खेती से समृद्धि तक: इस नीति से बदल रही वाराणसी के विकास की तस्वीर, वीडीए की पहल

From farming to prosperity: This policy is changing the face of Varanasi's development, an initiative of VDA
वाराणसी: विकास प्राधिकरण (VDA) द्वारा आनंद काशी (कल्लीपुर), रुद्र विहार (मढ़नी) एवं स्पोर्ट्स सिटी (गंजारी) जैसी महत्वाकांक्षी टाउनशिप परियोजनाओं के विकास के लिए भूमि पूलिंग नीति को अपनाया गया है. यह नीति किसानों को विकास प्रक्रिया का सहभागी बनाकर शहर के सुनियोजित विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है. भूमि पूलिंग नीति के अंतर्गत 10 एकड़ से कम भूमि देने वाले किसानों को विकसित भूमि का 30 प्रतिशत तथा 10 एकड़ से अधिक भूमि देने वाले किसानों को विकसित भूमि का 50 प्रतिशत वापस किया जाता है.

नीति को लेकर कुछ संकोच
प्रारंभिक चरण में किसानों में इस नीति को लेकर कुछ संकोच था, लेकिन समय के साथ इसके लाभ समझने के बाद अब बड़ी संख्या में किसान इससे जुड़ रहे हैं. यह नीति भूमि अधिग्रहण के बजाय किसानों को विकास का भागीदार बनाती है, जिससे सरकार और किसानों दोनों के लिए “विन-विन” स्थिति बनती है. सबसे बड़ा लाभ यह है कि किसानों की भूमि का भू-उपयोग स्वतः कृषि से आवासीय में परिवर्तित हो जाता है, जिससे उनकी भूमि का मूल्य कई गुना बढ़ जाता है. विकसित भूखंड की कीमत मूल कृषि भूमि की तुलना में कहीं अधिक हो जाती है.
भूमि पूलिंग नीति के माध्यम से भूमि अधिग्रहण संबंधी विवादों में कमी आएगी तथा किसानों को उनकी भूमि का दीर्घकालिक और अधिक लाभकारी मूल्य प्राप्त होगा. विकसित क्षेत्रों में सड़क, जल निकासी, विद्युत, पार्क एवं अन्य आधुनिक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित होगा. यह मॉडल किसानों को केवल मुआवजा प्राप्तकर्ता नहीं, बल्कि शहर के विकास का भागीदार बनाता है. इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार, व्यापार एवं निवेश के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे. वीडीए द्वारा अपनाई गई यह नीति वाराणसी के सुनियोजित, आधुनिक एवं सतत शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.

65 किसानों ने की भूमि पूलिंग
अब तक विकास प्राधिकरण के साथ लगभग 65 किसानों द्वारा 45 एकड़ भूमि की पूलिंग की जा चुकी है, जो एक सकारात्मक संकेत है. लगातार अधिक किसान भूमि पूलिंग के लिए आगे आ रहे हैं. भूमि पूलिंग के अंतर्गत वीडीए किसानों के साथ पंजीकृत समझौता करता है, जिसके आधार पर आवश्यक आधारभूत संरचना विकसित करने एवं भू-उपयोग परिवर्तन के बाद विकसित भूमि किसानों को वापस की जाती है. कल्लीपुर स्थित आनंद काशी परियोजना में अब तक 32 किसानों द्वारा लगभग 27 एकड़ भूमि की पूलिंग की जा चुकी है. वहीं मढ़नी स्थित रुद्र विहार टाउनशिप में लगभग 33 किसानों द्वारा 18 एकड़ भूमि की पूलिंग की गई है.
10 एकड़ से अधिक देने वाले सम्मानित
कल्लीपुर में सबसे बड़ा भूमि पूलिंग योगदान श्री प्रतीक जैन द्वारा किया गया है, जिन्होंने 10 एकड़ से अधिक भूमि पूलिंग के अंतर्गत दी है. इस सराहनीय पहल के लिए वाराणसी के मंडलायुक्त एस. राजालिंगम द्वारा, वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा की उपस्थिति में, प्रतीक जैन को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया. अब तक वीडीए द्वारा कल्लीपुर क्षेत्र में लगभग संपूर्ण भूमि क्रय प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है तथा मढ़नी क्षेत्र में भी अधिकांश भूमि का क्रय कार्य पूरा किया जा चुका है.
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कुल मिलाकर 300 एकड़ से अधिक भूमि परियोजनाओं हेतु सुनिश्चित की जा चुकी है. वर्तमान में परियोजनाओं के लिए रेरा पंजीकरण की प्रक्रिया चल रही है. रेरा पंजीकरण पूर्ण होते ही इन टाउनशिप परियोजनाओं को आम जनता के लिए खोला जाएगा. उम्मीद है कि आगामी 6-8 महीनों में आवश्यक आधारभूत संरचना विकास कार्य पूर्ण कर किसानों को विकसित भूमि वापस कर दी जाएगी.



