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वाराणसी में एआई सचिव जी का शुभारंभ, पंचायतों में डिजिटल सुशासन को मिलेगी नई गति...

वाराणसी में एआई सचिव जी का शुभारंभ, पंचायतों में डिजिटल सुशासन को मिलेगी नई गति...
Jun 22, 2026, 06:40 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी: पिरामल फाउंडेशन की ओर से विकसित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म एआई सचिव जी का शुभारंभ सोमवार को आयुक्त कार्यालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक कुमार सिन्हा तथा प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष राकेश सिंह ने संयुक्त रूप से पोस्टर दिखा कर किया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने का सशक्त माध्यम बन रही है.


उन्होंने कहा कि एआई सचिव जी के माध्यम से ग्राम पंचायतों से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी, शासन की गाइडलाइन के अनुरूप आवश्यक सूचनाएं लिखित एवं मौखिक रूप में प्राप्त की जा सकेंगी. साथ ही बैठकों की कार्यवाही, रिपोर्ट तैयार करने तथा अन्य प्रशासनिक कार्यों को सरल, त्वरित और समयबद्ध बनाने में भी यह प्लेटफॉर्म सहायक सिद्ध होगा. मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने कहा कि यह पहल ग्राम पंचायतों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. इससे ग्राम प्रधानों, पंचायत सचिवों तथा अन्य जनप्रतिनिधियों को तकनीकी सहायता, सरकारी योजनाओ की जानकारी मिलेगी और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सुविधा होगी.


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जिला पंचायती राज अधिकारी आलोक कुमार सिन्हा ने कहा कि पंचायतों में आधुनिक तकनीक का समावेश समय की आवश्यकता है. एआई सचिव जी के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों को त्वरित जानकारी उपलब्ध होगी, जिससे कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता दोनों बढ़ेंगी। प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष राकेश सिंह ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से पंचायतों की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी होगी तथा ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी.


इस अवसर पर पिरामल फाउंडेशन की कोर टीम के सदस्य विंग कमांडर जैनेंद्र कुमार पाठक, सीनियर प्रोग्राम मैनेजर बशारत, सीनियर प्रोग्राम मैनेजर संतोष सिंह तथा प्रोग्राम मैनेजर चन्द्रशेखर ने एआई सचिव जी की उपयोगिता पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि यह प्लेटफॉर्म पंचायत प्रतिनिधियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, प्रशासनिक प्रक्रियाओं एवं अन्य आवश्यक जानकारियों तक त्वरित पहुंच उपलब्ध कराएगा. कार्यक्रम के दौरान एआई सचिव जी का लाइव डेमो भी प्रस्तुत किया गया.


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इसमें बताया गया कि यह प्लेटफॉर्म पंचायत प्रतिनिधियों को योजनाओं की जानकारी, आवश्यक दस्तावेज तैयार करने, बैठकों की कार्यवाही दर्ज करने तथा अन्य प्रशासनिक कार्यों में तत्काल सहायता प्रदान करेगा. उपस्थित ग्राम प्रधानों एवं अधिकारियों ने इसे सरल, उपयोगी और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बताया. कार्यक्रम की अध्यक्षता पिरामल फाउंडेशन के सीनियर प्रोग्राम मैनेजर संतोष सिंह ने की, जबकि कार्यक्रम के सफल आयोजन एवं समन्वय में साक्षी सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही. अंत में पिरामल फाउंडेशन की ओर से सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया. इस अवसर पर स्थानीय ग्राम प्रधान, प्रधान संघ के समस्त ब्लॉक अध्यक्ष, गांधी फेलो, पिरामल फाउंडेशन की टीम सहित बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे.

