वाराणसी में लेखपालों ने तहसील दिवस का किया बहिष्कार, तहसील में दिया धरना

वाराणसी : राजातालाब तहसील में शनिवार को लेखपालों ने अपनी मांगों को लेकर तहसील दिवस का बहिष्कार किया. उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर लेखपाल सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक तहसील परिसर में धरने पर बैठे रहे. धरने का नेतृत्व तहसील अध्यक्ष राजेश मौर्य ने किया.
लेखपालों ने वेतन विसंगति, पदोन्नति और स्थानांतरण समेत कई मांगें उठाईं. तहसील अध्यक्ष ने बताया कि मांगें पूरी नहीं होने पर संघ चरणबद्ध आंदोलन करेगा.

इसके तहत 8 अक्टूबर से विरोध के अलग-अलग कार्यक्रम शुरू होंगे. लेखपालों का कहना है कि पिछले 10 वर्षों से शुरुआती वेतनमान में 2800 ग्रेड पे देने और वेतन विसंगति दूर करने की मांग लंबित है. आठ साल से अंतर्मंडलीय स्थानांतरण नहीं हुआ है, जबकि दो साल से पदोन्नति सूची जारी नहीं की गई. इसके अलावा 16 वर्षों से भत्तों में बढ़ोतरी नहीं हुई है. परिषदादेश के बावजूद लेखपालों को विभिन्न पटलों से नहीं हटाया गया और प्रभारी राजस्व निरीक्षक के काम से भी मुक्त नहीं किया गया है. लेखपालों ने कहा कि उनसे उच्च तकनीकी कार्य कराए जा रहे हैं, लेकिन पिछले पांच साल से लैपटॉप और मोबाइल उपलब्ध नहीं कराए गए. तकनीकी काम के बावजूद अलग से तकनीकी पद भी घोषित नहीं किए गए हैं. ग्राम सचिवालयों में बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था की कमी का मुद्दा भी उठाया गया. लेखपालों ने आरोप लगाया कि पर्याप्त सुविधाओं और भत्तों में बढ़ोतरी के बिना काम कराया जा रहा है.
एक साल से तहसीलवार परीक्षा परिणाम घोषित नहीं होने और स्थायीकरण की प्रक्रिया लंबित रहने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई. धरने में तहसील मंत्री सोनेलाल पटेल, कनिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल पटेल, उपमंत्री अंकित गोंड और कोषाध्यक्ष परमानंद प्रजापति समेत अन्य लेखपाल शामिल रहे. तहसील अध्यक्ष राजेश मौर्य ने बताया कि मांगों के समर्थन में संघ ने आंदोलन का कार्यक्रम तय किया है.
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8 अक्टूबर: ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार
10 अक्टूबर: थाना दिवस पर काली पट्टी बांधकर काम
12 अक्टूबर: रक्तदान शिविर
14 अक्टूबर: मोटरसाइकिल रैली
17 से 23 अक्टूबर: तहसील मुख्यालय पर धरना
24 अक्टूबर से: जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन



