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दान और चढ़ावा घोटाले में एसआईटी पर भरोसा नहीं, आप नेता ने योगी सरकार पर लगाया आरोप ...

दान और चढ़ावा घोटाले में एसआईटी पर भरोसा नहीं, आप नेता ने योगी सरकार पर लगाया आरोप ...
Jun 15, 2026, 12:57 PM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : अयोध्‍या में दान और चढ़ावा घोटाले के आरोपों से सियासत गरमा गई है. इसी क्रम में आम आदमी पार्टी के राज्‍यसभा सदस्‍स्‍य संजय सिंह ने आरोप लगाया है कि 22 जुलाई 2024 को अयोध्या के उप-जिलाधिकारी द्वारा यह सत्यापित किया गया की खरीदी गई जमीन नजूल की थी. इससे साफ पता चलता है कि इसका खरीद फरोख्त अवैध रूप से किया गया था. संजय सिंह ने बताया कि नजूल की जमीन सरकारी जमीन होती है और उसे खरीदा या बेचा नहीं जा सकता. उन्होंने आरोप लगाया कि इस जमीन को बेचने वाले महंत मुरली दास हैं, जो बाबा पुरन दास के चेले हैं और खरीदने वाले चंपत राय हैं, जिसमें मिथिलेश्वर नामक शख्स को गवाह बनाया गया है.


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चंदे की बंदरबांट


संजय सिंह ने वाराणसी में मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया है कि जिस तरह से अयोध्या में चंदे में बंदरबाट की गई है, उसका आंकड़ा 200 करोड़ के पार है. उन्होंने आरोप लगाया कि दान और चढ़ावे के करोड़ों रुपये मिलीभगत से लोगों ने डकार लिए. संजय सिंह ने कहा है कि उन्हें एसआईटी की जांच पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है. वहीं, उन्होंने आरोप लगाया है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में 40 दान पत्र मौजूद है, जिनमें प्रत्येक दिन 15 से 20 लाख रुपये की चोरी होती थी.


8 महीने की सीसीटीवी फुटेज डिलीट


संजय सिंह ने ट्रस्ट को भंग किए जाने की मांग की है. इसके साथ ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने की भी मांग की है. संजय सिंह ने कहा है कि ट्रस्ट में सिर्फ और सिर्फ ईमानदार लोगों को ही रखा जाए. संजय सिंह ने आरोप लगाया है कि राम मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को भी डिलीट किया गया है. उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की 8 महीने की फुटेज को डिलीट किया गया है, ताकि चंदे के पैसे को गबन किया जा सके.


आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने अयोध्या में चल रहे विवाद के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय पर बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि राम मंदिर के नाम पर देश के कोने-कोने से मिले चंदे के पैसे से अयोध्या में कम पैसे की जमीन बहुत अधिक रेट में अयोध्या में ट्रस्ट के नाम पर खरीदी गई. उन्होंने आरोप लगाया है कि इस जमीन की खरीद फरोख्त में जमकर भ्रष्टाचार हुआ है.


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24 करोड़ में खरीदी 2.92 करोड़ की जमीन


आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया है कि 2 अप्रैल 2024 को चंपत राय ने अयोध्या में 645 वर्ग मीटर की एक जमीन खरीदी थी, जिसका गाटा संख्या 247 है. उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान इस जमीन की कीमत 2 करोड़ 92 लाख 86 हजार रुपये थी, लेकिन इस जमीन को चंपत राय ने 24 करोड़ में खरीदा और इसे खरीदने में देशभर के लोगों द्वारा दान दिए गए पैसे का इस्तेमाल हुआ.

