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29 साल पुराने मामले में बड़ा फैसला, दरोगा को 10 और डॉक्‍टर को पांच साल की सजा

29 साल पुराने मामले में बड़ा फैसला, दरोगा को 10 और डॉक्‍टर को पांच साल की सजा
Jun 02, 2026, 08:59 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: लंका पुलिस की हिरासत में 29 साल पहले राजेंद्र प्रसाद सिंह की हुई मौत के मामले में विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण) अमित कुमार तिवारी की अदालत ने सोमवार को प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ डा.केके जैन,सेवानिवृत्त दरोगा नरेन्द्र प्रताप सिंह व राधेश्याम सिंह को दोषी करार दिया है. अदालत ने डा.केके जैन को पांच वर्ष के कारावास एवं 40 हजार रुपये जुर्माना,नरेंद्र प्रताप सिंह को दस साल कारावास एवं 31 हजार रुपये तथा राधेश्याम सिंह को छह माह कारावास एवं एक हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है. दोषियों द्वारा जुर्माना देने पर अदालत ने 50 प्रतिशत धनराशि मृतक के परिजन को देने का आदेश दिया है. अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी (सीबीसीआईडी) गंगाशरण ने पैरवी करते हुए मृतक की पत्नी समेत 12 गवाहों को परीक्षित कराए.


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बस में सीट को लेकर किसी यात्री से कहासुनी


अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना पांच फरवरी 1997 की है. जंसा थाना क्षेत्र के बखरिया गांव का निवासी राजेंद्र प्रसाद सिंह अपने बेटे की दवा लेने वाराणसी आया था. ककरमत्‍ता होते हुए महानगर बस से सुंदरपुर जा रहा था. बस में सीट को लेकर किसी यात्री से कहासुनी हो गई. उसी दौरान सुंदरपुर पुलिस चौकी पर तत्कालीन दरोगा नरेंद्र प्रताप सिंह मौजूद थे. राजेन्द्र को पकड़ कर पुलिस चौकी ले गए और उस पर आरोप लगाया कि यात्री दयाराम की जेब से सौ रुपये निकाल लिया है.


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बाद में पुलिस की प्रताड़ना से चौकी पर उसी दिन शाम में राजेंद्र की मौत हो गई. मृत्यु के बाद दरोगा नरेंद्र प्रताप सिंह द्वारा मृतक के खिलाफ लंका थाना पर चोरी का मुकदमा दर्ज कराया गया. इसकी विवेचना दरोगा राधेश्याम सिंह को सौंपी गई और दरोगा राधेश्याम सिंह ने अपनी विवेचना में राजेंद्र प्रसाद सिंह की मृत्यु को आत्महत्या बताया. पुलिस की ओर से आरोप लगाया गया कि मृतक ने अपने शॉल से पंखे में लटककर आत्महत्या कर ली है.


मृतक का पोस्टमार्टम कराया गया


अगले दिन बीएचयू में सुबह साढ़े पांच बजे ही मृतक का पोस्टमार्टम कराया गया. श्रीशिव प्रसाद गुप्‍त जिला अस्पताल में तैनात डा.केके जैन ने मृतक का पोस्टमार्टम किया था. डा.केके जैन ने अपनी रिपोर्ट में लटकने के कारण दम घुटने से मृत्यु होना बताया और पुलिस के कथन का समर्थन किया. लेकिन पोस्टमार्टम में यह जिक्र नहीं किया कि आत्महत्या करने से मृतक के शरीर के अंगों की स्थिति क्या थी. गले पर मिले निशान की माप के बारे में पोस्टमार्टम में उल्लेख नहीं किया था. सीबीसीआईडी की जांच में भी मृतक का शॉल,बैरक में पंखा होना नहीं पाया गया. मृतक के घरवालों को जानकारी दिए बिना ही पुलिस ने उसी दिन साढ़े सात बजे सुबह में हरिश्चंद्र घाट पर दाह-संस्कार कर दिया. मृतक की पत्नी शशिमा देवी ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उसने 11 फरवरी 1997 को मानवाधिकार आयोग में प्रार्थना पत्र दिया.


