नीट पेपर लीक के विरोध को लेकर सपा-कांग्रेस नेताओं को किया नजरबंद

वाराणसी : नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन के समर्थन में स्थानीय विरोध-प्रदर्शन की आशंका के मद्देनजर बुधवार सुबह राजातालाब पुलिस ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं को घरों में नजरबंद कर दिया. इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई.

थानाध्यक्ष दयाराम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह पटेल और रोहनिया के पूर्व विधायक महेंद्र सिंह पटेल को बीरभानपुर स्थित उनके आवास पर हाउस अरेस्ट किया. इस दौरान सपा नेता कन्हैया लाल राजभर, एडवोकेट रंजीत पटेल, विधानसभा अध्यक्ष पखण्डी राम बिंद, महासचिव राजेश यादव, प्रमोद यादव, रेवतीरमण समेत कई कार्यकर्ताओं को भी घरों में ही रोके रखा गया.
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वहीं कांग्रेस नेता सुरेश शर्मा को उनके राजातालाब स्थित आवास पर हाउस अरेस्ट किया गया. इसके अलावा कांग्रेस के जिला महासचिव अमरेश पटेल, आराजी लाइन ब्लॉक अध्यक्ष संतोष कुमार मौर्य तथा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष वसीम अख्तर को पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर बीरभानपुर गांव के पास हाईवे किनारे एक चाय की दुकान से रोककर हाउस अरेस्ट किया. पुलिस की इस कार्रवाई के बाद राजातालाब क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. हालांकि पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से एहतियातन यह कदम उठाया गया है;
बीएचयू के महिला महाविद्यालय के समाजशास्त्र की प्रोफसर प्रतिमा गोंड ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया है. उनका कहना है कि जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुआ लाठीचार्ज गलत है. छात्र अपने अधिकारों की मांग कर रहे थे. सरकार की जिम्मेदारी है कि वह युवाओं को ऐसा विकसित देश से सकें जिसमें वो विकसित हो सकें. छात्र अपराधी तो हैं नहीं जो उनपर लाठीचार्ज किया गया. उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए, जेल में ठूंसा गया. सरकार को तानाशाही रवैया छोड़ना होगा.



