Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

काशी कला कुंभ - 2026 का भव्य आगाज, कला-संस्कृति का दिखा अद्भुत संगम

काशी कला कुंभ - 2026 का भव्य आगाज, कला-संस्कृति का दिखा अद्भुत संगम
Apr 22, 2026, 12:19 PM
|
Posted By Diksha Mishra

काशी कला कुम्भ 2026 का भव्य शुभारंभ बुधवार कोबनारस हिंदू विश्वविद्यालय परिसर स्थित पंडित ओंकारनाथ प्रेक्षागृह में हुआ.राष्ट्रीय कला मंच, बीएचयू द्वारा आयोजित यह दो दिवसीय कार्यक्रम कला, संस्कृति और भारतीय परंपरा के विविध आयामों का जीवंत उत्सव बनकर उभरा है, जिसका समापन गुरुवार को होगा.


कला के विस्तार का सशक्त मंच

उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता कर रहीं डॉ. मधुमिता भट्टाचार्य ने कहा कि ऐसे आयोजन कला के विभिन्न रूपों को मंच देने के साथ-साथ उनकी गुणवत्ता और विस्तार को भी निरंतर समृद्ध करते हैं.

राष्ट्रीय कला मंच के अखिल भारतीय प्रमुख अंकित शुक्ला ने मंच के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका लक्ष्य कला की अभिव्यक्ति को व्यापक और सहज बनाना है. उन्होंने युवाओं से इसमें सक्रिय भागीदारी की अपील की.

MONJA

लोक कला से समाज में नवचेतना

विशिष्ट अतिथि आनंद श्रीवास्तव ने कहा कि लोक कलाएं समाज की आत्मा होती हैं, जो न केवल भावनाओं को अभिव्यक्त करती हैं बल्कि सामाजिक नव निर्माण का संदेश भी देती हैं।

प्रसिद्ध कथावाचक पलक किशोरी ने Banaras Hindu University को भारतीय परंपराओं का संरक्षक बताते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा “अनहद नाद” की तरह सतत प्रवाहित होती रहती है.


कला से समाज निर्माण का संदेश

काशी प्रांत प्रचारक रमेश जी ने कहा कि कला प्रकृति के हर तत्व में मौजूद है और यह व्यक्ति तथा समाज दोनों के निर्माण में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने युवाओं से स्क्रीन टाइम कम कर रचनात्मक गतिविधियों की ओर बढ़ने का आह्वान किया.

प्रदेश ललित कला अकादमी के अध्यक्ष सुनील विश्वकर्मा ने कहा कि कला जीवन के चारों पुरुषार्थों की पूर्ति करती है और समाज को दिशा देने का कार्य करती है.


पत्रकारों को मिलेगा आवास और आयुष्‍मान योजना का लाभ, सीएम ने दिया भरोसा


मनोज तिवारी ने साझा की यादें

मुख्य अतिथि और मनोज तिवारी बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से अपने जुड़ाव को याद करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन प्रतिभाओं को निखारने का सशक्त मंच हैं।

उन्होंने अपनी पंक्तियों— “गांव गए भी हुए महीनों, खुद ही खुद से मिला नहीं हूं” — के जरिए आधुनिक जीवन की व्यस्तताओं पर भी विचार रखा और कला-संगीत की प्रासंगिकता को रेखांकित किया.


पुस्तक विमोचन और सांस्कृतिक रंगारंग कार्यक्रम

इस अवसर पर डॉ. अपराजिता मिश्रा द्वारा लिखित पुस्तक “वेदकालीन आध्यात्मिक महिलाएं” का विमोचन भी किया गया.

उद्घाटन सत्र के बाद आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में अयोध्या और ग्वालियर घराने के कलाकारों सहित देशभर से आए प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को मंत्रमुग्ध कर दिया। वाद्य यंत्रों की मधुर धुनों और शास्त्रीय संगीत ने कार्यक्रम को खास बना दिया.


युवाओं में सृजनात्मकता का संचार

“काशी कला कुंभ - 2026” न केवल कला के विविध रूपों को मंच प्रदान कर रहा है, बल्कि युवाओं में सृजनात्मकता, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक संवेदनशीलता को भी सशक्त कर रहा है.

