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काशी का गंगा घाट बना घर, ICU बना आखिरी ठिकाना, अपनों ने छोड़ा तो गैर ने थामा हाथ

काशी का गंगा घाट बना घर, ICU बना आखिरी ठिकाना, अपनों ने छोड़ा तो गैर ने थामा हाथ
Apr 27, 2026, 08:59 AM
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Posted By Preeti Kumari

Kashi's Ganga Ghat became home, ICU became the last resort, loved ones left and strangers held hands.


वाराणसी: "बे-वक़्त अगर जाऊँगा सब चौंक पड़ेंगे... इक उम्र हुई दिन में कभी घर नहीं देखा" — यह शायरी सिर्फ अल्फाज़ नहीं, बल्कि काशी के 70 वर्षीय रामदास गुजराती की जीती-जागती हकीकत बन चुकी है। एक ऐसा जीवन, जिसमें घर से बेदखली के बाद गंगा घाट ही ठिकाना बन गया और अब वही घाट उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी परीक्षा का गवाह बना है.


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घर से घाट तक का सफर: एक दर्दनाक सच्चाई


काशी के पक्के महाल चौखंभा के रहने वाले रामदास गुजराती का जीवन दो दशक पहले अचानक बदल गया, जब घरवालों ने उन्हें अपने ही आशियाने से बाहर कर दिया, अपनों की बेदखली ने उन्हें ऐसा झटका दिया कि उन्होंने गंगा के घाटों को ही अपना ठिकाना बना लिया, दिन हो या रात, घाट की सीढ़ियां ही उनका सहारा बनीं, और गंगा का किनारा उनका घर.


बालाजी घाट: जहां संगीत और साधना का संगम


रामदास गुजराती का जीवन बालाजी घाट से गहराई से जुड़ गया. यह वही स्थान है, जहां कभी भारतरत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां शहनाई का रियाज किया करते थे, मंदिर के नौबतखाने में बैठकर वे घंटों सुरों की साधना करते थे, उसी पावन वातावरण में रामदास गुजराती ने भी अपनी दिनचर्या बना ली थी, सुबह-शाम गंगा स्नान, फिर प्रभु का ध्यान—यही उनकी जिंदगी का क्रम बन गया था. घाट की शांति और आध्यात्मिकता ने उनके अकेलेपन को एक सहारा जरूर दिया, लेकिन भीतर का खालीपन कभी पूरी तरह नहीं भर सका.


अचानक आई जिंदगी की सबसे बड़ी चोट


रविवार की शाम, जब रामदास गुजराती बालाजी घाट पर गंगा स्नान कर रहे थे, तभी अचानक उन्हें हार्ट अटैक आ गया, घाट पर मौजूद लोग सकते में आ गए, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि इस मुश्किल घड़ी में उनका कोई अपना वहां नहीं पहुंचा, न परिवार, न कोई मित्र—चारों तरफ भीड़ थी, लेकिन उनके लिए कोई अपना नहीं था.


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एक फरिश्ता बनकर पहुंचे अमन कबीर


इसी बीच लावारिस मरीजों की सेवा करने वाले समाजसेवी अमन कबीर Aman Kabir Trust मौके पर पहुंचे, उन्होंने बिना देर किए रामदास गुजराती की हालत को समझा और तुरंत डायल 112 को सूचना दी. पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा ले जाया गया, वहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें आईसीयू में भर्ती कर लिया, इस समय रामदास गुजराती जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं.


अपनों ने मोड़ा मुंह, गैर बना सहारा


अमन कबीर ने रामदास गुजराती के परिवार से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन वहां से निराशा ही हाथ लगी. उनके भाई ने फोन पर पहले रॉन्ग नंबर कहकर कॉल काट दिया, और दोबारा संपर्क करने पर सुनने में असमर्थता जताकर बात टाल दी, जबकि हकीकत यह थी कि संपर्क सही था और आवाज भी स्पष्ट थी, इस व्यवहार ने यह साफ कर दिया कि परिवार ने उनसे पूरी तरह पल्ला झाड़ लिया है.


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आईसीयू के बाहर दुआओं का पहरा


जहां एक ओर रामदास गुजराती अस्पताल के आईसीयू में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अमन कबीर उनके लिए उम्मीद की लौ जलाए खड़े हैं. अस्पताल के बाहर बैठकर वे बाबा महामृत्युंजय महादेव से उनके दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की प्रार्थना कर रहे हैं. अमन कबीर वही व्यक्ति हैं, जो न सिर्फ लावारिस मरीजों की सेवा करते हैं, बल्कि उनके अंतिम संस्कार तक की जिम्मेदारी निभाते हैं.