 गंज शहीदा मस्जिद पर नया ट्विस्ट लगी नई नोटिस, फिर रेलवे ने हटाई बढ़ा संशय...
गंज शहीदा मस्जिद पर नया ट्विस्ट लगी नई नोटिस, फिर रेलवे ने हटाई बढ़ा संशय...
वाराणसी:काशी रेलवे स्टेशन के बाहर स्थित गंज शहीदा मस्जिद को लेकर मंगलवार को एक बार फिर नया विवाद खड़ा हो गया. मस्जिद के मुख्य द्वार पर अचानक एक नई नोटिस चस्पा कर दी गई. नोटिस में 13 जून को रेलवे प्रशासन की ओर से जारी नोटिस को प्रशासनिक कारणों से तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की बात लिखी गई थी.नोटिस लगते ही इलाके में चर्चा तेज हो गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग व मस्जिद कमेटी के सदस्य मौके पर पहुंचने लगे. स्थानीय लोगों के मुताबिक मंगलवार दोपहर एक रेलकर्मी मस्जिद के गेट पर नई नोटिस लगाकर चला गया.नई नोटिस में कहा गया था कि काशी रेलवे स्टेशन के प्रथम प्रवेश द्वार के पास स्थित मस्जिद के संबंध में 13 जून को जारी नोटिस को रेलवे प्रशासन रद्द करता है. नोटिस पर उत्तर रेलवे वाराणसी का उल्लेख भी किया गया था.जैसे ही इसकी जानकारी फैली मस्जिद के बाहर लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई. दोपहर से शाम तक स्थानीय नागरिक, मस्जिद कमेटी के सदस्य और आसपास के लोग पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रहे. सबसे बड़ा सवाल यही रहा कि आखिर रेलवे प्रशासन ने अपना पुराना फैसला वापस क्यों लिया.हालांकि शाम करीब 5:50 बजे मामले ने नया मोड़ ले लिया. रेलवे अधिकारी आरपीएफ जवानों के साथ मौके पर पहुंचे और मस्जिद के गेट पर लगी नई नोटिस को हटवा दिया.मौके पर मौजूद रेलवे के आईडब्ल्यू काशी विनय सिंह ने बताया कि यह नई नोटिस रेलवे प्रशासन की ओर से जारी नहीं की गई थी. किसने इसे चस्पा किया इसकी जानकारी नहीं है. जानकारी मिलते ही आरपीएफ की मौजूदगी में उसे फाड़ दिया गया. उन्होंने साफ कहा कि रेलवे की ओर से पहले जारी नोटिस ही मान्य है.वहीं इस पूरे घटनाक्रम में नया दावा तब सामने आया जब नोटिस चस्पा करने वाले रेलकर्मी सुनील ने बताया कि उसने यह नई नोटिस रेलवे अधिकारियों के कहने पर लगाई थी. बाद में उन्हीं के निर्देश पर उसे फाड़कर हटा दिया गया.अब इस पूरे मामले में सवाल और संशय दोनों गहराते जा रहे हैं. आखिर नई नोटिस किसने जारी की किसके आदेश पर लगाई गई और फिर क्यों हटाई गई. देर शाम तक रेलवे प्रशासन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था. जिससे पूरे घटनाक्रम को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही.
 री-नीट फर्जी परीक्षा देते हुए, बीएचयू की नर्सिंग छात्रा गिरफ्तार...
री-नीट फर्जी परीक्षा देते हुए, बीएचयू की नर्सिंग छात्रा गिरफ्तार...
वाराणसी : आईएमएस-बीएचयू (IMS BHU) की बीएससी नर्सिंग द्वितीय वर्ष की छात्रा पूनम कुमारी को बिहार के लखीसराय जिले में री-नीट परीक्षा में दूसरी अभ्यर्थी की जगह फर्जी परीक्षा देते हुए पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया हैयह मामला बड़े सॉल्वर गिरोह का हिस्सा है, जिसमें कुल 30 लोगों को पकड़ा गया है.गिरोह में मेडिकल-नर्सिंग के 12 छात्र-छात्राएं शामिल है.पुलिस के अनुसार पूनम कुमारी झारखंड के गिरिडीह जिले के बरमसिया गांव की निवासी है. वह 2025 बैच की बीएससी नर्सिंग छात्रा है.लखीसराय के एक परीक्षा केंद्र पर मूल अभ्यर्थी मधु प्रिया की जगह फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर वह परीक्षा देने बैठी थी.