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परफेक्ट फिर भी फेल हो जाता IVF, आखिर क्यों?

परफेक्ट फिर भी फेल हो जाता IVF, आखिर क्यों?
Jan 17, 2026, 01:18 PM
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Posted By Preeti Kumari

Lifestyle: आज की लाइफस्टाइल के समय में IVF अपनी सुविधाओं को लेकर काफी पॉपुलर हो चुका है. IVF यानि (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) ये उन कपल्स के लिए उम्मीद की सबसे बड़ी किरण बनकर उफरा है, जो लंबे समय से माता-पिता बनने का सपना देखते तो हैं पर अफसोस की पूरा नहीं हो पाता है, लेकिन इन्हीं कपल्स के इन सपनों को पूरा करने के लिए अब IVF उनकी दुनिया में उजाला बनकर आया है. जिसने उन्हें इस बात का भरोसा दिलाया है कि उनके सपनों को ये किसी भी हाल में पूरा करेगा. अक्सर कुछ केस में डॉक्टर कहते हैं कि एग अच्छे हैं, स्पर्म ठीक हैं, एम्ब्रायो सुंदर है, बच्चेदानी भी तैयार है फिर भी जब रिपोर्ट नेगेटिव आती है, तो मन में सिर्फ एक ही सवाल गूंजता है जब सब कुछ परफेक्ट था, तो IVF फेल क्यों हो गया.


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आपको बता दें, IVF कोई मशीन की प्रक्रिया नहीं है. यह शरीर, हार्मोन, जेनेटिक्स और मानसिक स्थिति सबका मिला-जुला है. कई बार बाहर से सबकुछ ठीक दिखता तो है, लेकिन अंदर कहीं न कहीं कोई छोटी-सी दिक्कत छिपी होती है, जो प्रेगनेंसी को आगे बढ़ने से हर बार रोक देती है. ऐसे में सबकुछ परफेक्ट होने के बाद भी IVF क्यों फेल होना तो कपल्स की बसा-बसाया घर उजड़ने के सफर पर आ जाता है.


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जाने IVF फेल होने के लक्षण


IVF में एम्ब्रायो ट्रांसफर के बाद के लगभग 14 दिन बहुत अहम होते हैं. इसे टू-वीक वेट कहा जाता है. इस दौरान महिलाएं प्रोजेस्टेरोन जैसी दवाइयां लेती हैं, जिनकी वजह से प्रेगनेंसी जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं, चाहे प्रेगनेंसी हो या न हो. लेकिन कुछ संकेत ऐसे होते हैं, जो IVF फेल होने की तरफ इशारा कर सकते हैं. जैसे अगर एम्ब्रायो ट्रांसफर के कुछ दिनों बाद आपको सामान्य पीरियड्स जैसा ब्लीडिंग शुरू हो जाए, तो इसका मतलब हो सकता है कि एम्ब्रायो बच्चेदानी की दीवार से चिपक नहीं पाया.


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घर पर टेस्ट कुछ भी दिखाए, लेकिन IVF में सबसे भरोसेमंद टेस्ट बीटा-HCG ब्लड टेस्ट होता है. अगर इसमें हार्मोन का लेवल नहीं बढ़ा, तो IVF साइकिल को फेल माना जाता है. अगर आपको पहले स्तनों में भारीपन, हल्का पेट दर्द या थकान महसूस हो रही थी और अचानक ये सब खत्म हो जाए, तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि प्रेगनेंसी हार्मोन बनना बंद हो गया. ऐसे में ध्यान रखें कि बिना डॉक्टर से पूछे दवाइयां बंद न करें, क्योंकि कुछ मामलों में ब्लीडिंग के बावजूद प्रेगनेंसी चल रही होती है.


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आखिर क्यों IVF होता है फेल


एम्ब्रायो की – कई बार एम्ब्रायो देखने में बहुत सुंदर लगता है, लेकिन उसके अंदर जेनेटिक समस्या हो सकती है. ऐसे एम्ब्रायो या तो चिपकते नहीं हैं या जल्दी खराब हो जाते हैं. यह IVF फेल होने की सबसे आम वजह मानी जाती है.


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बच्चेदानी की परत- एंडोमेट्रियम यानी बच्चेदानी की अंदरूनी परत अगर बहुत पतली (7mm से कम), कमजोर या सही समय पर तैयार नहीं होती, तो एम्ब्रायो को पोषण नहीं मिल पाता और इम्प्लांटेशन फेल हो जाता है.


प्रेगनेंसी की अंदरूनी समस्याएं- फाइब्रॉएड, पॉलीप्स, सिस्ट या पुरानी सर्जरी की वजह से बनी चिपकन (Adhesions) भी एम्ब्रायो के चिपकने में रुकावट बन सकती हैं.


