श्रद्धा और भक्ति के रंग में सजेगी काशी, 16 जुलाई को निकलेगी बाबा काल भैरव की शोभायात्रा

वाराणसी: काशी के कोतवाल बाबा श्री काल भैरव की वर्ष 1954 से चली आ रही परंपरागत स्वर्ण-रजत प्रतिमा की भव्य शोभायात्रा 16 जुलाई 2026, गुरुवार को सुबह 7 बजे चौखम्भा स्थित काठ की हवेली से निकाली जाएगी। इसकी जानकारी स्वर्णकार क्षत्रिय कमेटी, वाराणसी के अध्यक्ष घनश्याम सेठ "बच्चा" ने पराड़कर स्मृति भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी।
उन्होंने बताया कि शोभायात्रा में सबसे आगे पुलिस घुड़सवार दस्ता रहेगा, जिसके पीछे ढोल-ताशा, स्वर्णकार क्षत्रिय कमेटी का बैनर, संस्थापक स्व. किशुन सेठ एवं स्व. भीखू सिंह की सुसज्जित तस्वीरें तथा भजन प्रस्तुत करती बैंड पार्टी शामिल होगी। इस वर्ष मां वैष्णो देवी की भव्य झांकी, भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान जी के सजीव स्वरूप, शंकर-पार्वती, राधा-कृष्ण, मां काली, गोविंदेश्वर महादेव, डमरू दल और न्यू लाइफ इवेंट प्लानर के कलाकारों की प्रस्तुतियां शोभायात्रा का विशेष आकर्षण होंगी। शोभायात्रा के अंत में शहनाई वादन के बीच फूलों से सुसज्जित रथ पर बाबा काल भैरव की स्वर्ण-रजत प्रतिमा विराजमान रहेगी, जहां पूरे मार्ग में श्रद्धालु पुष्पवर्षा, आरती और प्रसाद वितरण के साथ बाबा का स्वागत करेंगे।
कमेटी के महामंत्री राजू वर्मा (बिछिया वाले) ने बताया कि शोभायात्रा चौखम्भा से बीबी हटिया, जतनबर, विशेश्वरगंज, महामृत्युंजय, दारानगर, मैदागिन, बुलानाला, चौक, नारियल बाजार, गोविंदपुरा, ठठेरी बाजार, सोराकुआं, गोलघर और भुतही इमली होते हुए भैरोनाथ चौराहे पहुंचेगी। इसके बाद बाबा काल भैरव मंदिर में स्वर्ण-रजत प्रतिमा की पुनः प्रतिष्ठापना, भव्य श्रृंगार एवं विधिवत पूजा-अर्चना होगी तथा रात्रि शयन आरती तक दर्शन का क्रम जारी रहेगा।
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सायंकाल पंडित जयकृष्ण दीक्षित के आचार्यत्व में बसंत पूजा संपन्न होगी। इस अवसर पर परंपरागत 'काशी के कोतवाल' स्मारिका का भी प्रकाशन किया गया है, जिसके संपादक रविशंकर सिंह, सह-संपादक कमल कुमार सिंह एवं संदीप सेठ हैं। शोभायात्रा मंत्री जनार्दन वर्मा "प्रधान" ने बताया कि शोभायात्रा के सुचारु संचालन के लिए विशेष टीम गठित की गई है तथा नागरिक सुरक्षा कोतवाली प्रखंड के पोस्ट वार्डेन धर्मेंद्र गौतम व उनकी टीम भी सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करेगी।
मंदिर परिसर, गर्भगृह और पूरे मार्ग को फूलों व झालरों से सजाया जाएगा तथा स्वागत के लिए तोरणद्वार बनाए जाएंगे। नगर आयुक्त को मार्गों की मरम्मत एवं स्वच्छता के लिए पत्र भी सौंपा गया है। स्वर्णकार क्षत्रिय कमेटी ने सभी श्रद्धालुओं एवं स्वर्ण व्यवसायियों से अपील की है कि 16 जुलाई को अपनी प्रतिष्ठान निर्धारित समय तक बंद रखकर बाबा काल भैरव की शोभायात्रा और श्रृंगार दर्शन में शामिल होकर पुण्य लाभ प्राप्त करें। पत्रकार वार्ता में कमेटी के पदाधिकारी एवं वरिष्ठ सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।



