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वाराणसी में पुलिस आयुक्त का बड़ा एक्शन, 9 थानेदार बदले, 3 लाइन हाजिर खराब प्रदर्शन और लापरवाही पर गिरी गाज

वाराणसी में पुलिस आयुक्त का बड़ा एक्शन, 9 थानेदार बदले, 3 लाइन हाजिर खराब प्रदर्शन और लापरवाही पर गिरी गाज
Aug 30, 2026, 03:35 AM
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Posted By Niharika dwivedi

वाराणसी. पुलिसिंग में लापरवाही और खराब प्रदर्शन को लेकर पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। शुक्रवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी के दौरान पुलिस आयुक्त ने थानों के प्रदर्शन की समीक्षा की। इसके बाद तीन निरीक्षकों को पुलिस लाइन भेजने के साथ ही नौ थानेदारों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया।

पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि थानों पर बेहतर पुलिसिंग ही अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान बनेगी। लापरवाही और निष्क्रियता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रदर्शन के आधार पर थानेदारों की जिम्मेदारी तय होगी।


इन तीन निरीक्षकों पर हुई कार्रवाई

निरीक्षक राजीव कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक फूलपुर को पुलिस लाइन भेजा गया और जनपद स्थानांतरण के लिए कार्यमुक्त किया गया। निरीक्षक दिलीप कुमार मिश्रा, प्रभारी निरीक्षक चौक और निरीक्षक दयाराम, प्रभारी निरीक्षक राजातालाब को भी पुलिस लाइन भेजा गया।


इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी

निरीक्षक अजय राज वर्मा को मण्डुवाडीह से हटाकर फूलपुर का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। निरीक्षक विजय कुमार शुक्ला को चेतगंज से हटाकर चौक की जिम्मेदारी दी गई है। उप निरीक्षक दिगम्बर उपाध्याय को लोहता से हटाकर मण्डुवाडीह का थानाध्यक्ष बनाया गया है।

वहीं उप निरीक्षक पवन पाण्डेय को चौकी प्रभारी रमना से हटाकर चेतगंज का थानाध्यक्ष बनाया गया है। उप निरीक्षक अभिजीत सिंह, प्रभारी मीडिया सेल, पुलिस आयुक्त कार्यालय को लोहता का थानाध्यक्ष बनाया गया है। उप निरीक्षक जितेन्द्र कुमार को रोहनिया से हटाकर राजातालाब का थानाध्यक्ष बनाया गया है।


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ACP स्तर पर भी बदलाव

सहायक पुलिस आयुक्त स्तर पर भी जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। अपूर्व पाण्डेय को ACP कैंट से हटाकर ACP साइबर क्राइम की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं अवकाश से वापस लौटीं प्रज्ञा पाठक को ACP कैंट का दायित्व सौंपा गया है।


जनसुनवाई से लेकर साइबर अपराध तक 12 निर्देश

अपराध समीक्षा बैठक में पुलिस आयुक्त ने सभी थाना प्रभारियों को 12 सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। सभी थानेदार रोजाना जनसुनवाई करेंगे और CUG मोबाइल फोन हर हाल में उठाएंगे। कॉल रिसीव न कर पाने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति को कॉल बैक करना अनिवार्य होगा। आमजन के साथ शालीन व्यवहार पर भी जोर दिया गया।

लंबित विवेचनाओं के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए D-60 और D-90 मामलों को तेजी से निपटाने के निर्देश दिए गए। महिला अपराधों में तत्काल FIR और त्वरित कार्रवाई के साथ लूट व चेन स्नैचिंग की घटनाओं के 100 प्रतिशत अनावरण के लिए विशेष टीमें लगाने को कहा गया।


जुआ-सट्टा और नशे के खिलाफ SOG-2

जुआ, सट्टा, देह व्यापार, अवैध हुक्का बार और मादक पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी कार्रवाई के लिए SOG-2 टीम का गठन किया गया है। इसका प्रभारी उप निरीक्षक पंकज सिंह चौहान को बनाया गया है। पुलिस आयुक्त ने निर्देश दिया कि यदि वाराणसी का कोई अपराधी दूसरे जनपद में अपराध करता है तो संबंधित थानेदार की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी।


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साइबर ठगी में पीड़ितों का पैसा वापस कराने पर जोर

