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जनसंचार बनाम सोशल मीडिया : पत्रकारिता व्यक्ति-केंद्रित होती जा रही है - प्रो. केजी सुरेश

जनसंचार बनाम सोशल मीडिया : पत्रकारिता व्यक्ति-केंद्रित होती जा रही है - प्रो. केजी सुरेश
Jan 17, 2026, 11:47 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा आयोजित “सोशल मीडिया के युग में पत्रकारिता और जनसंचार में बदलते रुझान” विषयक तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के दूसरे दिन शनिवार को “जनसंचार बनाम सोशल मीडिया” विषय पर एक विचारोत्तेजक पैनल चर्चा का आयोजन किया गया. इस सत्र के मुख्य वक्ता इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली के निदेशक प्रो. के. जी. सुरेश ने स्वयं को सोशल मीडिया का समर्थक बताते हुए कहा कि सोशल मीडिया ने जनसंचार को नई दिशा दी है और मीडिया के लोकतंत्रीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के कारण ऐसे कई मुद्दे सामने आए हैं जो अब तक मुख्यधारा मीडिया की दृष्टि से ओझल थे. इससे पत्रकारिता में नए आयाम स्थापित हुए हैं.

हालांकि, प्रो. सुरेश ने सोशल मीडिया से जुड़ी चुनौतियों की ओर भी ध्यान आकर्षित किया. उन्होंने कहा कि रील्स संस्कृति के कारण कंटेंट में सतहीपन बढ़ा है. एक मिनट में सब कुछ देखने की लालसा ने गुणवत्ता से समझौता कराया है. आज कंटेंट क्रिएशन का उद्देश्य केवल यूज़र को कुछ सेकंड के लिए स्क्रीन पर रोकना बन गया है. उन्होंने चिंता जताई कि आज का युवा वर्ग गंभीर समाचार पत्रों से कटकर रील्स संस्कृति में उलझ गया है, जिससे ट्रिवियलाइजेशन बढ़ रहा है.


उन्होंने कहा कि आज पॉडकास्ट और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कंटेंट की गुणवत्ता से अधिक व्यूज़ और मोनेटाइजेशन पर ध्यान दिया जा रहा है, जिससे पत्रकारिता व्यक्ति-केंद्रित होती जा रही है. विषयों के बजाय व्यक्तियों को महत्व देना लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है. पत्रकारिता को बचाने के लिए व्यक्तित्व-प्रधान दृष्टिकोण से हटकर मुद्दा-प्रधान पत्रकारिता को पुनः स्थापित करना आवश्यक है.


यूट्यूब पत्रकारिता में जिम्मेदारी और जवाबदेही का अभाव


सत्र के विशिष्ट वक्ता देश के प्रख्यात वरिष्ठ शिक्षाविद पूर्व कुलपति प्रो. के. वी. नागराज ने अपने वक्तव्य में कहा कि सोशल मीडिया आज मोबोक्रेसी का रूप लेता जा रहा है. उन्होंने कहा कि बड़े कारोबारी और कॉरपोरेट घराने विज्ञापनों के माध्यम से मीडिया को नियंत्रित कर रहे हैं. यूट्यूब पत्रकारिता पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें जिम्मेदारी और जवाबदेही का अभाव है.

प्रो. नागराज ने कहा कि विकास के नाम पर समाज को पुनर्परिभाषित किया जा रहा है. तकनीक आज एक राक्षस बनती जा रही है, जिसे नियंत्रित करने के बजाय हम उसे स्वयं पर शासन करने दे रहे हैं. उन्होंने महात्मा गांधी का उल्लेख करते हुए कहा- “समाज से जो श्रेष्ठ है, उसे निकालिए; विचारधारा अत्यंत आवश्यक है.” उनके अनुसार, बिना विचारधारा के संचार का कोई अर्थ नहीं है.

उन्होंने यह भी कहा कि सोशल मीडिया हमें एक प्रकार के कोकून में बंद कर रहा है, जहां सक्रिय सामाजिक हस्तक्षेप कम होता जा रहा है. शक्ति और असमानता के संबंध पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि जहां शक्ति है, वहां समानता नहीं हो सकती. उन्होंने माना कि मीडिया में सकारात्मक और नकारात्मक- दोनों पहलू मौजूद हैं, लेकिन सामाजिक उत्तरदायित्व और जवाबदेही के बिना पत्रकारिता अपने उद्देश्य से भटक जाती है.


