बनारस में पतंगबाजी; महापौर और नगर आयुक्त ने लड़ाए पेंच, आज होगा फाइनल मुकाबला

वाराणसी : दशाश्वमेध घाट के सामने गंगा उस पार रेती पर सोमवार को दो दिवसीय पतंगबाजी प्रतियोगिता की शुरुआत हुई. इसका शुभारंभ मेयर अशोक कुमार तिवारी ने किया. इस दौरान मेयर और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने पतंग उड़ाई. उन्होंने खूब पेंच लड़ाए. इस दौरान युवाओं में काफी उत्साह देखने को मिला. पतंगबाजी के शुभारंभ के अवसर पर सभी युवाओं ने जमकर मस्ती की और खूब पतंजबाजी की. फाइनल मुकाबला आज खेला जाएगा.

नगर निगम की ओर से गंगा पार आयोजित पतंग प्रतियोगिता में पतंगबाजी लोगों के सिर चढ़कर बोली .ये कटा, वो कटा, भक्काटा, हुर्रे की आवाजें दिनभर गूंजती रहीं. मानो वहां मौजूद लोगों का बचपन फिर से लौट आया हो. गंगा पार में पतंगबाजी की धूम रही। 16 टीमें आपस में पेच लड़ाते दिखीं. हर पतंग के कटने पर सिर्फ एक ही आवाज गूंजती-भक्काट.
ये टीमें पहुँची सेमीफाइनल में
बनारस काइट क्लब ,फायर काइट क्लब,एयर लाइन्स काइट क्लबऔर स्काई लाइन काइट क्लब सेमीफाइनल में पहुँची. मुकाबले में प्रथम विजेता टीम को 51 हजार रुपये, द्वितीय को 21 हजार रुपये और तृतीय को 11 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा.
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महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि काशी में पतंगबाजी सदियों पुरानी परंपरा है. बीते दौर में मकर संक्रांति से एक माह पूर्व ही हर घर की छतों से 'भाक्काटे' की आवाजें सुनाई देने लगती थीं. आजकल के युवा सोशल मीडिया और रील बनाने में व्यस्त हैं. नतीजतन पारंपरिक खेलों का प्रभाव कम हो रहा है. महापौर ने घोषणा की है कि अगले साल से प्रतियोगिता को राष्ट्रीय स्वरूप दिया जाएगा. अगले साल से प्रस्तावित राष्ट्रीय स्तर के आयोजन में फाइनल विजेता को प्रथम पुरस्कार के रूप में 5 लाख रुपये, द्वितीय को 2.51 लाख रुपये और तृतीय को 1.51 लाख रुपये की धनराशि प्रदान की जाएगी.



