामने आने पर संबंधित अभ्यर्थी के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई हो.
पूरी चयन प्रक्रिया बीएचयू के अधिनियमों और विज्ञापन की शर्तों के अनुरूप पूरी तरह पारदर्शी रखी जाए.
छात्रों का कहना है कि बीएचयू देश का एक बेहद प्रतिष्ठित संस्थान है और इसकी गरिमा बनाए रखने के लिए यह जरूरी है कि अस्पताल के इतने बड़े पद पर नियुक्ति पूरी तरह योग्यता और ईमानदारी के आधार पर हो. छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में निष्पक्षता नहीं बरती गई तो छात्र आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होंगे.
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बतादें कि एमएस पद के लिए कुल 20 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से स्क्रूटनी के बाद 14 नामों को शॉर्टलिस्ट किया गया है. साक्षात्कार के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए कैंडिडेट में एम्स दिल्ली की एक प्रोफेसर समेत आईएमएस बीएचयू के कई वरिष्ठ डॉक्टर शामिल हैं.



