महिलाओं में स्तन कैंसर की जांच के लिए नमो शक्ति रथ को दिखाई झंडी, "नो सी, नो टच" तकनीक से स्क्रीनिंग

वाराणसी : प्रधानमंत्री के “स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार” अभियान से प्रेरित नमो शक्ति रथ पहल के अंतर्गत वाराणसी में महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर एक महत्त्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम उठाया गया है. इस पहल का उद्देश्य महिलाओं में स्तन कैंसर की जल्दी पहचान, निवारक देखभाल और मुफ़्त घर-घर "नो सी, नो टच" स्क्रीनिंग के माध्यम से समय रहते उपचार सुनिश्चित करना है. इसी पप्रिेक्ष्य में बुधवार की सुबह जिले में कुल 20 वैन को मंडलायुक्त एस.राजलिंगम व राज्यसभा सदस्य कार्तिकेय शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. बताया कि महिलाओं में बढ़ रहे स्तन कैंसर पर रोकथाम लग सके इसलिए अभियान चलाया जा रहा है. यह सभी वैन AI तकनीक से सुसज्जित है और हर आवश्यक संसाधन मौजूद हैं.

कार्तिकेय शर्मा ने कहा, महिलाएं डरे नहीं आगे बढ़े जांच करवाए जिससे समय रहते समस्या का निदान हो सके. वहीं मंडलायुक्त एस.राजलिंगम ने कहा,महिलाओ में 20 से 25 प्रतिशत ब्रेस्ट कैंसर सामने निकल कर आ रहा है जिसे रोकना मोदी सरकार का उद्देश्य भी है और इसी परिप्रेक्ष्य में यह अभियान शुरु किया गया है..इस नमो शक्ति रथ का संचालन मण्डलायुक्त एस. राजलिंगम एवं जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार के दिशा निर्देशन में आईटीवी फाउंडेशन के सहयोग से किया जा रहा है, जो नीति, तकनीक और ज़मीनी क्रियान्वयन के बीच सशक्त तालमेल का उदाहरण है.

इस पहल में डव्लूएचओ द्वारा अनुशंसित कैंसर रोकथाम की सर्वोत्तम वैश्विक प्रथाओं को स्थानीय स्तर पर व्यवहार में लाया जा रहा है. महिलाओं में स्तन कैंसर एक गंभीर स्वास्थ्य, सामाजिक और आर्थिक चुनौती बन चुका है; स्तन कैंसर भारतीय महिलाओं में सबसे आम कैंसर है, जिसमें प्रतिवर्ष लाखों नए मामले सामने आते हैं और लगभग 60 प्रतिशत मामलों का पता देर से तीसरे या चौथे स्टेज में चलता है, जिसे समय पर स्क्रीनिंग से काफी हद तक रोका जा सकता है. मोबाइल वैन नमो शक्ति रथ के माध्यम से डोर स्टेप स्क्रीनिंग मॉडल के माध्यम से उन महिलाओं तक पहुंच बनाई जायेगी, जो अब तक स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रही हैं.

ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में दूरी, लागत, समय और सामाजिक झिझक जैसी बाधाओं को देखते हुए मोबाइल स्क्रीनिंग वैन को सबसे प्रभावी माध्यम माना गया है. यह मॉडल महिलाओं को समानता, गरिमा और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगी. नमो शक्ति रथ पहल में स्तन कैंसर स्क्रीनिंग के लिए एआई-पावर्ड थर्मल इमेजिंग तकनीक (थर्मलाइटिक्स) का उपयोग किया जायेगा, जो नॉन-इनवेसिव, रेडिएशन-फ्री और बिना संपर्क की जांच पद्धति है.
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इस पहल को सर्वप्रथम वाराणसी के 290 ग्राम पंचायतें, नगर निगम के 92 वार्डों एवं गंगापुर के 12 वार्डों में प्रारंभ किया जा रहा है. इसके तहत लगभग 7.50 लाख महिलाएं 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की हैं, जिन तक पहुंच बनाकर स्तन कैंसर की स्क्रीनिंग किया जाना है. इस कार्यक्रम के लिए 20 नमो शक्ति वैन का संचालन किया जाएगा.
इस कार्यक्रम में आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) और पंचायत कर्मियों के सहयोग से समुदाय में जागरूकता एवं महिलाओं को निर्धारित स्थलों पर स्क्रीनिंग कराने जैसे अन्य महत्वपूर्ण कार्य किये जाएंगे. इस कार्यक्रम को जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से संचालित किया जा रहा है. वैन शेड्यूलिंग, रूटिंग और जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है.