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आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज


मानवाधिकार आयोग द्वारा संज्ञान लिए जाने पर इसकी जांच सीबीसीआईडी को सौंप दी गई. सीबीसीआईडी के इंस्पेक्टर श्रीकांत पांडेय ने जांच के बाद थाना लंका 15 अप्रैल 1998 को प्रार्थना पत्र दिया और 22 अप्रैल को तत्कालीन थानाप्रभारी हसन अब्बास सहित आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया. विवेचना के बाद 11 लोगों के खिलाफ दो अलग-अलग तिथियों पर अदालत में दाखिल की गई. मुकदमे की सुनवाई सात दिसंबर 2005 से अदालत में आरंभ हुई. इनमें से दो आरोपितों अपर नगर मजिस्ट्रेट अवध मणि त्रिपाठी व कविंद्र नारायण सिंह को आरोप निर्धारण के स्तर पर न्यायालय द्वारा उन्मोचित कर दिया गया जबकि इंस्पेक्टर हसन अब्बास,कांस्टेबल शुभ नारायण सिंह,कांस्टेबल मंगरु पांडेय,कांस्टेबल चंद्रमा चौधरी की मृत्यु हो गई.


शेष पांच आरोपितों डा.केके जैन,एसआई राधेश्याम सिंह,एसआई नरेंद्र प्रताप सिंह,कांस्टेबल श्रीनिवास शुक्ला और कांस्टेबल अनिरुद्ध यादव के खिलाफ मुकदमा की सुनवाई की गई. कांस्टेबल श्रीनिवास शुक्ला व अनिरुद्ध यादव को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया. जबकि गंवाहों के बयान और पत्रावली पर उपलब्ध परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने डा.केके जैन,गोरखपुर जिला के हरपुर बुदहर थाना क्षेत्र के गिदहा निवासी सेवानिवृत्त दरोगा राधेश्याम सिंह व प्रयागराज जिला के हंडिया थाना क्षेत्र के रघूपुर गांव के निवासी नरेंद्र प्रताप सिंह को दोषी पाया.


