कथित सरकारी दमन के खिलाफ सपा का हल्लाबोल, जिला मुख्यालय पर सौंपा ज्ञापन...

वाराणसी : अघोषित प्रेस सेंसरशिप और लोकतांत्रिक अधिकारों के कथित दमन के विरोध में समाजवादी पार्टी के नेता जीशान अंसारी के नेतृत्व में शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया गया. इस दौरान जिलाधिकारी के माध्यम से भारत सरकार को एक प्रेस सेंसरशिप की प्रतीकात्मक ट्रॉफी सौंपकर केंद्र सरकार के रवैये के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया.
सपा नेता जीशान अंसारी ने आरोप लगाया कि दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान मीडिय कर्मियों की गिरफ्तारी की खबरें बेहद चिंताजनक हैं. लोकतंत्र में पत्रकारों का काम सत्ता से सवाल पूछना, जनता की समस्याओं को सामने लाना और सरकार को जवाबदेह बनाना है, लेकिन जब सवाल पूछने वालों को ही कार्रवाई का सामना करना पड़े, तो यह व्यवस्था की पारदर्शिता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल खड़े करता है.
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार डरी हुई है और अघोषित प्रेस सेंसरशिप के जरिए मीडिया की आवाज कमजोर करने की कोशिश लोकतंत्र की बुनियाद को नुकसान पहुंचा सकती है. सपा नेता शुभम सेठ ने कहा, “जिस सरकार को अपनी नीतियों पर भरोसा होता है, वह सवालों से नहीं डरती, बल्कि उनका जवाब देती है. सत्ता की मनमानी को लोकतंत्र के नाम पर स्वीकार नहीं किया जा सकता.
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समाजवादी अधिवक्ता सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ आलोक सौरभ पाण्डेय ने निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता को लेकर उठ रहे सवालों पर भी पारदर्शी जवाब देने की मांग की. कार्यक्रम का संयोजन सपा नेता पुनीत मौर्य ने किया, कार्यक्रम में मुख्यरूप से अमरेंद्र पांडेय, अभिषेक झा, शिवेंद्र राय, सिद्धार्थ सोनकर, इमरान खुर्शीद, विक्की गुप्ता, जीशान अंसारी, इमरान रज़ा, आरिफ खान, धीरू चौबे, फहद सिद्दीकी, प्रीतम यादव आदि उपस्थित रहे.



