52 बीघे जमीन का मामला भ्रामक जगरनाथ ट्रस्ट ने किया खंडन...

जगन्नाथ धाम के विकास को लेकर ट्रस्ट ने कही बड़ी बात, श्रद्धालुओं के हित में बनेगा कॉरिडोर:, 52 बीघा भूमि विवाद से ट्रस्ट ने किया किनारा
वाराणसी:जगन्नाथ मंदिर के प्रस्तावित विकास कार्यों और कॉरिडोर योजना को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच जगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट ने अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा है कि मंदिर और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखकर विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है.ट्रस्ट ने कहा कि कथित 52 बीघा भूमि विवाद से उसका कोई संबंध नहीं है और इस संबंध में फैलाई जा रही कई बातें भ्रामक हैं.
बनारस में पिछले कुछ दिनों से यह चर्चा तेजी से फैल रही है कि श्री जगन्नाथ ट्रस्ट मंदिर परिसर के अलावा आसपास की 52 बीघा भूमि पर अपना दावा कर उसे वापस लेने की कोशिश कर रहा है. इस मामले को लेकर गांडीव डिजिटल की टीम ने ट्रस्टी दीपक शाहपुरी से बातचीत की.उन्होंने स्पष्ट कहा कि ट्रस्ट केवल मंदिर से जुड़े विकास कार्य और कॉरिडोर निर्माण पर कार्य कर रहा है. मंदिर परिसर के बाहर किसी भी भूमि को लेकर ट्रस्ट का कोई लेना-देना नहीं है.उन्होंने कहा कि कुछ लोग यह भ्रम फैला रहे हैं कि ट्रस्ट 52 बीघा जमीन पर दावा ठोक रहा है और उसे वापस लेने का प्रयास कर रहा है, जबकि ऐसी बातें पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत हैं.
ट्रस्ट पदाधिकारियों के अनुसार प्रस्तावित जगन्नाथ कॉरिडोर का विकास केवल मंदिर परिसर और उससे जुड़े निर्धारित क्षेत्र तक सीमित है. मंदिर परिसर के बाहर किसी भी भूमि पर ट्रस्ट का कोई दावा नहीं है.उन्होंने कहा कि कुछ लोग और राजनीतिक स्वार्थ रखने वाले तत्व भ्रम फैलाकर विकास कार्यों को लेकर अनावश्यक आशंकाएं पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं.
ट्रस्ट ने बताया कि मंदिर परिसर में लंबे समय से कुछ लोग निवास कर रहे थे, जिनमें कई परिवारों के अपने मकान अन्य स्थानों पर भी मौजूद हैं. वहीं आर्थिक रूप से कमजोर और वास्तविक जरूरतमंद परिवारों के प्रति न्यास पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है.ऐसे लोगों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है और कई परिवार सहयोग मिलने के बाद सम्मानजनक तरीके से नए स्थानों पर जा चुके हैं.
ट्रस्ट पदाधिकारियों ने कहा कि जगन्नाथ धाम के विकास का उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना तथा क्षेत्र को एक भव्य आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित करना है. उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें.
ट्रस्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि संस्था की छवि को नुकसान पहुंचाने तथा भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि जनसहयोग और श्रद्धालुओं के समर्थन से जगन्नाथ धाम का विकास कार्य सफलतापूर्वक आगे बढ़ेगा और इसका लाभ आने वाली पीढ़ियों को भी मिलेगा.



