काशी विद्यापीठ : ई गवर्नेंस से भ्रष्टाचार में होगी कमी, व्याख्यान में बोले विद्वान

वाराणसी : मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र, शिक्षाशास्त्र विभाग, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ एवं जिला शिक्षा व प्रशिक्षण संस्थान, वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित आठ दिवसीय ऑनलाइन राष्ट्रीय शिक्षा नीति उन्मुखीकरण एवं जागरूकता कार्यक्रम के तीसरे दिन बुधवार को एकेडमिक लीडरशिप एवं ई-गवर्नेंस तथा भारतीय ज्ञान प्रणाली पर व्याख्यान हुआ. प्रथम सत्र प्रो. पी.पी. सिंह ने कहा कि ई गवर्नेंस सरकारी नियमों, संसाधनों, सुविधाओं, नीतियों को ससमय प्रत्येक व्यक्ति तक पारदर्शी ढंग से पहुंचाना व लागू करना है. इससे भ्रष्टाचार में कमी होती है और पर्यावरण संरक्षण भी होता है. उन्होंने कहा कि एकेडमिक लीडरशिप के लिए कई लीडरशिप प्रोग्राम संचालित है.
दूसरे सत्र में प्रो. अमित जायसवाल, देव सुमन विश्वविद्यालय गोपेश्वर, उत्तराखंड ने भारतीय ज्ञान प्रणाली पर व्याख्यान दिया. उन्होंने बताया कि आत्मानुशासन हमें उन्नति की ओर ले जाता है. भारतीय ज्ञान प्रणाली हमें संवेदनशील बनाता है और चरित्र निर्माण की ओर ले जाता है.स्वागत करते हुए केंद्र निदेशक प्रो. सुरेंद्र राम ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का लक्ष्य भारतीय शिक्षा व्यवस्था को भारतीय विरासत एवं मूल्यों की ओर उन्मुख करना है परन्तु हमें आधुनिक ज्ञान विज्ञान को भी आत्मसात करना है. संचालन प्रो. रमाकांत सिंह, तकनीकी सहयोग विनय सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. लालधारी यादव ने किया.
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एम.ए. गांधी विचार की परीक्षा 13 जनवरी से
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में एम.ए. गांधी विचार तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा 13 से 21 जनवरी तक आयोजित है,उक्त परीक्षा अपराह्न 02 बजे से 04 बजे तक होगी.



