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सरकारी योजनाओं को घर-घर पहुंचाने की जिम्मेदारी उठाएंगे मंडल कार्यकर्ता

सरकारी योजनाओं को घर-घर पहुंचाने की जिम्मेदारी उठाएंगे मंडल कार्यकर्ता
Mar 29, 2026, 08:23 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: उत्तर-प्रदेश के वाराणसी जिले में स्थित पिंडरा विधानसभा के सिंधोरा मंडल में आयोजित हुए पं0 दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान के समापन सत्र में मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता के रूप में जिला मीडिया प्रभारी अरविंद मिश्रा शामिल हुए. इस मौके पर उन्होंने समापन समारोह में मौजूद कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया, एआई समेत तमाम विषयों पर जानकारी दी. जहां मुख्य अतिथि मिश्रा ने एक बड़ा बयान दिया और कहा कि, यह प्रशिक्षण अभियान वास्तव में सेवा, संगठन और समर्पण की भावना को मजबूत करने का प्रयास है, इसके जरिए हर व्यक्ति अपना कार्य ईमानदारी के साथ करेगा. वो किसी भी परिस्थिति में डगमगा नहीं सकता है.


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"महाअभियान को हर घर पहुंचाने की कोशिश"


वहीं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अरविंद मिश्रा ने कहा कि ये कार्यक्रम कोई मामूली नहीं, बल्कि ये वो समारोह है जिससे भारतीय जनता पार्टी का हर एक कार्यकर्ता इस महाभियान के माध्यम से जुड़ा हुआ है, जिसके तहत वो यह संकल्प लेता है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राष्ट्र निर्माण के इस महाअभियान को गांव-गांव, घर-घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी लेता है. पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान का उद्देश्य केवल संगठन को मजबूत करना नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं को समाज के प्रति अधिक संवेदनशील, जागरूक और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना भी है.


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"कार्यकर्ताओं को योग्य बनाने की कोशिश"


समापन समारोह को संबोधित करते हुए अरविंद मिश्रा ने बताया कि, AI और सोशल मीडिया जैसे आधुनिक साधनों का प्रशिक्षण देकर कार्यकर्ताओं को इस योग्य बनाने की कोशिश की जा रही है कि, वे सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी सीधे जन-जन तक पहुंचा सकें. बता दें, ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल, फूलपुर में आयोजित हुए समापन सत्र की अध्यक्षता पूर्व मंडल अध्यक्ष शर्मेश सिंह ने अपने हाथों की.


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हालांकि, कार्यक्रम का संचालन जिला मंत्री बृजभूषण शर्मा ने किया. वहीं इस समारोह में प्रशिक्षण कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष बसंत उपाध्याय, जिला मंत्री बृजभूषण शर्मा ,संतोष यादव, श्याम शंकर सिंह ,रोहित चौहान ,सर्वेश सिंह ,महेश सिंह, संतोष सिंह, आशीष पांडे, गुलबहार माली ,सुरेश पांडे ,अजय उपाध्याय ,रमाकांत मिश्रा ,रोहित चौहान, पावरू चौहान, राजू यादव , मिथिलेश सिंह समेत रघुवंशी समेत कई दिग्गज लोग मौजूद रहे.

