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11 सितंबर को बनारस में होंगे मॉरीशस के प्रधानमंत्री, लोकगीतों से होगा स्वागत

11 सितंबर को बनारस में होंगे मॉरीशस के प्रधानमंत्री, लोकगीतों से होगा स्वागत
Sep 04, 2025, 10:20 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसीः व्यापार, प्रौद्योगिकी और पर्यटन जैसे अहम मुद्दों पर सहयोग को लेकर बनारस में पहली बार द्विपक्षीय बैठक करने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम 11 सितंबर को काशी पहुंचेंगे. उनके स्वागत के लिए कई विशेष इंतज़ाम किए गए हैं जिसकी तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं. इसमें सबसे पहले लाल बहादुर शास्त्री अंतराष्ट्रीय (बाबतपुर एयरपोर्ट) से लेकर गंगा घाटों तक के अलावा नगर में जगह-जगह रंग-रोगन के साथ सजावट और स्वागत की तैयारियां जोरों शोर से की जा रही हैं. इसी क्रम में मॉरीशस के प्रधानमंत्री गार्ड ऑफ ऑनर देकर दिया जाएगा. इसके साथ ही पूर्वांचल की सांस्कृतिक पहचान के रूप में चैती. कजरी, बिरहा, सोहर और कहरवा जैसे लोकगीतों की प्रस्तुति से उनका स्वागत किया जाएगा.


बनारस में पहली बार होगी दो देशों के सर्वोच्च नेताओं की पहली द्विपक्षीय बैठक

गौरतलब है कि इसके पहले भी कई देशों के सर्वोच्च नेता व उनके प्रतिनिधि बनारस आ चुके हैं. लेकिन यह पहली बार होगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम की पहली द्विपक्षीय बैठक वाराणसी में होगी. इसके लिए दोनों देशों की ओर से बातचीत के मुद्दों को रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जा चुका है.


मॉरीशस क प्रधानमंत्री, नवीनचंद्र रामगुलाम

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योगी संग राज्यपाल देंगे रात्रिभोज

वाराणसी आगमन के दौरान दोनों प्रभानमंत्री समेत आने वाले डेलीगेट्स के सम्मान में प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा विशेष रात्रिभोज का आयोजन होटल ताज में किया गया है.


मंदिरों में करेंगे दर्शन पूजन, देखेंगे सांस्कृतिक स्थल

मॉरीशस के प्रधानमंत्री अपनी काशी यात्रा के दौरान श्रीकाशी विश्वनाथ और बाबा कालभैरव मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे. साथ ही वह काशी के प्रमुख सांस्कृतिक स्थलों का भी भ्रमण करेंगे. उनके प्रवास के दौरान होटल में उत्तर प्रदेश के जीआई और ओडीओपी उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जिसमें वाराणसी की विशेष झलक देखने को मिलेगी. इसके लिए संस्कृति और पर्यटन विभाग ने कलाकारों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है. दूसरी ओर पीएम द्वय के इस दौरे को लेकर नोल अधिकारी कमीश्नर के निर्देश पर विभिन्न विभागों के अधिकारी लगातार उन स्थानों का स्थलीय निरीक्षण की जाने वाली व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे रहे हैं.

