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52 बीघे जमीन का मामला भ्रामक जगरनाथ ट्रस्ट ने किया खंडन...

52 बीघे जमीन का मामला भ्रामक जगरनाथ ट्रस्ट ने किया खंडन...
Jun 06, 2026, 04:43 PM
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Posted By Prashant Sharma

जगन्नाथ धाम के विकास को लेकर ट्रस्ट ने कही बड़ी बात, श्रद्धालुओं के हित में बनेगा कॉरिडोर:, 52 बीघा भूमि विवाद से ट्रस्ट ने किया किनारा

वाराणसी:जगन्नाथ मंदिर के प्रस्तावित विकास कार्यों और कॉरिडोर योजना को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच जगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट ने अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा है कि मंदिर और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखकर विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है.ट्रस्ट ने कहा कि कथित 52 बीघा भूमि विवाद से उसका कोई संबंध नहीं है और इस संबंध में फैलाई जा रही कई बातें भ्रामक हैं.


बनारस में पिछले कुछ दिनों से यह चर्चा तेजी से फैल रही है कि श्री जगन्नाथ ट्रस्ट मंदिर परिसर के अलावा आसपास की 52 बीघा भूमि पर अपना दावा कर उसे वापस लेने की कोशिश कर रहा है. इस मामले को लेकर गांडीव डिजिटल की टीम ने ट्रस्टी दीपक शाहपुरी से बातचीत की.उन्होंने स्पष्ट कहा कि ट्रस्ट केवल मंदिर से जुड़े विकास कार्य और कॉरिडोर निर्माण पर कार्य कर रहा है. मंदिर परिसर के बाहर किसी भी भूमि को लेकर ट्रस्ट का कोई लेना-देना नहीं है.उन्होंने कहा कि कुछ लोग यह भ्रम फैला रहे हैं कि ट्रस्ट 52 बीघा जमीन पर दावा ठोक रहा है और उसे वापस लेने का प्रयास कर रहा है, जबकि ऐसी बातें पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत हैं.


ट्रस्ट पदाधिकारियों के अनुसार प्रस्तावित जगन्नाथ कॉरिडोर का विकास केवल मंदिर परिसर और उससे जुड़े निर्धारित क्षेत्र तक सीमित है. मंदिर परिसर के बाहर किसी भी भूमि पर ट्रस्ट का कोई दावा नहीं है.उन्होंने कहा कि कुछ लोग और राजनीतिक स्वार्थ रखने वाले तत्व भ्रम फैलाकर विकास कार्यों को लेकर अनावश्यक आशंकाएं पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं.


ट्रस्ट ने बताया कि मंदिर परिसर में लंबे समय से कुछ लोग निवास कर रहे थे, जिनमें कई परिवारों के अपने मकान अन्य स्थानों पर भी मौजूद हैं. वहीं आर्थिक रूप से कमजोर और वास्तविक जरूरतमंद परिवारों के प्रति न्यास पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है.ऐसे लोगों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है और कई परिवार सहयोग मिलने के बाद सम्मानजनक तरीके से नए स्थानों पर जा चुके हैं.


ट्रस्ट पदाधिकारियों ने कहा कि जगन्नाथ धाम के विकास का उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना तथा क्षेत्र को एक भव्य आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित करना है. उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें.


ट्रस्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि संस्था की छवि को नुकसान पहुंचाने तथा भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि जनसहयोग और श्रद्धालुओं के समर्थन से जगन्नाथ धाम का विकास कार्य सफलतापूर्वक आगे बढ़ेगा और इसका लाभ आने वाली पीढ़ियों को भी मिलेगा.

