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कुलपति का वाट्सएप हैक, मैसेज भेजकर 46000 रुपये मांगे, पुलिस से की शिकायत

कुलपति का वाट्सएप हैक, मैसेज भेजकर 46000 रुपये मांगे, पुलिस से की शिकायत
Jun 02, 2026, 08:39 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: हैकर ने बीएचयू के पालि एवं बौद्ध अध्ययन विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर और नव नालंदा महाविहार के कुलपति प्रो. सिद्धार्थ सिंह काे भी नहींं बख्‍शा. उनका वाट्सएप अकाउंट हैक कर लिया गया. हैकर उनके नाम और फोटो का इस्तेमाल कर परिचितों को मैसेज भेजकर पैसे मांग रहा है. मामला सामने आने के बाद कुलपति ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने के साथ क्राइम ब्रांच को भी लिखित शिकायत दी है.


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वाट्सएप अकाउंट हैक


जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब 1:22 बजे प्रो. सिद्धार्थ सिंह के वाट्सएप नंबर से उनके परिचितों और प्रोफेसरों को एक मैसेज भेजा गया. मैसेज में लिखा था कि “अकाउंट में 46 हजार रुपए होंगे क्या, किसी को ट्रांसफर करना था.” इसके बाद सामने वाले से पैसे भेजने की बात कही गई और यूपीआई नंबर देने की तैयारी की गई. कुछ परिचितों को जब इस तरह का संदिग्ध मैसेज मिला तो उन्होंने तत्काल प्रो. सिद्धार्थ सिंह को फोन किया. बातचीत के दौरान पता चला कि उनका वाट्सएप अकाउंट हैक कर लिया गया है और कोई अज्ञात व्यक्ति उनके नाम से लोगों से पैसे मांग रहा है.


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इस मामले की जानकारी मिलते ही प्रो. सिद्धार्थ सिंह ने तुरंत अपने वाट्सएप की डीपी बदल दी और स्टेटस पर लोगों को सतर्क रहने की सूचना जारी की. साथ ही उन्होंने साइबर अपराध की ऑनलाइन शिकायत करने के अलावा क्राइम ब्रांच को लिखित तहरीर भी दी. उन्होंने पुलिस को उन मैसेजों के स्क्रीनशॉट भी उपलब्ध कराए हैं, जो उनके नाम से लोगों को भेजे गए थे. प्रो. सिद्धार्थ सिंह ने अपने संदेश में लिखा, “मेरा फोटो का दुरुपयोग कुछ व्यक्तियों द्वारा वाट्सएप एवं अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर किया जा रहा है.


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प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान


आप सभी से विनम्र अनुरोध है कि किसी अज्ञात मोबाइल नम्बर से प्रेषित फोटो युक्त संदेश अथवा किसी भी प्रकार के सोशल मीडिया संदेश को गंभीरता से न लें और न ही उस पर प्रतिक्रिया दें.” 55 वर्षीय प्रो. सिद्धार्थ सिंह प्रख्यात साहित्‍यकार प्रो. काशीनाथ सिंह के पुत्र हैं. वह बीएचयू के पालि एवं बौद्ध अध्ययन विभाग के विभागाध्यक्ष भी रह चुके हैं. वर्तमान में वह नव नालंदा महाविहार के कुलपति के रूप में कार्यरत हैं. प्रो. सिंह वर्ष 2018 से 2022 तक टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास में विवेकानंद भारतीय सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक रहे. उन्होंने जापान में भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.