विधायक ने 51 बटुकों संग किया गंगा का दुग्‍धाभिषेक, हर हर गंगे की गूंज से वातावरण हुआ भक्तिमय...
विधायक ने 51 बटुकों संग किया गंगा का दुग्‍धाभिषेक, हर हर गंगे की गूंज से वातावरण हुआ भक्तिमय...
वाराणसी : गंगा दशहरा के पावन अवसर पर मंगलवार को काशी के घाट धार्मिक अनुष्‍ठानों से सराबोर रहे. इस दौरान पूर्व मंत्री एवं शहर दक्षिणी विधायक नीलकंठ तिवारी ने 51 बटुकों के साथ मां गंगा का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दुग्धाभिषेक कर विधिवत पूजन-अर्चन किया. घाट पर आयोजित धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा और स्थानीय लोग शामिल हुए. गंगा तट पर हर-हर महादेव और गंगा मैया के जयघोष के बीच हुए इस आयोजन ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया. 51 बटुकों द्वारा एक साथ मां गंगा का पूजन कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा. वैदिक मंत्रों की गूंज और श्रद्धालुओं की आस्था ने घाट क्षेत्र को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया.पूजन के बाद मीडिया से बातचीत में विधायक नीलकंठ तिवारी ने सनातन संस्कृति और भारतीय परंपराओं को लेकर बड़ा संदेश दिया. उन्होंने कहा कि सनातन धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज को एक सूत्र में बांधने वाली जीवन शैली है. काशी सदियों से आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत का केंद्र रही है, जहां की परंपराएं पूरी दुनिया को भारतीय संस्कृति से जोड़ने का कार्य करती हैं.उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराएं समाज को जोड़ने की सबसे बड़ी ताकत हैं. आधुनिकता के इस दौर में भी लोगों को अपनी जड़ों, संस्कारों और धार्मिक परंपराओं से जुड़े रहना चाहिए. काशी की पहचान उसके घाट, मंदिरों, धार्मिक आयोजनों और आध्यात्मिक वातावरण से है.ALSO READ : दो दिन बाद बदलेगा मौसम का रुख, लोकल हीटिंग से हो सकती है बादलों की सक्रियता...विधायक ने युवाओं से भी धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की. उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी यदि अपनी परंपराओं से जुड़ी रहेगी तो भारतीय संस्कृति आने वाले समय में भी सुरक्षित और जीवंत बनी रहेगी. काशी केवल एक शहर नहीं, बल्कि सनातन सभ्यता और भारतीय संस्कृति की आत्मा है. गंगा दशहरा पर बडी संख्‍या में भक्‍तों ने गंगा में पुण्‍य की डुबकी लगाई और आशीर्वाद मांगा.
दो दिन बाद बदलेगा मौसम का रुख, लोकल हीटिंग से हो सकती है बादलों की सक्रियता...
दो दिन बाद बदलेगा मौसम का रुख, लोकल हीटिंग से हो सकती है बादलों की सक्रियता...
वाराणसी : पूर्वांचल स‍ह‍ित वाराणसी में मौसम के रुख में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं. माना जा रहा है कि अब ज‍ितना ताप था उससे अध‍िक नहीं होने वाला, लोकल हीट‍िंंग बढ़ने पर वातावरण में बादलों की सक्र‍ियता का रुख हो सकता है. मौसम व‍िभाग ने इस सप्‍ताह म‍िला जुला मौसम का असर रहने का अनुमान जताया है. माना जा रहा है क‍ि इस सप्‍ताह के दूसरे ह‍िस्‍से से मौसम का रुख बदलेगा और वातावरण में गर्मी के असर का प्रभाव घटने के साथ ही वातावरण में ठंडक का असर घुलेगा. माना जा रहा है क‍ि दो द‍िन बाद मौसम का रुख बदल जाएगा.आज मंगलवार की सुबह वातावरण में कुछ ठंडक का अहसास रहा लेक‍िन दस बजे के बाद बाद हवाएं गर्म हो गईं और देखते ही देखते गर्म हवाओं का झोंका प्रभावी होने लगा. इसकी वजह से दोपहर 12 बजे से गर्म हवाओं के थपेड़ों का असर नजर आने लगा और दोपहर से मौसम पूरी तरह से गर्म हो गया. माना जा रहा है कि‍ गर्म हवाओं का असर रात तक बना रहेगा. आधी रात के बाद ही कुछ राहत लोगों को म‍िल सकती है. मौसम व‍िभाग ने सप्‍ताह भर का चार्ट जारी क‍िया है और वातावरण का रुख बदलने का अनुमान जाह‍िर क‍िया गया है.बीते चौबीस घंटों में अध‍िकतम तापमान 44.2°C दर्ज क‍िया गया जो सामान्‍य से 3.2 ड‍िग्री अध‍िक रहा. न्‍यूनतम तापमान 27.0°C दर्ज क‍िया गया जो सामान्‍य से 0.6 ड‍िग्री अध‍िक रहा. आर्द्रता न्‍यूनतम 22% दर्ज की गई, वहीं अध‍िकतम 46% दर्ज की गई. वाराणसी सह‍ित पूर्वांचल के ल‍िए मौसम व‍िभाग ने नए स‍िरे से अपडेट जारी क‍िया है. अब दो द‍िनों के लगातार तल्‍ख धूप के बाद बादलों की सक्र‍ियता का अनुमान मौसम व‍िभाग ने लगाया है. माना जा रहा है अब वातावरण अध‍िक गर्म नहीं होने जा रहा है जहां है वहीं स्‍थ‍िर रहेगा और आने वाले समय में लोकल हीट‍िंंग की वजह से बरसात का दौर रहेगा.