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वाराणसी में लूट का नया पैतरा, मारपीट कर ट्रांसफर कराते थे रकम, तीन गिरफ्तार

वाराणसी में लूट का नया पैतरा, मारपीट कर ट्रांसफर कराते थे रकम, तीन गिरफ्तार
Jun 02, 2026, 07:43 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: भुक्‍तभोगियों को मारपीट कर मोबाइल लूटने और गेमिंग एप के जरिए रकम ट्रांसफर कराने वाले गिरोह के तीन आरोपियों को सारनाथ पुलिस ने सोमवार को हृदयपुर अंडरपास से गिरफ्तार किया. आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन, घटना में प्रयुक्त बाइक और 2510 रुपये बरामद किए गए. एडीसीपी वरुणा लिपि नागायच ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में चोलापुर के टिसौरा निवासी अनीश कुमार चौबे उर्फ विशाल, सिंधोरा के मवईया निवासी धीरज यादव उर्फ गोलू और चोलापुर के मुरली निवासी अनिकेत यादव उर्फ गोलू शामिल हैं.


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कमीशन काटने के बाद पैसे वापस मिल जाते थे


31 मई की रात आरोपियों ने सिंहपुर रिंग रोड पर पेशे से ठेकेदार बाइक सवार युवक को रोक लिया और उसकी पिटाई करने के बाद उसके मोबाइल से फोनपे के जरिए 91 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए. पूछताछ में आरोपी अनीश चौबे ने बताया कि रकम सीधे बैंक खाते में न मंगाकर ऑनलाइन गेम 'एविएटर' के खाते में ट्रांसफर कराई जाती थी, ताकि पुलिस आसानी से उन तक न पहुंच सके. उसने बताया कि बाद में गेमिंग खाते से रकम वापस निकाल ली जाती थी और आपस में बांट ली जाती थी. सारनाथ एसीपी विदुष सक्सेना ने बताया कि यह एक गिरोह है, जो ऑनलाइन गेमिंग की लत का फायदा उठाकर अपराध कर रहा था. ठगी और लूट के जरिए हासिल रकम गेमिंग खातों में भेजी जाती थी, जहां से कमीशन काटने के बाद पैसे वापस मिल जाते थे.


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तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज


सारनाथ थानाध्यक्ष पंकज त्रिपाठी ने बताया कि अनीश चौबे कटरा और होटल का संचालन भी करता है. वह ऑनलाइन गेमिंग में काफी पैसा हार चुका था. यहां तक कि उसने अपनी सोने की चेन भी गिरवी रख दी थी. लगातार नुकसान होने के बाद वह अपने साथियों के साथ लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देने में शामिल हो गया. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने इस तरह कितने लोगों को निशाना बनाया है. तीनों आरोपियों के खिलाफ पहले से भी आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं.