अंतिम भाव: एक सवाल जो दिल को चीर देता है


रामदास गुजराती की कहानी सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि उस समाज का आईना है, जहां अपनों के होते हुए भी कोई अपना नहीं होता. गंगा के घाटों ने उन्हें शरण दी, लेकिन आज जब जिंदगी दांव पर लगी है, तो एक अजनबी ही उनका सबसे बड़ा सहारा बनकर खड़ा है.


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कारगिल विजय दिवस पर बीएचयू में रक्तदान का महाअभियान, 61 यूनिट रक्त संग्रहित...
कारगिल विजय दिवस पर बीएचयू में रक्तदान का महाअभियान, 61 यूनिट रक्त संग्रहित...
वाराणसी. कारगिल विजय दिवस के अवसर पर काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के कृषि विज्ञान संस्थान स्थित डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन छात्रावास में शनिवार को स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। विवेकानंद डिवाइन लाइफ मिशन (वीडीएलएम) ने वाराणसी हेल्प ग्रुप के सहयोग से आयोजित इस शिविर में कुल 61 यूनिट रक्त संग्रहित किया, जिसे उपचाराधीन जरूरतमंद कैंसर मरीजों के लिए महामना कैंसर सेंटर, वाराणसी को उपलब्ध कराया जाएगा।शिविर के मुख्य अतिथि कृषि विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. विनोद कुमार मिश्रा तथा विशिष्ट अतिथि कृषि विज्ञान संकाय के डीन प्रो. सतीश कुमार सिंह रहे। उन्होंने रक्तदान को मानवता की सबसे बड़ी सेवा बताते हुए युवाओं से नियमित रूप से रक्तदान करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस पर रक्तदान करना देश के वीर सैनिकों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।रक्तदान शिविर में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन छात्रावास, बाल गंगाधर तिलक छात्रावास तथा अन्य संकायों के विद्यार्थियों के साथ रानी लक्ष्मीबाई छात्रावास की छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। युवाओं के सहयोग से 61 यूनिट रक्त संग्रहित कर कारगिल के शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई।कार्यक्रम में छात्रावास के प्रशासनिक वार्डन डॉ. विनोद कुमार त्रिपाठी, वार्डन डॉ. सुधीर कुमार राजपूत, डॉ. निखिल कुमार सिंह, डॉ. अफजल अहमद, डॉ. सैकत माजी, आभा गेस्ट हाउस के वार्डन डॉ. तरुण वर्मा, छात्र सलाहकार प्रो. मनोज कुमार सिंह तथा वाराणसी हेल्प ग्रुप के हिमांशु गुप्ता सहित अनेक शिक्षक एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।ALSO READ : वाराणसी में साइबर ठगों के बैंक खाता गैंग का भंडाफोड़, महिला सरगना और पोस्टमैन समेत 6 गिरफ्तार...शिविर के दौरान रक्तदाताओं और स्वयंसेवकों के लिए फल, हल्का नाश्ता, स्वच्छ पेयजल और रिफ्रेशमेंट की व्यवस्था की गई। समापन पर सभी रक्तदाताओं को वाराणसी हेल्प ग्रुप एवं छात्रावास की ओर से प्रमाण-पत्र, स्टील की बोतल और अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया गया। साथ ही युवाओं को देशभक्ति, महामना मालवीय के आदर्शों और समाजसेवा की भावना को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया.
वाराणसी में साइबर ठगों के बैंक खाता गैंग का भंडाफोड़, महिला सरगना और पोस्टमैन समेत 6 गिरफ्तार...
वाराणसी में साइबर ठगों के बैंक खाता गैंग का भंडाफोड़, महिला सरगना और पोस्टमैन समेत 6 गिरफ्तार...
वाराणसी. सिगरा थाना पुलिस और साइबर क्राइम सेल की संयुक्त टीम ने प्रदेशव्यापी अभियान 'ऑपरेशन Cy-Vazra' के तहत साइबर अपराधियों के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए महिला सरगना और बैंक किट की डिलीवरी कराने वाले पोस्टमैन समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह लोगों को पैसों का लालच देकर उनके आधार कार्ड में कूटरचना कर वाराणसी के विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाता था और बाद में बैंक किट साइबर ठगों को बेच देता था।पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देशन में चलाए गए अभियान के दौरान आरोपियों को रविवार को महमूरगंज स्थित ओम पब्लिक स्कूल तिराहे के पास से गिरफ्तार किया गया। उनके खिलाफ सिगरा थाने में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है.