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मणिकर्णिका प्रकरण - पांच साल पुराने फोटो को वायरल कर बताया मणिकर्णिका का मंदिर, सांसदों को नोटिस

मणिकर्णिका प्रकरण - पांच साल पुराने फोटो को वायरल कर बताया मणिकर्णिका का मंदिर, सांसदों को नोटिस
Jan 19, 2026, 06:47 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : मणिकर्णिका घाट पर चल रहे जिर्णोद्धार को लेकर सरकार और विपक्ष आमने - सामने हैं. टिप्पणी और आरोप - प्रत्‍यारोप का दौर जारी है. इस प्रकरण से संबंधित एआई जनरेटेड वीडियो साझा किए जाने के मामले में कमिश्नरेट की पुलिस कमिश्‍नरेट पुलिस सख्‍त हो गई. काशी विश्वनाथ कॉरिडोर स्थित कुंभ महादेव मंदिर का वीडियो मणिकर्णिका घाट का बताकर सोशल मीडिया पर साझा किया गया जो तेजी से वायरल हो रहा है. इसका संज्ञान चौक थाने की पुलिस ने लिया और आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह, बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव सहित आठ लोगों को नोटिस दिया. इन सबको तीन दिन के भीतर बयान दर्ज कराने के लिए चौक थाने बुलाया गया है. इससे पहले पुलिस ने शनिवार को दो सांसद, एक्‍स हैडल सहित आठ आरोपियों के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया था.


पप्‍पू यादव और संजय स‍िंंह जैसे स‍ियासी चेहरों के अलावा कई अन्‍य लोगों को वाराणसी पुल‍िस ने ज‍िस फोटो के हवाले से अभ‍ियोग पंजीकृत क‍िया है वह लगभग पांच साल पुराना है. गूगल सर्च बाई इमेज से मंद‍िर के बारे में जो जानकारी सामने आई उसके अनुसार अक्‍टूबर 2021 में व‍िश्‍वनाथ कार‍िडोर बनने के दौरान मंद‍िर के आसपास कुछ मलबा नजर आ रहा है, लेक‍िन मंदि‍र तब भी सुरक्ष‍ित थी और अब भी सुरक्ष‍ित है.


पुल‍िस ने पुरानी तस्‍वीर को लेकर "अफवाह एवं भ्रामक सूचना फैलाने वालों पर सख्ती" के क्रम में मणिकर्णिका घाट के सुंदरीकरण कार्य को लेकर AI जनरेटेड तस्वीरें एवं भ्रामक सूचना फैलाने पर 8 अलग अलग अभियोग थाना चौक पर पंजीकृत क‍िया है. हालां‍क‍ि तथ्‍यों की पड़ताल में वह एआइ के बजाय पांच साल पुरानी तस्‍वीर न‍िकली. इस मामले में आठ व्यक्तियों एवं एक्‍स हैंडल को नामजद करते हुए व‍िभ‍िन्‍न धाराओं में केस दर्ज किया गया है.


इस मामले में पांच साल पहले भी मंद‍िर को लेकर अफवाह फैली थी ज‍िसपर मंद‍िर न्‍यास के मुख्‍य कार्यपालक अध‍िकारी व‍िशाल स‍िंंह का बयान भी आया था. वहीं पांच साल बाद इसी फोटो को मण‍िकर्ण‍िका का बता कर वायरल करने के इस मामले में आशुतोष पोटन‍िस, संजय स‍िंह, पप्‍पू यादव, जसव‍िंदर कौर को अभ‍ियुक्‍त बनाया गया है जबक‍ि इस मामले में वादी संगम लाल, अपर नगर आयुक्‍त नगरन‍िगम हैं. वहीं अन्‍य में प्रगन्‍या गुप्‍ता, मन‍िष स‍िं‍ह, र‍ितु राठौर और संदीप देव को भी शाम‍िल क‍िया गया है.


आरोप है क‍ि मणिकर्णिका घाट के सम्बन्ध में एक्‍स हैण्डल पर वास्तविक तथ्यों के विपरीत हिन्दू देवी-देवताओं को शेयर कर हिन्दू धर्म में आस्था रखने वाले लोगो को एक्स हेण्डल के माध्यम से धोखा देते हुये भ्रमित करने एवं समाज में आक्रोश पैदा करने, सामाजिक सौहार्द खराब करने के साथ ही मणिकर्णिका घाट के सुंदरीकरण कार्य को लेकर AI जनरेटेड तस्वीरें एवं भ्रामक सूचना फैलाने पर 8 अलग अलग अभियोग थाना चौक पर पंजीकृत किये गए हैं.


