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बारिश के बाद एक्शन में नगर निगम, आधे घंटे में साफ हुए गलीपिट और सीवर चैंबर...

बारिश के बाद एक्शन में नगर निगम, आधे घंटे में साफ हुए गलीपिट और सीवर चैंबर...
Jul 06, 2026, 10:57 AM
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Posted By Shivangi Ojha

वाराणसी : शहर में सोमवार सुबह हुई तेज बारिश के बाद जलभराव की आशंका के बीच नगर निगम की टीम तुरंत सक्रिय हो गई. नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए अभियंत्रण, स्वास्थ्य और जलकल विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर जल निकासी का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कराया. निगम की त्वरित कार्रवाई से कई स्थानों पर महज आधे घंटे के भीतर जलभराव की समस्या दूर कर दी गई.


बारिश के दौरान गलीपिटों और सीवर चैंबर के मुंह पर कूड़ा जमा होने से पानी का बहाव प्रभावित हुआ था. नगर निगम की टीम ने सारनाथ म्यूजियम रोड, दानियालपुर ईदगाह रोड, सिगरा-फातमान रोड, काशी विद्यापीठ रोड स्थित सरस्वती नगर, विकास भवन के सामने समेत कई इलाकों में गलीपिटों की सफाई और सीवर चैंबर खोलकर पानी की निकासी सुनिश्चित की.


नगर निगम ने सिंधुरिया कॉलोनी (महेशपुर) जैसे निचले क्षेत्रों में तत्काल पंप लगाकर जलभराव दूर किया. वहीं फुलवरिया, कोटवा और नई बस्ती में नालों की विशेष सफाई कराई गई. आमतौर पर बारिश में जलमग्न रहने वाला अंधरापुल इस बार जलभराव से मुक्त रहा, हालांकि एहतियात के तौर पर वहां पंप भी तैनात रखा गया. नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि भविष्य में जलभराव की समस्या को स्थायी रूप से खत्म करने के लिए सिगरा बिग बाजार और गांधी नगर क्षेत्र में नई नालियों का निर्माण कराया जाएगा, जिससे इन क्षेत्रों में बारिश के दौरान पानी रुकने की समस्या समाप्त हो सके. नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कहा कि तेज बारिश के कारण कुछ स्थानों पर थोड़े समय के लिए जलभराव हुआ था, लेकिन नगर निगम की त्वरित कार्रवाई से जल्द ही पानी निकाल दिया गया. उन्होंने कहा कि सीवर और बड़े नालों की नियमित सफाई के कारण इस बार शहर में लंबे समय तक जलभराव की स्थिति नहीं बनी.


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मुख्यमंत्री के काशी आगमन को लेकर रूटों को चमकाने में जुटी टीमें


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दो दिवसीय काशी आगमन को देखते हुए नगर निगम पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है. मुख्यमंत्री के प्रस्तावित और आपातकालीन रूटों को ध्यान में रखते हुए निगम प्रशासन ने शहर की व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. नगर आयुक्त के निर्देश पर वीआईपी मार्गों पर तीन शिफ्टों में सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है ताकि सड़कों पर धूल या गंदगी का न रहे. ​इसके साथ ही मुख्यमंत्री के काफिले की सुरक्षा और सुगम यातायात के लिए निगम की टीमें सड़कों से आवारा मवेशियों और छुट्टे पशुओं को पकड़कर अस्थायी शेल्टर होम में भेजने के काम में जुटी हैं.


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जिन सड़कों से मुख्यमंत्री का काफिला गुजरना है, वहां प्रवर्तन दल द्वारा सख्त अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा है और सड़क किनारे लगने वाले ठेले-खोमचों व स्ट्रीट वेंडरों को व्यवस्थित किया जा रहा है. मार्ग प्रकाश विभाग को भी अलर्ट किया गया है जो यह सुनिश्चित कर रहा है कि रूट की सभी स्ट्रीट लाइटें और हाईमास्ट लाइटें पूरी तरह चालू रहें. नगर आयुक्त ने सभी जोनल अधिकारियों और सफाई निरीक्षकों को चेतावनी दी है कि इस दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.