काशी विद्यापीठ : वाणिज्य एवं प्रबंध अध्ययन संकाय में पौधरोपण का कार्यक्रम आयोजित
काशी विद्यापीठ : वाणिज्य एवं प्रबंध अध्ययन संकाय में पौधरोपण का कार्यक्रम आयोजित
वाराणसी: वाणिज्य एवं प्रबंध अध्ययन संकाय, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ एवं जनसेवा समृद्धि फाउण्डेशन के संयुक्त तत्वावधान में विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर बुधवार को पौधरोपण का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ.इस मौके पर वाणिज्य विभाग के अध्यक्ष प्रो. अजीत कुमार शुक्ल ने कहा कि पृथ्वी दिवस प्रत्येक वर्षे 22 अप्रैल को मनाया जाता है. इस वर्ष का मुख्य विषय "हमारी शक्ति, हमारा ग्रह" है. इसका उद्देश्य नवीनीकरण ऊर्जा की ओर संक्रमण को गति देना और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ कार्रवाई को बढ़ावा देना है. यह दिवस सामुदायिक सक्रियता, पर्यावरण साक्षरता और पर्यावरण संबंधी नियमों में ढील को पलटने पर जोर देता है.बीएचयू में पत्‍थरबाजी को लेकर छात्रों पर मुकदमा दर्ज, जांच में जुटी पुलिसविश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर हम सभी प्राणदायिनी धरा को प्रदूषण से मुक्त और वृक्षों से युक्त करने का पावन संकल्प लें. इस अवसर पर संकायाध्यक्ष प्रो. सुधीर कुमार शुक्ल, छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार मिश्र, कुलानुशासक प्रो. के.के. सिंह, डॉ. अम्बरीश रायडॉ. धनंजय विश्वकर्मा, डॉ. आयुष कुमार आदि उपस्थित रहे.
बीएचयू में पत्‍थरबाजी को लेकर छात्रों पर मुकदमा दर्ज, जांच में जुटी पुलिस
बीएचयू में पत्‍थरबाजी को लेकर छात्रों पर मुकदमा दर्ज, जांच में जुटी पुलिस
वाराणसी : बीएचयू के बिरला-ए छात्रावास में पिछले दिनों हुई पत्थरबाजी की घटना को लेकर पुलिस ने गंभीर रुख अपनाया है. प्राक्टोरियल बोर्ड की शिकायत पर लंका थाना में पांच नामजद छात्रों समेत अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. जानकारी के अनुसार, बीती रात छात्रावास परिसर में अचानक विवाद बढ़ने के बाद कुछ छात्रों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी. इस दौरान ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मी परमहंस यादव घायल हो गए. उन्हें तत्काल उपचार के लिए ट्रामा सेंटर बीएचयू में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है. चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत फिलहाल स्थिर है.घटना को गंभीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई शुरू की. प्राक्टोरियल बोर्ड की ओर से रिपोर्ट तैयार कर लंका थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है, ताकि दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो सके. लंका थानाध्यक्ष राजकुमार के मुताबिक, सुरक्षा गार्ड की शिकायत पर ओम शुक्ला, समर्थ शर्मा, प्रियांश, प्रनव और हिमांशु सहित अन्य अज्ञात छात्रों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं 126(2), 132, 121(1), 191(2), 193(3) और 115(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है.बीएचयू मुख्य द्वार के सामने सड़क पर बह रहा सीवर का पानी, राहगीरों और मरीजों को हो रही भारी परेशानीसीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिसपुलिस ने घटना स्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है. पत्थरबाजी में शामिल अन्य युवकों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है. पुलिस प्रशासन ने बीएचयू के छात्रों से शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है. साथ ही चेतावनी दी है कि कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
बीएचयू मुख्य द्वार के सामने सड़क पर बह रहा सीवर का पानी, राहगीरों और मरीजों को हो रही भारी परेशानी
बीएचयू मुख्य द्वार के सामने सड़क पर बह रहा सीवर का पानी, राहगीरों और मरीजों को हो रही भारी परेशानी
वाराणसी : बीएचयू के मुख्य द्वार के सामने इन दिनों सीवर का गंदा पानी सड़क मार्ग पर बह रहा है, जिससे आने-जाने वाले हजारों लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. सड़क पर जलभराव के साथ-साथ तेज दुर्गंध भी फैल रही है, जो काफी दूर तक महसूस की जा सकती है. यह मार्ग शहर का अत्यंत व्यस्त और महत्वपूर्ण रास्ता माना जाता है, जहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में राहगीर, तीमारदार और मरीज आते-जाते हैं.बीएचयू स्थित सर सुंदरलाल चिकित्सालय में विभिन्न प्रदेशों से इलाज कराने के लिए लोग पहुंचते हैं. ऐसे में मुख्य द्वार के सामने फैली गंदगी और सीवर का पानी शहर की छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सीवर लाइन ओवरफ्लो होने के कारण गंदा पानी लगातार सड़क पर बह रहा है. लंबे समय से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन संबंधित विभाग द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. दुर्गंध के कारण आसपास के दुकानदारों और राहगीरों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है, वहीं संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है.काशी कला कुंभ - 2026 का भव्य आगाज, कला-संस्कृति का दिखा अद्भुत संगमस्थानीय नागरिकों ने बताया कि इसी मार्ग से संबंधित विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी प्रतिदिन गुजरते हैं, इसके बावजूद समस्या की अनदेखी की जा रही है. लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही सीवर की सफाई और मरम्मत का कार्य नहीं कराया गया, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है.नागरिकों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेकर सीवर व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके और शहर की स्वच्छता व्यवस्था बनी रहे.