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श्रद्धा और भक्ति के रंग में सजेगी काशी, 16 जुलाई को निकलेगी बाबा काल भैरव की शोभायात्रा

श्रद्धा और भक्ति के रंग में सजेगी काशी, 16 जुलाई को निकलेगी बाबा काल भैरव की शोभायात्रा
Jul 14, 2026, 08:46 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी: काशी के कोतवाल बाबा श्री काल भैरव की वर्ष 1954 से चली आ रही परंपरागत स्वर्ण-रजत प्रतिमा की भव्य शोभायात्रा 16 जुलाई 2026, गुरुवार को सुबह 7 बजे चौखम्भा स्थित काठ की हवेली से निकाली जाएगी। इसकी जानकारी स्वर्णकार क्षत्रिय कमेटी, वाराणसी के अध्यक्ष घनश्याम सेठ "बच्चा" ने पराड़कर स्मृति भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी।



उन्होंने बताया कि शोभायात्रा में सबसे आगे पुलिस घुड़सवार दस्ता रहेगा, जिसके पीछे ढोल-ताशा, स्वर्णकार क्षत्रिय कमेटी का बैनर, संस्थापक स्व. किशुन सेठ एवं स्व. भीखू सिंह की सुसज्जित तस्वीरें तथा भजन प्रस्तुत करती बैंड पार्टी शामिल होगी। इस वर्ष मां वैष्णो देवी की भव्य झांकी, भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान जी के सजीव स्वरूप, शंकर-पार्वती, राधा-कृष्ण, मां काली, गोविंदेश्वर महादेव, डमरू दल और न्यू लाइफ इवेंट प्लानर के कलाकारों की प्रस्तुतियां शोभायात्रा का विशेष आकर्षण होंगी। शोभायात्रा के अंत में शहनाई वादन के बीच फूलों से सुसज्जित रथ पर बाबा काल भैरव की स्वर्ण-रजत प्रतिमा विराजमान रहेगी, जहां पूरे मार्ग में श्रद्धालु पुष्पवर्षा, आरती और प्रसाद वितरण के साथ बाबा का स्वागत करेंगे।


कमेटी के महामंत्री राजू वर्मा (बिछिया वाले) ने बताया कि शोभायात्रा चौखम्भा से बीबी हटिया, जतनबर, विशेश्वरगंज, महामृत्युंजय, दारानगर, मैदागिन, बुलानाला, चौक, नारियल बाजार, गोविंदपुरा, ठठेरी बाजार, सोराकुआं, गोलघर और भुतही इमली होते हुए भैरोनाथ चौराहे पहुंचेगी। इसके बाद बाबा काल भैरव मंदिर में स्वर्ण-रजत प्रतिमा की पुनः प्रतिष्ठापना, भव्य श्रृंगार एवं विधिवत पूजा-अर्चना होगी तथा रात्रि शयन आरती तक दर्शन का क्रम जारी रहेगा।


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सायंकाल पंडित जयकृष्ण दीक्षित के आचार्यत्व में बसंत पूजा संपन्न होगी। इस अवसर पर परंपरागत 'काशी के कोतवाल' स्मारिका का भी प्रकाशन किया गया है, जिसके संपादक रविशंकर सिंह, सह-संपादक कमल कुमार सिंह एवं संदीप सेठ हैं। शोभायात्रा मंत्री जनार्दन वर्मा "प्रधान" ने बताया कि शोभायात्रा के सुचारु संचालन के लिए विशेष टीम गठित की गई है तथा नागरिक सुरक्षा कोतवाली प्रखंड के पोस्ट वार्डेन धर्मेंद्र गौतम व उनकी टीम भी सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करेगी।


मंदिर परिसर, गर्भगृह और पूरे मार्ग को फूलों व झालरों से सजाया जाएगा तथा स्वागत के लिए तोरणद्वार बनाए जाएंगे। नगर आयुक्त को मार्गों की मरम्मत एवं स्वच्छता के लिए पत्र भी सौंपा गया है। स्वर्णकार क्षत्रिय कमेटी ने सभी श्रद्धालुओं एवं स्वर्ण व्यवसायियों से अपील की है कि 16 जुलाई को अपनी प्रतिष्ठान निर्धारित समय तक बंद रखकर बाबा काल भैरव की शोभायात्रा और श्रृंगार दर्शन में शामिल होकर पुण्य लाभ प्राप्त करें। पत्रकार वार्ता में कमेटी के पदाधिकारी एवं वरिष्ठ सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

