काशी विद्यापीठ में 'शैक्षणिक प्रवास' पत्रिका का लोकार्पण, 'विद्या का आनन्द विद्यापीठ' डॉक्यूमेंट्री का हुआ प्रदर्शन.

वाराणसी: महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में रविवार को शैक्षणिक और रचनात्मक उपलब्धियों का विशेष आयोजन हुआ। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने महामना मदन मोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान के निदेशक एवं पत्रकारिता एवं जनसंचार विभागाध्यक्ष डॉ. नागेन्द्र कुमार सिंह द्वारा सम्पादित 'शैक्षणिक प्रवास' पत्रिका का लोकार्पण किया. इसके साथ ही उनके निर्देशन में निर्मित 'विद्या का आनन्द विद्यापीठ' डॉक्यूमेंट्री का प्रथम प्रदर्शन भी किया गया.
डॉ. भगवान दास केंद्रीय पुस्तकालय के समिति कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में कुलपति प्रो. त्यागी ने पत्रिका और डॉक्यूमेंट्री से जुड़े सभी सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि ये दोनों कृतियां विश्वविद्यालय के अन्य विभागों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेंगी. उन्होंने कहा कि 'शैक्षणिक प्रवास' केवल एक पत्रिका नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की जिज्ञासा, अनुभव और सीख का सजीव दस्तावेज है. वहीं 'विद्या का आनन्द विद्यापीठ' डॉक्यूमेंट्री विश्वविद्यालय की गौरवशाली विरासत, राष्ट्रीय आंदोलन से जुड़े इतिहास और राष्ट्र निर्माण में उसकी भूमिका को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करती है.
पत्रिका के सम्पादक डॉ. नागेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि इसमें महामना मदन मोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान, पर्यटन अध्ययन संस्थान, मनोविज्ञान विभाग तथा समाज कार्य विभाग के विद्यार्थियों के शैक्षणिक भ्रमण, अध्ययन यात्राओं और व्यावहारिक अनुभवों को संकलित किया गया है. उन्होंने कहा कि जब विद्यार्थी मीडिया संस्थानों, संसद, न्यायालय, ऐतिहासिक स्थलों और समाज के बीच जाकर सीखते हैं, तब कक्षा की शिक्षा वास्तविक जीवन के अनुभव में बदल जाती है.
कार्यक्रम में बताया गया कि डॉक्यूमेंट्री के लेखक डॉ. नागेन्द्र पाठक, डॉ. शिवजी सिंह और डॉ. अजय वर्मा हैं, जबकि वॉयस ओवर अनिरुद्ध पाण्डेय ने दिया है. इसमें पुलकित जायसवाल और समर प्रताप सिंह का भी सहयोग रहा.
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कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रभा शंकर मिश्र ने किया. इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. सुनीता पाण्डेय, कुलानुशासक प्रो. के.के. सिंह, परीक्षा नियंत्रक दीप्ति मिश्रा, डॉ. श्रीराम त्रिपाठी, डॉ. वैष्णवी शुक्ला, डॉ. चन्द्रशील पाण्डेय सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी उपस्थित रहे.



