नागरीप्रचारिणी सभा का 133वां स्थापना दिवस 15 से 18 जुलाई तक, साहित्य-संगीत और कला का होगा भव्य संगम

वाराणसी: हिंदी भाषा, साहित्य और भारतीय सांस्कृतिक विरासत की ऐतिहासिक संस्था नागरीप्रचारिणी सभा अपने 133वें स्थापना दिवस के अवसर पर 15 से 18 जुलाई तक त्रिदिवसीय वार्षिकोत्सव का आयोजन करेगी। चार दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में साहित्य, संगीत, कला, युवा संवाद और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की विविध श्रृंखला आयोजित होगी। इसमें देश के प्रतिष्ठित साहित्यकार, कलाकार, संगीतज्ञ, शिक्षाविद और युवा रचनाकार भाग लेंगे।
कार्यक्रम की शुरुआत 15 जुलाई की सुबह नागरीप्रचारिणी सभा परिसर से क्वींस कॉलेज तक निकाली जाने वाली पदयात्रा से होगी। यह पदयात्रा संस्था की गौरवशाली यात्रा और हिंदी के प्रति उसके योगदान को समर्पित होगी।
16 जुलाई को युवाओं के लिए 'मैं हृदय की बात' विषय पर ओपन माइक का आयोजन किया जाएगा। इसी दिन आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर आधारित प्रदर्शनी तथा नागरीप्रचारिणी सभा के इतिहास को दर्शाने वाली प्रदर्शनी का उद्घाटन होगा। उद्घाटन समारोह में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष रामबहादुर राय, आचार्य मिथिलेशनंदिनीशरण, वरिष्ठ पत्रकार हेमंत शर्मा तथा प्रो. कृपाशंकर चौबे सहित कई विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे।
शाम को कथक नृत्य, पखावज वादन और पद्मभूषण पंडित साजन मिश्र एवं स्वरांश मिश्र का शास्त्रीय गायन आकर्षण का केंद्र रहेगा।
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17 जुलाई को भारत कला भवन एवं नागरीप्रचारिणी सभा के संयुक्त तत्वावधान में चित्र प्रदर्शनी 'पावस' का उद्घाटन होगा। शाम को युवाओं के साथ संवाद, 'काशी और कबीर' विषय पर दास्तानगोई, सितार-संतूर वादन तथा 'द आह्वान प्रोजेक्ट' द्वारा निर्गुण गायन की प्रस्तुति दी जाएगी।
समारोह के अंतिम दिन 18 जुलाई को प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक सुधीर मिश्र और अनुभव सिन्हा 'सिनेमा और युवता' विषय पर विशेष संवाद करेंगे। इसके बाद तबला वादन, कश्यप बंधुओं का शास्त्रीय गायन और प्रह्लाद सिंह टिपानिया एवं समूह के निर्गुण गायन के साथ वार्षिकोत्सव का समापन होगा।
आयोजकों ने नागरिकों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों और कला प्रेमियों से समारोह में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। मुख्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रतिदिन शाम 5 बजे से शुरू होंगे। साथ ही दर्शकों से समय पर पहुंचने, कार्यक्रमों के दौरान अनुशासन बनाए रखने तथा प्रदर्शनियों में फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी नहीं करने का अनुरोध किया गया है।



