महाशिवरात्रि - वाराणसी में जल, थल और नभ से चप्पे की निगहबानी, भीड़ प्रबंधन पर जोर

वाराणसी : महाशिवरात्रि पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं. जल, थल और नभ से चप्पे चप्पे की निगहबानी की जाएगी. भीड़ प्रबंधन पर विशेष जोर रहेगा. आज अपर पुलिस आयुक्त, कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय, कमिश्नरेट वाराणसी शिवहरी मीणा द्वारा महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर संभावित भीड़, शिवबारात आयोजन एवं घाट/जल क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत समस्त नाविकों, मल्लाह/मांझी समाज के संभ्रांत व्यक्तियों, संबंधित संगठनों के पदाधिकारियों, सदस्यों तथा शिवबारात आयोजकों के साथ विस्तृत बैठक कर विचार-विमर्श किया गया. बैठक में पुलिस उपायुक्त काशी गौरव बंसवाल, सहायक पुलिस आयुक्त दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी, प्रभारी जल पुलिस एवं अन्य संबंधित पुलिस अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे.

नाव संचालन एवं जल क्षेत्र सुरक्षा संबंधी निर्देश
केवल वैध पंजीकृत एवं लाइसेंसधारी नाविक ही नाव संचालन करेंगे, अवैध नावों के विरुद्ध अभियान चलाकर सीज की कार्रवाई की जाएगी. प्रत्येक नाव पर पंजीकरण संख्या स्पष्ट रूप से अंकित होगी तथा निरीक्षण के समय अभिलेख प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा. निर्धारित क्षमता से अधिक सवारी बैठाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा, उल्लंघन पर लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्यवाही की जाएगी. प्रत्येक यात्री हेतु लाइफ जैकेट उपलब्ध कराना एवं पहनाना अनिवार्य होगा, बिना लाइफ जैकेट नाव संचालन नहीं किया जाएगा. नाव में रस्सी, टॉर्च एवं प्राथमिक उपचार किट अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहेगी. प्रतिबंधित जल क्षेत्र में नाव ले जाना वर्जित रहेगा,बैरिकेडिंग का उल्लंघन दंडनीय होगा. नशे की अवस्था में नाव संचालन पाए जाने पर तत्काल विधिक कार्यवाही की जाएगी. मौसम खराब होने अथवा प्रशासनिक रोक की स्थिति में नाव संचालन तत्काल बंद किया जाएगा.
घाट प्रबंधन एवं भीड़ नियंत्रण संबंधी निर्देश
सभी प्रमुख घाटों पर प्रवेश एवं निकास मार्ग पृथक-पृथक निर्धारित किए जाएंगे, किसी भी स्थिति में दोनों का मिश्रण नहीं किया जाएगा ताकि भीड़ का दबाव न बने. घाटों पर सुरक्षित एवं असुरक्षित स्नान क्षेत्र का स्पष्ट चिन्हांकन किया जाएगा, गहरे जल क्षेत्र में मजबूत बैरिकेडिंग एवं चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे. अत्यधिक भीड़ की स्थिति में नियंत्रित प्रवेश (Regulated Entry System) लागू किया जाएगा, आवश्यकता पड़ने पर अस्थायी रोक भी लगाई जा सकती है.
घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल, जल पुलिस एवं गोताखोरों की तैनाती की जाएगी, रेस्क्यू बोट निरंतर सक्रिय स्थिति में रहेंगी. फिसलन रोकने हेतु घाट सीढ़ियों पर मैटिंग/बालू की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, आयोजक इस संबंध में प्रशासन से समन्वय रखेंगे. वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं एवं दिव्यांगजनों की सुविधा हेतु पृथक सहायता व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी. किसी भी प्रकार की धक्का-मुक्की, अव्यवस्था या अफवाह की स्थिति में संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल विधिक कार्रवाई की जाएगी. घाट क्षेत्र में अनधिकृत स्टॉल, अतिक्रमण या अवरोध पाए जाने पर तत्काल हटाने की कार्रवाई की जाएगी.
शिवबारात एवं धार्मिक शोभायात्रा संबंधी निर्देश
शिवबारात केवल प्रशासन द्वारा स्वीकृत मार्ग एवं निर्धारित समयावधि के अंतर्गत ही निकाली जाएगी, बिना अनुमति मार्ग परिवर्तन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा. आयोजक शोभायात्रा का पूर्ण विवरण (मार्ग, समय, अनुमानित भीड़, वाहन संख्या) पूर्व में उपलब्ध कराएंगे, बिना सूचना कार्यक्रम आयोजित करना दंडनीय होगा. जुलूस में शामिल वाहनों की संख्या नियंत्रित रहेगी, अव्यवस्थित, अनियंत्रित या खतरनाक प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी. भड़काऊ, साम्प्रदायिक अथवा उत्तेजक नारे/गीत/प्रदर्शन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगे, उल्लंघन पर आयोजकों की जवाबदेही तय की जाएगी.
