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वाराणसी के ऐतिहासिक तालाब, कुंड और कुओं के कायाकल्प के लिए करोड़ों का समझौता...

वाराणसी के ऐतिहासिक तालाब, कुंड और कुओं के कायाकल्प के लिए करोड़ों का समझौता...
Jul 17, 2026, 07:59 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी के प्राचीन धरोहरों और जल स्रोतों को संरक्षित करने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक शुरुआत हुई है. पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PFC) द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के अंतर्गत ₹58 करोड़ की लागत से वाराणसी के विभिन्न तालाबों, कुंडों और सामुदायिक कुओं के कायाकल्प एवं विकास कार्यों के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए. इस समझौता हस्ताक्षर कार्यक्रम का आयोजन रुद्राक्ष अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एवं सम्मलेन केंद्र में किया गया, जिसमें शहर के विकास और पर्यावरण संरक्षण को लेकर नई प्रतिबद्धता दोहराई गई.


इस गरिमामयी अवसर पर उपस्थित महापौर अशोक तिवारी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि काशी की आत्मा यहाँ के कुंडों, तालाबों और कुओं में बसती है. सदियों पुराने इन जल स्रोतों का जीर्णोद्धार न केवल पर्यावरण के लिए जरूरी है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक पहचान को भी जीवित रखेगा. उन्होंने इस पुनीत कार्य के लिए पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना काशीवासियों और यहाँ आने वाले वैश्विक पर्यटकों के लिए एक अद्भुत और कल्याणकारी उपहार सिद्ध होगी.

HIMANSHU NAFGAPAL

परियोजना के महत्व को रेखांकित करते हुए पीएफसी की अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) श्रीमती परमिंदर चोपड़ा ने कहा कि पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन देश के बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ पर्यावरण और सामुदायिक कल्याण के प्रति भी पूरी तरह समर्पित है. काशी जैसी पावन नगरी में ₹58 करोड़ की इस सीएसआर परियोजना के माध्यम से जल निकायों का पुनरुद्धार करना उनके संस्थान के लिए बेहद गर्व की बात है. उन्होंने विश्वास दिलाया कि पीएफसी यह सुनिश्चित करेगा कि यह परियोजना अत्याधुनिक मानकों के साथ तय समय सीमा के भीतर पूरी हो, जिससे वाराणसी के भूजल स्तर में सुधार होने के साथ-साथ स्थानीय पर्यावरण को भी एक नई संजीवनी मिले.

HIMANSHU NAGAPAL

इस महात्वाकांक्षी परियोजना के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन को लेकर नगर आयुक्त एवं स्मार्ट सिटी के सीईओ हिमांशु नागपाल ने अपनी कार्ययोजना साझा की. उन्होंने कहा कि वाराणसी स्मार्ट सिटी के अंतर्गत इस परियोजना को बेहद व्यवस्थित और आधुनिक तरीके से क्रियान्वित किया जाएगा. तालाबों और कुंडों के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ उनके पानी को प्राकृतिक रूप से साफ रखने के लिए ईको-फ्रेंडली तकनीकों का उपयोग किया जाएगा. सामुदायिक कुओं के जीर्णोद्धार से स्थानीय निवासियों को स्वच्छ जल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी.


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इस ऐतिहासिक समझौते के तहत वाराणसी के प्राचीन और ऐतिहासिक जल निकायों का संपूर्ण जीर्णोद्धार किया जाएगा, जिसमें मुख्यतः सारनाथ स्थित तालाब पर्यावरणीय पुनर्विकास, कंदवा, संदाहा, रेवागीर, सारंगनाथ, पुलिसलाइन, पांडेयपुर समेत 25 तालाबों के डिसिल्टिंग एवं डिसलजिंग का कार्य, रानीपोखरि, कोनिया बैतरणी कुंड, कुरुक्षेत्र तालाब, सोना तालाब, बाबा जगन्नाथ दास सरोवर, पोंगलपुर समेत 30 कुंडों एवं 100 सामुदायिक कुओं के जीर्णोद्धार एवं जल शोधन के कार्य आदि सम्मिलित हैं. कार्यक्रम के अंत में सभी गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में एमओयू0की प्रतियों का आदान-प्रदान किया गया, जिसने काशी के पारंपरिक वैभव और आधुनिक सस्टेनेबिलिटी (सतत विकास) के संगम को एक नया मार्ग दिखाया है.