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प्रोफेसर विजयनाथ मिश्र ने ने किया ओपन-स्पेस ग्रुप प्रदर्शनी का उद्घाटन
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वाराणसी : ललित कला काशी 'वर्थ एंड वरशिप' (Worth and Worship) प्रदर्शनी पेश कर रहा है।ललित कला काशी 15 से 17 जुलाई, 2026 तक वाराणसी के ऐतिहासिक घाटों पर "वर्थ एंड वरशिप" नाम की एक ओपन-स्पेस ग्रुप प्रदर्शनी आयोजित की गई है। डॉ. प्रियंका चंद्रा द्वारा क्यूरेट की गई इस अनोखी आउटडोर प्रदर्शनी में दस अवॉर्ड-प्राप्त कलाकार शामिल हैं: सिद्धार्थ, रामकुमार माहेश्वरी, आशिमा मेहरोत्रा, अनिल कुमार पटेल, स्वाति रंजन, दीपशिखा वर्मा, स्वाति झा, शालिनी सिंह, रितेक राज और सूरज वर्मा।इसका भव्य उद्घाटन आज 15 जुलाई को शाम 6 बजे सुबह-ए-बनारस घाट पर मुख्य अतिथि प्रो. विजय नाथ मिश्रा ने की। इसके बाद यह प्रदर्शनी लोगों तक पहुँचने के लिए तुलसी, आदिनाथ, चेत सिंह और अस्सी घाटों पर जाएगी।ALSO READ: चाय की दुकान पर बिक रही थी अवैध शराब और बीयर, सिगरा पुलिस के छापे में भंडाफोड़पवित्र गंगा के किनारे, यह एग्ज़िबिशन दस आर्टिस्ट को दुनियावी लालच ("वर्थ") और भगवान की भक्ति ("वर्शिप") के बीच की पतली लाइन को समझने के लिए एक साथ लाती है, जो कुछ समय के लिए और हमेशा रहने वाले के बीच इंसानी संघर्ष को दिखाती है।
चाय की दुकान पर बिक रही थी अवैध शराब और बीयर, सिगरा पुलिस के छापे में भंडाफोड़
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वाराणसी: सिगरा थाना क्षेत्र के विजयनगरम मार्केट में संचालित एक चाय की दुकान पर अवैध रूप से शराब और बीयर की बिक्री किए जाने का मामला सामने आया है। सूचना मिलने पर सिगरा पुलिस ने छापेमारी कर दुकान से बड़ी मात्रा में शराब और बीयर बरामद की तथा अवैध कारोबार का भंडाफोड़ कर दिया।पुलिस के अनुसार, लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि चाय की दुकान की आड़ में चोरी-छिपे शराब और बीयर बेची जा रही है। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान दुकान से विभिन्न ब्रांड की शराब और बीयर की बोतलें बरामद हुईं।ALSO READ: बरेका में नराकास की छमाही बैठक, हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन और नवाचार पर मंथनपुलिस ने मौके से दुकान संचालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बरामद शराब और बीयर को जब्त कर लिया गया है। मामले में आबकारी अधिनियम समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।सिगरा पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बरेका में नराकास की छमाही बैठक, हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन और नवाचार पर मंथन
बरेका में नराकास की छमाही बैठक, हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन और नवाचार पर मंथन
वाराणसी: बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में बुधवार को भारत सरकार के गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग के तत्वावधान में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), वाराणसी की छमाही बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नराकास के अध्यक्ष एवं बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने की, जिसमें नगर के 60 से अधिक केंद्रीय कार्यालयों के प्रमुखों और प्रतिनिधियों ने भाग लेकर राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन, नवाचार और डिजिटल माध्यमों में इसके बढ़ते उपयोग पर व्यापक चर्चा की।बैठक में महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने कहा कि राजभाषा हिंदी केवल कार्यालयी भाषा नहीं, बल्कि प्रशासन और आमजन के बीच संवाद का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने सदस्य कार्यालयों से हिंदी को सरल, प्रभावी और तकनीक-सम्मत बनाकर अधिकाधिक प्रयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने भारतेंदु हरिश्चंद्र के प्रसिद्ध कथन "निज भाषा उन्नति अहै" का उल्लेख करते हुए प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के व्यापक उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया।इस दौरान नराकास, वाराणसी की पत्रिका 'बनारस दर्पण' तथा आईआईटी-बीएचयू की राजभाषा पत्रिका 'अभ्युदय' का लोकार्पण भी किया गया। बैठक में पिछली कार्यवृत्त की पुष्टि, निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा तथा विभिन्न सदस्य कार्यालयों की राजभाषा संबंधी प्रगति और उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने अपने संस्थानों में हिंदी के प्रचार-प्रसार और नवाचारों से जुड़े अनुभव भी साझा किए।ALSO READ: पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह एक और मामले में बरी, 36 साल पुराने प्रकरण का पटाक्षेपपूर्वोत्तर रेलवे, वाराणसी के मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन ने कहा कि किसी भी संगठन की सफलता जनता से उसके जुड़ाव पर निर्भर करती है और हिंदी इस जुड़ाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। वहीं गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग के सहायक निदेशक (कार्यान्वयन) अजय कुमार चौधरी ने राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हिंदी के बढ़ते उपयोग तथा सदस्य कार्यालयों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।बैठक में बरेका के उप महाप्रबंधक सागर, प्राचार्य प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र सुभाष चंद्र यादव सहित अनेक अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन नराकास के सदस्य सचिव एवं वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी यथार्थ पाण्डेय ने किया तथा अंत में उन्होंने सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।