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तेज रफ्तार थार ने बाइक को 100 मीटर तक घसीटा, मां-बेटी की दर्दनाक मौत

तेज रफ्तार थार ने बाइक को 100 मीटर तक घसीटा, मां-बेटी की दर्दनाक मौत
May 11, 2026, 03:31 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी: मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के भुल्लनपुर इलाके में रविवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में मां और बेटी की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि महिला का देवर गंभीर रूप से घायल हो गया. हादसे के बाद इलाके में सनसनी फैल गई.

जानकारी के अनुसार, मिर्जामुराद थाना क्षेत्र निवासी सोनी राजभर (28) अपने देवर मनीष राजभर और पांच वर्षीय बेटी के साथ महोली में आयोजित रिश्तेदारी की रिंग सेरेमनी में शामिल होने गई थीं. कार्यक्रम समाप्त होने के बाद तीनों देर रात करीब 11:30 बजे बाइक से घर लौट रहे थे.

इसी दौरान भुल्लनपुर इलाके में पीछे से आ रही तेज रफ्तार थार ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक करीब 100 मीटर तक सड़क पर घिसटती चली गई. हादसे में सोनी राजभर और उनकी मासूम बेटी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मनीष राजभर गंभीर रूप से घायल हो गए.

घटना की सूचना मिलते ही मंडुवाडीह पुलिस मौके पर पहुंची और घायल मनीष को तत्काल पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है.

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हादसे के बाद थार चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया.पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है.

डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार ने बताया कि फरार चालक की तलाश की जा रही है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही

