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काशी के होमस्टे को म‍िली डिजिटल उड़ान, पर्यटकों तक पहुंच बनाने का मिला मंत्र

काशी के होमस्टे को म‍िली डिजिटल उड़ान, पर्यटकों तक पहुंच बनाने का मिला मंत्र
Aug 22, 2026, 11:40 AM
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Posted By gagan arora

वाराणसी : हाल के वर्षों में, वाराणसी देश में एक सशक्त एवं विशिष्ट पर्यटन गंतव्य के रूप में उभरा है और जिसमें वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित होने की अपार संभावनाएँ हैं. इसकी आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत, जीवंत परंपराएँ, प्रतिष्ठित स्मारक, घाट, समृद्ध खान-पान की परंपरा तथा विविध अनुभवात्मक पर्यटन इसकी विशिष्ट पहचान हैं. इसी क्रम में पर्यटन मंत्रालय द्वारा शनिवार को होटल क्लार्क्स में होमस्टे, बेड एंड ब्रेकफास्ट संचालकों तथा पर्यटन व्यवसाय से जुड़े अन्य हितधारकों के लिए एक कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला के दौरान मेक माय ट्रिप, अगोडा, इक्सिगो, एयर वी एन वी एवं ईज़ माय ट्रिप महित प्रमुख ऑनलाइन ट्रैवल एग्रीगेटर्स (OTAS) ने प्रस्तुतियाँ दीं.


इस दौरान परिचालन प्रबंधन, अतिथि सत्कार, ग्राहक सेवा, स्वच्छता एवं सुरक्षा मानकों, ऑनलाइन समीक्षाओं के प्रबंधन तथा सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्रचार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी एवं व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया गया. कार्यशाला का उद्देश्य स्थानीय पर्यटन उद्यमों में व्यावसायिकता एवं सेवा मानकों को सुदृढ़ करना तथा गंतव्य पर पर्यटकों को बेहतर गुणवत्ता की सेवाएँ एवं समग्र रूप से बेहतर अनुभव प्रदान करना था. इस अवसर पर पर्यटन मंत्रालय के सचिव भुवनेश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री ने प्रत्येक राज्य में कम से कम एक वैश्विक स्तर के प्रतिस्पर्धी पर्यटन गंतव्य के विकास पर बल दिया है. इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए पर्यटक यात्रा के प्रत्येक पहलू–बुनियादी ढाँचे एवं पर्यटक सुविधाओं की गुणवत्ता से लेकर आतिथ्य सेवा वितरण, डिजिटल सहभागिता, सुरक्षा तथा समग्र पर्यटक अनुभव को ध्यान में रखते हुए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है.


उन्होंने कहा कि वाराणसी देश के सबसे महत्वपूर्ण पर्यटन गंतव्यों में से एक है, जहाँ बड़ी संख्या में घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटक आते हैं और इसमें वैश्विक स्तर के पर्यटन गंतव्य के रूप में विकमित होने की अपार क्षमता है. उन्होंने कहा कि स्थानीय पर्यटन के महत्व को ध्यान में रखते हुए पर्यटन मंत्रालय द्वारा वाराणसी में इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है, जिसका उद्देश्य स्थानीय पर्यटन उद्यमियों एवं सेवा प्रदाताओं के कौशल, ज्ञान तथा व्यावसायिक क्षमताओं को बढ़ाना है. उन्होंने जोर दिया कि इस प्रकार की क्षमता निर्माण संबंधी पहल पर्यटन उद्यमों को अधिक व्यावसायिक कार्यप्रणालियाँ अपनाने, सेवा मानकों में सुधार करने, डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग करने तथा पर्यटकों की बदलती आवश्यकताओं एवं अपेक्षाओं के अनुरूप स्वयं को ढालने में सक्षम बनाएगी.