ओड़िसा की डिप्टी सीएम ने काशी के जगन्नाथ मंदिर मे किया दर्शन, बोली कॉरिडोर निर्माण मे मदद करेगी ओडिशा सरकार
ओड़िसा की डिप्टी सीएम ने काशी के जगन्नाथ मंदिर मे किया दर्शन, बोली कॉरिडोर निर्माण मे मदद करेगी ओडिशा सरकार
वाराणसी: ओडिशा की उपमुख्यमंत्री प्रवती परिदा ने रविवार को काशी स्थित निर्माणाधीन जगन्नाथ मंदिर का निरीक्षण किया और भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए. मंदिर निर्माण कार्य को देखकर उन्होंने प्रसन्नता जताई और कहा कि मंदिर के भव्य निर्माण में ओडिशा सरकार अपनी भूमिका निभाएगी.प्रवती परिदा ने कहा कि महाप्रभु जगन्नाथ के दर्शन कर उन्हें बेहद खुशी और प्रसन्नता हुई. उन्होंने कहा कि जगन्नाथ मंदिर के निर्माण में सरकार की ओर से जो भी संभव होगा, वह सहयोग किया जाएगा. मंदिर निर्माण से जुड़े लोगों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने उन्हें साधुवाद दिया.उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में विश्वास है कि जब प्रभु की इच्छा होती है, तभी कोई कार्य संपन्न होता है, महाप्रभु जब चाहेंगे, तब काशी में भी भव्य और दिव्य जगन्नाथ मंदिर का निर्माण होगा, उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण में जो लोग दायित्व निभा रहे हैं, वे प्रशंसा के पात्र हैं.ALSO READ: साइबर ठगी का पर्दाफाश: देशभर के 143 लोगों से करोड़ों की ठगी, सरगना समेत चार गिरफ्तारओडिशा की उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी में आकर उन्हें विशेष अनुभूति हुई है, उन्होंने भरोसा जताया कि सभी के सहयोग और प्रयास से यहां भव्य-दिव्य जगन्नाथ मंदिर का निर्माण कार्य आगे बढ़ेगा, मंदिर निर्माण में ओडिशा सरकार की जो भी भूमिका होगी, उसे पूरी करने का प्रयास किया जाएगा.
साइबर ठगी का पर्दाफाश: देशभर के 143 लोगों से करोड़ों की ठगी, सरगना समेत चार गिरफ्तार
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वाराणसी : कमिश्‍नरेट की साइबर क्राइम सेल और चेतगंज पुलिस की संयुक्‍त टीम ने अंतरराज्‍यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस संबंध में गिरोह के सरगना नीतीश कुमार पांडेय समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. इस मामले में फर्जी फर्म, गेमिंग और बेटिंग एप के जरिये खाते खुलवाकर और कमीशन का लालच देकर देश भर के 143 लोगों से 116.86 करोड़ रुपये की साइबर ठगी को उजागर किया गया है.आरोपियों के पास से सात मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 40 डेबिट कार्ड, दो क्रेडिट कार्ड, चार शॉपिंग कार्ड, एक ग्रीन रेमिट कार्ड, एक गेमिंग कार्ड, 19 चेकबुक, छह पासबुक और 48 क्यूआर कोड स्कैनर बरामद हुए हैं. एक बुलेट और एक स्कोडा रैपिड कार भी जब्त की गई है.एसीपी साइबर क्राइम विनय द्विवेदी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में गिरोह का सरगना मूलरूप से बिहार के रोहतास निवासी नीतीश कुमार पांडेय है, जो वर्तमान में चितईपुर थाना क्षेत्र के करौंदी स्थित विवेकानंदपुरम कॉलोनी के आदित्य रेजिडेंसी में रहता है. अन्य आरोपियों में दुर्गाकुंड के कबीर नगर निवासी दुष्यंत सिंह, सिगरा थाना क्षेत्र के शिवपुरवा-छित्तूपुर निवासी हिमांशु झा और भेलूपुर थाना क्षेत्र के शिवाला निवासी मो. रेहान शामिल हैं. दो अन्य वांछित आरोपियों में सामनेघाट निवासी प्रतीक तिवारी उर्फ बंटी और रोमिल वर्मा की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं.पुलिस की छानबीन में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों के 41 बैंक खातों से संबंधित कुल 143 शिकायतें राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज हैं. इन शिकायतों में 116 करोड़ 86 लाख 58 हजार 321 रुपये की धोखाधड़ी की पुष्टि हुई है. गिरोह के सदस्य लोगों को कमीशन का लालच देते थे. इसके बाद उनके नाम से फर्जी फर्म, चालू और बचत खाते खुलवाते थे. बैंक किट, इंटरनेट बैंकिंग विवरण और मोबाइल नंबर भी प्राप्त कर लेते थे.साइबर क्राइम सेल प्रभारी मनोज तिवारी ने बताया कि इस गिरोह में शामिल प्रतीक तिवारी उर्फ बंटी, रोमिल वर्मा समेत अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है. गिरफ्तार आरोपियों में दुर्गाकुंड निवासी दुष्यंत सिंह के खिलाफ हरियाणा और वाराणसी के भेलूपुर थाने में साइबर ठगी के मामले में प्राथमिकी दर्ज है. सरगना नीतीश पांडेय समेत अन्य आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है.