वाराणसी-औरंगाबाद सिक्स लेन पर चलेगी हाईटेक ब्रूमर मशीन, अब एक घंटे में साफ होगा 36 हजार वर्ग मीटर राजमार्ग...
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वाराणसी: राष्ट्रीय राजमार्गों को स्वच्छ, सुरक्षित और प्रदूषणमुक्त बनाने की दिशा में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. अब वाराणसी-औरंगाबाद सिक्स लेन (NH-2) परियोजना पर अत्याधुनिक ट्रक-माउंटेड वैक्यूम रोड स्वीपिंग मशीनों (ब्रूमर्स) की तैनाती की गई है, जो हाईवे की सफाई को नई तकनीक और गति प्रदान करेंगी.एनएचएआई के अनुसार इन हाईटेक मशीनों का उद्देश्य राजमार्गों पर जमा धूल, मिट्टी, बजरी, पत्तियां और अन्य कचरे को वैज्ञानिक तरीके से हटाना है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और बेहतर यात्रा अनुभव मिल सके. साथ ही, उड़ने वाली धूल पर नियंत्रण कर वायु प्रदूषण को भी कम किया जा सके.एक घंटे में 36 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र की सफाईएनएचएआई वाराणसी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरुण कुमार ने बताया कि यह आधुनिक मशीन प्रति घंटे लगभग 36,000 वर्ग मीटर क्षेत्र की सफाई करने में सक्षम है. मशीन में 10 घन मीटर क्षमता का मलबा संग्रहण हॉपर, हाई-प्रेशर वाटर स्प्रे सिस्टम, सीसीटीवी निगरानी और पीएलसी आधारित कंट्रोल सिस्टम जैसी उन्नत सुविधाएं उपलब्ध हैं.उन्होंने बताया कि यह मशीन केवल कूड़ा हटाने का काम नहीं करती, बल्कि सफाई के दौरान धूल को दोबारा हवा में फैलने से भी रोकती है, जिससे सफाई अधिक प्रभावी और पर्यावरण के अनुकूल बनती है.आधुनिक तकनीक से लैस है मशीनट्रक-माउंटेड वैक्यूम स्वीपिंग मशीन में कई अत्याधुनिक फीचर्स शामिल किए गए हैं, जिनमें—उच्च क्षमता वाला वैक्यूम सिस्टमसाइड ब्रश और सेंट्रल स्वीपिंग ब्रशहाई-प्रेशर जल छिड़काव प्रणालीमलबा संग्रहण हॉपरसीसीटीवी निगरानी व्यवस्थापीएलसी आधारित स्मार्ट कंट्रोल सिस्टमशामिल हैं। इन तकनीकों की मदद से सड़क की सतह पर जमा सूक्ष्म धूल और मलबे को भी प्रभावी ढंग से हटाया जा सकता है.सड़क सुरक्षा को मिलेगा बढ़ावाएनएचएआई का मानना है कि राजमार्गों पर जमा बजरी, धूल और अन्य मलबा कई बार दुर्घटनाओं का कारण बनता है. ऐसे में नियमित यांत्रिक सफाई से सड़कों पर फिसलन और अवरोध कम होंगे, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना घटेगी और यातायात अधिक सुरक्षित बनेगा.प्रदूषण नियंत्रण में भी मिलेगी मददवाराणसी समेत पूरे पूर्वांचल में वायु प्रदूषण एक बड़ी चुनौती बना हुआ है. हाईवे पर उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है. मशीन में लगे जल छिड़काव और वैक्यूम सिस्टम की मदद से धूल सीधे संग्रहित की जाती है, जिससे वह वातावरण में दोबारा नहीं फैलती.ALSO READ: बरजी में गोलीकांड की खबर निकली अफवाह, लोहे की रॉड से हमले में किसान का पैर तीन जगह से टूटा...यात्रियों को मिलेगा बेहतर अनुभवएनएचएआई का कहना है कि इस पहल का अंतिम उद्देश्य यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप स्वच्छ और सुरक्षित राजमार्ग उपलब्ध कराना है. साफ-सुथरे और धूल-मुक्त हाईवे न केवल यात्रा को आरामदायक बनाएंगे, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी साबित होंगे.हाईटेक ब्रूमर मशीन के प्रमुख फायदेधूल-मुक्त और स्वच्छ राजमार्गसड़क दुर्घटनाओं की आशंका में कमीवायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रणपर्यावरण संरक्षण को बढ़ावायात्रियों को बेहतर और सुरक्षित सफर का अनुभवएनएचएआई की यह पहल वाराणसी-औरंगाबाद सिक्स लेन को आधुनिक, स्वच्छ और सुरक्षित राजमार्ग बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जिसका लाभ प्रतिदिन हजारों यात्रियों को मिलेगा.
बरजी में गोलीकांड की खबर निकली अफवाह, लोहे की रॉड से हमले में किसान का पैर तीन जगह से टूटा...
बरजी में गोलीकांड की खबर निकली अफवाह, लोहे की रॉड से हमले में किसान का पैर तीन जगह से टूटा...
वाराणसी: फूलपुर थाना क्षेत्र के बरजी गांव में शनिवार दोपहर हुई एक सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी. शुरुआत में खबर फैली कि गांव के एक किसान को गोली मार दी गई है, लेकिन बाद में जांच और परिजनों से मिली जानकारी में मामला पूरी तरह अलग निकला. पता चला कि किसान पर गोली नहीं चलाई गई थी, बल्कि लोहे की रॉड से जानलेवा हमला किया गया था, जिससे उनका बायां पैर तीन स्थानों से टूट गया.जानकारी के अनुसार बरजी गांव निवासी भोतू यादव (60 वर्ष) शनिवार दोपहर करीब तीन बजे गांव के बाहर स्थित अपने पंपिंग सेट पर मौजूद थे. इसी दौरान कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया. हमलावरों ने लोहे की रॉड से उनके पैर पर वार किया, जिससे उनका बायां पैर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया.घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए. घायल किसान को तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिंडरा ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय रेफर कर दिया. वहां भी हालत चिंताजनक होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए बीएचयू ट्रॉमा सेंटर भेज दिया गया, जहां उनका उपचार जारी है.घटना को लेकर दिनभर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं. पहले गोली लगने की सूचना से गांव और आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया था, लेकिन बाद में सामने आए तथ्यों ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया.स्थानीय सूत्रों के अनुसार हमला पुरानी रंजिश का परिणाम हो सकता है. बताया जा रहा है कि करीब दो माह पूर्व गांव में आई एक बारात के दौरान भी दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था. हालांकि पुलिस अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है और सभी पहलुओं की जांच कर रही है.सूचना मिलने पर फूलपुर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया. पुलिस हमलावरों की पहचान, हमले के कारण और पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है.ALSO READ: 52 बीघे जमीन का मामला भ्रामक जगरनाथ ट्रस्ट ने किया खंडन...फूलपुर थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि अभी तक कोई लिखित तहरीर प्राप्त नहीं हुई है. फिर भी पुलिस मामले की जांच कर रही है. उन्होंने कहा कि तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी.दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने बरजी गांव समेत आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है. वहीं, घायल किसान की हालत और पुलिस जांच की दिशा पर पूरे इलाके की नजर बनी हुई है.
52 बीघे जमीन का मामला भ्रामक जगरनाथ ट्रस्ट ने किया खंडन...
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जगन्नाथ धाम के विकास को लेकर ट्रस्ट ने कही बड़ी बात, श्रद्धालुओं के हित में बनेगा कॉरिडोर:, 52 बीघा भूमि विवाद से ट्रस्ट ने किया किनारावाराणसी:जगन्नाथ मंदिर के प्रस्तावित विकास कार्यों और कॉरिडोर योजना को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच जगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट ने अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा है कि मंदिर और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखकर विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है.ट्रस्ट ने कहा कि कथित 52 बीघा भूमि विवाद से उसका कोई संबंध नहीं है और इस संबंध में फैलाई जा रही कई बातें भ्रामक हैं.बनारस में पिछले कुछ दिनों से यह चर्चा तेजी से फैल रही है कि श्री जगन्नाथ ट्रस्ट मंदिर परिसर के अलावा आसपास की 52 बीघा भूमि पर अपना दावा कर उसे वापस लेने की कोशिश कर रहा है. इस मामले को लेकर गांडीव डिजिटल की टीम ने ट्रस्टी दीपक शाहपुरी से बातचीत की.उन्होंने स्पष्ट कहा कि ट्रस्ट केवल मंदिर से जुड़े विकास कार्य और कॉरिडोर निर्माण पर कार्य कर रहा है. मंदिर परिसर के बाहर किसी भी भूमि को लेकर ट्रस्ट का कोई लेना-देना नहीं है.उन्होंने कहा कि कुछ लोग यह भ्रम फैला रहे हैं कि ट्रस्ट 52 बीघा जमीन पर दावा ठोक रहा है और उसे वापस लेने का प्रयास कर रहा है, जबकि ऐसी बातें पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत हैं.ट्रस्ट पदाधिकारियों के अनुसार प्रस्तावित जगन्नाथ कॉरिडोर का विकास केवल मंदिर परिसर और उससे जुड़े निर्धारित क्षेत्र तक सीमित है. मंदिर परिसर के बाहर किसी भी भूमि पर ट्रस्ट का कोई दावा नहीं है.उन्होंने कहा कि कुछ लोग और राजनीतिक स्वार्थ रखने वाले तत्व भ्रम फैलाकर विकास कार्यों को लेकर अनावश्यक आशंकाएं पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं.ट्रस्ट ने बताया कि मंदिर परिसर में लंबे समय से कुछ लोग निवास कर रहे थे, जिनमें कई परिवारों के अपने मकान अन्य स्थानों पर भी मौजूद हैं. वहीं आर्थिक रूप से कमजोर और वास्तविक जरूरतमंद परिवारों के प्रति न्यास पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है.ऐसे लोगों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है और कई परिवार सहयोग मिलने के बाद सम्मानजनक तरीके से नए स्थानों पर जा चुके हैं.ट्रस्ट पदाधिकारियों ने कहा कि जगन्नाथ धाम के विकास का उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना तथा क्षेत्र को एक भव्य आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित करना है. उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें.ट्रस्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि संस्था की छवि को नुकसान पहुंचाने तथा भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि जनसहयोग और श्रद्धालुओं के समर्थन से जगन्नाथ धाम का विकास कार्य सफलतापूर्वक आगे बढ़ेगा और इसका लाभ आने वाली पीढ़ियों को भी मिलेगा.