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ब्लड फ्लो की कमी- अगर बच्चेदानी तक खून का बहाव सही नहीं है, तो एम्ब्रायो को जरूरी ऑक्सीजन और पोषण नहीं मिल पाता.


इंफेक्शन या टीबी- गर्भाशय या ट्यूब्स में पुराना इंफेक्शन (जैसे टीबी) होने पर ट्यूब्स में गंदा तरल जमा हो जाता है, जो एम्ब्रायो के लिए जहरीला साबित हो सकता है.


उम्र का बढ़ना - 35 साल के बाद अंडों की संख्या और क्वालिटी दोनों कम होने लगती हैं. इससे जेनेटिक खराबियों का खतरा बढ़ जाता है.


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लाइफस्टाइल और तनाव - मोटापा, धूम्रपान, खराब खान-पान और ज्यादा तनाव IVF की सफलता को काफी हद तक कम कर देते हैं.


इम्यून सिस्टम की समस्या - कुछ महिलाओं में शरीर का इम्यून सिस्टम एम्ब्रायो को बाहरी चीज समझकर उस पर हमला कर देती है, जिससे इम्प्लांटेशन फेल हो जाता है.


दवाइयों में लापरवाही - दवाइयां समय पर न लेना या डॉक्टर की सलाह को ठीक से फॉलो न करना भी IVF फेल होने की एक बड़ी वजह हो सकती है.



Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित होती है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले आपको अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लेना काफी जरूर है.

