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महिला दिवस पर रांची में अनोखी पहल, महिलाओं ने संभाली ट्रेन की पूरी कमान..

महिला दिवस पर रांची में अनोखी पहल, महिलाओं ने संभाली ट्रेन की पूरी कमान..
Mar 08, 2026, 07:33 AM
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Posted By Anurag Sachan

रांची:- अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर झारखंड की राजधानी रांची में महिला सशक्तिकरण की एक प्रेरणादायक पहल देखने को मिली है, भारतीय रेलवे के रांची रेल मंडल ने इस खास दिन को यादगार बनाने के लिए एक यात्री ट्रेन का संचालन पूरी तरह महिला कर्मचारियों की टीम को सौंप दिया। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं की क्षमता, नेतृत्व और कार्यकुशलता को सामने लाना और समाज में सकारात्मक संदेश देना था।

रांची से इरगांव के बीच चलने वाली इस ट्रेन के संचालन में कुल 15 महिला कर्मचारियों की टीम तैनात रही है, ट्रेन की जिम्मेदारी से जुड़े लगभग सभी अहम पदों पर महिलाओं को ही नियुक्त किया गया था। लोको पायलट, गार्ड, टिकट परीक्षक यानी टीटीई , ट्रेन मैनेजर से लेकर रेलवे सुरक्षा बल की महिला जवानों तक, हर भूमिका में महिलाओं ने अपनी जिम्मेदारी निभाई। इस दौरान ट्रेन का संचालन पूरी तरह सुचारु रूप से किया गया और यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हुई है।


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स्टेशन परिसर में इस पहल को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों ने महिला कर्मियों का उत्साहवर्धन किया और उनकी कार्यक्षमता की सराहना की। कई यात्रियों ने कहा कि इस तरह की पहल समाज में महिलाओं के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देती है और यह संदेश देती है कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं।


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कार्यक्रम के दौरान रांची रेल मंडल की वरिष्ठ अधिकारी सूची सिंह ने महिला कर्मचारियों को गुलाब का फूल देकर सम्मानित किया और महिला दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि महिलाओं के संघर्ष, उपलब्धियों और उनके योगदान को सम्मान देने का दिन है। आज महिलाएं देश के हर क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं और रेलवे भी उन्हें आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि रांची रेल मंडल में महिलाओं को समान अवसर देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यही कारण है कि अब संचालन, प्रबंधन और सुरक्षा जैसे जिम्मेदार पदों पर भी महिलाएं सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं और अपनी जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभा रही हैं।

इस अवसर पर स्टेशन मास्टर चंद कुमारी कच्छप ने कहा कि महिला दिवस केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं होना चाहिए। समाज को महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयास करना होगा। जब महिलाएं शिक्षित और आत्मनिर्भर होंगी, तब समाज भी मजबूत और विकसित बनेगा।



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वहीं रेलवे सुरक्षा बल में तैनात महिला कर्मियों ने भी इस पहल को गर्व का क्षण बताया। उनका कहना था कि आज महिलाएं शिक्षा, तकनीक, प्रशासन और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रही हैं, लेकिन अभी भी कई महिलाओं को अवसरों की जरूरत है। समाज और संस्थानों को मिलकर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल महिला दिवस मनाना नहीं, बल्कि महिलाओं को नेतृत्व के अवसर देना और उनकी क्षमता को पहचान दिलाना है। रांची रेलवे मंडल की यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है, जिसने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर को और भी खास बना दिया।

