महाशिवरात्रि पर भक्तों को पूरी रात जागकर बाबा विश्वनाथ ने दिए दर्शन, उत्सव के उल्लास में काशी रही मगन

वाराणसी : महाशिवरात्रि के पर्व पर बाबा विश्वनाथ ने पूरी रात जागकर भक्तों को दर्शन दिए. इस मौके पर पूरी काशी उत्सव के उल्लास में मगन रही. अनुमान है कि करीब आठ लाख श्रद्धालुओं ने श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन किए. महापर्व पर बाबा की शयन आरती नहीं हुई, उसके स्थान पर सामवेद के मंत्रों पर चार पहर की आरतियां हुईं. इनके बीच विवाह के लोकाचार निभाए गए. शाम को भव्य-दिव्य आभा लिए बाबा की बरातें निकलती रहीं. मंदिरों के साथ घर-घर में पूरी रात बाबा के विवाह के अनुष्ठान हुए. भक्तजन पूरी रात ऊं नम: शिवाय मंत्र के जाप करते रहे.

कॉरिडोर बनने के 5 साल पहले साल 2016 में 3 लाख, 2017 में 2.25 लाख, 2018 में 1.8 लाख, 2019 में 5 लाख, 2020 में 2 लाख, 2021 में 2.5 लाख लोगों ने बाबा दरबार में हाजिरी लगाई थी. 2021 में कॉरिडोर बनने के बाद 2022 में 6 लाख, 2023 में 7 लाख,2 024 में 8.50 लाख लोग शिवरात्री पर दर्शन के लिए पहुंचे थे. इसी तरह 2025 में महाकुंभ के पलट प्रवाह में 12 लाख से अधिक श्रद्धालुओं में दर्शन पूजन किए थे.
पुलिस की रील में सेल्फी फोटो न लेने की नसीहत

महाशिवरात्रि पर काशी विश्वनाथ धाम में भक्तों की भीड़ के बीच गेट नंबर चार पर एक अलग वाकया चल रहा था. यहां पुलिसकर्मी की एनाउंस करती रील वायरल हुई, जिसमें पुलिसकर्मी द्वारा लोगों को फोटो-सेल्फी न लेने की नसीहत दी जा रही है. बाबा विश्वनाथ के गेट नंबर 4 पर तैनात एक पुलिसकर्मी की एनाउंस करती रील वायरल हुई. पुलिसकर्मी ने लोगों से अपील करते हुए कहा, ये काशी काल भैरव की नगरी है. आप यहां पर आए नहीं, भैरव बाबा की मर्जी से लाए गए हैं. उनकी मर्जी का सम्मान किजिए। यहां पर मृत्यु का डिपार्टमेंट काल भैरव के पास है. यमराज इस शहर में अपनी मर्जी से नहीं आ सकता. जितना हो सके मोबाइल और रील से दूर रहें. फोटो सेल्फी से महत्वपूर्ण प्रभु के दर्शन हैं. भगवान का चिंतन करिए वही आपके जीवन की नाव को पार लगाएंगे.
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बाबा विश्वनाथ को यूपीआई नेग
महाशिवरात्रि पर सिर्फ 18 घंटे में रिकॉर्ड 400 भक्तों ने यूपीआई कर बाबा विश्वनाथ को विवाह का नेग दिया. पिछले सात दिनों में जितना ऑनलाइन चढ़ावा नहीं आया, उससे ज्यादा सिर्फ रविवार को रात होने से पहले महाशिवरात्रि पर ही 400 भक्तों ने करीब पांच लाख रुपये तक श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर को वर्चुअल दान किया है. इसमें सबसे कम एक रुपये और सबसे ज्यादा 50001 रुपये तक का यूपीआई पेमेंट शामिल रहा. जबकि औसतन करीब 1200 रुपये प्रति भक्तों ने राशि भेज दी.