नीट पेपर लीक जांच में BHU कनेक्‍शन, इन पर टिकी एजेंसियों की नजर
नीट पेपर लीक जांच में BHU कनेक्‍शन, इन पर टिकी एजेंसियों की नजर
BHU connection in NEET paper leak investigation, agencies keeping an eye on themवाराणसी: नीट पेपर लीक मामले की जांच अब आईएमएस बीएचयू तक तक पहुंच गई है. संस्‍थान के दो छात्रों पर जांच एजेंसियों की नजर है. दोनों छात्रों के राजस्थान के सीकर स्थित उसी कोचिंग संस्थान से जुड़े होने की बात सामने आई है, जहां कथित तौर पर आरोपी बिवाल परिवार के बच्चों ने भी तैयारी की थी.सूत्रों के अनुसार, सत्र 2025-26 में दाखिला लेने वाले एक छात्र एमबीबीएस और एक छात्रा बीएएमएस की पढ़ाई कर रही है. जांच एजेंसियां इनके प्रवेश और परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही हैं.फीस वापसी का दावाकेंद्र सरकार ने आईएमएस-बीएचयू समेत कई मेडिकल कॉलेजों से संदिग्ध छात्रों का विवरण मांगा है. बताया जा रहा है कि संबंधित कोचिंग संस्थान चयन न होने पर फीस वापसी का दावा करता था. इसी संस्थान से जुड़े कुछ छात्रों का चयन पिछले वर्ष विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में हुआ था. सीबीआई की संभावित कार्रवाई को देखते हुए आईएमएस-बीएचयू प्रशासन भी सतर्क हो गया है.सूत्रों के मुताबिक, संदिग्ध छात्रों की प्रवेश फाइलें और अन्य दस्तावेज अलग सुरक्षित रखे गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराया जा सके. सीबीआई ने जयपुर के बिवाल परिवार के दो भाइयों और एक भतीजे को इस मामले में गिरफ्तार किया है. परिवार के पांच बच्चों का दाखिला पिछले वर्ष सरकारी मेडिकल कॉलेजों में हुआ था. इनमें एक आरोपी दिनेश की बेटी वर्तमान में आईएमएस-बीएचयू के आयुर्वेद संकाय में अध्ययनरत बताई जा रही है.Also Read: दिल्ली में प्रचंड गर्मी का वार, शुरू हुआ लू का प्रकोपसीबीआई जांच में यह भी सामने आया है कि केमिस्ट्री और बायोलॉजी प्रश्नपत्र लीक का स्रोत परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोग ही थे. एजेंसी ने देशभर में छह स्थानों पर छापेमारी कर कई दस्तावेज, लैपटॉप, बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल फोन जब्त किए हैं. अब तक मामले में कुल नौ गिरफ्तारी हो चुकी हैं. इस बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी में दो संयुक्त सचिव और दो संयुक्त निदेशकों की नियुक्ति की गई है.
दिल्ली में प्रचंड गर्मी का वार, शुरू हुआ लू का प्रकोप
दिल्ली में प्रचंड गर्मी का वार, शुरू हुआ लू का प्रकोप
Severe heat wave hits Delhi, heatwave beginsDelhi Weather Today: दिल्ली-एनसीआर में गर्मी प्रचंड रूप दिखाने लगी है. दिन में सूरज आग उगल रहा है और गर्म हवाओं के चलते लू जैसा एहसास हो रहा है, दिन के साथ ही रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही है. राजधानी में तापमान भी 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है, शुष्क मौसम के चलते तापमान तेजी से ऊपर चढ़ रहा है. आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है. 24 घंटे बाद दिल्ली में लू का प्रकोप भी शुरू होने वाला है, मौसम विभाग ने दो दिन के लिए हीटवेव का अलर्ट जारी किया है.दिल्ली में कैसा रहेगा मौसमIMD के अनुसार आज दिल्ली में मौसम शुष्क रहने वाला है. दिनभर तेज धूप निकली रहेगी, जिससे चिलचिलाती हुई गर्मी परेशान करेगी. दिन में गर्म हवाओं के चलते तपिश का एहसास अधिक होगा. सोमवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान 44 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है, वहीं हवाओं की रफ्तार 20 से 30 किमी प्रति घंटे तक रह सकती है, बीच-बीच में यह 40 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.लू का अलर्ट जारीदिल्ली में 19 और 20 मई को लू चलने का अलर्ट जारी किया गया है, इस दौरान 15 से 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चल सकती हैं, कभी-कभी हवाओं की रफ्तार 35 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है. इस दौरान अधिकतम तापमान 44 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 से 82 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है, मौसम विभाग के अनुसार अब राजधानी में अधिकांश समय पश्चिमी हवाएं चलने के आसार हैं, ये हवाएं अपने साथ राजस्थान और बलूचिस्तान की गर्मी भी साथ लेकर आएंगी, ऐसे में हवा में नमी कम होने के चलते लोगों को तपिश का एहसास काफी ज्यादा होगा.दिल्ली में कैसा रहा मौसमदिल्ली में रविवार को सुबह से ही तीखी धूप निकली रही. दिन में तेज धूप के साथ ही लोगों को गर्म हवाओं के थपेड़े भी झेलने पड़े. हालांकि बीच-बीच में बादलों की आवाजाही भी देखे को मिली, लेकिन इससे तपिश पर कोई असर नहीं पड़ा, सूरज ढलने के बाद भी मौसम गर्म ही बना रहा, बीते 24 घंटे के दौरान दिल्ली का अधिकतम तापमान 41.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं न्यूनतम तापमान 25.9 डिग्री सेल्सियस रहा, रविवार को दिल्ली का सबसे गर्म इलाका रिज रहा, जहां का अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ.यह भी पढ़ें: भीषण गर्मी की चपेट में वाराणसी, लू की चेतावनी
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Varanasi reels under intense heat, heatwave warning issuedवाराणसी: यूपी में प्रचंड गर्मी पड़ रही है. मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में लू का प्रकोप पूरे प्रदेश में होगा. उत्तर प्रदेश में गर्मी का बढ़ रहा प्रकोप लोगों को अब डराने भी लगा है. बुंदेलखंड समेत दक्षिणी यूपी के कई जिले भीषण लू और झुलसाने वाली गर्मी की चपेट में हैं, मौसम विभाग ने 19 से 23 मई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तपिश बढ़ने, गर्म हवाएं चलने और पारे में लगातार बढ़ोतरी होने की जानकारी दी है. इससे कई जिलों में दिन के समय हालात और कठिन होने की आशंका है.लू चलने की चेतावनी जारीसोमवार के लिए प्रदेश के 33 जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है, रविवार को बांदा 46.4 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया, इसके अलावा झांसी, प्रयागराज और हमीरपुर में भी लू का असर बेहद तीखा रहा। तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया. आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि फिलहाल प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा, अगले कुछ दिनों तक तापमान में लगातार बढ़ोतरी होने के आसार हैं.सर्वाधिक तापमान वाले जिलेबांदा- 46.4 डिग्री सेल्सियसझांसी- 44.6 डिग्री सेल्सियसप्रयागराज- 44.5 डिग्री सेल्सियसहमीरपुर-44.2 डिग्री सेल्सियसउरई- 43.8 डिग्री सेल्सियसइन जिलों में लू चलने की चेतावनीबांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्ज़ापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, जालोन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर व आसपास के क्षेत्र शामिल है.यह भी पढ़ें: पूर्वी उत्‍तरप्रदेश में मौसम विभाग का नया अलर्ट, सप्‍ताह भर सक्रिय रहेगा हीटवेव