गिरोह ने इस फर्जीवाड़े के लिए पूनम से 10 लाख रुपये की डील की थी, जिसमें 50 हजार रुपये एडवांस में दिए जा चुके थे. बाकी रकम रिजल्ट और कॉलेज एलॉटमेंट के बाद देने की बात हुई था. गिरोह में विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के छात्र-छात्राएं शामिल हैं, जिनमें एम्स के छात्र भी बताए जा रहे हैं।इस घटना से बीएचयू परिसर में हड़कंप मच गया है. आईएमएस-बीएचयू के निदेशक ब्रिगेडियर एसएन संखवार ने कहा, “अभी हमें पूरी जानकारी नहीं मिली है.लखीसराय पुलिस से संपर्क नहीं हुआ है. यदि हमारी छात्रा इसमें शामिल पाई गई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.छात्रा पर पहले भी था केसजानकारी के अनुसार पूनम कुमारी पर यह पहला मामला नहीं है. वर्ष 2021 में भी बीएचयू के दंत संकाय (Dental Faculty) की एक छात्रा को नीट परीक्षा में फर्जीवाड़े के आरोप में सारनाथ के सेंट फ्रांसिस जेवियर स्कूल से गिरफ्तार किया गया था.उस समय भी अभ्यर्थी की मां को भी पकड़ा गया था.ALSO READ : लखनऊ अग्निकांड के बाद वीडीए का एक्शन, नियमों के उल्लंघन पर कई कोचिंग सेंटर सील...पुलिस जांच में जुटीलखीसराय पुलिस की टीम सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है. प्रेरणा कुमार (पुलिस अधिकारी) ने कहा, “हम पूरे गिरोह की जांच कर रहे हैं. बायोमेट्रिक कर्मियों की मिली भगत की भी छानबीन की जा रही है.
लखनऊ अग्निकांड के बाद वीडीए का एक्शन, नियमों के उल्लंघन पर कई कोचिंग सेंटर सील...
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वाराणसी : लखनऊ कोचिंग सेंटर हादसे के बाद दूसरे दिन भी वाराणसी में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया. मंगलवार की सुबह सीएफओ आनंद सिंह राजपूत टीम के साथ दुर्गाकुंड इलाके में स्थित कोचिंग संस्थानों पर पहुंचे. सबसे पहले दुर्गाकुंड कबीरनगर स्थित जेआरएस कोचिंग पहुंचे जहां कोचिंग में लगे फायर इक्विपमेंट को चेक किया गया. इस दौरान साकेत नगर और संकटमोचन स्थित एलन कोचिंग सेंटर को सील किया गया. वाराणसी विकास प्राधिकरण और फायर की टीम ने कोचिंग संस्थानों पर पहुंचकर छानबीन की. कोचिंग परिसर में घूम कर वायरिंग और एंट्री एग्जिट चेक किया. इसके बाद बेसमेंट को चेक किया. जहां लकड़ी की बेंच और एसी सहित एक्सपायर हुए उपकरण पड़े थे.कुछ संस्थानों पर खामियां पाई गईं, जिसके बाद उन्हें खाली कराकर सील करने की कार्रवाई के निर्देश दिए गए. जिन कोचिंग सेंटरों के भवन का नक्शा पास नहीं था उन्हें वीडीए द्वारा सील किया गया. पांडेयपुर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा जांच शुरू हुई. यहां फायर एवं सेफ्टी की पड़ताल प्रशासन द्वारा की गई. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फायर सेफ्टी, आपातकालीन निकास, पार्किंग व्यवस्था, अग्निशमन उपकरणों और सुरक्षा मानकों की नियमित जांच के निर्देश दिए गए. तीन कोचिंग सेंटरों को सील करने की बात सामने आ रही है.ALSO READ : मगहर से काशी तक पहुंचेगी 'निर्गुण त्रिधारा भक्ति उत्सव' की गूंज, कबीर जयंती पर होगा आगाज...इसी क्रम में पांडेयपुर चौकी प्रभारी दिनेश सिंह ने क्षेत्र स्थित आकाश इंस्टीट्यूट का निरीक्षण किया. इस दौरान फायर सेफ्टी अलार्म, अग्निशमन उपकरणों तथा अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की गई. साथ ही संस्थान प्रबंधन को सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.