इस मामले में मनो, निवासी-वी. सेतुराजापूरम थाना-पेरूनाला, जनपद रामानाथपुरम, तमिलनाडु के शिकायती प्रार्थना पत्र द्वारा बताया गया है कि उनकी कम्पनी मणिकर्णिका घाट पर स्थापना सुविधाओं को सुदृढ़ करने एवं सुन्दरीकरण का कार्य 15.11.2025 से कर रही है. सोशल मीडिया एक्स हैण्डल के माध्यम से उन्हें यह जानकारी में आया है कि मणिकर्णिका घाट पर चल रहे सुन्दरीकरण के कार्य का वर्णन करते हुये वास्तविक तथ्यों के विपरीत असत्य व निराधार एवं भ्रामक तथ्यों पर आधारित एक्स हैण्डल यूजर Ashutosh Potnis (@daksinapathpati) द्वारा 16.01.2026 को 10.02 PM पर एक्स हैण्डल के माध्यम से भ्रामक एवं वास्तविक तथ्यों के विपरीत एक्स हैण्डल पर फोटोग्रफ्स शेयर कर हिन्दू देवी-देवताओं में आस्था रखने वाले आमजन को एक्स हैण्डल के माध्यम से धोखा देते हुये भ्रमित किया गया है. समाज में आक्रोश उत्पन्न कर सामाजिक सौहार्द खराब किया गया है, जिससे एक्स हैण्डल पर तरह-तरह के कमेंट आ रहे हैं.

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श‍िकायती पत्र में सरकार पर व‍िभ‍िन्‍न प्रकार के आरोप लगाने से लोगों में आक्रोश उत्पन्न हुआ है, सामाजिक सौहार्द खराब हुआ है. एक्स हैण्डल पर कुछ असामाजिक तत्व रि-कमेण्ट कर रहे हैं एवं अन्य सोशल मीडिया पर तरह-तरह के सामाजिक सौहार्द खराब करने की टिप्पणी कर रहें है. उपरोक्त एक्स हैण्डल यूजर एवं रि-ट्रीट व कमेण्ट करने वालों द्वारा किये गये कृत्य से सामाजिक सौहार्द खराब हुआ है और लोगों के मन में सरकार विरोधी मानसिकता पैदा किया गया है. एक्स हैण्डल यूजर द्वारा एक्स हैण्डल पर शेयर किये गये पोस्ट का स्क्रीनशॉट भी उन्होंने अपने शिकायती प्रार्थना पत्र के साथ दिया है.

