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धनंजय सिंह मामले में MLA अभय सिंह समेत सभी आरोपी बरी, 24 साल बाद आया फैसला

धनंजय सिंह मामले में MLA अभय सिंह समेत सभी आरोपी बरी, 24 साल बाद आया फैसला
Apr 15, 2026, 09:23 AM
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Posted By Preeti Kumari

MLA Abhay Singh and all other accused acquitted in Dhananjay Singh case; verdict comes after 24 years


वाराणसी: जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह और उनके साथियों पर 24 साल पहले वाराणसी के नदेसर क्षेत्र में दिनदहाड़े हुए जानलेवा हमले में विधायक अभय सिंह को राहत मिल गई है. इस बहुचर्चित मामले में बुधवार को विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) यजुवेंद्र विक्रम सिंह की अदालत ने फैसला सुनाया. अदालत ने आरोप साबित न होने पर संदेह का लाभ देते हुए आरोपित विधायक अभय सिंह, संजय सिंह रघुवंशी, सतेंद्र ऊर्फ बबलू सिंह, संदीप सिंह उर्फ पप्पू, विनोद सिंह व एमएलसी श्याम नारायण सिंह उर्फ विनीत सिंह को दोषमुक्त कर दिया.


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अभियोजन पक्ष का आरोप


अभियोजन पक्ष का आरोप था कि चार अक्टूबर 2002 को जौनपुर के पूर्व सांसद व तत्कालीन विधायक धनंजय सिंह अपने कुछ साथियों के साथ सफारी गाड़ी से अस्पताल में भर्ती पारिवारिक सदस्य एक को देखकर शाम छह बजे वापस जौनपुर लौट रहे थे. आरोप था कि जैसे ही उनकी सफारी गाड़ी नदेसर क्षेत्र में स्थित टकसाल सिनेमा हाल के समीप पहुंची, तभी पहले से वहां मौजूद अभय सिंह अपने साथियों के साथ सफारी और बोलेरो गाड़ी से उतरे और जान से मारने की नियत से धनंजय सिंह के ऊपर अंधाधुन फायरिंग करने लगे. आत्मरक्षार्थ उनके गनर ने गोली चलाना शुरू कर दिया. इसी दौरान मौके पर पुलिस की गाड़ी आ गई तो अभय सिंह और उसके साथी अपनी गाड़ी से कचहरी की तरफ भाग निकले.


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इस हमले में तत्कालीन विधायक धनंजय सिंह,गनर वासुदेव पांडेय, ड्राइवर दिनेश कुमार गुप्ता समेत अन्य लोग घायल हो गए. वहीं अचानक गोलियां चलने से वहां भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई. मौके पर पहुंची पुलिस ने धनंजय सिंह और उसके साथियों को इलाज के लिए मलदहिया स्थित सिंह मेडिकल हॉस्पिटल में भर्ती कराया. इस मामले में धनंजय सिंह ने अभय सिंह एवं अन्य के ख़िलाफ़ कैंट थाना में नामजद मुकदमा दर्ज कराया था.


अभय सिंह ने ऐसे थामा भाजपा का दामन


कैंट पुलिस ने विवेचना पूरी करके अभय सिंह, संजय सिंह रघुवंशी, सतेंद्र सिंह उर्फ बबलू, संदीप सिंह उर्फ पप्पू, विनोद सिंह तथा वर्तमान में एमएलसी श्याम नारायण सिंह उर्फ विनीत सिंह के खिलाफ 14 दिसंबर 2002 को अदालत में आरोपपत्र प्रेषित कर दिया. घटना के समय धनंजय सिंह जौनपुर के रारी विधानसभा क्षेत्र के विधायक थे. इस गोलीकांड के पीछे वर्चस्‍व की लडाई एक बडी वजह रही. अभय सिंह की गिनती उस सम बाहुबलियों में होती रही. हालांकि अभय सिंह भी बाद में सपा से विधायक बनकर भाजपा में शामिल हो गए.


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करीब दो दशक से अधिक समय तक चले इस हाई-प्रोफाइल केस के फैसले के बाद पूर्वांचल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. यह मामला लंबे समय से राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और आपराधिक आरोपों के चलते चर्चा में रहा था. 24 साल बाद आए इस फैसले ने एक बड़े और चर्चित आपराधिक-राजनीतिक विवाद का पटाक्षेप कर दिया है. हालांकि, इस निर्णय के दूरगामी राजनीतिक प्रभाव आने वाले समय में देखने को मिल सकते हैं.