वाराणसी में खून से सना युवती का शव पीजी में म‍िला, गर्भपात की दवा लेने से अत्‍यधिक रक्तस्त्राव की आशंका...
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वाराणसी : सारनाथ थाना क्षेत्र के अकथा स्थित पेइंग गेस्ट हाउस (पीजी) में खून से सना नर्सिंग की एक छात्रा का शव मिलने से सनसनी फैल गई. उसका शव सीढ़ियों पर पड़ा हुआ था. सूचना के बा पहुंचे पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. प्रारंभिक जांच में गर्भपात की दवा लेने के बाद अत्‍यधिक रक्‍तस्राव से मौत होने की आशंका जताई जा रही है. पुलिस का कहना है कि पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह स्‍पष्‍ट होगी. फिलहाल पुलिस नर्सिंग कालेज के एक सीनियर छात्र को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है.छात्रा बलिया की रहने वाली थी और उसके पिता एक सिपाही हैं. वह परिवार के साथ सारनाथ थाने के पुलिस आवास में रहती थी. स्वजन पोस्टमार्टम के बाद शव को लेकर अपने मूल निवास चले गए. चिकित्सकों का कहना है कि गर्भपात के लिए दवा लेने के कारण छात्रा को अत्यधिक रक्तस्त्राव हुआ, जिससे उसकी जान चली गई. इस मामले में पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी गई है. छात्रा की उम्र 19 वर्ष थी और वह जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (जीएनएम) कोर्स कर रही थी. बुधवार की सुबह, उसने अपनी मां से दो लोगों के लिए लंच बनवाने के बाद कालेज के लिए निकली थी. वह नर्सिंग स्कूल के सामने स्थित तीन मंजिला बिल्डिंग में संचालित होने वाले पीजी में गई. इस बिल्डिंग के पहले तल पर पैथलाजी है, दूसरे तल पर छात्र-छात्राएं रहते हैं और तीसरे तल पर एक बैंक है.सुबह 11 बजे, एक इलेक्ट्रिशियन बिजली का काम करने के लिए पीजी में गया और उसने छात्रा को सीढ़ियों पर बेसुध पाया. उसने इसकी सूचना समीप स्थित नर्सिंग होम को दी. वहां से आए कर्मचारियों ने उसे नर्सिंग होम ले जाने का प्रयास किया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. चिकित्सकों ने देखा कि छात्रा के नीचे के कपड़ों में काफी अधिक खून था. जब छात्रा के स्वजन को उसकी मौत की जानकारी मिली, तो वे सदमे में आ गए. वे समझ नहीं पा रहे थे कि कालेज के लिए घर से निकली उनकी बेटी की मौत कैसे हुई. मृतका दो भाइयों और एक बहन में दूसरे नंबर की थी.छात्रा की जांच करने वाले चिकित्सकों ने बताया कि गर्भपात की दवा लेने के कारण उसकी जान गई. अकथा स्थित नर्सिंग स्कूल की छात्रा की मौत के बाद पुलिस ने पेइंग गेस्ट हाउस की जांच की. पुलिस को प्रारंभिक जांच में जानकारी मिली कि छात्रा का संबंध नर्सिंग कालेज के एक सीनियर छात्र से था. वह उससे मिलने के लिए पीजी में गई थी. चिकित्सकों का मानना है कि छात्रा गर्भवती रही होगी और उसने गर्भपात के लिए दवा ली होगी. पुलिस ने उस छात्र को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. मृतक और छात्र के मोबाइल की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है. सारनाथ थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी ने बताया कि पीजी में कोई सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं था और सीसीटीवी कैमरे की क्वालिटी भी बेहतर नहीं है. नर्सिंग कालेज गर्मियों की छुट्टी के कारण बंद है.ALSO READ:वाराणसी में बच्‍चों के विवाद ने लिया हिंसक रूप, पड़ोसी ने दुकानदार को गोली मारी...छात्रा के शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं मिले हैं. सूत्रों के अनुसार सीनियर छात्र ने यूट्यूब पर देखकर गर्भपात की दवा उपलब्‍ध कराई थी. पहले भी वह एक बार गर्भपात करा चुका है. एसीपी विदुष सक्सेना का कहना है कि मौत की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट हो पाएगी.
वाराणसी में बच्‍चों के विवाद ने लिया हिंसक रूप, पड़ोसी ने दुकानदार को गोली मारी...
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वाराणसी : चौबेपुर थाना क्षेत्र के लूठा खुर्द गांव में गुरुवार सुबह बच्चों के बीच हुआ मामूली विवाद खुनी संघर्ष में बदल गया. आरोप है कि पड़ोसी युवक ने पिस्तौल से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिसमें परचून दुकानदार 78 वर्षीय लल्लू गुप्ता गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के बाद गांव में अफरातफरी मच गई. सूचना के बाद पुलिस जांच में जुट गई है.जानकारी के अनुसार, लूठा खुर्द निवासी लल्लू गुप्ता गांव में परचून की दुकान चलाते हैं. गुरुवार सुबह करीब आठ बजे उनके परिवार के बच्चों और पड़ोसी अरुण पाण्डेय के घर के बच्चों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई. आरोप है कि विवाद के दौरान अरुण पाण्डेय मौके पर पहुंच गया और मारपीट करने लगा. आसपास के लोगों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन तनाव बना रहा. ग्रामीणों के अनुसार, कुछ देर बाद अरुण पाण्डेय घर से पिस्तौल लेकर आया और लल्लू गुप्ता के दरवाजे पर बैठे लोगों को निशाना बनाकर फायरिंग शुरू कर दी. आरोप है कि उसने पांच राउंड गोलियां चलाईं. इस दौरान एक गोली लल्लू गुप्ता के कंधे में जा लगी. गोली लगते ही वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े. परिजनों का कहना है कि गोली उनके कंधे में फंसी हुई है.also read:पवन एक्सप्रेस 9 घंटे लेट, यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें; मेगा ब्लॉक से 40 मिनट रुकी सिकंदराबाद-दानापुर सुपरफास्ट...घटना के बाद परिजन घायल वृद्ध को लेकर चौबेपुर थाने पहुंचे. फिर समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नरपतपुर भर्ती कराया, बाद में उसे बीएचयू ट्रामा सेंटर भेज दिया गया. फायरिंग की घटना से गांव में दहशत का माहौल है. थाना प्रभारी निरीक्षक वीरेन्द्र कुमार सोनकर ने बताया कि फायरिंग की सूचना मिली है. घायल को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है. पुलिस टीम मौके पर जांच कर रही है. तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी. गांव के लोग इस घटना के बाद से भयभीत हैं और सुरक्षा की मांग कर रहे हैं.
पवन एक्सप्रेस 9 घंटे लेट, यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें; मेगा ब्लॉक से 40 मिनट रुकी सिकंदराबाद-दानापुर सुपरफास्ट...
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वाराणसी: गर्मी की छुट्टियों और बढ़ी हुई यात्री संख्या के बीच वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को कई ट्रेनें घंटों की देरी से पहुंचीं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. मुंबई और लोकमान्य तिलक टर्मिनस की ओर से आने वाली ट्रेनों के लेट होने से प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी.लोकमान्य तिलक टर्मिनस से जयनगर जाने वाली 11061 एलटीटी-जयनगर एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से करीब 9 घंटे की देरी से रात 9:25 बजे वाराणसी स्टेशन पहुंची. वहीं मुंबई से आने वाली पवन एक्सप्रेस भी करीब 8 घंटे विलंबित रही. रेलवे की ओर से ट्रेनों के लेट होने की सूचना तो लगातार प्रसारित की जा रही थी, लेकिन देरी के कारणों की स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने से यात्रियों में असमंजस बना रहा.सूत्रों के अनुसार लोकमान्य तिलक-वाराणसी रेलखंड पर विभिन्न स्थानों पर ट्रैक मेंटेनेंस और अन्य तकनीकी कार्यों के लिए लिए गए ब्लॉकों के कारण ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ.इधर, 12791 सिकंदराबाद-दानापुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस निर्धारित समय से 10 मिनट पहले दोपहर 1:15 बजे प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर पहुंच गई, लेकिन आगे मेगा ब्लॉक होने के कारण ट्रेन को करीब 40 मिनट तक स्टेशन पर खड़ा रखना पड़ा. इसके बाद ट्रेन दोपहर 2:15 बजे रवाना हुई.also read:संवरेगा वाराणसी का बुनियादी ढांचा, 48.88 करोड़ की योजना से चौराहों से लेकर कुंडों तक दिखेगी हेरिटेज झलक...गर्मी की छुट्टियों के चलते मुंबई, पुणे, देहरादून और सिकंदराबाद समेत विभिन्न शहरों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक काशी पहुंच रहे हैं। वहीं पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल होने आए अभ्यर्थियों की भीड़ से कैंट स्टेशन के प्लेटफॉर्म खचाखच भरे रहे. यात्री जहां जगह मिली, वहीं बैठकर ट्रेनों का इंतजार करते नजर आए.वहीं, 01025 दादर-बलिया स्पेशल अपने निर्धारित समय से करीब 9 घंटे 20 मिनट की देरी से सुबह 7:10 बजे वाराणसी पहुंची. दूसरी ओर 11071 कामायनी एक्सप्रेस भी निर्धारित समय शाम 7:45 बजे के बजाय करीब 6 घंटे विलंब से रात 1:45 बजे स्टेशन पहुंची. ट्रेनों की देरी के कारण आगे की यात्रा करने वाले यात्रियों को लंबे इंतजार और असुविधा का सामना करना पड़ा.