महिला दिवस पर काशी विश्वनाथ मंदिर में महिलाओं के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था
महिला दिवस पर काशी विश्वनाथ मंदिर में महिलाओं के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था
वाराणसी: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में महिला श्रद्धालुओं के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था की गई. मंदिर प्रशासन की ओर से महिलाओं के लिए अलग से दर्शन की लाइन और सुगम प्रवेश की सुविधा दी गई, जिससे बड़ी संख्या में पहुंची महिला श्रद्धालुओं को आसानी से बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने का अवसर मिला.मंदिर में पहुंची महिलाओं ने इस व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है कि महिला दिवस के मौके पर उनके लिए खास व्यवस्था की गई है. कई महिलाओं का कहना था कि इस तरह की सुविधा मिलने से उन्हें सम्मान और खुशी का एहसास हो रहा है.कुछ महिलाओं ने बताया कि घर के कामकाज और जिम्मेदारियों के कारण अक्सर मंदिर आने का समय निकालना मुश्किल हो जाता है, लेकिन अलग लाइन होने से दर्शन करना आसान हो गया. उनका कहना है कि अगर ऐसी व्यवस्था समय-समय पर होती रहे तो महिलाओं को काफी राहत मिलेगी.ALSO READ : ई- रिक्शा बना महिलाओँ के आत्मनिर्भर बनने का सहाराउन्होंने कहा कि महिला दिवस पर बाबा विश्वनाथ के दर्शन करना उनके लिए बहुत खास अनुभव है. दर्शन करने के बाद वे अपने दिन को खास तरीके से मनाने की योजना बना रही हैं. कुछ महिलाओं ने बताया कि दर्शन के बाद वे गंगा घाट जाएंगी, वहां घूमने-फिरने के साथ फोटो और रील बनाकर इस दिन को यादगार बनाएंगी.कई श्रद्धालु महिलाओं ने यह भी कहा कि रविवार जैसे व्यस्त दिनों में मंदिर में भीड़ ज्यादा रहती है, ऐसे में अलग लाइन होने से उन्हें काफी सुविधा मिली. उनका मानना है कि इस तरह की व्यवस्था से महिलाओं को बिना किसी परेशानी के दर्शन करने का मौका मिल रहा है.
ई- रिक्शा बना महिलाओँ के आत्मनिर्भर बनने का सहारा
ई- रिक्शा बना महिलाओँ के आत्मनिर्भर बनने का सहारा
वाराणसी. आज के दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं . शिक्षा , खेल , प्रशासन से लेकर हर क्षेत्र में उनकी भागेदारी बढ़ रही है . इसके बावजूद समाज में कई महिलाये ऐसी है जो आर्थिक मजबूरियों के कारण घर की चार दीवारी तक सिमित रह जाती है . ऐसे में एक्सेस डेवलपमेंट सर्विसेस ने इन महिलाओ को नई दिशा दी हैसंस्था महिलाओ को निःशुल्क ई- रिक्शा देकर उन्हें रोजगार के अवसर दे रही है इसके साथ ही महिलाओ को वाहन चलना भी सिखाया जाता है और साथ ही साथ ड्राइविंग लइसेंस दिलाने में भी मदद की जाती है . इस पहल का मकसद बस महिलाओ को रोजगार देना नहीं बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाना भी है ताकि वो अपने पैरों पर खड़े हो कर आत्मसम्मान के साथ जीवन जी सके .इस पहल से जुड़ कर आज कई महिलाये इससे अपना और अपने परिवार का भरण पोषण कर रही है . पहले जो महिलाएं दूसरों पर निर्भर थी आज वही महिलाएं अपना और अपने परिवार की जिम्मेदारी उठा कर गर्व महसूस कर रही है .ALSO READ : महिला दिवस पर नारी शक्ति का उत्सव, हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही महिलाएंकई महिलाओ ने कहा की शुरुआत में समाज के लोगो से उनको ताने भी सुनने को मिला पर उन्होंने हार नहीं मानी और अपना काम जारी रखा तो वही कई महिलाओ का ये भी कहना था की पहले उन्होंने बिना किसी की मदत के रिक्शा चलाना सीखा परिवार में इसका कई लोगो ने विर्रोध भी किया तो वही कई लोगो ने साथ भी दिया था . आज वही महिलाएं सड़क पर रिक्शा चला कर अपनी पहचान बना रही और आत्मनिर्भर बन रही है . महिलाओ का मन्ना है की रिक्शा चलाना उनके लिए केवल रोजगार नहीं आत्मसम्मान का भी माध्यम बन गया है कई लोग उन्हें देख कर प्रोत्साहित करते है और कहते है की महिलाओ को ऐसे आगे बढ़ाते देख उन्हें काफी गर्व महसूस होता है हलाकि कई लोग इसकी आलोचना भी करते है पर महिलाओ का कहना है की आगे बढ़ने के लिए ऐसी बातो को नजरअंदाज करना बेहतर है .आज यह पहल कई महिलाओ के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही है . इ रिक्शा की मदत से महिलाएं न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही है , बल्कि समाज में एक नई मिशाल भी पेश कर रही है . यह पहल दिखता है की अगर सही अवसर और सहयोग मिले तो महिलाये किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं रहेंगी
 महिला दिवस पर वाराणसी में फिटनेस के जरिए महिलाओं के सशक्तिकरण का संदेश
महिला दिवस पर वाराणसी में फिटनेस के जरिए महिलाओं के सशक्तिकरण का संदेश
वाराणसी: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर वाराणसी में महिलाओं के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया.भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और MY Bharat के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में फिटनेस और खेल के माध्यम से महिलाओं को जागरूक करने का संदेश दिया गया.कार्यक्रम में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों और महिला प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया.इस दौरान महिलाओं ने विभिन्न फिटनेस गतिविधियों में भाग लेकर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और सशक्तिकरण का संदेश दिया.आयोजकों का कहना है कि आज की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं.बात देश के बॉर्डर की हो या देश के सर्वोच्च पद की, महिलाएं अपनी प्रतिभा और कौशल के दम पर हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और देश का नाम रोशन कर रही हैं.ALSO READ : महिला दिवस पर नारी शक्ति का उत्सव, हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही महिलाएंकार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने महिलाओं की शक्ति, दृढ़ता और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने का संकल्प भी लिया.अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि फिटनेस और खेल न केवल