नागपंचमी पर श्रद्धालुओं को नहीं होगी परेशानी, नगर आयुक्त ने परखी तैयारियां
नागपंचमी पर श्रद्धालुओं को नहीं होगी परेशानी, नगर आयुक्त ने परखी तैयारियां
वाराणसी : नागपंचमी पर्व को लेकर नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। रविवार को नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने जैतपुरा स्थित ऐतिहासिक नागकुआं क्षेत्र का औचक निरीक्षण कर मेला क्षेत्र में सफाई, प्रकाश, जल निकासी और पेयजल व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए नागरिक सुविधाओं में किसी भी तरह की कमी न रहे।नगर आयुक्त ने पूरे मेला क्षेत्र में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही श्रद्धालुओं के लिए निर्बाध स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के निर्देश दिए। उन्होंने जलकल और सिविल विभाग के जेई को व्यवस्थाओं को समय से दुरुस्त करने को कहा।ALSO READ: कुत्ता काटने से घायल मासूम से चार दिन बाद मिलने पहुंची प्रो. श्रद्धा, परिजनों के सामने जोड़ा हाथनागकुआं के निरीक्षण के बाद नगर आयुक्त ने औसानगंज वार्ड का भी जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में सफाई समेत अन्य नागरिक सुविधाओं की स्थिति देखी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नागपंचमी के मेला क्षेत्र और आसपास के वार्डों में सफाई व्यवस्था को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय पार्षद, जलकल विभाग के जेई, सिविल विभाग के जेई, सफाई निरीक्षक अवनीश दुबे समेत नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे.
कुत्ता काटने से घायल मासूम से चार दिन बाद मिलने पहुंची प्रो. श्रद्धा, परिजनों के सामने जोड़ा हाथ
कुत्ता काटने से घायल मासूम से चार दिन बाद मिलने पहुंची प्रो. श्रद्धा, परिजनों के सामने जोड़ा हाथ
वाराणसीः बीएचयू में पालतू कुत्ते के हमले में गंभीर रूप से घायल 11 साल के अभिनव से चार दिन बाद रविवार को मिलने प्रो. श्रद्धा सिंह अपने पति के साथ ट्रामा सेंटर पहुंचीं. उन्होंने बच्चे के माता-पिता से हाथ जोड़कर माफी मांगी और भविष्य में कुत्ता नहीं रखने की बात कही. हालांकि बच्चे के माता-पिता ने उनसे नाराजगी जताई. मां ने तो सीधे सवाल कर दिया कि अब क्यों आईं हैं. पिता ने शिकायत किया कि बच्चा अब भी बोल नहीं पा रहा है.ALSO READ: BHU-ट्रामा सेंटर के केयर टेकर ने प्रभारी पर लगाया आऱोप, गलत रिपोर्ट लिखने से मना करने पर काम से निकालाप्रोफेसर और उनके पति ने कुत्ते के टीकाकरण का कार्ड दिखाया. साथ ही कहा कि भविष्य में कुत्ता घर में नहीं रखने की बात भी कही। बता दें कि बीते 13 अगस्त की सुबह बीएचयू ट्रामा सेंटर में सीनियर नर्सिंग आफिसर प्रेमाराम दोनों बेटों 11 वर्षीय अभिनव और 13 वर्षीय हर्ष के साथ बीएचयू परिसर में मार्निंग वाक पर निकले थे. वापस लौटने के दौरान कुछ दूर निकल चुके बड़े बेटे को लेने के लिए आगे बढ़ गए. वहीं छोटा बेटा परिसर की ही जोधपुर कालोनी स्थित घर की ओर अकेला जाने लगा. इसी दौरान हिंदी विभाग की प्रो. श्रद्धा सिंह के पालतू कुत्ते ने अभिनव पर हमला कर दिया. वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह से बच्चे को कुत्ते से बचाया. गंभीर हालत में उसे ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया. बच्चे को कुत्ते ने इतनी बुरी तरह से काटा था कि उसके सिर व चेहरे पर 50 टांके लगाने पड़े. वहीं आरोप है कि प्रो. श्रद्धा सिंह बच्चे की मदद करने की बजाय वहां से चली गईं. उन्होंने बच्चे पर कुत्ते द्वारा हमले से भी इनकार किया था. वहीं बीएचयू प्रशासन ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था.
