Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

खेती से समृद्धि तक: इस नीति से बदल रही वाराणसी के विकास की तस्वीर, वीडीए की पहल

खेती से समृद्धि तक: इस नीति से बदल रही वाराणसी के विकास की तस्वीर, वीडीए की पहल
May 25, 2026, 12:34 PM
|
Posted By Preeti Kumari

From farming to prosperity: This policy is changing the face of Varanasi's development, an initiative of VDA


वाराणसी: विकास प्राधिकरण (VDA) द्वारा आनंद काशी (कल्लीपुर), रुद्र विहार (मढ़नी) एवं स्पोर्ट्स सिटी (गंजारी) जैसी महत्वाकांक्षी टाउनशिप परियोजनाओं के विकास के लिए भूमि पूलिंग नीति को अपनाया गया है. यह नीति किसानों को विकास प्रक्रिया का सहभागी बनाकर शहर के सुनियोजित विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है. भूमि पूलिंग नीति के अंतर्गत 10 एकड़ से कम भूमि देने वाले किसानों को विकसित भूमि का 30 प्रतिशत तथा 10 एकड़ से अधिक भूमि देने वाले किसानों को विकसित भूमि का 50 प्रतिशत वापस किया जाता है.


hj


नीति को लेकर कुछ संकोच


प्रारंभिक चरण में किसानों में इस नीति को लेकर कुछ संकोच था, लेकिन समय के साथ इसके लाभ समझने के बाद अब बड़ी संख्या में किसान इससे जुड़ रहे हैं. यह नीति भूमि अधिग्रहण के बजाय किसानों को विकास का भागीदार बनाती है, जिससे सरकार और किसानों दोनों के लिए “विन-विन” स्थिति बनती है. सबसे बड़ा लाभ यह है कि किसानों की भूमि का भू-उपयोग स्वतः कृषि से आवासीय में परिवर्तित हो जाता है, जिससे उनकी भूमि का मूल्य कई गुना बढ़ जाता है. विकसित भूखंड की कीमत मूल कृषि भूमि की तुलना में कहीं अधिक हो जाती है.


भूमि पूलिंग नीति के माध्यम से भूमि अधिग्रहण संबंधी विवादों में कमी आएगी तथा किसानों को उनकी भूमि का दीर्घकालिक और अधिक लाभकारी मूल्य प्राप्त होगा. विकसित क्षेत्रों में सड़क, जल निकासी, विद्युत, पार्क एवं अन्य आधुनिक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित होगा. यह मॉडल किसानों को केवल मुआवजा प्राप्तकर्ता नहीं, बल्कि शहर के विकास का भागीदार बनाता है. इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार, व्यापार एवं निवेश के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे. वीडीए द्वारा अपनाई गई यह नीति वाराणसी के सुनियोजित, आधुनिक एवं सतत शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.


h


65 किसानों ने की भूमि पूलिंग


अब तक विकास प्राधिकरण के साथ लगभग 65 किसानों द्वारा 45 एकड़ भूमि की पूलिंग की जा चुकी है, जो एक सकारात्मक संकेत है. लगातार अधिक किसान भूमि पूलिंग के लिए आगे आ रहे हैं. भूमि पूलिंग के अंतर्गत वीडीए किसानों के साथ पंजीकृत समझौता करता है, जिसके आधार पर आवश्यक आधारभूत संरचना विकसित करने एवं भू-उपयोग परिवर्तन के बाद विकसित भूमि किसानों को वापस की जाती है. कल्लीपुर स्थित आनंद काशी परियोजना में अब तक 32 किसानों द्वारा लगभग 27 एकड़ भूमि की पूलिंग की जा चुकी है. वहीं मढ़नी स्थित रुद्र विहार टाउनशिप में लगभग 33 किसानों द्वारा 18 एकड़ भूमि की पूलिंग की गई है.


10 एकड़ से अधिक देने वाले सम्‍मानित


कल्लीपुर में सबसे बड़ा भूमि पूलिंग योगदान श्री प्रतीक जैन द्वारा किया गया है, जिन्होंने 10 एकड़ से अधिक भूमि पूलिंग के अंतर्गत दी है. इस सराहनीय पहल के लिए वाराणसी के मंडलायुक्त एस. राजालिंगम द्वारा, वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा की उपस्थिति में, प्रतीक जैन को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया. अब तक वीडीए द्वारा कल्लीपुर क्षेत्र में लगभग संपूर्ण भूमि क्रय प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है तथा मढ़नी क्षेत्र में भी अधिकांश भूमि का क्रय कार्य पूरा किया जा चुका है.


Also Read: बीमार पत्‍नी की BHU अस्‍पताल में मौत, पति का घर में मिला शव, सदमें में परिवार


कुल मिलाकर 300 एकड़ से अधिक भूमि परियोजनाओं हेतु सुनिश्चित की जा चुकी है. वर्तमान में परियोजनाओं के लिए रेरा पंजीकरण की प्रक्रिया चल रही है. रेरा पंजीकरण पूर्ण होते ही इन टाउनशिप परियोजनाओं को आम जनता के लिए खोला जाएगा. उम्मीद है कि आगामी 6-8 महीनों में आवश्यक आधारभूत संरचना विकास कार्य पूर्ण कर किसानों को विकसित भूमि वापस कर दी जाएगी.