बीसीए, एमसीए कर चुके हैं आरोपी, 2021 से साइबर ठगी को दे रहे अंजामगिरफ्तार आरोपियों में नीतीश पांडेय, दुष्यंत, हिमांशु समेत अन्य आरोपी कंप्यूटर कोर्स कर चुके हैं. कुछ ने बीसीए और एमसीए की डिग्री भी ली है. चितईपुर से ही आरोपी पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहे थे. छानबीन में सामने आया कि वे 2021-22 से ही साइबर ठगी को अंजाम दे रहे हैं. आरोपियों के वाट्सएप चैट, लैपटॉप और मोबाइल की सीडीआर भी खंगाली जा रही है. आशंका है कि इस नेटवर्क के तार दुबई से जुड़े हुए हैं. देश भर में साइबर ठगी करने वाले इस गिरोह के संपर्क निजी बैंकों के कर्मियों से भी होने की आशंका है. जानबूझकर साइबर ठगी को बढ़ावा देने वाले बैंक कर्मियों की भूमिका का भी सत्यापन किया जा रहा है.ALSO READ: बाबा के दर्शन को उमड़ा सैलाब, सावन के अंतिम सोमवार पर शिवमय हुई काशीविदेश से गिरोह के संचालन की आशंकासाइबर क्राइम सेल के अनुसार, साइबर ठग कमीशन का लालच देकर लोगों के नाम पर फर्जी फर्म बनवाते थे. इसके बाद वे इन फर्जी फर्मों के नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे. इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन सट्टेबाजी (बेटिंग) और गेमिंग एप के जरिये अवैध धन के लेन-देन और ठगी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए किया जाता था. साइबर ठग बेरोजगार या लालच में फंसे लोगों को कम समय में ज्यादा मुनाफा और कमीशन का झांसा देते थे. इन खातों को चीन, कंबोडिया, दुबई समेत अन्य देशों से संचालित होने वाले सट्टेबाजी और ऑनलाइन गेमिंग एप से जोड़ दिया जाता था. ठगी गई रकम को इन खातों में मंगाया जाता था और तुरंत अलग-अलग चैनलों के माध्यम से निकाल लिया जाता था.शिकायत कहां और कैसे करेंसाइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें. अपनी शिकायत साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज कराएं. ठगी के शुरुआती एक-दो घंटे के भीतर शिकायत करने पर पैसे वापस मिलने की संभावना सबसे अधिक होती है.
बाबा के दर्शन को उमड़ा सैलाब, सावन के अंतिम सोमवार पर शिवमय हुई काशी
बाबा के दर्शन को उमड़ा सैलाब, सावन के अंतिम सोमवार पर शिवमय हुई काशी
वाराणसी: सावन के अंतिम सोमवार पर काशी पूरी तरह शिवभक्ति में डूबी नजर आई, बाबा विश्वनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़, काशी विश्वनाथ धाम से लेकर आसपास की गलियों तक हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारे गूंजते रहे. बड़ी संख्या में कांवड़िए भी गंगा जल लेकर बाबा के दरबार में पहुंचे,विश्वनाथ धाम को इस विशेष अवसर के लिए फूलों और रुद्राक्ष से सजाया गया है.भक्तों ने कतार में लगकर बाबा विश्वनाथ का दर्शन किया और विधि-विधान से जलाभिषेक व पूजन-अर्चन किया, मंदिर परिसर में सुरक्षा के साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया, अंतिम सोमवार होने के कारण मंदिर और आसपास के क्षेत्र में भक्तों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक रही.भोर से ही गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी, भक्तों ने गंगा स्नान के बाद हाथों में जल लेकर बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए रुख किया, कई श्रद्धालु परिवार के साथ पहुंचे, तो कांवड़ियों के जत्थे पूरे उत्साह के साथ बाबा के दरबार में पहुंचे.भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए, प्रमुख मार्गों और मंदिर परिसर के आसपास पुलिसकर्मियों की तैनाती रही, श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए बैरिकेडिंग और यातायात व्यवस्था पर भी नजर रखी गई.सावन के अंतिम सोमवार पर काशी का माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक नजर आया, मंदिर के आसपास फूल-माला और पूजन सामग्री की दुकानों पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही, देर तक बाबा विश्वनाथ के जयकारों से काशी की गलियां गूंजती रहीं,तीन घंटे में एक लाख भक्तों ने किया दर्शनALSO READ:नशा मुक्ति अभियान में काव्य पाठ प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्पसोमवार को बाबा के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आए हैं, काशी पुराधिपति के जलाभिषेक की लालसा में श्रद्धालु रविवार को रात्रि ही गंगा स्नान कर कतार में लग गए थे. वहीं, बाबा की भक्ति में मगन कांवरिए अटूट बोल बम बोल बम करते मंदिर की ओर बढ़े चले जा रहे हैं.