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काशी लाया गया कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सूरज हेगड़े का अस्थि कलश, गंगा में विसर्जित...
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वाराणसी : अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव एवं कर्नाटक सरकार में दर्जा प्राप्त कैबिनेट मंत्री रहे सूरज हेगड़े के आकस्मिक निधन के बाद पूरे कांग्रेस परिवार में शोक की लहर है. उनके निधन को कांग्रेस संगठन के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है. इसी क्रम में शुक्रवार को उनके परिजन स्व. सूरज हेगड़े का अस्थि कलश लेकर काशी पहुंचे, जहां सनातन परंपरा के अनुसार वैदिक मंत्रोच्चारण और धार्मिक विधि-विधान के बीच मां गंगा की पावन गोद में उनका अस्थि विसर्जन किया गया. अस्थि विसर्जन के दौरान उपस्थित कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं ने स्व. सूरज हेगड़े को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना की. पूरे वातावरण में श्रद्धा, भावुकता और शोक का माहौल देखने को मिला.महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे परिजनों के साथ मौजूद रहे. उन्होंने स्व. सूरज हेगड़े को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सचिव सूरज हेगड़े जी का निधन केवल कांग्रेस पार्टी ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी एक बड़ी क्षति है. सूरज हेगड़े जी कांग्रेस के समर्पित, कर्मठ और दूरदर्शी नेता थे. उन्होंने एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की और अपनी मेहनत, संगठन के प्रति निष्ठा तथा नेतृत्व क्षमता के बल पर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे.उन्होंने भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी सहित संगठन के अनेक महत्वपूर्ण दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया और शीर्ष नेतृत्व के विश्वासपात्र नेताओं में शामिल रहे. राहुल गांधी के भी वे बेहद करीबी सहयोगियों में गिने जाते थे. सूरज हेगड़े का असमय निधन कांग्रेस परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है. उनका व्यक्तित्व प्रेरणादायी था और वे हमेशा कार्यकर्ताओं का सम्मान करते थे. संगठन को मजबूत बनाने के लिए उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा. वाराणसी सहित पूरे देश का कांग्रेस परिवार इस दुख की घड़ी में उनके परिजनों के साथ मजबूती से खड़ा है. हम बाबा विश्वनाथ जी से प्रार्थना करते हैं कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा उनके परिवार को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति और संबल प्रदान करें. इस दौरान महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, महानगर अध्यक्ष युवा कांग्रेस चंचल शर्मा, रोहित दुबे, किशन यादव, विनीत चौबे, परवेज़ ख़ान, अनुभव राय, रामजी गुप्ता आदि लोग उपस्थित रहे.ALSO READ : काशी में श्री जगन्नाथ महाप्रभु स्नान यात्रा के बाद अस्‍वस्‍थ, भव्य रथयात्रा महोत्सव की तैयारियां तेज...
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वाराणसी : अस्सी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु की पावन स्नान यात्रा के उपरांत 14 दिनों तक चलने वाली अनवसर लीला का शुभारंभ हो गया है. मान्यता के अनुसार इस दौरान भगवान अस्वस्थ होने के कारण श्रद्धालुओं को दर्शन नहीं देते और विशेष सेवा-पूजन किया जाता है. इसके साथ ही आगामी भव्य रथयात्रा महोत्सव-2026 की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं.शुक्रवार को श्री जगन्नाथ जी ट्रस्ट के अध्‍यक्ष ब्रिजेश सिंह ने मीडिया को बताया कि काशी भारत की प्राचीनतम सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक नगरी है, जहां सनातन धर्म की गौरवशाली परंपराएं आज भी जीवंत हैं. काशी को धर्म की राजधानी कहा जाता है और यहां स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर को विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है.