प्रधानमंत्री ने मन की बात के 136 वें संस्करण मे कारगिल शहीदों को किया याद...
प्रधानमंत्री ने मन की बात के 136 वें संस्करण मे कारगिल शहीदों को किया याद...
वाराणसी. भाजपा महानगर कार्यालय पर महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सम्बोधित ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 136वें संस्करण का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर शहीदों एवं भारतीय सैनिकों को नमन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कारगिल की ऊंची चोटियों, कठिन मौसम और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद हमारे वीर जवानों का संकल्प हर चुनौती से बड़ा था। उन्होंने देशवासियों से वीर सैनिकों के त्याग और बलिदान को सदैव याद रखने का आह्वान किया।प्रधानमंत्री ने ‘शौर्य विजय यात्रा’ का भी उल्लेख किया, जो कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से 14 जुलाई को प्रारम्भ होकर कारगिल युद्ध स्मारक द्रास तक जा रही है। इस यात्रा का संदेश ‘वन राइड, वन नेशन, वन सैल्यूट’ है।मन की बात में प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी रक्षा तकनीक की बढ़ती ताकत पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने भारतीय नौसेना में शामिल किए गए आधुनिक युद्धपोत आईएनएस महेंद्रगिरि का उल्लेख करते हुए भारत की बढ़ती स्वदेशी रक्षा क्षमता और तकनीकी सामर्थ्य की चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने देश के वैज्ञानिकों,इंजीनियरों और रक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों के प्रयासों की सराहना करते हुए आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया।प्रधानमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और जनभागीदारी से जुड़े अनेक प्रेरणादायी प्रयासों की भी चर्चा की। उन्होंने देश में स्थानीय स्तर पर किए जा रहे ऐसे कार्यों की सराहना की, जिनमें लोग अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने के साथ-साथ कचरे को उपयोगी वस्तुओं में बदलकर ‘वेस्ट से वेल्थ’ की दिशा में काम कर रहे हैं।कार्यक्रम में हर्बल चाय जैसे पारंपरिक एवं प्राकृतिक विकल्पों,स्थानीय संसाधनों के उपयोग तथा पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली को बढ़ावा देने की चर्चा ने भी सभी को प्रेरित किया। प्रधानमंत्री जी के संदेश में प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर आगे बढ़ने और भारतीय परम्पराओं में मौजूद पर्यावरण हितैषी जीवनशैली को अपनाने पर जोर दिया गया।इसी क्रम में इको-फ्रेंडली चटाई तथा पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों को प्रोत्साहित करने की बात भी सामने आई। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाने तथा दैनिक जीवन में प्लास्टिक के अनावश्यक उपयोग को कम करने का संकल्प लिया।ALSO READ : सारनाथ को वैश्विक सम्मान, बुद्ध की करुणा का संदेश अब और बुलंद: प्रो. वांगछुग दोर्जे नेगीप्लास्टिक कचरे से बेंच एवं अन्य उपयोगी वस्तुएं तैयार करने जैसे प्रयासों का उल्लेख करते हुए यह संदेश दिया गया कि कचरा केवल समस्या नहीं है, बल्कि सही तरीके से एकत्रीकरण, पुनर्चक्रण और जनभागीदारी के माध्यम से उसे उपयोगी संसाधन में बदला जा सकता है। इससे स्वच्छता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं नवाचार को भी बढ़ावा मिलता है। प्रधानमंत्री जी पहले भी प्लास्टिक कचरे से पार्क की बेंच जैसी उपयोगी वस्तुएं बनाने वाले प्रयासों को ‘वेस्ट टू वेल्थ’ की प्रेरणादायी मिसाल के रूप में रेखांकित कर चुके हैं।इको-फ्रेंडली गणपति को लेकर भी पर्यावरण संरक्षण की भावना को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया। गणेश उत्सव में प्लास्टर ऑफ पेरिस की जगह मिट्टी एवं पर्यावरण-अनुकूल प्रतिमाओं को अपनाने तथा प्रकृति और जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाने की दिशा में जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों ने प्रधानमंत्री जी के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना और राष्ट्र की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण तथा देशहित में जनभागीदारी को मजबूत करने का संकल्प लिया।
