वाराणसी में 363 कछुए बरामद; कैंट स्टेशन से पांच तस्कर गिरफ्तार

वाराणसी : माघ मेले के दौरान सुरक्षा जांच में जीआरपी को बड़ी सफलता हाथ लगी है. कैंट रेलवे स्टेशन पर चेकिंग के दौरान अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने 363 प्रतिबंधित प्रजाति के कछुओं को बरामद किया है. इस मामले में पांच तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.

जीआरपी के अनुसार आरोपी आसनसोल मेमू एक्सप्रेस से पश्चिम बंगाल कछुओं की तस्करी करने की योजना बना रहे थे.बताया जा रहा है की बरामद कछुओं की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 72 लाख बताई जा रही है.तलाशी के दौरान उनके पास से 13 बैग बरामद किए गए, जिनमें इंडियन सॉफ्टशेल प्रजाति के कछुए भरे हुए थे.

वन विभाग के डिप्टी रेंजर राजकुमार गौतम ने बताया कि बरामद कछुआ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत अनुसूची-2 पार्ट-बी में संरक्षित प्राणी है.उन्होंने कहा कि यह कछुआ जल संरक्षण और जल को स्वच्छ रखने में अहम भूमिका निभाता है, इसलिए इसका संरक्षण बेहद जरूरी है.
उन्होंने बताया कि तस्कर कछुओं को अंधविश्वास, तांत्रिक क्रियाओं, पूजा-पाठ और कथित औषधीय उपयोग के नाम पर बेचते हैं.अधिकतर कछुओं की तस्करी पश्चिम बंगाल में की जाती है, जहां एक कछुए की कीमत 20 से 25 हजार रुपये तक बताई जा रही है.
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जीआरपी प्रभारी राजोले नागर ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, जिसमें सात साल तक की सजा का प्रावधान है.कछुओं का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद न्यायालय की अनुमति से उन्हें गंगा नदी या अन्य सुरक्षित जल स्रोतों में छोड़ा जाएगा.



