किसी की औकात नहीं मुझे शंकराचार्य न माने: अविमुक्तेश्वरानंद

वाराणसी: हमारे शंकराचार्यों पर सवाल उठाने का अधिकार किसी को नहीं है. हमारे धर्म में 4 शंकराचार्य हैं. जब सर्वोच्च शंकराचार्यों ने मेरा अभिषेक कर दिया, तो फिर किसी की क्या औकात है कि वह कहे, हम इन्हें नहीं मानते. उन्होंने कहा कि जो शंकराचार्य बनाता है, उसी को हटाने का भी अधिकार है.
यह बात शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने जौनपुर में कही. दरअसल, शंकराचार्य ने काशी से “गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध सभा” नाम से लखनऊ के लिए यात्रा शुरू की है. जो 11 मार्च को लखनऊ पहुंचेंगे. यहां हजारों संतों की मौजूदगी में सभा करेंगे. इसमें सरकार से गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग करेंगे.
काशी में शंकराचार्य ने कहा- बहुत दुर्भाग्य की बात है कि धर्म युद्ध के लिए निकलना पड़ रहा है. अपने ही देश में, अपने ही वोट से चुनी सरकार के सामने, अपनी ही गोमाता को बचाने के लिए हम लोगों को आंदोलन करना पड़ रहा है.
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काशी में 11 बटुकों ने किया शंकराचार्य का स्वागत
काशी में शंकराचार्य ने गाय पूजा कर यात्रा की शुरुआत की. मठ से 300 मीटर दूर स्थित चिंतामणि गणेश मंदिर पहुंचे, जहाँ 11 बटुकों ने उनका स्वागत किया.
फिर पूजा-अर्चना कर संकट मोचन मंदिर पहुंचे. यहां उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ किया और अपने संकल्प को दोहराया. इसके बाद शंखनाद और जयकारों के बीच अपनी वैनिटी वैन से लखनऊ के लिए रवाना हुए.



