नए राज्यमंत्री समेत भाजपा के वरिष्ठ नेताओं पर लाखों की धोखाधड़ी का आरोप...

वाराणसी : कंदवा क्षेत्र में 44 लाख रुपये के फ्लैट खरीद में धोखाधड़ी का मामला अब एमपी/एमएलए कोर्ट पहुंच गया है. परिवादी प्रदीप कुमार के मामले की सुनवाई करते हुए अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एमपी-एमएलए न्यायालय संख्या-04 ने अधिवकता आशीष दत्त दूबे की बहस सुनने के बाद थाना मण्डुवाडीह पुलिस को प्रारंभिक जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है.
प्रदीप कुमार के न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र में एक नवनियुक्त राज्यमंत्री के अलावा भाजपा नेता श्रीराम द्विवेदी समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया है. इनके अलावा शिकायत में कालिंदी उपाध्याय, अविनाश उपाध्याय, संतोष कुमार दुबे, राजेश कुमार राय, ऋषिकेश उपाध्याय, प्रभात कुमार उपाध्याय, बीना राय और विवेक उपाध्याय के नाम भी शामिल हैं
परिवादी के अनुसार वर्ष 2020 में कंदवा क्षेत्र स्थित एक आवासीय परियोजना में 3 बीएचके फ्लैट खरीदने के लिए प्रत्यक्ष इंफ्रा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब 44 लाख रुपये में सौदा तय हुआ और धनराशि देने के बाद एग्रीमेंट भी किया गया.आरोप है कि बाद में फ्लैट का कब्जा देने से इनकार कर दिया गया.
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शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि आरोपी पक्ष द्वारा धनराशि लौटाने के बजाय दबाव और धमकी दी गई.वहीं, शिकायत में नामित श्री राम द्विवेदी, जो खुद को वरिष्ठ भाजपा नेता और हिंदुत्व समर्थक बताते हैं, उनका नाम भी प्रमुखता से सामने आया है.हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और मामला न्यायालय के विचाराधीन है.
कोर्ट ने थाना प्रभारी मण्डुवाडीह को मामले की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है.मामले की अगली सुनवाई 22 जून 2026 को निर्धारित की गई है.



