आतंकी हमले में फंसाने की धमकी देकर 28 लाख ठगे, 10 दिन डिजिटल अरेस्ट पर रखा

वाराणसी : साइबरअपराधी नित ठगी के नित नए तरीके अपना रहे हैं. इस बार आतंकी हमले में फंसाने के नाम पर ठगों ने घटना को अंजाम दिया. पहलगाम आतंकी हमले में फंसाने की धमकी देकर रामजनम प्रसाद को साइबर ठगों ने पीड़ित को 10 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा. करीब 28.65 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई. पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई. बड़ागांव थाना क्षेत्र के वीरापट्टी बझियांबारी निवासी रामजनम प्रसाद ने बताया कि 6 दिसंबर की सुबह 8.30 बजे अनजान नंबर से कॉल आई. कॉल करने वाले ने खुद को एटीएस लखनऊ का अधिकारी बताया और कहा कि पहलगाम आतंकी हमले में उनका नाम शामिल पाया गया है. उन्हें एटीएस मुख्यालय पुणे से जल्द एनओसी प्रपत्र जारी कराने को कहा गया.

इसके बाद लगभग 12 मिनट तक वाट्सएप पर बातचीत हुई. ठगों ने कहा कि जितना सहयोग करेंगे, जांच उतनी जल्दी पूरी होगी और पैसा वापस उनके खाते में आएगा. उन्हें एक बैंक खाता नंबर दिया गया और 15 दिसंबर से 24 दिसंबर के बीच 28,65,000 रुपये भेजे गए. बाद में पता चला कि यह साइबर ठगी का जाल था. साइबर क्राइम थाना प्रभारी गोपालजी कुशवाहा ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है.
साइबर जालसाज के झांसे में आई महिला के खाते से 37 हजार की निकासी
अस्पताल में बच्चे के भर्ती होने का झांसा देकर कैंट क्षेत्र निवासी महिला से साइबर ठग ने 37 हजार रुपये की ठगी कर ली. नदेसर निवासी रफीला बेगम ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि 26 नवंबर की शाम करीब 5:18 बजे कॉल आई. काल करने वाले व्यक्ति ने खुद को अस्पताल काउंटर पर तैनात बताते हुए कहा कि उनका बच्चा इमरजेंसी में भर्ती है और इलाज के लिए तुरंत पैसों की जरूरत है.
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आरोपी ने भरोसा दिलाया कि वह रकम उनके खाते में ट्रांसफर कर रहा है और डॉ. अतुल के नाम पर 37 हजार रुपये भेजने को कहा. ठग की बातों में आकर पीड़िता को पहले 200 रुपये, फिर 12 हजार रुपये और उसके बाद 25 हजार रुपये भेजे जाने के मैसेज मिले, लेकिन यह रकम उनके खाते में कभी जमा नहीं हुई. कैंट थाना प्रभारी शिवाकांत मिश्रा ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर लेनदेन के खातों को खंगाला जा रहा है.