33 पेड़ों की कटाई और 2.65 करोड़ के NGT जुर्माने को लेकर छात्रों ने EC को सौंपा ज्ञापन
33 पेड़ों की कटाई और 2.65 करोड़ के NGT जुर्माने को लेकर छात्रों ने EC को सौंपा ज्ञापन
वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में ‘GenZ For BHU’ छात्र आंदोलन के तहत सोमवार को छात्र प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद (Executive Council) को ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने 33 पेड़ों की कटाई, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की ओर से लगाए गए 2.65 करोड़ रुपये के जुर्माने और छात्रों के साथ कथित मारपीट को लेकर कार्रवाई की मांग की।छात्र प्रतिनिधिमंडल में सत्यम सिंह, रवि सिंह, अमन मौर्य, विवर्त सिंह समेत अन्य छात्र शामिल रहे। छात्रों ने ज्ञापन के माध्यम से पेड़ों की कटाई के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।छात्रों की प्रमुख मांगों में U.P. Trees Protection Act और BNS की संबंधित धाराओं के तहत निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराना शामिल है। छात्रों ने यह भी मांग की कि NGT द्वारा लगाए गए 2.65 करोड़ रुपये के जुर्माने की राशि छात्र फंड से नहीं वसूली जाए। उनका कहना है कि इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों से व्यक्तिगत स्तर पर वसूली की जानी चाहिए।इसके अलावा छात्रों ने कुलपति से मिलने गए छात्र-छात्राओं के साथ कथित मारपीट के मामले में सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्र प्रतिनिधियों ने अपने खिलाफ गठित कमेटियों और जारी नोटिस को भी वापस लेने की मांग की है।ALSO READ : बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयनपरिसर में पेड़ों की जियो-टैगिंग की मांगछात्रों ने बीएचयू परिसर के सभी पेड़ों का ट्री सेंसस कराने, उनकी जियो-टैगिंग करने और पेड़ों की निगरानी के लिए ‘ट्री मॉनिटरिंग समिति’ गठित करने की मांग भी रखी।छात्रों का कहना है कि परिसर में पर्यावरण से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे।
बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयन
बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयन
वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संगीत एवं मंच कला संकाय के गायन विभाग के छात्र दुर्गेश यादव का ज़ी टीवी के लोकप्रिय गायन रियलिटी शो ‘सा रे गा मा पा 2026’ के लिए चयन हुआ है। शो का प्रसारण 19 सितंबर 2026 से ज़ी टीवी पर शुरू हो चुका है।उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के महलीपुर गांव निवासी दुर्गेश यादव, श्री इंद्रजीत यादव और श्रीमती कौशिल्या देवी के पुत्र हैं। उन्होंने बीएचयू से वर्ष 2020-23 में बीपीए (गायन-उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत) और 2023-25 में एमपीए (गायन-उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत) की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह संगीत एवं मंच कला संकाय में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन इंटर्नशिप कर रहे हैं।दुर्गेश यादव ने पं. गिरजा शंकर त्रिपाठी के मार्गदर्शन में उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। शास्त्रीय संगीत की इसी पृष्ठभूमि के साथ उन्होंने गायन के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।उनके ‘सा रे गा मा पा 2026’ में चयन पर संगीत एवं मंच कला संकाय की संकाय प्रमुख एवं गायन विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. संगीता पंडित, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन इंटर्नशिप के समन्वयक प्रो. राम शंकर, प्रो. ज्ञानेश चंद्र पांडेय सहित अन्य संकाय सदस्यों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।ALSO READ : बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंकबीएचयू से शास्त्रीय संगीत की शिक्षा प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर के लोकप्रिय गायन रियलिटी शो में चयन होने से विश्वविद्यालय के संगीत एवं मंच कला संकाय में भी उत्साह का माहौल है।
बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंक
बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंक
वाराणसी : बेनियाबाग चौराहे से हड़हा सराय मार्केट तक सोमवार को नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया. टीम ने सड़क पर दुकान लगाकर और अन्य तरीकों से किए गए अतिक्रमण को हटाते हुए मार्ग को कब्जामुक्त कराया. कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों की प्रवर्तन टीम से नोकझोंक भी हुई, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल के चलते स्थिति नियंत्रित रही.अभियान के दौरान सड़क पर दुकान लगाकर रखा गया सामान नगर निगम की टीम ने वाहनों में लादकर हटाया. सड़क किनारे गिट्टी, बालू और ईंट रखकर बिक्री किए जाने से यातायात प्रभावित हो रहा था. इसके अलावा सड़क पर अवैध रूप से ट्रांसपोर्ट गतिविधियां संचालित किए जाने की शिकायत भी सामने आई थी. नगर निगम की कार्रवाई की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे पार्षद इंद्रेश सिंह ने बताया कि बेनियाबाग क्षेत्र में सड़क जाम और अतिक्रमण की शिकायतों के बाद यह अभियान चलाया गया.ALSO READ : सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक, बोले डीएम- किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाएउन्होंने कहा कि सड़क पर कब्जे के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही थी. अतिक्रमण हटने से यातायात सुगम होगा और स्थानीय लोगों को अपने घरों तकपहुंचने में भी सुविधा मिलेगी. पार्षद ने कहा कि हड़हा सराय मार्केट तक आवागमन सुचारु रहने से व्यापारिक गतिविधियों को भी सुविधा मिलेगी और ग्राहकों को बाजार तक पहुंचने में परेशानी नहीं होगी. नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने सड़क पर दोबारा अतिक्रमण न करने की हिदायत भी दी.