Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

वाराणसी की मंतसा इकबाल ने रचा इतिहास

वाराणसी की मंतसा इकबाल ने रचा इतिहास
Oct 04, 2026, 03:26 AM
|
Posted By gagan arora

वाराणसीः प्रतिभाशाली कैरम खिलाड़ी मंतसा इकबाल ने इतिहास रच दिया. वाराणसी की इस खिलाड़ी ने आल इंडिया कैरम फेडरेशन के तत्वावधान में दिल्ली के हरकिशन सिंह सुरजीत भवन में आयोजित सीनियर नेशनल रैंकिंग कैरम टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन की बदौलत इंडिया नंबर-2 खिलाड़ी बन गईं. इसके साथ ही उन्होंने अगले माह इटली में होने वाले दसवें वर्ल्ड कप कैरम के लिए भारतीय टीम में अपना स्थान सुनिश्चित कर लिया.


मंतसा इकबाल ने क्वार्टर फाइनल में पश्चिम बंगाल की काजल सिंह को 22-18, 1-8 से तथा सेमीफाइनल में रिजर्व बैंक की अंकिता हरति को 21-20, 25-13 से पराजित कर फाइनल में प्रवेश किया. फाइनल में उनका मुकाबला सात बार की विश्व चैंपियन एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त खिलाड़ी रश्मि कुमारी से हुआ, जिसमें उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा और वे उपविजेता रहीं. इसके बावजूद पूरे टूर्नामेंट में उनके शानदार प्रदर्शन ने उन्हें नेशनल रैंकिंग में इंडिया नंबर-2 के मुकाम तक पहुंचा दिया. मंतसा की यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उत्तर प्रदेश की किसी महिला कैरम खिलाड़ी ने इससे पहले नेशनल रैंकिंग में इस मुकाम को हासिल नहीं किया था. इसी टूर्नामेंट में उत्तर प्रदेश की पुरुष टीम की ओर से खेलते हुए मुजफ्फरनगर के जीशान मिर्जा ने भी शानदार प्रदर्शन किया. प्री-क्वार्टर फाइनल में उन्होंने महाराष्ट्र के पूर्व विश्व कप चैंपियन संदीप दिवे को पराजित कर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया. क्वार्टर फाइनल में उनका मुकाबला ओडिशा के गौतम कुमार भोल से हुआ जिसमें उन्हें 25-0, 0-25, 0-25 से पराजय मिली. इसके बावजूद अंतिम आठ खिलाड़ियों में स्थान बनाने के कारण जीशान मिर्जा ने भी इटली में होने वाले वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई कर लिया. इस प्रकार मंतसा इकबाल और जीशान मिर्जा पहली बार इटली में होने वाले वर्ल्ड कप में भारतीय टीम का हिस्सा बनने जा रहे हैं. उत्तर प्रदेश के दो खिलाड़ियों का एक साथ पहली बार वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम में चयन होना प्रदेश के समूचे कैरम जगत के लिए गौरव का विषय है.


c


प्रतिभाशाली महिला कैरम खिलाड़ी मन्तसा इकबाल का वाराणसी कैरम एसोसिएशन कार्यालय में अभिनंदन किया गया. मन्तसा इकबाल ने इस उपलब्धि के साथ आगामी नवंबर के अंतिम सप्ताह में इटली में होने वाले वर्ल्ड कप कैरम के लिए भारतीय मुख्य टीम में स्थान बनाकर बनारस और उत्तर प्रदेश का नाम रोशन किया है. मन्तसा इकबाल ने लगभग एक दशक पूर्व वाराणसी कैरम एसोसिएशन से जुड़कर जूनियर खिलाड़ी के रूप में अपने कैरम करियर की शुरुआत की थी. खेल के विभिन्न पड़ावों को पार करते हुए उन्होंने राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और आज उस मुकाम पर पहुंची हैं, जहां उत्तर प्रदेश की किसी महिला कैरम खिलाड़ी का पहुंचना अब तक संभव नहीं हुआ था. उनकी यह उपलब्धि वाराणसी और उत्तर प्रदेश के कैरम जगत के लिए गौरव का विषय है. समारोह में वक्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि मन्तसा अपनी प्रतिभा और मेहनत का शानदार प्रदर्शन वर्ल्ड कप में भी करेंगी तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का परचम लहराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी. सभी उपस्थित खिलाड़ियों और पदाधिकारियों ने उन्हें आगामी प्रतियोगिता के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं.