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पीएम के आगमन और एयर शो को लेकर तगडी हुई सुरक्षा, पुलिस आयुक्‍त ने की ब्रीफिंग
पीएम के आगमन और एयर शो को लेकर तगडी हुई सुरक्षा, पुलिस आयुक्‍त ने की ब्रीफिंग
वाराणसी : पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के आगमन और एयर शो के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की. उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए. वीवीआईपी रूट और कार्यक्रम स्थल पर चिह्नित संवेदनशील स्थानों पर रूफटॉप ड्यूटी लगाई जा रही है. आसपास के क्षेत्रों की प्रभावी निगरानी की जाएगी. आज सुरक्षा का पूर्वाभ्‍यास भी किया जाएगा. बता दें कि पीएम मोदी का आगमन 25 अक्‍टूबर को हो रहा है. वह मिर्जामुराद क्षेत्र में अरविंद मिल्‍स की नई इकाई का उद्घाटन करेंगे और नमो घाट पर एयर शो में शामिल होंगे. वहीं आज 24 अक्‍टूबर को भी एयरशो में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी आदित्‍यनाथ मौजूद रहेंगे.ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से कार्यक्रम स्थल, वीवीआईपी रूट तथा भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जाएगी. प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा जांच अनिवार्य होगी. बिना निर्धारित जांच के किसी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा. महिला दर्शकों की जांच महिला पुलिसकर्मियों द्वारा ही की जाएगी. वीवीआईपी सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण पर विशेष जोर दिया गया. यातायात पुलिस लाइन के सभागार में पुलिस आयुक्त ने वीवीआईपी रूट, कार्यक्रम स्थल और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए. ड्रोन, सीसीटीवी कैमरों और रूफटॉप ड्यूटी के माध्यम से लगातार निगरानी रखने को कहा. सभी अधिकारियों को अपने-अपने ड्यूटी क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण करने और अधीनस्थ पुलिस बल को सतर्कता बरतने और सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन में पूर्ण समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर दिया.यातायात और भीड़ प्रबंधन पर विशेष जोरयातायात पुलिस को वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया. आवश्यकतानुसार यातायात डायवर्जन और वैकल्पिक मार्गों का प्रभावी उपयोग किया जाएगा. वीवीआईपी रूट से जुड़ी गलियों, कट और चौराहों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा. एयर शो के दौरान दर्शकों के सुरक्षित आवागमन के लिए पार्किंग, बैरिकेडिंग और प्रवेश-निकास मार्गों का प्रबंधन होगा. भीड़ नियंत्रण में पुलिसकर्मी संयम और संवेदनशीलता बरतें. अनावश्यक बल प्रयोग से बचते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखी जाए. पुलिस आयुक्त ने एयर शो में आने वाले दर्शकों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया.ALSO READ : एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के तहत केरलम के दल का बीएचयू में भव्य स्वागत, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेशपुलिसकर्मी शालीनता बरतेंसभी पुलिसकर्मियों को आमजन के साथ शालीन, विनम्र और सम्मानजनक व्यवहार करने को कहा गया. उन्हें 'सर' और 'मैडम' कहकर संबोधित करने की हिदायत दी गई. दर्शकों को रास्ता बताने और हर संभव सहायता प्रदान करने पर जोर दिया गया. प्रत्येक दर्शक इनक्लोजर में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी. इससे महिला दर्शकों को आवश्यक सुरक्षा और सहायता मिल सकेगी.
एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के तहत केरलम के दल का बीएचयू में भव्य स्वागत, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के तहत केरलम के दल का बीएचयू में भव्य स्वागत, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
