सावन से पहले शिवमय हुई काशी, ‘बोलबम’ के जयघोष के बीच कांवड़ियों का आगमन शुरू...

वाराणसी : सावन माह की शुरुआत से पहले ही काशी शिवमय हो गई है. श्री काशी विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए देश के विभिन्न राज्यों से कांवड़ियों का आगमन शुरू हो गया है. बुधवार को दशाश्वमेध समेत प्रमुख गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और पूरा क्षेत्र ‘हर-हर महादेव’ व ‘बोलबम’ के जयघोष से गूंज उठा. कांवड़िए गंगा स्नान के बाद पारंपरिक विधि से कांवर में गंगाजल भरकर श्री काशी विश्वनाथ धाम की ओर रवाना हुए. मंदिर जाने वाले मार्गों पर दिनभर भक्तों की आवाजाही बनी रही और शिवभक्ति का उत्साह देखने को मिला.
इस बीच गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने सभी 84 घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है. जल पुलिस लगातार निगरानी कर रही है और बैरिकेडिंग के माध्यम से श्रद्धालुओं को गहरे पानी में जाने से रोका जा रहा है.
30 जुलाई से शुरू हो रहे श्रावण मास में देवाधिदेव महादेव की नगरी काशी के शिवालयों और देवालयों में जलाभिषेक, पूजन-अर्चन और दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी. द्वादश ज्योतिर्लिंग, चारधाम सहित विभिन्न धार्मिक यात्राएं निकाली जाएंगी. कांवड़ियों के जत्थे श्री काशी विश्वनाथ का जलाभिषेक करेंगे. इस बार सावन में चार सोमवार तथा पांच-पांच गुरुवार और शुक्रवार पड़ेंगे. हिंदू पंचांग के अनुसार श्रावण वर्ष का पांचवां मास है और यह भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है. श्रावण मास 28 अगस्त तक रहेगा. इस दौरान श्री काशी विश्वनाथ सहित सभी प्रमुख शिवालयों में दर्शन-पूजन के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचेंगे.
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इसे लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं. श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के पूर्व अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय ने बताया कि भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए रुद्राभिषेक, सामूहिक पार्थिव शिवलिंग पूजन, बेलपत्र अर्पित करना, सावन सोमवार व्रत, महामृत्युंजय मंत्र का जाप और शिवमहापुराण कथा का श्रवण विशेष महत्व रखता है. इसके अलावा कांवड़ यात्रा, पंचक्रोशी यात्रा सहित विभिन्न धार्मिक यात्राएं भी निकाली जाती हैं. उन्होंने कहा कि इस मास में किए गए धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व माना जाता है.
तीन अगस्त को सावन का पहला सोमवार
सावन का पहला सोमवार तीन अगस्त, दूसरा 10 अगस्त, तीसरा 17 अगस्त और चौथा सोमवार 24 अगस्त को पड़ेगा. गुरुवार 30 जुलाई, 6 अगस्त, 13 अगस्त, 20 अगस्त और 27 अगस्त को होंगे. शुक्रवार 31 जुलाई, 7 अगस्त, 14 अगस्त, 21 अगस्त और 28 अगस्त को पड़ेंगे.



