हिंसा की आग में जल रहा ईरान, एक्शन में नेतन्याहू

ईरान में लगातार हो रहे प्रदर्शन में सुरक्षा बलों के साथ जमकर हिंसा झड़प हुई. इस हिंसा में सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. ईरान में हो रहा ये प्रदर्शन ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व वाले इस्लामी शासन के खिलाफ हो रहे हैं. बिगड़ते हालात और अर्थव्यवस्था को देख ईरान के लोग बढ़ते महंगाई से तंग आकर सड़कों पर उतर आए हैं जहां देश के सर्वोच्च नेता के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. ईरान की इस स्थिति का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा हैं. वीडियो में ये साफ देखा जा सकता है कि प्रदर्शनकारी एक धर्म विशेष के खिलाफ नारे लगा रहे हैं. इन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 'जब तक मुल्ला का पर्दाफाश नहीं हो जाता, तब तक यह मातृभूमि स्वतंत्र नहीं होगी'. प्रदर्शन जारी रखते हुए लोगों ने 'मुल्लाओं को ईरान छोड़ने की मांग करने लगे.

प्रदर्शन के खिलाफ एक्शन में ईरान सरकार
ईरान की सरकार लगातार हो रहे इस प्रदर्शन के खिलाफ एक्शन लेने के लिए एक बड़ा फैसला कर चुकी है. जिसका असर काफी हद तक दिखा, जी हां, सरकार के एक्शन से ईरान की राजधानी तेहरान में प्रदर्शन कुछ कम हुए हैं, लेकिन देश के कुछ हिस्सों में सरकार के खिलाफ लोग अभी भी विरोध-प्रदर्शन जताते नजर आ रहे हैं. बड़ी बात यह है कि महंगाई के लिए जारी ये प्रदर्शन अभी तक पुरे ईरान में नहीं फैले हुए हैं. हालांकि, 'सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के समन्वित अभियान के बाद से जो हालात बिगड़े उसे शब्दों में भी बंया नहीं किया जा सकता है, पश्चिमी तेहरान के मलार्ड जिले में सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप में 30 लोगों को बीते गुरुवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

जाने क्यों जल रहा ईरान
गौरतलब है कि, ईरान में विरोध प्रदर्शन की शुरुआत बीते रविवार 27 दिसंबर 2025 से हुई जिसका अभी भी ताजा नजारा देखा जा सकता है. सबसे पहले ईरान की राजधानी तेहरान में विरोध प्रदर्शन को अंजाम दिया गया. यहां दुकानदारों ने बढ़ती कीमतों और आर्थिक गतिरोध का विरोध जताते हुए हड़ताल पर उतर आए, इस प्रदर्शन का असर देश के अन्य हिस्सों में भी नजर आया, क्योंकि महंगाई जैसा मुद्दा हर देश के लिए बड़ा मुद्दा है.

यहीं कारण है कि इसके समर्थन में बाकी देश भी शामिल होते नजर आ रहे है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, इन प्रदर्शनों के दौरान बीते बुधवार 31 दिसंबर को दो और गुरुवार 1 जनवरी को पांच लोगों की मौत हो गई. ईरान में ये मौतें उन चार शहरों में हुई, जहां मुख्य रूप से लूर जातीय समूह के लोग रहते हैं. फिलहाल, पुलिस इस मामले की जांच-पड़ताल में जुटी हुई है.