विशेषज्ञों के वक्तव्य, कुल 180 शोध पत्रों का वाचन


विभिन्न देशों से आए विषय विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। संगोष्ठी के विभिन्न सत्रों में कुल 180 शोध पत्रों का वाचन किया गया, जिनमें डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया और समकालीन पत्रकारिता से जुड़े विविध पहलुओं पर गंभीर विमर्श हुआ. अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं के सत्र में बॉयसी यूनिवर्सिटी, अमेरिका की डॉ. इरीना बाबिक ने कहा कि डिजिटल मीडिया ने संचार को अधिक सहभागी और त्वरित बनाया है, किंतु विश्वसनीयता और तथ्यात्मकता बनाए रखना आज की सबसे बड़ी चुनौती बन गई है. उन्होंने मीडिया साक्षरता को समय की अनिवार्य आवश्यकता बताया.

लोमोनोसोव मॉस्को स्टेट यूनिवर्सिटी, रूस की डॉ. अन्ना ग्लैडकोवा ने कहा कि सोशल मीडिया ने वैश्विक संवाद को नई गति प्रदान की है, लेकिन एल्गोरिद्म आधारित कंटेंट के कारण समाज में ध्रुवीकरण भी बढ़ रहा है. उन्होंने संतुलित और जिम्मेदार पत्रकारिता की आवश्यकता पर बल दिया.


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त्रिभुवन विश्वविद्यालय, काठमांडू (नेपाल) के डॉ. कुंदन आर्याल ने कहा कि विकासशील देशों में सोशल मीडिया ने जनभागीदारी को बढ़ावा दिया है, परंतु नैतिक पत्रकारिता और सामाजिक उत्तरदायित्व के अभाव में यह माध्यम भ्रामक सूचनाओं का कारण भी बन सकता है. यूनिवर्सिटी ऑफ लिबरल आर्ट्स, बांग्लादेश के प्रो-वाइस चांसलर डॉ. जूड विलियम जेनिलो ने कहा कि संचार का उद्देश्य केवल सूचना देना नहीं, बल्कि समाज में संवेदनशीलता और समावेशिता का विकास करना भी है.

इस दौरान प्रमुख रूप से प्रोफेसर ओपी सिंह, प्रोफेसर अंबरीश सक्सेना, प्रोफेसर अनिल उपाध्याय, डॉ रउमाशंकर पांडेय, डॉ शोभना नेरलीकर, डॉ नेहा पांडेय, डॉ धीरेंद्र राय, डॉ संतोष शाह, डॉ स्मिति पाढ़ी सहित सभी प्रतिभागी उपस्थित रहे.

सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में 1 नवंबर, को मनाया जाएगा छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस...
सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में 1 नवंबर, को मनाया जाएगा छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस...
वाराणसी : सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में 1 नवंबर को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर स्थित योगसाधना केंद्र में दोपहर 1 बजे से विभिन्न शैक्षणिक, बौद्धिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत, भौगोलिक विशेषताओं और विकास यात्रा से परिचित कराया जाएगा।उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम को कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने स्वीकृति प्रदान की है। आयोजन को लेकर कुलपति ने कहा कि भारत की वास्तविक शक्ति उसकी सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकात्मता में निहित है। विभिन्न राज्यों के स्थापना दिवस मनाने का उद्देश्य एक-दूसरे की संस्कृति, इतिहास और परंपराओं को समझना तथा उनका सम्मान करना है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल ज्ञान के केंद्र नहीं, बल्कि राष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना के संवाहक भी हैं।कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना से लेकर वर्तमान तक की विकास यात्रा और प्रमुख उपलब्धियों पर आधारित लघु वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही विद्यार्थियों के लिए भाषण प्रतियोगिता, सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी और रंगोली प्रतियोगिता आयोजित होगी। प्रदर्शनी के माध्यम से छात्र-छात्राएं पोस्टर, मॉडल और चार्ट के जरिए छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक एवं भौगोलिक विशेषताओं को प्रदर्शित करेंगे।ALSO READ : वाराणसी में डायवर्जन: 20 रूटों पर ऑटो, ई-रिक्शा और बड़े वाहन तीन घंटे पहले से बंद...इस दौरान विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की ओर से लोकसंस्कृति पर आधारित नृत्य, गीत, वादन और लघु नाट्य प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी। आयोजन की सभी गतिविधियों का संकलन कर एक विशेष बुकलेट तैयार की जाएगी, जिसे कार्यक्रम के बाद शासन के सचिवालय को उपलब्ध कराया जाएगा।कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए छात्र कल्याण संकाय प्रमुख एवं सामाजिक विज्ञान विभागाध्यक्ष आचार्य प्रो. शैलेश कुमार मिश्र को नोडल अधिकारी तथा संस्कृत विद्या विभाग के सहायक आचार्य डॉ. रविशंकर पाण्डेय को सह-नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
वाराणसी में डायवर्जन: 20 रूटों पर ऑटो, ई-रिक्शा और बड़े वाहन तीन घंटे पहले से बंद...
वाराणसी में डायवर्जन: 20 रूटों पर ऑटो, ई-रिक्शा और बड़े वाहन तीन घंटे पहले से बंद...
वाराणसी : रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के 31 अक्‍टूबर को आगमन, भ्रमण एवं प्रस्थान को देखते हुए वाराणसी कमिश्नरेट यातायात पुलिस ने यातायात रोक एवं डायवर्जन की एडवाइजरी जारी की है. वीवीआईपी के आगमन से 03 घंटे पूर्व से कार्यक्रम समाप्ति तक प्रतिबंध लागू रहेगा. बता दें कि मंत्री और सीएम कल बनारस स्‍टेशन पर देश की दूसरी वंदे भारत स्‍लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे.यातायात पुलिस के अनुसार -1. कचहरी से पुलिस लाइन से चौकाघाट तक ऑटो व ई-रिक्शा प्रतिबंधित.2. लकड़ीमंडी, चौकाघाट से लहुराबीर से मैदागिन से विश्वेश्वरगंज तक ऑटो व ई-रिक्शा बंद.3. अंबेडकर चौराहा, जेपी मेहता, सर्किट हाउस, भोजूबीर, यूपी कॉलेज, गिलट बाजार तक ऑटो/ई-रिक्शा बंद.4. कैंट रेलवे स्टेशन से BHU वाया लहरतारा, भिखारीपुर जाने वाले ऑटो सिगरा-रथयात्रा रूट से जाएंगे.5. राजघाट पुल, सूजाबाद की तरफ से मालवाहक वाहन बंद रहेंगे.6. बाबतपुर पुलिस चौकी तिराहा से भारी वाहनों को बाबतपुर एयरपोर्ट/हरहुआ की तरफ नहीं जाने दिया जाएगा, बड़ागांव की तरफ डायवर्ट.7. हरहुआ ओवरब्रिज से बाबतपुर की तरफ से आने वाली रोडवेज व प्राइवेट बसें हरहुआ ओवरब्रिज के ऊपर नहीं जाएंगी, हरहुआ रिंग रोड चौराहा की तरफ डायवर्ट.8. जनपद जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़ से आने वाली बसें हरहुआ रिंग रोड अण्डरपास चौराहा तक आएंगी, वहां से परमपुर की तरफ डायवर्ट, थाना लोहता होते हुए चांदपुर चौराहा तक आएंगी.9. जनपद प्रयागराज, मिर्जापुर से आने वाली बसें मुड़ैला तिराहा तक ही आएंगी, वापस कर दी जाएंगी.10. अखरी अण्डरपास की तरफ से आने वाली बसें तिखरापुर तिराहा की तरफ नहीं जाएंगी, मोहनसराय/डाफी की तरफ डायवर्ट.11. नरिया तिराहा से किसी भी वाहन को भिखारीपुर तिराहा की तरफ नहीं जाने दिया जाएगा, करौंदी की तरफ डायवर्ट होकर चितईपुर होकर जाएंगे.12. भिखारीपुर तिराहा से वाहनों को मण्डुवाडीह चौराहा की तरफ नहीं जाने दिया जाएगा, सुंदरपुर-चांदपुर की तरफ डायवर्ट.13. लहरतारा चौराहा से मण्डुवाडीह/कैंट स्टेशन की तरफ वाहन नहीं जाएंगे, इंग्लिशियालाइन की तरफ डायवर्ट.14. रथयात्रा चौराहा से महमूरगंज तिराहा की तरफ वाहन नहीं जाएंगे, सिगरा की तरफ डायवर्ट.15. आकाशवाणी तिराहा से महमूरगंज की तरफ वाहन नहीं, सिगरा की तरफ डायवर्ट.16. महमूरगंज ओवरब्रिज से मण्डुवाडीह चौराहा की तरफ वाहन नहीं, महमूरगंज तिराहा की तरफ डायवर्ट.17. महमूरगंज तिराहा से रथयात्रा स्कूल, लहरतारा की तरफ वाहन नहीं, आकाशवाणी/ककरमत्ता ओवरब्रिज की तरफ डायवर्ट.18. अमर उजाला तिराहा से लहुराबीर, मैदागिन की तरफ जाने वाले चार पहिया, टेम्पो ट्रेवलर, रोडवेज बसों को लकड़ीमंडी की तरफ डायवर्ट, जो गोलगड्डा होकर जाएंगे.19. मैदागिन से गोदौलिया के बीच समस्त वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित.20. विश्वेश्वरगंज तिराहा से चार पहिया वाहनों को मैदागिन की तरफ नहीं जाने दिया जाएगा, गोलगड्डा की तरफ डायवर्ट.ALSO READ : अज्ञात वाहन की टक्कर से श्रद्धालु की मौत, 19 दिन बाद प्राथमिकी...यातायात पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी ने आम जनता से अपील की है कि प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें और अत्यंत आवश्यकता पर ही अतिरिक्त समय लेकर निकलें.हेल्पलाइन - ट्रैफिक कंट्रोल रूम: 7839856994, ट्रैफिक हेल्पलाइन: 7317202020
अज्ञात वाहन की टक्कर से श्रद्धालु की मौत, 19 दिन बाद प्राथमिकी...
अज्ञात वाहन की टक्कर से श्रद्धालु की मौत, 19 दिन बाद प्राथमिकी...
वाराणसी : चौबेपुर थाना क्षेत्र के कैथी टोल प्लाजा के पास सड़क हादसे में श्रद्धालु की मौत के मामले में पुलिस ने 19 दिन बाद प्राथमिकी दर्ज की है. आठ अक्टूबर की सुबह तेज रफ्तार अज्ञात चार पहिया वाहन ने टेंपो में पीछे से टक्कर मार दी थी. हादसे में टेंपो सवार देवरिया निवासी श्रद्धालु की मौत हो गई थी, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई थीं. मृतक के बड़े भाई की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.देवरिया जिले के रुद्रपुर थाना क्षेत्र के डहरौली बुजुर्ग गांव निवासी विकास त्रिपाठी (39) अपनी पत्नी मैनावती देवी (36) के साथ आठ अक्टूबर को मारकंडेय महादेव मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए निकले थे. दंपती ट्रेन से औड़िहार पहुंचे. इसके बाद वहां से टेंपो में सवार होकर कैथी स्थित मंदिर के लिए रवाना हुए. आठ अक्टूबर की सुबह करीब चार बजे उनका टेंपो कैथी टोल प्लाजा से लगभग 500 मीटर आगे पहुंचा था. इसी दौरान पीछे से आए तेज रफ्तार चारपहिया वाहन ने टेंपो में जोरदार टक्कर मार दी. हादसे में विकास और उनकी पत्नी मैनावती देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं. विकास के सिर में गंभीर चोट आई थी.ALSO READ : वाराणसी में बुलडोजर कार्रवाई की आहट से व्‍यापारियों में हड़कंप, नगर आयुक्त ने दिया यह आश्वासन...सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने एनएचएआई की एंबुलेंस से दोनों घायलों को पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया. वहां उपचार के दौरान उसी दिन विकास त्रिपाठी की मौत हो गई. हादसे के बाद से परिजन अज्ञात वाहन और उसके चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे. मृतक के बड़े भाई विजय मणि त्रिपाठी ने 27 अक्टूबर को पुलिस को तहरीर दी. इसके आधार पर पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है. पुलिस हादसे में शामिल वाहन का पता लगाने का प्रयास कर रही है.