नशामुक्त भारत के संदेश के साथ BHU में निकली ‘संडे ऑन साइकिल’ रैली.
नशामुक्त भारत के संदेश के साथ BHU में निकली ‘संडे ऑन साइकिल’ रैली.
वाराणसी: नशामुक्त भारत अभियान के तहत रविवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में ‘संडे ऑन साइकिल’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के जरिए युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने और नशामुक्त भारत का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।मालवीय भवन प्रांगण से कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने हरी झंडी दिखाकर साइकिल रैली को रवाना किया। इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलसचिव राजन श्रीवास्तव, वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक, NSS स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।कार्यक्रम के दौरान कुलपति ने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा न केवल स्वयं नशे से बचें, बल्कि अपने आसपास के लोगों और समाज को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।also read: विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलकसाइकिल रैली में शामिल प्रतिभागियों ने नशामुक्त भारत का संदेश लोगों तक पहुंचाया और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। रैली के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।कार्यक्रम का समन्वयन काशी हिंदू विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम समन्वयक डॉ. स्वप्ना मीना ने किया। आयोजन में विश्वविद्यालय परिवार के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की भागीदारी रही।
विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलक
विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलक
वाराणसी: विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में आदिवासी परिवार, बरेका के तत्वावधान में भव्य शोभायात्रा और सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया गया। आयोजन में आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक एकता की आकर्षक झलक देखने को मिली।शाम चार बजे बरेका सेंट जॉन स्कूल, गेट संख्या-2 से शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा कुंदन तिराहा और सूर्य सरोवर मार्ग होते हुए इंटर कॉलेज चौराहे पहुंची। यहां भगवान गौतम बुद्ध, जननायक बिरसा मुंडा और भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद शोभायात्रा पश्चिमी संस्थान, जलालीपट्टी पहुंचकर संपन्न हुई।शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा और बच्चे पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में शामिल हुए। रंग-बिरंगे परिधानों के साथ पारंपरिक गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्साह और उल्लास से भर दिया। रास्ते में स्थानीय लोगों ने भी शोभायात्रा का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।पश्चिमी संस्थान, जलालीपट्टी में आयोजित सांस्कृतिक समारोह में आदिवासी समाज की विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। वक्ताओं ने आदिवासी समुदाय की समृद्ध परंपराओं और प्रकृति के साथ उनके गहरे जुड़ाव को रेखांकित किया। उन्होंने सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत पर भी जोर दिया।also read: श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपीलकार्यक्रम के दौरान सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का संदेश दिया गया। आयोजन में बरेका के अधिकारी, कर्मचारी, उनके परिजन, आदिवासी महिला समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।इस अवसर पर सहायक कार्मिक अधिकारी (कर्मशाला) पीयूष मिंज, जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रमोद लकड़ा, पूर्व संयुक्त सचिव बरेका अमर सिंह, कालू मांझी सहित आदिवासी परिवार बरेका के सुदर्शन उरांव, दिलीप तिर्की, सुचित कुजूर, अजय कुमार तिर्की, संजीवन तिर्की और अजय तिग्गा मौजूद रहे। वहीं आदिवासी महिला समिति की सपना टोप्पो, तारा मैरी मिंज, प्रेमा लिली टोप्पो, अनुपमा और बंदना बारला सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपील
श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपील
वाराणसी: श्रावण माह में रोहनिया क्षेत्र स्थित भास्करा पोखरा में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की अनहोनी से बचाने के लिए पुलिस की ओर से लगातार जागरूक किया जा रहा है।एसीपी रोहनिया अवधेश विश्वकर्मा ने भास्करा पोखरा पहुंचने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि वे निर्धारित और सुरक्षित स्थान पर ही स्नान करें। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु किसी भी स्थिति में गहरे पानी में न जाएं और सुरक्षा मानकों की अनदेखी न करें।also read: आँसुओं, आक्रोश के बाद खुले आसमान के नीचे दालमंडीएसीपी ने खासतौर पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों को अकेले पानी के पास न जाने दें और स्नान के दौरान उन पर लगातार नजर बनाए रखें। थोड़ी सी लापरवाही गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।पुलिस प्रशासन की ओर से श्रावण माह के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे पुलिस के निर्देशों का पालन करें और धार्मिक आस्था के साथ अपनी सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखें। अधिकारियों का कहना है कि सामूहिक सहयोग और सतर्कता से ही श्रावण माह के आयोजनों को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सकता है।