सारनाथ को वैश्विक सम्मान, बुद्ध की करुणा का संदेश अब और बुलंद: प्रो. वांगछुग दोर्जे नेगी
सारनाथ को वैश्विक सम्मान, बुद्ध की करुणा का संदेश अब और बुलंद: प्रो. वांगछुग दोर्जे नेगी
वाराणसी: केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान (सीआईएचटीएस), सारनाथ के कुलपति प्रो. वांगछुग दोर्जे नेगी ने सारनाथ को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जाने को भारत की आध्यात्मिक विरासत की वैश्विक स्वीकृति बताया है। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी ऐतिहासिक स्थल को मिला सम्मान नहीं, बल्कि भगवान बुद्ध के शांति, करुणा और मानव कल्याण के संदेश को पूरी दुनिया द्वारा स्वीकार किए जाने का प्रतीक है।उन्होंने कहा कि धम्मचक्कप्पवत्तन दिवस के 2605वें आयोजन से ठीक पहले मिली यह उपलब्धि सारनाथ की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्ता को नई ऊंचाई प्रदान करती है। यही वह पावन स्थल है, जहां भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के बाद अपना पहला उपदेश देकर धर्मचक्र का प्रवर्तन किया था। आज भी यह स्थान विश्वभर के बौद्ध श्रद्धालुओं, शोधार्थियों और पर्यटकों के लिए प्रेरणा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।प्रो. नेगी ने कहा कि भारत की पहचान केवल अपनी प्राचीन सभ्यता से नहीं, बल्कि उन सार्वभौमिक मूल्यों से है जिन्हें भगवान बुद्ध ने मानवता के सामने रखा। सत्य, अहिंसा, करुणा और सह-अस्तित्व का उनका संदेश वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में पहले से अधिक प्रासंगिक हो गया है।ALSO READ : शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोपी गिरफ्तार, वाराणसी छोड़ने की फिराक में था.उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के संरक्षण और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को देते हुए केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत तथा संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि देश की सांस्कृतिक विरासत को विश्व मंच पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।कुलपति ने देशवासियों और विश्वभर के बौद्ध अनुयायियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सारनाथ अब केवल इतिहास का साक्षी नहीं, बल्कि विश्व शांति और मानवता के साझा भविष्य का भी प्रेरणा-स्थल बनकर उभरेगा। उन्होंने अंत में कामना की कि भगवान बुद्ध का करुणा और मैत्री का संदेश संपूर्ण विश्व में सद्भाव, शांति और मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता रहे।
शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोपी गिरफ्तार, वाराणसी छोड़ने की फिराक में था.
शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोपी गिरफ्तार, वाराणसी छोड़ने की फिराक में था.
वाराणसी: मंडुआडीह थाना पुलिस ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को शनिवार तड़के बरेका (बीएलडब्ल्यू) आवासीय परिसर से गिरफ्तार किया गया।पुलिस के अनुसार, लहरतारा निवासी एक महिला की तहरीर पर 24 जुलाई को आरोपी किशन कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69, 115(2), 352 और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और विरोध करने पर मारपीट, गाली-गलौज के साथ जान से मारने की धमकी दी।मामले की विवेचना उपनिरीक्षक प्रवीण सचान कर रहे हैं। पुलिस टीम ने 25 जुलाई की रात करीब 12:25 बजे आरोपी किशन कुमार (30), निवासी लहरतारा, को बीएलडब्ल्यू आवासीय परिसर से गिरफ्तार कर लिया।ALSO READ : गुरु पूर्णिमा पर नहीं लगेगा जाम पड़ाव आश्रम में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था का एडीसीपी ने लिया जायजापूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि युवती से उसकी मित्रता थी और दोनों के बीच आपसी सहमति से संबंध बने थे। उसने यह भी स्वीकार किया कि मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद वह वाराणसी छोड़कर जाने की तैयारी में था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक प्रवीण सचान, उपनिरीक्षक विवेक यादव, फैंटम-48 के कांस्टेबल अमित कुमार तिवारी तथा कांस्टेबल संदीप शाह शामिल रहे। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।