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काशी विश्‍वनाथ मंदिर में एप आधारित नई व्‍यवस्‍था, श्रद्धालुओं को होगा बेहतर अनुभव
काशी विश्‍वनाथ मंदिर में एप आधारित नई व्‍यवस्‍था, श्रद्धालुओं को होगा बेहतर अनुभव
New app-based system at Kashi Vishwanath Temple, devotees will have a better experienceवाराणसी: काशी विश्वनाथ मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अब दर्शन व्यवस्था और अधिक सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाया जा रहा है. मंदिर न्यास ने श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और बेहतर अनुभव देने के उद्देश्य से एप-आधारित नई व्‍यवस्‍था लागू करने का निर्णय लिया है. श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास एक मई से ऐप आधारित व्यवस्था शुरू करने जा रहा है. इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. काशी विश्वनाथ न्यास परिषद के सीईओ डॉ. विश्वभूषण ने बताया कि इसमें श्रद्धालुओं के मूल विवरण अनिवार्य रूप से प्राप्त किए जाएंगे. कई भाषाओं में प्रशिक्षित कर्मचारियों की नियुक्ति इस आधार पर उनका सामान्य, क्षेत्रीय और भाषाई वर्गीकरण किया जाएगा. इससे कई भाषाओं में प्रशिक्षित कर्मचारियों की नियुक्ति कर बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा. सुरक्षा की दृष्टि से नई व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी. आगंतुकों की मूल पहचान संबंधी जानकारी सीमित अवधि तक सुरक्षित रखी जाएगी. काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अनुसार, धाम में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को भाषा और क्षेत्रीय भिन्नताओं के कारण कई बार असुविधा का सामना करना पड़ता है. इसी समस्या को दूर करने के लिए यह नई व्यवस्था शुरू की जा रही है.ई प्रणाली के तहत सुगम दर्शन, अभिषेक और अन्य विशेष सेवाओं के लिए आने वाले श्रद्धालुओं का पंजीकरण एप के माध्यम से किया जाएगा. इसमें आधार संख्या सहित कुछ जरूरी विवरण दर्ज करना अनिवार्य होगा. इस डेटा के आधार पर श्रद्धालुओं का भाषाई और क्षेत्रीय वर्गीकरण किया जाएगा, जिससे संबंधित भाषाओं में प्रशिक्षित कर्मचारियों की तैनाती की जा सकेगी. इससे श्रद्धालुओं को अधिक सहज और संतोषजनक अनुभव मिलेगा.Also Read: बुद्ध पूर्णिमा: सारनाथ बौद्ध अनुयायियों से गुलजार, भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेष के किए दर्शननई व्यवस्था आगामी दिनों में शुरू की जाएगी यह नई व्यवस्था आगामी दिनों में शुरू की जाएगी और 1 मई 2026 के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. न्यास ने स्पष्ट किया है कि सामान्य श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क दर्शन व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है. काशीवासियों के लिए भी विशेष द्वार से सुबह और शाम के समय मुफ्त दर्शन की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी. मंदिर न्यास ने श्रद्धालुओं से इस नई व्यवस्था के सफल संचालन के लिए सहयोग की अपील की है. साथ ही, सुझाव देने के लिए आधिकारिक वेबसाइट और ईमेल के माध्यम से अपनी राय साझा करने का आग्रह किया गया है.https://www.youtube.com/watch?v=OxmuubD2ofQ
बुद्ध पूर्णिमा: सारनाथ बौद्ध अनुयायियों से गुलजार, भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेष के किए दर्शन
बुद्ध पूर्णिमा: सारनाथ बौद्ध अनुयायियों से गुलजार, भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेष के किए दर्शन
Buddha Purnima: Sarnath buzzes with Buddhist followers, offering prayers to the relics of Lord Buddhaवाराणसी: वैशाख बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर शुक्रवार को सारनाथ गुलजार है. इस अवसर पर सुबह मूलगंध कुटी बौद्ध मंदिर में हजारों बौद्ध अनुयायी भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेष का दर्शन पूजन कर निहाल हुए. दिन भर बौद्ध भिक्षुओं की चहल पहल बनी रही. मंदिर और मठों में विशेष सजावट की गई. बौद्ध मंदिर के विहाराधिपति भिक्षु आर सुमित्ता नन्द थेरो के नेतृत्व में हीरा मोती से जड़ित फ्लास्क में रखा बुद्ध अस्थि अवशेष मन्दिर के हाल में दर्शन को रखा गया.जापानी बौद्ध मंदिर में किए दर्शन पूजन थाईलैंड, वियतनाम, श्रीलंका के साथ महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, बिहार के बोध गया, के अलावा यूपी के श्रावस्ती, कुशीनगर, गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली,अन्य जिलों से बौद्ध अनुयायी एंव स्थानीय बौद्ध मठ के बौद्ध भिक्षुओं ने बुद्ध अस्थि अवशेष के दर्शन किये. इस दौरान भिक्षु चंदिमा, भिक्षु शीलवश, भिक्षु धम्म रत्न, भिक्षु रत्नाकर, सहित थाई, तिब्बती,जापानी, वियतनाम, कम्बोडिया बौद्ध मंदिर के बौद्ध भिक्षु शामिल रहे. इसके पूर्व मन्दिर में सुबह 6 बजे विश्व शांति के लिए बौद्ध भिक्षुओं ने पूजा की. इसके साथ यहां आए बौद्ध अनुयायियों ने सारनाथ के कम्बोडिया, थाईलैंड, वियतनाम, तिब्बती, जापानी बौद्ध मंदिर में दर्शन पूजन किए.Also Read: कमर्शियल LPG सिलेंडर के संग महंगा हुआ 5 किलो वाला 'छोटू', जानें दामों में कितनी बढ़ोतरीबुद्ध पूर्णिमा पर सारनाथ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन दान किया गया. इसके पहले पहला भोजन भिक्षु चण्डपदुम लेकर भगवान बुद्ध के चढ़ाया गया. धम्म शिक्षण केंद्र के प्रभारी भिक्षु चंदिमा ने बताया कि मूलगंध कुटी बौद्ध मंदिर परिसर में सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक भोजन की व्यवस्था की गई. इस दौरान सारनाथ में दुकानों पर भी भीड देखी गई. अवकाश होने और मौसम के तकाजे के कारण आम लोग भी बडी संख्‍या में लोगा पहुंचे.https://www.youtube.com/watch?v=OxmuubD2ofQ