इन पांच जगहों पर बिकेगा मांस-मछली, मेयर ने दिए निर्देश
Varanasi News: वाराणसी में नगर-निगम की एक बड़ी बैठक आयोजित की गई. इस बैठक के दौरान यह फैसला लिया गया है कि, शहरी सीमा के बाहर केवल पांच निर्धारित स्थानों पर ही मांस और मछली की बिक्री होगी. इसके लिए रामनगर, सूजाबाद, गणेशपुर, अवलेशपुर और शिवपुर में जमीन चिह्नित की गई है. व्यवस्था लागू होने से शहर में अनियंत्रित मांस-मछली बिक्री पर रोक लगाने में मदद मिलेगी.

वाराणसी के टाउनहॉल में आयोजित बैठक
आपको बता दें कि, सदन की यह बैठक वाराणसी के टाउनहॉल में आयोजित की गई. ये अहम बैठक मेयर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में की गई. जिसमें शहर सीमा से बाहर पांच स्थानों पर मांस और मछली की बिक्री से लेकर कई मुद्दों को लेकर चर्चा की गई. मांस ब्रिक्री के लिए रामनगर, सूजाबाद, गणेशपुर, अवलेशपुर और शिवपुर में जमीन का चयन किया गया है. इस प्रस्ताव पर सदन की मुहर लगने के बाद से जल्द ही निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है. इस बैठक को संबोधित करते हुए नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कहा कि इस योजना के प्रथम चरण में पांच स्थानों का चयन किया जा चुका है. आने वाले दिनों में शहर के भीतर संचालित मांस-मछली की दुकानों को इन पांच क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जाएगा, सदन में पार्षद गुलशन अली ने यह मामला उठाया, उन्होंने कहा कि एक वर्ष पूर्व यह प्रस्ताव लाया गया था.

सावन में फिर से इन दुकानों को बंद कर दिया जाएगा
इसी के आगे नगर आयुक्त ने ये भी कहा कि, सावन में फिर से इन दुकानों को बंद कर दिया जाएगा. इससे मांस कारोबारियों का रोजगार प्रभावित होता है, भेलूपुर जलकल परिसर में बनने वाले काशी इंटरप्रिटेशन सेंटर और कम्युनिटी पार्क के संबंध में नगर आयुक्त ने सदन को विश्वास दिलाया कि वहां मौजूद जलकल के पुराने भवन को ध्वस्त नहीं किया जाएगा. शिवपुर में फुटकर फल मंडी विकसित करने का भी प्रस्ताव है, जिसमें फल व्यवसायियों के लिए करीब 500 दुकानें प्रस्तावित की गई हैं.

भाजपा पार्षद दल के उपनेता सुरेश कुमार चौरसिया ने जलकल परिसर में सेटलिंग टैंक की सफाई के दौरान निकाली गई करीब 40 हजार घनमीटर मिट्टी की बिक्री न होने पर चिंता जताई. इस पर मेयर ने जलकल के महाप्रबंधक अनूप सिंह को तुरंत निर्देश दिए कि उक्त मिट्टी की नीलामी कराई जाए. उन्होंने सीएम ग्रिड्स योजना के तहत चल रहे छह प्रमुख सड़कों के निर्माण कार्यों को अनुबंध की शर्तों के अनुरूप पूरा कराने के निर्देश दिए. अशोक कुमार मौर्य ने शहर में स्थित अवशेष मल्टीस्टोरी बिल्डिंग और फ्लैटों को गृहकर के दायरे में लाने का सुझाव दिया, पार्षद सिंधु सोनकर ने ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर के पौराणिक तालाब को भू-माफियाओं द्वारा पाटकर अवैध निर्माण करने का मुद्दा उठाया.
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