ALSO READ : बरेका के सूर्य सरोवर पर जीवित्पुत्रिका पूजन समारोह, माताओं ने पुत्रों की दीर्घायु की कामना


उत्तर प्रदेश कैरम एसोसिएशन के अध्यक्ष शबैजनाथ सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस अभिनंदन समारोह में एसोसिएशन के पदाधिकारी, खिलाड़ी एवं सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे. इस अवसर पर प्रमुख रूप से उत्तर प्रदेश कैरम एसोसिएशन एवं वाराणसी कैरम एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष रमेश कुमार वर्मा, सहायक सचिव अशोक कुमार सिंह, वाराणसी कैरम एसोसिएशन के सचिव अश्वनी चक्रवाल सहित रवि आर्या, रिनी श्रीवास्तव , श्री प्रसाद, अभिषेक विश्वकर्मा, , विनोद यादव, प्रियांशु यादव, कृष्ण दयाल यादव, अंजलि केसरी, दीपाली यादव आदि उपस्थित रहे.

स्वीटजरलैंड के नागरिक का १० लाख का खोया कैमरा मिला
स्वीटजरलैंड के नागरिक का १० लाख का खोया कैमरा मिला
वाराणसी : स्विट्जरलैंड से वाराणसी घूमने आए जोनस बेंजामिन ईहले नामक व्यक्ति द्वारा भारत में फोटोग्राफी करने के लिए काफी अच्छी गुणवत्ता का Leica कंपनी का लगभग 10 लाख रुपए कीमत का कैमरा लेकर आए थे, जिसको वह घाट के पास रखकर कही भूल गए तथा अपने स्तर से काफी खोजने का काफी प्रयास किए किंतु असफल रहे. जिसके पश्चात उनके द्वारा घटना की सूचना दशाश्वमेध चौकी पर जाकर चौकी प्रभारी दशाश्वमेध अनुज मणि तिवारी को दिया, जिसके पश्चात पुलिस द्वारा तत्परता करते हुए सीसीटीवी कैमरा व अन्य माध्यमों से महज 2 घंटे के अंदर कैमरा खोज कर जोनस बेंजामिन ईहले को सुपुर्द किया गया। पुलिस की इतनी तत्परता से कार्यवाही करते हुए अपने काफी महंगे कैमरे को वापस पाकर जोनस बेंजामिन द्वारा वाराणसी पुलिस का अपने शब्दों में कृतज्ञता व्यक्त किया गया। पुलिस टीम में चौकी प्रभारी दशाश्वमेध अनुज मणि तिवारी, उप निरीक्षक शिव स्वरूप पाण्डेय, का. देवेंद्र प्रताप सिंह, भूपेंद्र सिंह, संजय यादव व संजीव कुमार शामिल थे।ALSO READ : प्रो. राजनाथ बने डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद के सदस्य
प्रो. राजनाथ बने डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद के सदस्य
प्रो. राजनाथ बने डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद के सदस्य
वाराणसी: सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष एवं पुस्तकालयाध्यक्ष प्रो. राजनाथ को लखनऊ स्थित डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद का सदस्य नामित किया गया है।उत्तर प्रदेश राज्यपाल सचिवालय की ओर से 30 सितंबर 2026 को जारी आदेश के तहत डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय अधिनियम, 2009 की धारा 14(1)(छ) के अंतर्गत यह नामांकन किया गया है। उनका कार्यकाल पत्र जारी होने की तिथि से दो वर्ष अथवा अग्रिम आदेश तक, जो भी पहले हो, निर्धारित किया गया है।प्रो. राजनाथ वर्तमान में सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र विभाग के अध्यक्ष के साथ पुस्तकालयाध्यक्ष का दायित्व भी संभाल रहे हैं। विश्वविद्यालय परिवार ने उनके नामांकन पर प्रसन्नता जताते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं। कुलानुशासक प्रो. जितेन्द्र कुमार, प्रो. महेन्द्र पाण्डेय, प्रो. दिनेश कुमार गर्ग समेत विश्वविद्यालय परिवार ने उनके उज्ज्वल कार्यकाल की कामना की।ALSO READ: बीएचयू के दक्षिणी परिसर में APACON-2026 का शुभारंभ, सतत पशुधन उत्पादन पर वैज्ञानिक मंथन
बीएचयू के दक्षिणी परिसर में APACON-2026 का शुभारंभ, सतत पशुधन उत्पादन पर वैज्ञानिक मंथन
बीएचयू के दक्षिणी परिसर में APACON-2026 का शुभारंभ, सतत पशुधन उत्पादन पर वैज्ञानिक मंथन
वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय के राजीव गांधी दक्षिणी परिसर में पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान संकाय की ओर से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन APACON-2026 का सोमवार को शुभारंभ हुआ। सम्मेलन का विषय ‘सतत पशुधन उत्पादकता की दिशा में पशु शरीर क्रिया विज्ञान के उभरते प्रतिमान : विकसित भारत की ओर’ रखा गया है। दक्षिणी परिसर में पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान संकाय की ओर से यह पहला राष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलन है।उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान संकाय ने आधारभूत संरचना और संकाय से जुड़ी चुनौतियों को लगातार दूर करते हुए प्रगति की है। उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मेलन वैज्ञानिकों और युवा शोधकर्ताओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और संवाद का मंच उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने वैज्ञानिक संस्थानों के बीच सहयोग, संयुक्त शोध परियोजनाओं, उद्योगों के साथ साझेदारी, नवाचार, पेटेंट और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर जोर दिया।विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय पशु जैव प्रौद्योगिकी संस्थान (NIAB), हैदराबाद के निदेशक डॉ. रवि कुमार गंधम ने पशुओं में रोग प्रतिरोधक क्षमता और ताप सहनशीलता जैसे शारीरिक लक्षणों के आनुवंशिक और बाह्य स्तर पर समग्र अध्ययन की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि प्रयोगशालाओं में हो रहे शोध को किसानों के लिए उपयोगी समाधानों में बदलना वैज्ञानिकों की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने मीथेन उत्सर्जन को मापने और उसका डेटाबेस तैयार करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी।राजीव गांधी दक्षिणी परिसर के आचार्य प्रभारी प्रो. बी. एम. एन. कुमार ने कहा कि सतत पशुधन उत्पादन में पशु चिकित्सा शरीर क्रिया विज्ञान की महत्वपूर्ण भूमिका है। वहीं कृषि विज्ञान संकाय के संकाय प्रमुख प्रो. सतीश कुमार सिंह ने सटीक पोषण और वास्तविक समय स्वास्थ्य निगरानी को पशुधन स्वास्थ्य सुधार तथा ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी के लिए महत्वपूर्ण बताया।APA के अध्यक्ष डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह ने पशुधन उत्पादकता, स्वास्थ्य, कल्याण और जलवायु-सहिष्णुता में पशु शरीर क्रिया विज्ञान की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला। APA के महासचिव एवं ICAR-भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. विकास चंद्र ने APA 2025 के विभिन्न पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा की।सम्मेलन के पहले दिन पशुधन प्रजनन, प्रजनन जैव प्रौद्योगिकी, तनाव शरीर क्रिया विज्ञान, ताप तनाव निगरानी, जलवायु-सहिष्णुता, जीनोम इंजीनियरिंग, क्रायोसंरक्षण, पुनर्योजी चिकित्सा और सतत पशुधन उत्पादन जैसे विषयों पर वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए गए। इसमें युवा शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को वरिष्ठ वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों से संवाद का अवसर मिला।सम्मेलन में जर्मनी के लाइबनिज इंस्टीट्यूट फॉर एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग एंड बायोइकोनॉमी (ATB), पॉट्सडैम की डॉ. गुंडुला हॉफमैन ने ऑनलाइन माध्यम से बीज वक्तव्य दिया। इसके अलावा डॉ. बी. एस. प्रकाश और अमेरिका के डॉ. आशीष रंजन ने भी व्याख्यान दिए।इस अवसर पर Compendium of Abstracts – APACON-2026, Compendium of Lead Papers – APACON-2026 तथा Fundamentals of Livestock and Poultry Management पुस्तकों का विमोचन किया गया।सम्मेलन के दौरान APA Lifetime Achievement Award-2025 प्रो. बी. एस. प्रकाश को प्रदान किया गया। APA Fellow Awards डॉ. आशीष मिश्रा और डॉ. बी. रामबाबू नाइक को, जबकि APA Best Teacher Awards डॉ. सोहन वीर सिंह, डॉ. निशांत कुमार और डॉ. राकेश कुमार सिंह को दिए गए। इसके अलावा APA Best Girl Student Award, APA Best PhD Thesis Award, Prof. A. K. Pal Best MVSc Thesis Award और APA Best Research Paper Award भी प्रदान किए गए।ALSO READ : वाराणसी में मंत्री के क्षेत्र में लकड़ी का पुल बना आवागमन का सहारा, जलभराव से जीना दुष्‍करपशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान संकाय के संकाय प्रमुख प्रो. अमित राज गुप्ता ने स्वागत संबोधन में कहा कि पशुधन उत्पादन के भविष्य के लिए मौलिक शरीर क्रिया विज्ञान को जीनोमिक्स, जैव प्रौद्योगिकी, सहायक प्रजनन तकनीक, सटीक पशुधन पालन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डेटा विज्ञान जैसी आधुनिक तकनीकों से जोड़ना जरूरी है। आयोजन सचिव डॉ. मनीष कुमार ने सम्मेलन की आगामी गतिविधियों की जानकारी दी। उद्घाटन सत्र का संचालन डॉ. उत्कर्ष कुमार त्रिपाठी ने किया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. तुलसीरामन पी. ने किया।पहले दिन का समापन वैज्ञानिक चर्चाओं, शोध प्रस्तुतियों और विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों के बीच संवाद के साथ हुआ। सम्मेलन में देश-विदेश के विशेषज्ञों और युवा शोधकर्ताओं की भागीदारी से सतत पशुधन उत्पादन तथा विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर नए शोध और तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर मंथन हुआ।