वित्तीय साइबर अपराध के मामलों में पीड़ितों को राहत दिलाने के लिए पुलिस आयुक्त ने धारा 111 BNS और 107 BNSS के प्रभावी इस्तेमाल पर जोर दिया। इसके साथ ही सड़क और फुटपाथ पर अतिक्रमण कर व्यापार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तथा रोजाना पैदल गश्त के निर्देश दिए गए। स्कूल, कोचिंग संस्थानों और हॉस्टलों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा, CCTV की जांच और मनचलों व शोहदों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। सभी थानों में CCTV कैमरों को 24 घंटे चालू रखने और रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने को कहा गया है।

हर FIR और गुमशुदगी के मामले की ACP स्तर पर नियमित समीक्षा होगी। आगामी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष पुलिस प्रबंध करने के निर्देश भी दिए गए। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कहा कि प्रदर्शन आधारित जवाबदेही तय की गई है। अच्छा काम करने वाले अधिकारी को जिम्मेदारी मिलेगी, जबकि निष्क्रियता और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था शिवहरी मीणा, अपर पुलिस आयुक्त अपराध आलोक प्रियदर्शी समेत सभी ACP और थाना प्रभारी मौजूद रहे।

वाराणसी में 11 वर्षीय बालिका से छेड़छाड़ का आरोप, सेना के कर्मचारी पर केस,मासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ मुकदमा ...
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वाराणसीःमासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ कैंट थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है. इस मामले में कैंट थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है. जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसके मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी.परिजनों ने पुलिस को बताया कि 11 साल की बच्ची दूध लेने के लिए घर से बाहर गई थी. इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले सेना के हवालदार ने उसे अपने कमरे में बुलाया. कमरे के अंदर उसने बच्ची के साथ गलत हरकत शुरू कर दिया. घटना के बाद बच्ची वहां से अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरी बात बताई. बच्ची की बात सुनकर परिवार के लोग परेशान हो गए.उन्होंने मामले की जानकारी कैंट थाना पुलिस को दी और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा दर्ज किया. पुलिस अब घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है. बच्ची और उसके परिजनों से भी जानकारी ली जा रही है.ALSO READ:ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्रसाथ ही पुलिस आरोपों की पुष्टि के लिए जरूरी साक्ष्य जुटा रही है. जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण पुलिस और परिवार की ओर से बच्ची की पहचान को सार्वजनिक नहीं किया गया है.आरोपी के खिलाफ केस दर्ज हो चुका है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बनारस में नदी में होगी जलयानों की मरम्मत....
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वाराणसीः इनलैंड वाटरवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया ने रामनगर में बंदरगाह के उत्तरी छोर पर चार बीघा क्षेत्र में बनने वाले शिप रिपेयरिंग सेन्टर की शुरुआत की है. इसके साथ ही वाराणसी देश का पहला शहर होगा जहां नदी में जलयानों की मरम्मयत की जाएगी.कार्यदायी संस्था लार्सन एन्ड टुब्रो जिओ स्ट्रक्चर के कर्मचारियों ने प्राथमिक कार्य शुरू कर दिया है. यहां जहाजों को रिपेयर करने के लिए उत्त्तरी छोर पर एक वाटर चैनल बनाया जाएगा जहा जहाज नदी की मुख्य धारा से अंदर चैनल में रिपेयर होने के लिए आएंगे.कार्यदायी संस्था फिलहाल रिपेयर फैसिलिटी के प्लेटफार्म को बनाने का काम कर रही है उनके मुख्य अभियंता रमेश जोशी ने बताया कि प्रोजेक्ट को दो साल में पूरा करना है. बताया कि बारिश खत्म होने का इंतजार कर रहे थे लेकिन प्रोजेक्ट को जल्दी खत्म करने के लिए जल्दी ही काम शुरू करना पड़ा.ALSO READ: ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्रइस बाबत उन्होंने बताया कि देश मे किसी भी नदी पर बनने वाला यह पहला शिप रिपेयरिंग सेंटर है. यहां कुछ जहाजों को क्रेन के माध्यम से ड्राई डाक सूखी सतह पर लाकर रिपेयर करने की सुविधा होगी। इसके साथ ही जहाज में पानी की सतह से ऊपर की खराबी को नदी में ही ठीक कर दिया जाएगा.बताया रि देश मे अभी तक शिप रिपेयरिंग सेन्टर समुद्रों के किनारे ही बनाये जाते है देश मे किसी नदी के ऊपर पहली बार शिप रिपेयरिंग सेन्टर बन रहा है. पहले जहाजों को रिपेयरिंग के लिए कोलकाता जाना होता था जो अब बनारस में भी संभव है.
ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्र
ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्र
वाराणसी। बालू परिवहन में ओवरलोडिंग और बिना आवश्यक वैध दस्तावेजों के वाहनों के संचालन को लेकर बनारस ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने प्रशासन और खनन विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अंशुमान सिंह ने संबंधित अधिकारियों को पत्र सौंपकर ओवरलोड एवं बिना आवश्यक आईएसटीपी/वैध कागजात के बालू परिवहन करने वाले वाहनों के खिलाफ तत्काल अभियान चलाने की मांग की।एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि कुछ समय पहले प्रशासन की ओर से ओवरलोड वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया था। इस दौरान विभिन्न थाना क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ओवरलोड वाहनों को पकड़ा गया और कार्रवाई की गई। अभियान का असर यह रहा कि कुछ समय तक ओवरलोड बालू वाहनों का संचालन काफी हद तक नियंत्रित रहा, लेकिन कार्रवाई की गति धीमी पड़ने के बाद एक बार फिर ऐसे वाहनों के संचालन की शिकायतें सामने आने लगी हैं।ओवरलोडिंग से वैध ट्रक ऑपरेटरों को नुकसानएसोसिएशन के संरक्षक विजय सिंह ने कहा कि ओवरलोडिंग का सीधा असर निर्धारित क्षमता के अनुसार वाहन चलाने वाले ट्रक मालिकों पर पड़ रहा है। वैध तरीके से क्षमता के अनुरूप बालू परिवहन करने वाले वाहन संचालकों की लागत अधिक आती है, जबकि ओवरलोड वाहन कम लागत में अधिक माल पहुंचाकर अनुचित प्रतिस्पर्धा पैदा करते हैं। इससे नियमों का पालन करने वाले ट्रक ऑपरेटरों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति बन रही है।एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की कि पूर्व की तरह नियमित और प्रभावी अभियान चलाया जाए तथा बालू लदे प्रत्येक वाहन के भार और दस्तावेजों की जांच सुनिश्चित की जाए।सड़क क्षति और राजस्व नुकसान की भी जताई आशंकाट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने कहा कि ओवरलोडिंग का असर केवल परिवहन कारोबार तक सीमित नहीं है। क्षमता से अधिक भार लेकर चलने वाले भारी वाहनों से सड़कों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे सड़कें समय से पहले क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। वहीं, नियमों का उल्लंघन होने की स्थिति में सरकारी राजस्व को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।बैठक के दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों और बालू मंडी से जुड़े व्यापारियों ने ओवरलोडिंग के मुद्दे पर चर्चा की। इसके बाद प्रशासन और खनन विभाग से प्रभावी कार्रवाई के लिए पत्र सौंपने का निर्णय लिया गया।ALSO READ: BHU में शुरू हुआ रविवासरीय गीता प्रवचन, कुलसचिव बोले- विद्यार्थियों में भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ाव जरूरीमिलीभगत के आरोपों की जांच की मांगएसोसिएशन से जुड़े कुछ ऑपरेटरों ने ओवरलोड वाहनों को कथित रूप से पास कराने में बालू माफिया और जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप भी लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। एसोसिएशन ने प्रशासन से इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि आरोप गलत पाए जाएं तो स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन या मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।इस दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष अंशुमान सिंह, संरक्षक विजय सिंह, उपाध्यक्ष कुंवर सिंह, राकेश सिंह, नीतेश सिंह, महामंत्री आनंद भूषण सिंह, उपमहामंत्री शुभांशु सिंह, मंत्री मुकुंद सिंह, धर्मेंद्र यादव, जितेंद्र सिंह, मीडिया प्रभारी अजित कुमार शर्मा, कोषाध्यक्ष अनुराग सिंह (गुड्डू सिंह), सचिव दीपू यादव समेत अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।