श्री जगन्नाथ महाप्रभु भगवान विष्णु का दिव्य स्वरूप माने जाते हैं. ओडिशा के पुरी धाम के साथ-साथ काशी में भी उनकी आराधना सदियों से श्रद्धा और परंपरा के साथ की जाती है. यहां श्री जगन्नाथ मंदिर को श्रीक्षेत्र पुरी धाम का प्रतीक स्वरूप माना जाता है, जहां भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की विधिवत पूजा-अर्चना होती है. ट्रस्ट ने बताया कि ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार काशी में भगवान श्री जगन्नाथ की दिव्य प्रतिमा की प्रतिष्ठा वर्ष 1790 ईस्वी में हुई थी तथा इसके बाद से यह मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है.ALSO READ : अमरनाथ यात्रा में मिलेगा बनारसी स्‍वाद, काशी के सेवादार संभालेंगे भंडारे की कमान...वर्ष 1802 से यहां लगातार श्री जगन्नाथ रथयात्रा मेले का आयोजन किया जा रहा है, जिसे शताब्दियों पुरानी परंपरा के रूप में आज भी श्रद्धा, सेवा और भक्ति भाव के साथ निभाया जा रहा है. हर वर्ष अनवसर लीला के उपरांत भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा भव्य रथ पर आरूढ़ होकर भक्तों को दर्शन देते हैं. यह रथयात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, लोक परंपरा और सनातन आस्था का भव्य उत्सव भी मानी जाती है. इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत, विद्वान एवं काशीवासी शामिल होकर दिव्यता, एकता और सांस्कृतिक गौरव का अनुभव करते हैं.
अमरनाथ यात्रा में मिलेगा बनारसी स्‍वाद, काशी के सेवादार संभालेंगे भंडारे की कमान...
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वाराणसी : बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को अमरनाथ यात्रा में काशी का विशेष स्वाद चखने का अवसर मिलेगा. श्री बाबा काशी विश्वनाथ सेवा समिति वाराणसी के 70 सेवादार चंदनवाड़ी में विशाल सेवा शिविर और भंडारे का संचालन करेंगे. यह समिति पिछले 25 वर्षों से यात्रा में सेवा प्रदान कर रही है. इसका भंडारा 3 जुलाई से रक्षाबंधन तक चलेगा. समिति के अध्यक्ष दिलीप सिंह बंटी ने बताया कि श्रद्धालुओं को बनारस की प्रसिद्ध पूड़ी-कचौड़ी, गरम जलेबी, ठंडाई और बनारसी पान निःशुल्क परोसा जाएगा. असली स्वाद के लिए बनारस से अनुभवी हलवाई भी ले जाए जा रहे हैं.बनारसी व्यंजनों के साथ-साथ दक्षिण भारतीय, गुजराती और पंजाबी भोजन भी श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराया जाएगा. रोजाना 1000-1500 श्रद्धालुओं के भोजन की व्यवस्था की जाएगी. इसके साथ ही 300 यात्रियों के ठहरने, गर्म कपड़े, शॉल और मोजे की सुविधा भी शिविर में उपलब्ध रहेगी. सेवा कार्य के लिए सेवादारों का पहला जत्था 20 जून को रवाना हो चुका है. शेष 70 सेवादार 28 जून को वाराणसी से ट्रेन द्वारा चंदनवाड़ी पहुंचेंगे. इनमें रसोइये, पदाधिकारी और स्वयंसेवक शामिल हैं.काशी की आतिथ्य परंपरा और बनारसी व्यंजनों की खुशबू इस बार बाबा बर्फानी के दरबार तक पहुंचेगी. श्रद्धालुओं के लिए यह पहल स्वाद के साथ-साथ काशी की सेवा संस्कृति की मिसाल बनेगी. अमरनाथ यात्रा में इस बार श्रद्धालुओं को काशी के विशेष व्यंजनों का अनुभव करने का मौका मिलेगा. समिति के अध्यक्ष दिलीप सिंह बंटी ने बताया कि यह भंडारा 3 जुलाई से रक्षाबंधन तक चलेगा. पिछले 25 वर्षों से यह समिति अमरनाथ यात्रा में सेवा कर रही है. इस बार श्रद्धालुओं को बनारस की प्रसिद्ध पूड़ी-कचौड़ी, गरम जलेबी, ठंडाई और बनारसी पान का स्वाद निःशुल्क मिलेगा.ALSO READ:वाराणसी में बार कोड उल्लंघन पर कार्रवाई, 183 आटो-ई रिक्‍शा सीज...इस भंडारे में बनारसी व्यंजनों के साथ-साथ अन्य राज्यों के व्यंजन भी उपलब्ध होंगे. श्रद्धालुओं के लिए रोजाना 1000-1500 लोगों के भोजन की व्यवस्था की जाएगी. इसके अलावा, 300 यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था, गर्म कपड़े, शॉल और मोजे की सुविधा भी शिविर में उपलब्ध रहेगी. सेवा कार्य के लिए सेवादारों का पहला जत्था 20 जून को रवाना हो चुका है. शेष 70 सेवादार 28 जून को वाराणसी से ट्रेन द्वारा चंदनवाड़ी पहुंचेंगे. इनमें रसोइये, पदाधिकारी और स्वयंसेवक शामिल हैं.