वाराणसी: भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पहल ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के अंतर्गत आयोजित ‘युवा संगम’ सातवे चरण के तहत केरलम (आईआईटी पलक्कड़) से आए 55 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का काशी हिंदू विश्वविद्यालय के मालवीय भवन में भव्य स्वागत किया गया। इस दल में 50 छात्र और 5 शिक्षक शामिल हैं, जिनका नेतृत्व सेलेस्टेट आर. और गोपी श्रीकांत रेड्डी कर रहे हैं। मालवीय भवन में आयोजित समारोह में बीएचयू के नोडल अधिकारी डॉ. बाला लखेंद्र ने अपने स्वागत उद्बोधन के माध्यम से सभी आगंतुक अतिथियों, शिक्षकों एवं केरलम के युवा दल का औपचारिक अभिनंदन किया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय एकता, भाईचारा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के उद्देश्य से यह दल 28 अक्टूबर तक उत्तर प्रदेश के भ्रमण पर रहेगा। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और हरित परिसर की भावना को बढ़ावा देते हुए सभी विद्यार्थियों ने मिलकर पौधारोपण भी किया। कार्यक्रम में छात्र अधिष्ठाता (डीन ऑफ स्टूडेंट्स) प्रो. रंजन कुमार सिंह ने छात्रों का काशी एवं बीएचयू परिसर में स्वागत किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के गौरवशाली इतिहास, समृद्ध शैक्षणिक परंपराओं और विशाल परिसर की जानकारी देते हुए छात्रों को बीएचयू भ्रमण के लिए प्रेरित किया।मालवीय भवन के निदेशक डॉ. पतंजलि मिश्र ने आदर्श छात्र जीवन पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए ब्रह्मचर्य और नियमित व्यायाम के महत्व पर विशेष जोर दिया। समारोह में उपस्थित सभी अतिथियों ने केरलम के छात्रों का अभिनंदन करते हुए उन्हें बनारस की प्राचीन सभ्यता, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से रूबरू कराया। दल के सदस्यों ने काशी की समृद्ध विरासत का अनुभव करने के लिए अस्सी घाट का भी भ्रमण किया। ALSO READ : बीएचयू की डॉ. नेहा पाण्डेय ने मद्रास विश्वविद्यालय में एआई आधारित संचार पर दिया विशेष व्याख्यान.इस अवसर पर मुख्य रूप से बीएचयू के कुलसचिव डॉ. राजेंद्र श्रीवास्तव, उप मुख्य आरक्षाधिकारी प्रो. फतेह बहादुर, समन्वयक डॉ. अशोक कुमार शर्मा सहित सौम्या मुखर्जी, सनिल और श्रीकांत रेड्डी उपस्थित रहे। 24 अक्टूबर को प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री द्वारा गोद लिए गए आदर्श गाँव जयापुर का दौरा कर ग्रामीण विकास कार्यों को समझेगा। 25 अक्टूबर को यह दल लखनऊ के लिए प्रस्थान करेगा, जहाँ वे उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट करेंगे। लखनऊ प्रवास के दौरान यह दल धर्मनगरी अयोध्या का भी भ्रमण करेगा। 28 अक्टूबर तक चलने वाले इस दौरे के माध्यम से केरलम के युवा बनारस, अयोध्या और लखनऊ की समृद्ध संस्कृति, नवाचार और विकास कार्यों से प्रत्यक्ष रूप से परिचित होंगे।
बीएचयू की डॉ. नेहा पाण्डेय ने मद्रास विश्वविद्यालय में एआई आधारित संचार पर दिया विशेष व्याख्यान.
बीएचयू की डॉ. नेहा पाण्डेय ने मद्रास विश्वविद्यालय में एआई आधारित संचार पर दिया विशेष व्याख्यान.
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के पत्रकारिता एवं जनसम्प्रेषण विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नेहा पाण्डेय ने मद्रास विश्वविद्यालय, चेन्नई में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित संचार तकनीकों पर विशेष व्याख्यान दिया। 