इस उम्र में इंसान होता है सबसे ज्यादा खुश, जानें कब और कैसे

A person is happiest at this age, know when and how
Lifestyle: आज की बदलते लाइफस्टाइल में लोग इतने व्यस्त हो चुके है कि खुद के लिए जरा भी समय नहीं निकाल पाते है. यहीं कारण है कि, अक्सर लोग बढ़ती उम्र को लेकर परेशान रहते हैं. क्योंक बढ़ती कई तरह की बीमारियों से लोग बीमार पड़ते रहते है, इसकी वजह खराब खान-पान है, जो लोगों को बीमार बना रही है. क्योंकि भागदौड़ भरे जीवन में लोग खाना ना बना पाने की वजह से बाहर का खाना काफी पंसद करते है. जिसके वजह से वो अक्सर बीमार पड़ते है. हाल ही में ब्रिटेन में हुए एक सर्वे के मुताबिक, इंसान अपनी जिंदगी में सबसे ज्यादा खुश और आत्मविश्वास से भरा हुआ 47 साल की उम्र में होता है.

इस उम्र तक पहुंचते-पहुंचते इंसान अपनी जिंदगी से हर तरह की नकारात्मकता और तनाव को दूर कर चुका होता है. अब लोगों का ध्यान इस बात पर नहीं होता कि वे बाहर से कैसे दिखते हैं, बल्कि वे इस बात को ज्यादा अहमियत देते हैं कि उनका शरीर अंदर से कितना स्वस्थ है, सर्वे में शामिल लगभग आधे लोगों ने माना कि 40 पार करने के बाद जीवन ज्यादा सुखद हो जाता है, क्योंकि वे अपने शरीर की जरूरतों को बेहतर ढंग से समझने लगते हैं.
आंकड़ों ने बदल दी 'हैप्पी लाइफ' की परिभाषा
इस उम्र में लाइफस्टाइल में आने वाले बदलाव भी इस खुशी का एक बड़ा कारण हैं. आंकड़ों पर गौर करें तो 47 प्रतिशत लोगों ने माना कि इस उम्र में खुशियां अपने चरम पर होती हैं, अब लोग 20 या 30 की उम्र की तरह देर रात तक पार्टियां या शराब पीना पसंद नहीं करते. सर्वे में 28 प्रतिशत लोगों ने ऐसी आदतों में भारी कमी की बात स्वीकारी. इसके बजाय, 32 प्रतिशत लोगों ने बताया कि वे अब स्वस्थ और पौष्टिक खानपान चुनना पसंद करते हैं. वहीं, 26 प्रतिशत लोगों का कहना था कि बच्चों या नाती-पोतों के पीछे भागदौड़ करने से उनकी फिजिकल एक्टिविटी बनी रहती है, सबसे बड़ी बात यह है कि इस पड़ाव पर इंसान दूसरों को खुश करने की अंधी दौड़ से बाहर आ जाता है और खुद पर ध्यान केंद्रित करना सीख जाता है.

'सेल्फ-प्रायोरिटी' का ख्याल
आजकल सोशल मीडिया पर भी ऐसे कई पोस्ट वायरल हो रही हैं, जिनमें 40 पार कर चुकी महिलाएं और पुरुष बता रहे हैं कि यह उनकी जिंदगी का सबसे बेहतरीन समय है, इसका मुख्य कारण यह है कि इस उम्र तक आते-आते पारिवारिक और सामाजिक जिम्मेदारियों का स्वरूप काफी हद तक बदल जाता है. लोगों को अपने लिए ज्यादा वक्त मिलने लगता है, वे खुद को अपनी पहली प्राथमिकता बनाते हैं, जो उन्हें जिंदगी की एक बिल्कुल नई और ताजगी भरी शुरुआत का अहसास कराता है.
69 साल है बुढ़ापे की नई 'डेडलाइन'
अब एक दिलचस्प सवाल यह उठता है कि अगर 47 की उम्र खुशियों का शिखर है, तो फिर असल में 'बुढ़ापा' कब शुरू होता है? इसी से जुड़े एक अन्य पुराने शोध के नतीजे भी काफी सुकून देने वाले हैं. 2,000 से ज्यादा ब्रिटिश लोगों के बीच हुए सर्वे में यह बात निकलकर आई कि अब लोगों को 69 साल की उम्र के बाद ही 'बूढ़ा' माना जाता है. जबकि इससे पहले के अध्ययनों में यह आंकड़ा 62 साल का था. इसका सीधा-सा मतलब है कि अब लोग पहले से कहीं ज्यादा समय तक खुद को जवां, स्वस्थ और खुशहाल महसूस करते हैं.