अर्बन हीट एक्शन प्लान सक्रियप्रदेश में भीषण गर्मी और हीट वेव को लेकर हाई अलर्ट जारी किए जाने के बाद जनपद वाराणसी में जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है. बढ़ते तापमान और लू के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं. जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि जनपद में “अर्बन हीट एक्शन प्लान” को सक्रिय कर दिया गया है, ताकि लोगों को गर्मी से राहत दिलाई जा सके और हीट स्ट्रोक की घटनाओं को रोका जा सके. जिलाधिकारी ने बताया कि छोटे बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है.ALSO READ : वाराणसी में गंगा दशहरा पर घाटों पर उमड़ा आस्‍था का सैलाब, लगाई पुण्‍य की डुबकी...इसके साथ ही शहर के विभिन्न स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था कराई गई है. खासकर उन बड़े ट्रैफिक वाले इलाकों में, जहां लोगों को लंबे समय तक सिग्नल पर रुकना पड़ता है, वहां छांव की विशेष व्यवस्था की गई है ताकि राहगीरों और वाहन चालकों को तेज धूप से राहत मिल सके.
वाराणसी में गंगा दशहरा पर घाटों पर उमड़ा आस्‍था का सैलाब, लगाई पुण्‍य की डुबकी...
वाराणसी में गंगा दशहरा पर घाटों पर उमड़ा आस्‍था का सैलाब, लगाई पुण्‍य की डुबकी...
वाराणसी : गंगा दशहरा के पुण्‍य अवसर पर मंगलवार का भी योग रहा तो पुण्‍य की डुबकी लगाने के लिए आस्‍था का सैलाब उमड़ पड़ा. आस्‍थावानों से काशी का गंगा तट सुबह सूर्योदय के साथ ही पट गया. भक्‍तों ने पुण्‍य की डुबकी लगाई, दान किया और बाबा दरबार की ओर कदम बढ़ चले.भक्‍तों ने आस्‍था पथ पर पुण्‍य की कामना से जरूरतमंदों को दान कर मां गंगा से मनुहार किया. दोपहर तक लगातार आस्‍थावानों की कतार गंगा के तट पर लगी रही. हर हर गंगे का उद्घोष और बाबा दरबार में काशी व‍िश्‍वनाथ गंगे का मान नजर आया. गंगा के अवतरण दिवस गंगा दशहरा पर नमामि गंगे ने दशाश्वमेध घाट पर अविरल गंगा-निर्मल गंगा की कामना से दुग्धाभिषेक किया. सनातनी संस्कृति का प्रवाह मां गंगा की आरती उतारी गई. शपथ लेकर जन भागीदारी सुनिश्चित करने का आवाह्न किया गया.भाजपा विधायक नीलकंठ तिवारी ने बटुकों संग गंगा का दुग्‍धाभिषेक किया. नमामि गंगे टीम के महिला और पुरुष सदस्यों ने गंगा तलहटी की सफाई कर लोगों से गंदगी न करने की अपील की. लाउडस्पीकर और स्वच्छता स्लोगन लिखी तख्तियों के द्वारा घाटों पर लोगों को जागरूक किया गया. गंगा दशहरा स्नान के लिए उपस्थित हजारों लोगों को जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जन-भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प दिलाया गया.नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर संयोजक राजेश शुक्ला ने कहा कि गंगा दशहरा उस दिन के सम्मान में धार्मिक आस्था के साथ मनाया जाता है जब देवी गंगा पृथ्वी पर आई थीं. राजा सगर के साठ हजार पुत्रों का उद्धार करने के लिए धरती पर आई गंगा तब से लेकर आज तक पृथ्वीवासियों को मुक्ति, शांति, आजीविका और आनंद प्रदान कर रही हैं.मां गंगा का अवतरण ज्येष्ठ शुक्ल दशमी, हस्त नक्षत्र, कन्या राशि, मिथुन लग्न में हुआ था. इसलिए ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को मां गंगा के धरा पर अवतरण दिवस गंगा दशहरा कहते हैं. इस बार यह पर्व 26 मई को मनाया जा रहा है. ख्यात ज्योतिषाचार्य पं. ऋषि द्विवेदी के अनुसार गंगा दशहरा इस वर्ष अपने आप में विशेष है. अधिकमास ज्येष्ठ की दशमी तिथि के संदर्भ में धर्मशास्त्र की आज्ञा है कि-‘ज्येष्ठ मलमासे सती तत्वैव दशहरा कार्या न तू शुद्धै’ अर्थात् ज्येष्ठ में मलमास होने पर दस पापों से मुक्ति का पर्व गंगा दशहरा पर्व मलमास में ही मनाया जाना चाहिए.ALSO READ : प्रेमी से शादी की जिद में युवती मोबाइल टावर पर चढ़ी, पुलिस ने समझाकर नीचे उतारा...गंगा तट से लेकर विश्‍वनाथ दरबार तक सुरक्षा के व्‍यापक बंदोबस्‍त किए गए हैं. गोदौलिया चौराहा और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन कैमरे के माध्यम से निगरानी अभियान चलाया गया. वाराणसी पुलिस की ड्रोन टीम ने नंदी चौक से गंगा के क्षेत्र तक सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन की स्थिति का जायजा लिया. वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष रूप से सक्रिय है. जल पुलिस और एनडीआरएफ के जवान भी गंगा में गश्‍त करते रहे.