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गुरु पूर्णिमा पर आस्था में डूबी काशी, मठों, आश्रम और घाटों पर उमड़े श्रद्धालु...

गुरु पूर्णिमा पर आस्था में डूबी काशी, मठों, आश्रम और घाटों पर उमड़े श्रद्धालु...
Jul 29, 2026, 09:11 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : गुरु पूर्णिमा (आषाढ़ पूर्णिमा) के अवसर पर बुधवार को धर्मनगरी काशी गुरु भक्ति में सराबोर रही. शहर के प्रमुख मठों, आश्रमों और गुरुपीठों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. देश-विदेश से पहुंचे शिष्यों ने अपने गुरुजनों के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद लिया और गुरु वंदना के साथ महापर्व मनाया. पड़ाव स्थित अघोर पीठ श्री सर्वेश्वरी समूह संस्थान देवस्थानम, शिवाला स्थित अघोरपीठ बाबा कीनाराम स्थली क्रीं कुंड, मणिकर्णिका घाट स्थित सतुआ बाबा आश्रम, श्री धर्मसंघ शिक्षामंडल और केदारघाट स्थित श्री विद्यामठ समेत शहर के विभिन्न मठों और आश्रमों में विशेष पूजा-अर्चना, आरती, गुरु पूजन और आशीर्वाद कार्यक्रम आयोजित किए गए. गंगा में भी हजारों श्रद्धालुओं ने आस्‍था की डुबकी लगाई.


श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों का पूजन कर सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति की कामना की. इसके अलावा विशेश्वरगंज स्थित संगत चेतन मठ, अस्सी के आदि जगद्गुरु शंकराचार्य महासंस्थानम्, गुरुधाम कॉलोनी स्थित श्रीराम मंदिर, गड़वाघाट के संतमत आश्रम और ईश्वरगंगी स्थित पातालपुरी मठ में भी गुरु पूर्णिमा के अवसर पर दिनभर धार्मिक अनुष्ठान और प्रवचन आयोजित हुए. पूरे शहर में गुरु वंदना और आस्था का माहौल बना रहा. मंदिरों, आश्रमों, शिक्षण संस्थानों और धार्मिक स्थलों पर गुरुजनों का सम्मान कर उनसे आशीर्वाद लेने के लिए श्रद्धालुओं और विद्यार्थियों की भीड़ उमड़ रही है. आधुनिक दौर में भी यह परंपरा पूरी तरह जीवंत दिखाई दे रही है.


अन्नपूर्णा मंदिर में गूंजे गुरु मंत्र


गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर बुधवार को अन्नपूर्णा मठ मंदिर भक्तिभाव से सराबोर हो उठा. गुरु के दिन मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. विधि-विधान के साथ महंत शंकर पूरी ने अपने गुरु श्री कपिलमुनि की आराधना कर आरती उतारी और गुरु का आशीर्वाद लिया.

इस दौरान मंदिर परिसर में मौजूद सभी भक्तों ने अपने-अपने गुरु को माला-फूल अर्पित कर भोग लगाया. पूजा-अर्चना के बाद सभी ने गुरु चरणों में शीश झुकाकर आशीर्वाद प्राप्त किया. वहीं बटुकों ने मंत्रोच्चार के साथ गुरु वंदना कर माहौल को भक्तिमय बना दिया.



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इस अवसर पर महंत शंकर पूरी ने कहा कि गुरु पूर्णिमा गुरु-शिष्य परंपरा का प्रतीक पर्व है. यह दिन शिष्यों के लिए अपने गुरुओं के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का सबसे बड़ा अवसर है. इस अवसर पर महंत के शिष्यों के अलावा मंदिर प्रबंधक काशी मिश्रा, प्रदीप श्रीवास्तव, धीरेन्द्र सिंह, राकेश तोमर सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे.