BHU-ट्रामा सेंटर के केयर टेकर ने प्रभारी पर लगाया आऱोप, गलत रिपोर्ट लिखने से मना करने पर काम से निकाला
BHU-ट्रामा सेंटर के केयर टेकर ने प्रभारी पर लगाया आऱोप, गलत रिपोर्ट लिखने से मना करने पर काम से निकाला
वाराणसी : बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के नवनियुक्त प्रभारी पर 11 साल से तैनात केयरटेकर ने गंभीर आरोप लगाए हैं। केयर टेकर का आरोप है कि मुझ पर कुछ कर्मचारियों के खिलाफ गलत रिपोर्ट लिखने का दबाव बनाया गया।केयर टेकर ने दावा किया कि दबाव में काम करने से इनकार कर दिया। इसके बाद 28 जुलाई को कुलपति से शिकायत की। इसके अगले ही दिन मुझे ट्रॉमा सेंटर आने से रोक दिया गया। उनका कहना है कि उन्हें बिना किसी शोकॉज नोटिस के काम से हटा दिया गया।मामले में केयर टेकर ने कुलपति को ई-मेल के जरिए शिकायत करने के साथ सीएम पोर्टल और श्रम विभाग में भी शिकायत की है। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रॉमा सेंटर प्रभारी बदलाव के लिए आए थे, लेकिन उनके खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है।ट्रामा सेंटर प्रभारी पर कर्मचारी ने लगाए आरोप।ट्रामा सेंटर प्रभारी पर कर्मचारी ने लगाए आरोप।गलत रिपोर्ट लिखने का दबाव बनाने का आरोपBHU ट्रॉमा सेंटर में 2014 से केयरटेकर के पद पर तैनात सुनील यादव ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया है। कहा- 20 जुलाई को नए प्रोफेसर इंचार्ज डॉ. अजीत कुमार के आने के बाद से मुझे परेशान किया जा रहा था।सुनील ने कहा- कुछ कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट लिखने के लिए मुझ पर दबाव बनाया जा रहा था। लिखना था कि वे समय पर ड्यूटी नहीं आते और काम नहीं करते, जबकि कर्मचारी नियमित रूप से काम कर रहे थे।ALSO READ: बीएचयू शिक्षा संकाय का 109वां स्थापना दिवस समारोहपूर्वक मनाया गयासुनील यादव BHU ट्रामा सेंटर में साल 2014 से तैनात हैं।सुनील यादव BHU ट्रामा सेंटर में साल 2014 से तैनात हैं।मना किया तो ट्रामा में प्रवेश पर रोक लगा दीसुनील ने बताया कि उन्होंने ऐसा लिखने से इनकार किया तो उन पर दबाव बनाया गया और कहा गया कि वह सौरभ सिंह के आदमी हैं। इसके बाद उन्होंने 28 जुलाई को पत्र के माध्यम से कुलपति से शिकायत की। उनका आरोप है कि 29 जुलाई को जब वह ट्रॉमा सेंटर पहुंचे तो गार्ड ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया और बताया कि उनके प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।सुनील का कहना है कि उन्हें काम से हटाने से पहले कोई शो-कॉज नोटिस नहीं दिया गया। उन्हें सीधे कहा गया कि वह अगले दिन से काम पर न आएं। उन्होंने इस कार्रवाई को नियमों के खिलाफ बताते हुए मामले में शिकायत की है।सीएम पोर्टल और श्रम विभाग में शिकायतसुनील यादव ने बताया कि उन्होंने मामले को लेकर ई-मेल के जरिए कुलपति से शिकायत की। इसके बाद जनसुनवाई, सीएम पोर्टल और श्रम विभाग में भी शिकायत दर्ज कराई है।उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रॉमा सेंटर में वर्चस्व की लड़ाई के चलते उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। सुनील के मुताबिक, वह 11 साल से काम कर रहे हैं और उन्हें बदले की भावना से हटाया गया है, जिससे उन पर मानसिक दबाव बना हुआ है।सुनील ने दावा किया कि जब उन्होंने कार्रवाई का कारण पूछा तो उन्हें बताया गया कि वीसी ने निर्देश दिया है कि जो भी गलत दिखाई दे, उसे हटा दिया जाए।