23 अक्टूबर को आयोजित इस व्याख्यान का विषय ‘ट्रांसफॉर्मिंग कम्युनिकेशन थ्रू एआई: चैटबॉट्स, ऑटोमेशन एंड इमर्जिंग ऑपर्च्युनिटीज’ रहा। इसमें आधुनिक संचार व्यवस्था में एआई चैटबॉट्स की बढ़ती भूमिका, उनके उपयोग और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। डॉ. नेहा पाण्डेय ने बताया कि एआई आधारित चैटबॉट्स पत्रकारिता, व्यावसायिक संचार, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने चैटबॉट्स के विभिन्न प्रकार, उनके काम करने के तरीके और संचार प्रक्रियाओं को अधिक सरल एवं प्रभावी बनाने में उनकी उपयोगिता को समझाया। साथ ही, एआई तकनीक के विस्तार से पैदा हो रहे नए अवसरों और संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला।पत्रकारिता में बदल रही है एआई की भूमिकाव्याख्यान के दौरान डॉ. पाण्डेय ने पत्रकारिता के क्षेत्र में एआई आधारित टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इनकी मदद से ब्रेकिंग न्यूज उपलब्ध कराने, पाठकों के सवालों का जवाब देने, समाचार लेखों का सारांश तैयार करने, फैक्ट-चेकिंग में सहायता करने और पत्रकारों को शोध एवं डेटा विश्लेषण में सहयोग देने जैसे कार्य किए जा सकते हैं। उन्होंने ‘द वाशिंगटन पोस्ट’ के एआई टूल ‘हेलियोग्राफ’ और ‘रॉयटर्स’ के ‘न्यूज ट्रेसर’ का उदाहरण देते हुए बताया कि तकनीक किस तरह समाचारों के संकलन, विश्लेषण और प्रस्तुतीकरण की प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि एआई का उपयोग पत्रकारिता में सहायक हो सकता है, लेकिन सूचनाओं की सत्यता की जांच और जिम्मेदार पत्रकारिता का महत्व बना रहता है।स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा में भी उपयोगी एआई चैटबॉट्सडॉ. नेहा पाण्डेय ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एआई चैटबॉट्स की उपयोगिता पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि इनकी मदद से स्वास्थ्य संबंधी सामान्य जानकारी देने, बीमारियों के लक्षणों के बारे में मार्गदर्शन करने, वर्चुअल परामर्श में सहायता और मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित शुरुआती सहयोग उपलब्ध कराने जैसे कार्य किए जा सकते हैं।इसके अलावा मरीजों का डेटा एकत्र करने, अस्पताल में अपॉइंटमेंट निर्धारित करने और रिमाइंडर भेजने जैसी नियमित प्रक्रियाओं को स्वचालित बनाने में भी इनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। इससे स्वास्थ्यकर्मियों के कामकाज को व्यवस्थित करने और कार्यभार कम करने में सहायता मिल सकती है। शिक्षा के क्षेत्र में भी एआई आधारित उपकरणों के माध्यम से जानकारी उपलब्ध कराने और सीखने की प्रक्रिया को सहयोग देने की संभावनाओं पर चर्चा की गई।ALSO READ : बरेका में स्पेशल कैंपेन 6.0 के तहत चला स्वच्छता अभियान, पुराने रिकॉर्ड और अनुपयोगी सामान हटाए गएएआई के इस्तेमाल में नैतिकता और सत्यता जरूरीव्याख्यान में एआई से जुड़ी चुनौतियों और नैतिक सवालों को भी प्रमुखता से उठाया गया। डॉ. पाण्डेय ने गलत या भ्रामक जानकारी, एआई द्वारा मनगढ़ंत तथ्य प्रस्तुत करने, तकनीकी पूर्वाग्रह, भेदभाव और डेटा की गोपनीयता जैसे मुद्दों पर चर्चा की। इसके साथ ही शैक्षणिक ईमानदारी, तकनीक पर अत्यधिक निर्भरता, डिजिटल विभाजन, सहमति, कॉपीराइट और जवाबदेही से जुड़ी चुनौतियों को भी रेखांकित किया। उन्होंने एआई से तैयार सामग्री के सत्यापन की आवश्यकता पर जोर देते हुए बताया कि तकनीक का उपयोग करते समय तथ्यों की जांच, गोपनीयता की सुरक्षा और नैतिक मानकों का पालन आवश्यक है। व्याख्यान के बाद आयोजित प्रश्न-उत्तर सत्र में डॉ. नेहा पाण्डेय ने प्रतिभागियों के सवालों के जवाब दिए। इस दौरान चैटबॉट्स के नैतिक उपयोग और एआई से तैयार सामग्री की सत्यता जांचने से जुड़े प्रश्नों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में मद्रास विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं संचार विभाग की प्रमुख डॉ. बेउलाह राहेल ने डॉ. नेहा पाण्डेय का स्वागत किया, जबकि विभाग की पूर्व अध्यक्ष डॉ. टी. आर. गोपालकृष्णन ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विभाग के संकाय सदस्यों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने भाग लिया।