कुत्ते के काटने से घायल उपजिलाधिकारी ने जिलाधिकारी से मांगी छुट्टी, हस्ताक्षर की जगह लगाना पड़ा अंगूठा..

बलिया:- बलिया में प्रशासन से जुड़ा एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को कुत्ते के काटने के बाद इलाज के लिए जिलाधिकारी से छुट्टी मांगनी पड़ी। हाथों में गंभीर चोट लगने के कारण वह आवेदन पर हस्ताक्षर भी नहीं कर सके और मजबूरन अंगूठा लगाकर अवकाश का अनुरोध करना पड़ा। जानकारी के अनुसार उपजिलाधिकारी आलोक प्रताप सिंह ने जिलाधिकारी को भेजे अपने आवेदन पत्र में बताया कि कुत्ते ने उनके दोनों हाथों में काट लिया है, जिससे गहरे घाव हो गए हैं। उन्होंने प्रारंभिक इलाज स्थानीय डॉक्टर से कराया, लेकिन घाव से खून बहना बंद नहीं हो रहा है और हाथों में काफी दर्द भी है। इसी वजह से वह अपने सरकारी दायित्वों का निर्वहन करने में असमर्थ हैं।
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अपने पत्र में उन्होंने यह भी लिखा कि डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए किसी बड़े अस्पताल या विशेषज्ञ चिकित्सक को दिखाने की सलाह दी है। ऐसे में उन्होंने 6 मार्च से 13 मार्च तक कुल आठ दिनों का अवकाश देने की मांग की। इस संबंध में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बताया कि उपजिलाधिकारी का आवेदन प्राप्त हुआ था। हाथ में गंभीर चोट और प्लास्टर होने की वजह से वह लिखने में असमर्थ थे, इसलिए आवेदन में हस्ताक्षर की जगह अंगूठा लगाया गया है। उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें आठ दिनों की छुट्टी की अनुमति दे दी गई है।
बताया जाता है कि आलोक प्रताप सिंह ने 12 फरवरी 2024 को बलिया में डिप्टी कलेक्टर के रूप में कार्यभार संभाला था। इससे पहले भी वह कुछ मामलों को लेकर चर्चा में रह चुके हैं। जनवरी 2026 में एक होमगार्ड ने उन पर आरोप लगाया था कि उन्होंने उसे ड्यूटी से हटाकर घरेलू काम करवाया और दुर्व्यवहार किया। इसके अलावा तहसील परिसर में दलालों की सक्रियता को लेकर भी पूर्व विधायक ने उनके कामकाज पर सवाल उठाए थे, फिलहाल कुत्ते के काटने की घटना के बाद उपजिलाधिकारी इलाज के लिए अवकाश पर हैं और प्रशासनिक स्तर पर उन्हें आराम करने की सलाह दी गई है। वहीं इस घटना के बाद यह मामला जिले में चर्चा का विषय बन गया है।