पूर्वोत्तर रेलवे का ‘स्वच्छता से स्वागत’ अभियान, यात्रियों और रेलकर्मियों को किया जागरूक
पूर्वोत्तर रेलवे का ‘स्वच्छता से स्वागत’ अभियान, यात्रियों और रेलकर्मियों को किया जागरूक
वाराणसी : पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में बुधवार को "स्वच्छता से स्वागत" अभियान के तहत विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर विशेष स्वच्छता एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान का उद्देश्य स्टेशन परिसर और रेल पटरियों को प्लास्टिक मुक्त बनाना तथा यात्रियों और आमजन को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना रहा।मंडल रेल प्रबंधक श्री आशीष जैन के निर्देशानुसार एवं वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (ENHM) श्री अनुभव पाठक के नेतृत्व में स्वास्थ्य निरीक्षकों और संविदा कर्मचारियों ने स्टेशनों एवं रेल पटरियों के आसपास गहन सफाई अभियान चलाया। इस दौरान प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को हटाकर स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया।ALSO READ: महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने किया बरेका इंटर कॉलेज का व्यापक निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया जोरअभियान के दौरान रेल कर्मचारियों और यात्रियों को स्वच्छता के महत्व की जानकारी दी गई। साथ ही अपील की गई कि वे प्लास्टिक एवं अन्य कचरा रेल पटरियों या स्टेशन परिसर में न फेंकें तथा निर्धारित कूड़ेदानों का ही उपयोग करें।रेलवे अधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी और आमजन के सहयोग से स्वच्छता का संदेश प्रभावी ढंग से प्रसारित किया गया। वाराणसी मंडल स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित और यात्री हितैषी रेल परिवेश उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने किया बरेका इंटर कॉलेज का व्यापक निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया जोर
महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने किया बरेका इंटर कॉलेज का व्यापक निरीक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया जोर
वाराणसी : बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) के महाप्रबंधक श्री आशुतोष पंत ने बुधवार को बरेका इंटर कॉलेज का व्यापक निरीक्षण कर विद्यालय की शैक्षणिक, खेल एवं आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को बेहतर, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया।निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने विज्ञान प्रयोगशालाओं, कक्षाओं, कंप्यूटर लैब, पुस्तकालय, शौचालय तथा बास्केटबॉल कोर्ट सहित विद्यालय परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न सुविधाओं की गुणवत्ता, रखरखाव और स्वच्छता की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कार्य शीघ्र पूरा करने तथा सभी संसाधनों का नियमित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।ALSO READ: 30 जुलाई से शुरू होगा बीएचयू विश्वनाथ मंदिर का श्रावण महोत्सव, दर्शन के लिए विशेष व्यवस्थाइस अवसर पर प्रमुख मुख्य इंजीनियर श्री शैलेंद्र कुमार सिंह, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी श्री लालजी चौधरी, उप महाप्रबंधक श्री सागर, उप मुख्य इंजीनियर श्री साकेत, बरेका इंटर कॉलेज के प्राचार्य श्री ए.के. माहेश्वरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
30 जुलाई से शुरू होगा बीएचयू विश्वनाथ मंदिर का श्रावण महोत्सव, दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था
30 जुलाई से शुरू होगा बीएचयू विश्वनाथ मंदिर का श्रावण महोत्सव, दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था
वाराणसी : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय स्थित श्री विश्वनाथ मंदिर में श्रावण महोत्सव-2026 का आयोजन 30 जुलाई से 28 अगस्त तक किया जाएगा। महोत्सव को लेकर मंदिर प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगम दर्शन के लिए महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई है। वहीं, विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और विद्यार्थियों के लिए भी अलग लाइन बनाई गई है।मंदिर प्रशासन के अनुसार श्रावण मास में रविवार, सोमवार तथा प्रदोष जैसी विशेष तिथियों पर श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ रहने की संभावना को देखते हुए 30 जुलाई से 28 अगस्त के बीच इन दिनों गर्भगृह में यजमानों का रुद्राभिषेक पूजन प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि, सोमवार को छोड़कर अन्य विशेष तिथियों पर भीड़ की स्थिति का आकलन करने के बाद रुद्राभिषेक की अनुमति दी जा सकती है। इसके लिए श्रद्धालुओं को उसी दिन मंदिर कार्यालय से अनुमति प्राप्त करनी होगी।ALSO READ: वाराणसी में कूड़े में मिले सोने के सिक्के, कूड़ा बीनने वाले ने 60 हजार में बेचा एक सिक्काश्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दिव्यांगजनों हेतु व्हीलचेयर, प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) और शीतल पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई है। मंदिर प्रतिदिन प्रातः 4 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा दोपहर 1 बजे से रात्रि 9 बजे तक दर्शन के लिए खुला रहेगा।मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित व्यवस्थाओं का पालन करते हुए दर्शन करें, ताकि श्रावण महोत्सव के दौरान सभी को सुगमता और सुरक्षित वातावरण में भगवान विश्वनाथ के दर्शन का लाभ मिल सके।