पुलिस के अनुसार गिरोह पहले लोगों को कुछ रुपये का लालच देकर उनके आधार कार्ड में दर्ज स्थायी पते में कूटरचना कर उन्हें सिगरा क्षेत्र का निवासी दर्शाता था। इसके बाद फर्जी आधार कार्ड के आधार पर बैंक खाते खुलवाए जाते थे। बैंक की चेकबुक, पासबुक और डेबिट कार्ड डाक से पहुंचने से पहले गिरोह का सदस्य पोस्टमैन से संपर्क कर बैंक किट हासिल कर लेता था। फिर मोबाइल सिम के साथ इन्हें पैक कर कूरियर के जरिए साइबर अपराधियों तक पहुंचा दिया जाता था।ALSO READ : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ का 48वां दीक्षांत समारोह 28 जुलाई को, कैप्टन बी.के. त्यागी होंगे मुख्य अतिथि...पुलिस जांच में बरामद बैंक पासबुक और चेकबुक के आधार पर बिहार, कर्नाटक, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, हरियाणा, महाराष्ट्र, असम, मणिपुर समेत विभिन्न राज्यों में दर्ज 21 साइबर ठगी की शिकायतों का पता चला है। इन मामलों में कुल ₹76,44,476.97 की साइबर धोखाधड़ी की गई है।आरोपियों के कब्जे से विभिन्न बैंकों की चार चेकबुक, तीन सीलबंद चेकबुक, तीन सीलबंद डेबिट कार्ड, 11 पासबुक, छह एंड्रॉयड मोबाइल फोन, दो पैन कार्ड और तीन कूटरचित आधार कार्ड बरामद किए गए हैं.गिरफ्तार आरोपी जितेंद्र कुमार कन्नौजिया के खिलाफ जौनपुर के लाइन बाजार थाने में साइबर धोखाधड़ी और आईटी एक्ट का मुकदमा पहले से दर्ज है। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और साइबर नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश में जुटी है।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ का 48वां दीक्षांत समारोह 28 जुलाई को, कैप्टन बी.के. त्यागी होंगे मुख्य अतिथि...
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ का 48वां दीक्षांत समारोह 28 जुलाई को, कैप्टन बी.के. त्यागी होंगे मुख्य अतिथि...
वाराणसी. महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ का 48वां दीक्षांत समारोह 28 जुलाई 2026 (मंगलवार) को सिगरा स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होगा। समारोह के मुख्य अतिथि सीपीआई (एम) शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक कैप्टन बी.के. त्यागी होंगे। वे "विगत एक दशक में भारत की उपलब्धियां : विकसित भारत 2047 की आधारशिला" विषय पर दीक्षांत व्याख्यान देंगे।यह जानकारी रविवार को विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय स्थित समिति कक्ष में आयोजित प्रेसवार्ता में कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों के 63,184 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोध की उपाधियां प्रदान की जाएंगी।दीक्षांत समारोह में विभिन्न संकायों के 26 मेधावी विद्यार्थियों को कुल 43 स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे। इनमें स्नातक स्तर के 8 तथा स्नातकोत्तर स्तर के 16 टॉपर शामिल हैं। इसके अलावा विश्वविद्यालय के दो उत्कृष्ट खिलाड़ियों सुमित कुमार भारती और डॉ. कंचन शर्मा को भी स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाएगा। वर्ष 2025-26 में विश्वविद्यालय के 49 पाठ्यक्रमों में 56 विद्यार्थियों ने सर्वोच्च अंक प्राप्त किए हैं।ALSO READ : प्रधानमंत्री ने मन की बात के 136 वें संस्करण मे कारगिल शहीदों को किया याद...कुलपति ने बताया कि समारोह की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल करेंगी। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय तथा उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी उपस्थित रहेंगी।उन्होंने बताया कि दीक्षांत समारोह से पूर्व आयोजित 'दीक्षोत्सव-2026' के तहत विश्वविद्यालय परिसर एवं गोद लिए गए गांवों में गीता कार्यक्रम, भाषण, निबंध, लेखन, काव्य, चित्रकला, कहानी-कथन, लोक एवं एकल नृत्य, समूह गीत, पारंपरिक खेल, पुस्तक पठन, स्वास्थ्य परीक्षण और स्वच्छता अभियान सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।कुलपति ने बताया कि समारोह का सीधा प्रसारण महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी किया जाएगा।