आतिशबाजी केवल अनुमति प्राप्त स्थल पर एवं सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही की जाएगी, ज्वलनशील सामग्री खुले में नहीं रखी जाएगी. शोभायात्रा के दौरान आपातकालीन मार्ग पूर्णतः अवरोध मुक्त रखा जाएगा, एम्बुलेंस/फायर ब्रिगेड को प्राथमिकता दी जाएगी. आयोजक पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित स्वयंसेवक तैनात करेंगे, सभी स्वयंसेवक पहचान पत्र एवं निर्धारित ड्रेस कोड धारण करेंगे.
ध्वनि नियंत्रण एवं लाउडस्पीकर संबंधी निर्देश
लाउडस्पीकर/डीजे का प्रयोग केवल सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति से किया जाएगा, बिना अनुमति उपकरण जब्त किए जाएंगे. ध्वनि स्तर शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप रखा जाएगा, उच्च ध्वनि से सार्वजनिक असुविधा उत्पन्न करना दंडनीय होगा. निर्धारित समय सीमा के उपरांत ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग पूर्णत बंद किया जाएगा, रात्रिकालीन नियमों का कड़ाई से पालन होगा. धार्मिक आयोजन की आड़ में अश्लील, भड़काऊ या असंवैधानिक सामग्री का प्रसारण पूर्णत प्रतिबंधित रहेगा. डीजे वाहन स्थिर एवं सुरक्षित स्थान पर खड़े किए जाएंगे, चलते वाहन पर खतरनाक ढंग से साउंड सिस्टम नहीं लगाया जाएगा.
पार्किंग एवं यातायात प्रबंधन संबंधी विस्तृत निर्देश
महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर केवल प्रशासन द्वारा पूर्व निर्धारित एवं चिन्हित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग किया जाएगा, मुख्य मार्गों, घाट मार्गों एवं आपातकालीन मार्गों पर वाहन खड़ा करना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा. अवैध पार्किंग पाए जाने पर वाहन को तत्काल हटाया जाएगा तथा मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत चालान/विधिक कार्रवाई की जाएगी. यातायात डायवर्जन प्लान का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा, बैनर/सूचना माध्यमों द्वारा जनता को वैकल्पिक मार्गों की जानकारी दी जायेगी. शिवबारात/शोभायात्रा मार्ग पर किसी भी प्रकार का स्थायी या अस्थायी अतिक्रमण स्वीकार्य नहीं होगा, मार्ग पूर्णतः साफ एवं अवरोध मुक्त रखा जाएगा. आपातकालीन वाहनों (एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, पुलिस) हेतु ग्रीन कॉरिडोर हर परिस्थिति में उपलब्ध रहेगा, किसी भी प्रकार का अवरोध गंभीर लापरवाही माना जाएगा. पार्किंग स्थलों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी एवं स्वयंसेवकों/होमगार्ड की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी, ताकि वाहन चोरी या अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो. घाट एवं मंदिरों के समीप भारी वाहनों, ट्रैक्टर-ट्रॉली अथवा अनधिकृत व्यावसायिक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा, उल्लंघन की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जाएगी.
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अग्नि एवं विद्युत सुरक्षा संबंधी निर्देश
आयोजन स्थल, मंच, भंडारा स्थल एवं शिवबारात मार्ग पर पर्याप्त संख्या में अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguishers) स्थापित किए जाएंगे, उनकी वैधता एवं कार्यशीलता पूर्व परीक्षण द्वारा सुनिश्चित की जाएगी. जेनरेटर सेट को भीड़भाड़ वाले क्षेत्र से सुरक्षित दूरी पर स्थापित किया जाएगा, उसके चारों ओर अग्निरोधक सुरक्षा घेरा (Safety Perimeter) बनाया जाएगा. अस्थायी विद्युत कनेक्शन केवल अधिकृत/प्रमाणित विद्युत तकनीशियन द्वारा लगाए जाएंगे, खुले तार, ढीले जोड़ एवं ओवरलोडिंग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी. मंच, पंडाल या अस्थायी ढांचे में अग्निरोधक सामग्री (Fire Retardant Material) का उपयोग किया जाएगा, ज्वलनशील सजावट सामग्री से परहेज किया जाए. अग्निशमन विभाग से पूर्व समन्वय स्थापित कर आवश्यकतानुसार फायर टेंडर की स्टैंडबाय तैनाती सुनिश्चित की जाएगी.