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मोदी के जन्मदिन पर 1076 बेटियों ने दी शुभकामना
मोदी के जन्मदिन पर 1076 बेटियों ने दी शुभकामना
वाराणसी: प्रधानमंत्री एवं वाराणसी के सांसद नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर बुधवार को परमानंदपुर मिनी स्टेडियम में खेल प्रतिभाओं का अनूठा संगम देखने को मिला. जन्मदिन समारोह में 1076राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की बालिका खिलाड़ियों के साथ विकास इंटर कॉलेज, परमानंदपुर की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की. बड़ी संख्या में बेटियों की मौजूदगी से पूरा स्टेडियम उत्सव के रंग में रंगा नजर आया.कार्यक्रम के दौरान बालिका खिलाड़ियों और छात्राओं में खासा उत्साह रहा. खेल मैदान से लेकर समारोह स्थल तक बेटियों की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को विशेष बना दिया. कार्यक्रम के समापन पर बालिकाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशाल कटआउट के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और सेल्फी लेकर इस यादगार अवसर को कैमरे में कैद किया. इसके बाद एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जन्मदिन की खुशियां साझा कीं.कार्यक्रम के संयोजक हॉकी वाराणसी के अध्यक्ष एवं विकास एजुकेशनल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. एके सिंह ने कहा कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद देश में खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में कई प्रयास हुए हैं. इससे खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए नए अवसर मिले हैं और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिला है.उन्होंने कहा कि बेटियों की खेलों में बढ़ती भागीदारी देश के लिए सकारात्मक संकेत है. राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाली खिलाड़ियों के साथ छात्राओं की सहभागिता से नई पीढ़ी को खेलों के प्रति प्रेरणा मिलेगी.ALSO READ:रथयात्रा के बंद मकान में चल रहा था जुए का अड्डा, 47 लोग गिरफ्तारसमारोह में 1076 बालिका खिलाड़ियों की भागीदारी आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही. खेल और युवा प्रतिभाओं को केंद्र में रखकर आयोजित इस कार्यक्रम ने बेटियों की प्रतिभा, उत्साह और खेलों के प्रति उनके बढ़ते रुझान को सामने रखा.
रथयात्रा के बंद मकान में चल रहा था जुए का अड्डा, 47 लोग गिरफ्तार
रथयात्रा के बंद मकान में चल रहा था जुए का अड्डा, 47 लोग गिरफ्तार
वाराणसी: सिगरा थाना क्षेत्र के रथयात्रा इलाके में पुलिस और SOG-2 की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बंद मकान में चल रहे जुए के अड्डे का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से 47 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से करीब 10 लाख रुपये नकद, कई वाहन, मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद किया गया है।डीसीपी क्राइम नीतू काद्यान की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, रथयात्रा के पास एक मकान में बाहर से ताला लगाकर अंदर जुआ खेले जाने की सूचना पुलिस को मिल रही थी। इसके बाद टीम ने करीब तीन से चार दिन तक मकान की गतिविधियों पर नजर रखी। जब अंदर बड़ी संख्या में लोग जुटे तो SOG-2 और सिगरा पुलिस की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापा मारा। कार्रवाई के दौरान 47 लोगों को जुआ खेलते हुए पकड़ा गया।पुलिस की जांच में सामने आया कि विशाल सिंह नाम के व्यक्ति ने मकान को लीज पर लिया था। पुलिस के अनुसार, इसी मकान से जुए का संचालन किया जा रहा था। पकड़े गए लोगों में वाराणसी के साथ आसपास के जनपदों के लोग भी शामिल हैं।पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास और पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, मामले में संगठित अपराध समेत अन्य धाराओं में सख्त कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है।ALSO READ:आईएमएस के वार्षिक दिवस समारोह को लेकर बैठक, स्वास्थ्य मेले में एआई और आईआईटी की तकनीकी मदद लेने पर जोरडीसीपी क्राइम नीतू काद्यान ने बताया कि मामले में अभी जांच जारी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और जल्द ही इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी मीडिया के सामने प्रस्तुत की जाएगी।
आईएमएस के वार्षिक दिवस समारोह को लेकर बैठक, स्वास्थ्य मेले में एआई और आईआईटी की तकनीकी मदद लेने पर जोर
आईएमएस के वार्षिक दिवस समारोह को लेकर बैठक, स्वास्थ्य मेले में एआई और आईआईटी की तकनीकी मदद लेने पर जोर
वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय के चिकित्सा विज्ञान संस्थान (IMS-BHU) में आगामी वार्षिक दिवस समारोह को लेकर बुधवार को कमेटी की बैठक आयोजित की गई। आईएमएस कमेटी रूम में हुई बैठक की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक प्रो. एस.एन. शंखवार ने की। बैठक में पिछले वर्ष के कार्यक्रम की समीक्षा के साथ इस वर्ष आयोजित होने वाले स्वास्थ्य मेले को और अधिक उपयोगी एवं जनसुलभ बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।कार्यक्रम समन्वयक प्रो. टी.पी. चतुर्वेदी ने पिछले वर्ष आयोजित कार्यक्रम की गतिविधियों और अनुभवों की समीक्षा प्रस्तुत की। इसके बाद इस वर्ष के स्वास्थ्य मेले के समन्वयक प्रो. वी.एन. मिश्रा के साथ जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारियों पर चर्चा हुई।स्वास्थ्य मेले में एआई और आईआईटी की तकनीकी मददप्रो. वी.एन. मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष महामना के उद्देश्यों के अनुरूप स्वास्थ्य मेले को और व्यापक बनाने के लिए चिकित्सा विज्ञान संस्थान के साथ आईआईटी-बीएचयू की तकनीकी विशेषज्ञता का सहयोग लिया जाएगा। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अन्य तकनीकी संसाधनों का भी उपयोग किए जाने की योजना है।बैठक में निदेशक प्रो. एस.एन. शंखवार ने कहा कि स्वास्थ्य मेले के माध्यम से काशी की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। लोगों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था के साथ आधुनिक चिकित्सा, आयुर्वेद और डेंटल चिकित्सा के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य संबंधी उचित परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा।कमेटी सदस्यों ने दिए सुझावबैठक में मेडिसिन संकाय प्रमुख प्रो. संजय गुप्ता, आयुर्वेद संकाय प्रमुख प्रो. मूर्ति, डेंटल संकाय प्रमुख प्रो. अतुल भटनागर, प्रो. भुवाल राम और प्रो. एस.के. भारती समेत कमेटी के अन्य पदाधिकारियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अपने सुझाव दिए।ALSO READ :लोहता में बुनकरों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर शुरू, विशेषज्ञ डॉक्टर देंगे परामर्श...इस अवसर पर प्रो. वी.एम. सिंह, वैद्य सुशील दुबे, डॉ. अखिलेश चन्द्र, डॉ. महेश, प्रो. संगीता, डॉ. नीरज त्रिपाठी, डॉ. संतोष सिंह और प्रो. अजय पांडे समेत अन्य कमेटी पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में स्वास्थ्य मेले को अधिक प्रभावी, तकनीक आधारित और आम जनता के लिए उपयोगी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।