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कार्यशाला में प्रतिभागियों ने पर्यटन मंत्रालय की इस पहल का स्वागत किया और कहा कि इस प्रकार की व्यावहारिक एवं उद्योग केंद्रित पहल पर्यटन उद्यमियों को उपयोगी ज्ञान, कौशल एवं अनुभव प्रदान करती हैं. इससे उन्हें अधिक पेशेवर कार्यप्रणालियाँ अपनाने तथा पर्यटकों को प्रदान की जाने वाली मेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करने में सहायता मिलेगी. इससे पूर्व कार्यशाला का दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत् शुभारम्भ किया गया. कार्यशाला में मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल सहित अन्य अधिकारी और वीज़ा, इंडस इंड बैंक, मेक माय ट्रिप, अगोडा, ऐक्सीगो और कोका कोला जैसी कंपनियों/संस्थाओं व इंडियन टूरिज्म एसोसिएशन के प्रतिनिधि प्रमुख रूप से मौजूद रहे.

वाराणसी में 11 वर्षीय बालिका से छेड़छाड़ का आरोप, सेना के कर्मचारी पर केस,मासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ मुकदमा ...
वाराणसी में 11 वर्षीय बालिका से छेड़छाड़ का आरोप, सेना के कर्मचारी पर केस,मासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ मुकदमा ...
वाराणसीःमासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ कैंट थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है. इस मामले में कैंट थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है. जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसके मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी.परिजनों ने पुलिस को बताया कि 11 साल की बच्ची दूध लेने के लिए घर से बाहर गई थी. इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले सेना के हवालदार ने उसे अपने कमरे में बुलाया. कमरे के अंदर उसने बच्ची के साथ गलत हरकत शुरू कर दिया. घटना के बाद बच्ची वहां से अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरी बात बताई. बच्ची की बात सुनकर परिवार के लोग परेशान हो गए.उन्होंने मामले की जानकारी कैंट थाना पुलिस को दी और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा दर्ज किया. पुलिस अब घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है. बच्ची और उसके परिजनों से भी जानकारी ली जा रही है.ALSO READ:ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्रसाथ ही पुलिस आरोपों की पुष्टि के लिए जरूरी साक्ष्य जुटा रही है. जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण पुलिस और परिवार की ओर से बच्ची की पहचान को सार्वजनिक नहीं किया गया है.आरोपी के खिलाफ केस दर्ज हो चुका है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बनारस में नदी में होगी जलयानों की मरम्मत....
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वाराणसीः इनलैंड वाटरवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया ने रामनगर में बंदरगाह के उत्तरी छोर पर चार बीघा क्षेत्र में बनने वाले शिप रिपेयरिंग सेन्टर की शुरुआत की है. इसके साथ ही वाराणसी देश का पहला शहर होगा जहां नदी में जलयानों की मरम्मयत की जाएगी.कार्यदायी संस्था लार्सन एन्ड टुब्रो जिओ स्ट्रक्चर के कर्मचारियों ने प्राथमिक कार्य शुरू कर दिया है. यहां जहाजों को रिपेयर करने के लिए उत्त्तरी छोर पर एक वाटर चैनल बनाया जाएगा जहा जहाज नदी की मुख्य धारा से अंदर चैनल में रिपेयर होने के लिए आएंगे.कार्यदायी संस्था फिलहाल रिपेयर फैसिलिटी के प्लेटफार्म को बनाने का काम कर रही है उनके मुख्य अभियंता रमेश जोशी ने बताया कि प्रोजेक्ट को दो साल में पूरा करना है. बताया कि बारिश खत्म होने का इंतजार कर रहे थे लेकिन प्रोजेक्ट को जल्दी खत्म करने के लिए जल्दी ही काम शुरू करना पड़ा.ALSO READ: ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्रइस बाबत उन्होंने बताया कि देश मे किसी भी नदी पर बनने वाला यह पहला शिप रिपेयरिंग सेंटर है. यहां कुछ जहाजों को क्रेन के माध्यम से ड्राई डाक सूखी सतह पर लाकर रिपेयर करने की सुविधा होगी। इसके साथ ही जहाज में पानी की सतह से ऊपर की खराबी को नदी में ही ठीक कर दिया जाएगा.बताया रि देश मे अभी तक शिप रिपेयरिंग सेन्टर समुद्रों के किनारे ही बनाये जाते है देश मे किसी नदी के ऊपर पहली बार शिप रिपेयरिंग सेन्टर बन रहा है. पहले जहाजों को रिपेयरिंग के लिए कोलकाता जाना होता था जो अब बनारस में भी संभव है.
ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्र
ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्र
वाराणसी। बालू परिवहन में ओवरलोडिंग और बिना आवश्यक वैध दस्तावेजों के वाहनों के संचालन को लेकर बनारस ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने प्रशासन और खनन विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अंशुमान सिंह ने संबंधित अधिकारियों को पत्र सौंपकर ओवरलोड एवं बिना आवश्यक आईएसटीपी/वैध कागजात के बालू परिवहन करने वाले वाहनों के खिलाफ तत्काल अभियान चलाने की मांग की।एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि कुछ समय पहले प्रशासन की ओर से ओवरलोड वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया था। इस दौरान विभिन्न थाना क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ओवरलोड वाहनों को पकड़ा गया और कार्रवाई की गई। अभियान का असर यह रहा कि कुछ समय तक ओवरलोड बालू वाहनों का संचालन काफी हद तक नियंत्रित रहा, लेकिन कार्रवाई की गति धीमी पड़ने के बाद एक बार फिर ऐसे वाहनों के संचालन की शिकायतें सामने आने लगी हैं।ओवरलोडिंग से वैध ट्रक ऑपरेटरों को नुकसानएसोसिएशन के संरक्षक विजय सिंह ने कहा कि ओवरलोडिंग का सीधा असर निर्धारित क्षमता के अनुसार वाहन चलाने वाले ट्रक मालिकों पर पड़ रहा है। वैध तरीके से क्षमता के अनुरूप बालू परिवहन करने वाले वाहन संचालकों की लागत अधिक आती है, जबकि ओवरलोड वाहन कम लागत में अधिक माल पहुंचाकर अनुचित प्रतिस्पर्धा पैदा करते हैं। इससे नियमों का पालन करने वाले ट्रक ऑपरेटरों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति बन रही है।एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की कि पूर्व की तरह नियमित और प्रभावी अभियान चलाया जाए तथा बालू लदे प्रत्येक वाहन के भार और दस्तावेजों की जांच सुनिश्चित की जाए।सड़क क्षति और राजस्व नुकसान की भी जताई आशंकाट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने कहा कि ओवरलोडिंग का असर केवल परिवहन कारोबार तक सीमित नहीं है। क्षमता से अधिक भार लेकर चलने वाले भारी वाहनों से सड़कों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे सड़कें समय से पहले क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। वहीं, नियमों का उल्लंघन होने की स्थिति में सरकारी राजस्व को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।बैठक के दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों और बालू मंडी से जुड़े व्यापारियों ने ओवरलोडिंग के मुद्दे पर चर्चा की। इसके बाद प्रशासन और खनन विभाग से प्रभावी कार्रवाई के लिए पत्र सौंपने का निर्णय लिया गया।ALSO READ: BHU में शुरू हुआ रविवासरीय गीता प्रवचन, कुलसचिव बोले- विद्यार्थियों में भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ाव जरूरीमिलीभगत के आरोपों की जांच की मांगएसोसिएशन से जुड़े कुछ ऑपरेटरों ने ओवरलोड वाहनों को कथित रूप से पास कराने में बालू माफिया और जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप भी लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। एसोसिएशन ने प्रशासन से इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि आरोप गलत पाए जाएं तो स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन या मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।इस दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष अंशुमान सिंह, संरक्षक विजय सिंह, उपाध्यक्ष कुंवर सिंह, राकेश सिंह, नीतेश सिंह, महामंत्री आनंद भूषण सिंह, उपमहामंत्री शुभांशु सिंह, मंत्री मुकुंद सिंह, धर्मेंद्र यादव, जितेंद्र सिंह, मीडिया प्रभारी अजित कुमार शर्मा, कोषाध्यक्ष अनुराग सिंह (गुड्डू सिंह), सचिव दीपू यादव समेत अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।