वाराणसी में 11 वर्षीय बालिका से छेड़छाड़ का आरोप, सेना के कर्मचारी पर केस,मासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ मुकदमा ...
वाराणसी में 11 वर्षीय बालिका से छेड़छाड़ का आरोप, सेना के कर्मचारी पर केस,मासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ मुकदमा ...
वाराणसीःमासूम से छेड़खानी के आरोप में सेना के हलवदार के खिलाफ कैंट थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है. इस मामले में कैंट थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है. जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसके मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी.परिजनों ने पुलिस को बताया कि 11 साल की बच्ची दूध लेने के लिए घर से बाहर गई थी. इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले सेना के हवालदार ने उसे अपने कमरे में बुलाया. कमरे के अंदर उसने बच्ची के साथ गलत हरकत शुरू कर दिया. घटना के बाद बच्ची वहां से अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरी बात बताई. बच्ची की बात सुनकर परिवार के लोग परेशान हो गए.उन्होंने मामले की जानकारी कैंट थाना पुलिस को दी और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मुकदमा दर्ज किया. पुलिस अब घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है. बच्ची और उसके परिजनों से भी जानकारी ली जा रही है.ALSO READ:ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्रसाथ ही पुलिस आरोपों की पुष्टि के लिए जरूरी साक्ष्य जुटा रही है. जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण पुलिस और परिवार की ओर से बच्ची की पहचान को सार्वजनिक नहीं किया गया है.आरोपी के खिलाफ केस दर्ज हो चुका है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बनारस में नदी में होगी जलयानों की मरम्मत....
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वाराणसीः इनलैंड वाटरवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया ने रामनगर में बंदरगाह के उत्तरी छोर पर चार बीघा क्षेत्र में बनने वाले शिप रिपेयरिंग सेन्टर की शुरुआत की है. इसके साथ ही वाराणसी देश का पहला शहर होगा जहां नदी में जलयानों की मरम्मयत की जाएगी.कार्यदायी संस्था लार्सन एन्ड टुब्रो जिओ स्ट्रक्चर के कर्मचारियों ने प्राथमिक कार्य शुरू कर दिया है. यहां जहाजों को रिपेयर करने के लिए उत्त्तरी छोर पर एक वाटर चैनल बनाया जाएगा जहा जहाज नदी की मुख्य धारा से अंदर चैनल में रिपेयर होने के लिए आएंगे.कार्यदायी संस्था फिलहाल रिपेयर फैसिलिटी के प्लेटफार्म को बनाने का काम कर रही है उनके मुख्य अभियंता रमेश जोशी ने बताया कि प्रोजेक्ट को दो साल में पूरा करना है. बताया कि बारिश खत्म होने का इंतजार कर रहे थे लेकिन प्रोजेक्ट को जल्दी खत्म करने के लिए जल्दी ही काम शुरू करना पड़ा.ALSO READ: ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्रइस बाबत उन्होंने बताया कि देश मे किसी भी नदी पर बनने वाला यह पहला शिप रिपेयरिंग सेंटर है. यहां कुछ जहाजों को क्रेन के माध्यम से ड्राई डाक सूखी सतह पर लाकर रिपेयर करने की सुविधा होगी। इसके साथ ही जहाज में पानी की सतह से ऊपर की खराबी को नदी में ही ठीक कर दिया जाएगा.बताया रि देश मे अभी तक शिप रिपेयरिंग सेन्टर समुद्रों के किनारे ही बनाये जाते है देश मे किसी नदी के ऊपर पहली बार शिप रिपेयरिंग सेन्टर बन रहा है. पहले जहाजों को रिपेयरिंग के लिए कोलकाता जाना होता था जो अब बनारस में भी संभव है.
ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्र
ओवरलोड बालू वाहनों पर कार्रवाई की मांग, ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने अधिकारियों को सौंपा पत्र
वाराणसी। बालू परिवहन में ओवरलोडिंग और बिना आवश्यक वैध दस्तावेजों के वाहनों के संचालन को लेकर बनारस ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने प्रशासन और खनन विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अंशुमान सिंह ने संबंधित अधिकारियों को पत्र सौंपकर ओवरलोड एवं बिना आवश्यक आईएसटीपी/वैध कागजात के बालू परिवहन करने वाले वाहनों के खिलाफ तत्काल अभियान चलाने की मांग की।एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि कुछ समय पहले प्रशासन की ओर से ओवरलोड वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया था। इस दौरान विभिन्न थाना क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ओवरलोड वाहनों को पकड़ा गया और कार्रवाई की गई। अभियान का असर यह रहा कि कुछ समय तक ओवरलोड बालू वाहनों का संचालन काफी हद तक नियंत्रित रहा, लेकिन कार्रवाई की गति धीमी पड़ने के बाद एक बार फिर ऐसे वाहनों के संचालन की शिकायतें सामने आने लगी हैं।ओवरलोडिंग से वैध ट्रक ऑपरेटरों को नुकसानएसोसिएशन के संरक्षक विजय सिंह ने कहा कि ओवरलोडिंग का सीधा असर निर्धारित क्षमता के अनुसार वाहन चलाने वाले ट्रक मालिकों पर पड़ रहा है। वैध तरीके से क्षमता के अनुरूप बालू परिवहन करने वाले वाहन संचालकों की लागत अधिक आती है, जबकि ओवरलोड वाहन कम लागत में अधिक माल पहुंचाकर अनुचित प्रतिस्पर्धा पैदा करते हैं। इससे नियमों का पालन करने वाले ट्रक ऑपरेटरों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति बन रही है।एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की कि पूर्व की तरह नियमित और प्रभावी अभियान चलाया जाए तथा बालू लदे प्रत्येक वाहन के भार और दस्तावेजों की जांच सुनिश्चित की जाए।सड़क क्षति और राजस्व नुकसान की भी जताई आशंकाट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन ने कहा कि ओवरलोडिंग का असर केवल परिवहन कारोबार तक सीमित नहीं है। क्षमता से अधिक भार लेकर चलने वाले भारी वाहनों से सड़कों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे सड़कें समय से पहले क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। वहीं, नियमों का उल्लंघन होने की स्थिति में सरकारी राजस्व को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।बैठक के दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों और बालू मंडी से जुड़े व्यापारियों ने ओवरलोडिंग के मुद्दे पर चर्चा की। इसके बाद प्रशासन और खनन विभाग से प्रभावी कार्रवाई के लिए पत्र सौंपने का निर्णय लिया गया।ALSO READ: BHU में शुरू हुआ रविवासरीय गीता प्रवचन, कुलसचिव बोले- विद्यार्थियों में भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ाव जरूरीमिलीभगत के आरोपों की जांच की मांगएसोसिएशन से जुड़े कुछ ऑपरेटरों ने ओवरलोड वाहनों को कथित रूप से पास कराने में बालू माफिया और जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप भी लगाए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। एसोसिएशन ने प्रशासन से इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि आरोप गलत पाए जाएं तो स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन या मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।इस दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष अंशुमान सिंह, संरक्षक विजय सिंह, उपाध्यक्ष कुंवर सिंह, राकेश सिंह, नीतेश सिंह, महामंत्री आनंद भूषण सिंह, उपमहामंत्री शुभांशु सिंह, मंत्री मुकुंद सिंह, धर्मेंद्र यादव, जितेंद्र सिंह, मीडिया प्रभारी अजित कुमार शर्मा, कोषाध्यक्ष अनुराग सिंह (गुड्डू सिंह), सचिव दीपू यादव समेत अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।